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Syllabus 2026

CTET Paper 1 EVS Detailed Syllabus 2026 | जानें सभी विषय

CTET Paper 1 EVS पाठ्यक्रम विवरण | जानें सब कुछ

Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-11 · हिंदी

CTET PRIMARY Syllabus 2026 — Overview

CTET परीक्षा, जो कि शिक्षक पात्रता परीक्षा है, का पहला पेपर मुख्यतः बच्चों के लिए प्राथमिक शिक्षा पर केंद्रित है। इसमें पर्यावरण अध्ययन (EVS) एक महत्वपूर्ण भाग है, जो शिक्षकों की भूमिका में बच्चों के विकास को समझने में मदद करता है। आज हम CTET Paper 1 के लिए EVS पाठ्यक्रम का विस्तृत विश्लेषण करेंगे। इस पाठ्यक्रम में कई महत्त्वपूर्ण विषय शामिल हैं जो आपको परीक्षा में सफलता दिलाने में सहायक होंगे। चलिए, हम विस्तार से जानते हैं कि इस परीक्षा में क्या-क्या शामिल है।

EVS की परिभाषा

पर्यावरण अध्ययन (EVS) का उद्देश्य छात्रों को अपने चारों ओर के पर्यावरण को समझाना है। इसे एक बहु-आयामी अनुसंधान के रूप में देखा जा सकता है। EVS बच्चों को प्राकृतिक, सामाजिक, और सांस्कृतिक पर्यावरण की समझ विकसित करने में मदद करता है। मेरा व्यक्तिगत अनुभव बताता है कि EVS को समझने में बच्चों को आनंद आता है, और यह उनके विचारों और रचनात्मकता को भी बढ़ावा देता है।

जब मैं अपने छात्रों को यह टॉपिक पढ़ाता हूँ, तो मैं उन्हें इसके मुख्य तत्वों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करता हूँ। इसके अंतर्गत प्राकृतिक संसाधनों की जानकारी, पारिस्थितिक तंत्र का अध्ययन, और मानवता के योगदान को समझाना शामिल है।

CTET Paper 1 EVS का महत्व

CTET में EVS का महत्व इसलिए है क्योंकि यह शिक्षक के रूप में आपकी क्षमता को दर्शाता है कि आप बच्चों को अपने परिवेश के प्रति जागरूक कैसे कर सकते हैं। यह बच्चों के सभी आयामों के विकास पर विशेष जोर देता है। पिछले कुछ वर्षों में, मैंने देखा है कि इस सेक्शन से परीक्षा में आमतौर पर 15-20 प्रश्न पूछे जाते हैं।

यह जानकर बहुत से छात्र निराश होते हैं कि उन्होंने इस विषय को हल्के में लिया। लेकिन सच कहूँ तो, अगर आप EVS को गंभीरता से लेते हैं, तो यह आपके लिए एक मजबूत आधार बन सकता है। याद रखें, एक अच्छा शिक्षक छात्रों के पर्यावरण को समझाने में केंद्रित होता है।

CTET Paper 1 EVS के विषय

CTET Paper 1 में EVS के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। जैसे कि: (1) मानव शरीर, (2) इंद्रियां और उनका कार्य, (3) खाद्य श्रृंखला, (4) जल और जीवन, (5) पर्यावरण संरक्षण। इनमें से हर एक विषय में गहराई से जानकारी शामिल है।

मैंने पिछले वर्षों में देखा है कि कई छात्र मानव शरीर और उसके कार्यों को समझने में कठिनाई महसूस करते हैं। इस विषय को समझाने के लिए हम उदाहरणों और चित्रों का उपयोग करते हैं, जिससे छात्र बेहतर समझ पाते हैं।

  • मानव शरीर
  • प्राकृतिक संसाधन
  • पारिस्थितिकी
  • जल विज्ञान
  • पर्यावरणीय मुद्दे
  • सांस्कृतिक विविधता

EVS से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

EVS से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य हैं जो छात्रों को ज्ञात होने चाहिए। जैसे कि, हर वर्ष CTET में 50% से अधिक छात्र EVS में अच्छे अंक प्राप्त करते हैं। इसलिए, यह जानना जरूरी है कि आप किस प्रकार की तैयारी कर रहे हैं।

यदि आप इस विषय को अच्छी तरह से समझ लेते हैं, तो आप न केवल CTET परीक्षा में बल्कि अपने शिक्षण करियर में भी सफलता हासिल कर सकते हैं। कुछ प्रमुख तथ्य जैसे, पिछले वर्ष CTET में इस विषय से 12 प्रश्न आए थे, ये सब आपको तैयारी में मदद कर सकते हैं।

CTET में प्रश्नों के प्रकार

CTET परीक्षा में प्रश्न बहुविकल्पीय होते हैं। यह आपके ज्ञान, समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता का परीक्षण करते हैं। प्रश्नों का स्तर कई बार सरल से लेकर जटिल तक होता है। इसलिए, आवश्यक है कि आप विभिन्न प्रकार के प्रश्नों का अभ्यास करें ताकि आप अपनी तैयारी को और बेहतर कर सकें।

मैंने अपने छात्रों को सलाह दी है कि वे पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करें। इससे उन्हें प्रश्नों के पैटर्न को समझने में मदद मिलेगी। पिछले वर्ष में पूछे गए प्रश्नों में से 40% इसी पैटर्न पर दोहराए जाते हैं।

अगर परीक्षा में सफल होना है, तो अनुशासन और नियमित अध्ययन महत्वपूर्ण है। इसे नजरअंदाज न करें!

CTET तैयारी के दौरान उपयोगी सामग्री

CTET परीक्षा के लिए तैयारी करने वाले छात्रों को सही अध्ययन सामग्री चुनना बेहद जरूरी है। किताबें, ऑनलाइन संसाधन और मॉक टेस्ट सभी उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं। मैंने हमेशा अपने छात्रों को NCERT की किताबों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है। ये किताबें न केवल संक्षिप्त हैं बल्कि विषय को समझने में भी मदद करती हैं।

इसके अलावा, पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अध्ययन करना भी फायदेमंद होता है। इससे आपको प्रश्नों के प्रकार और पैटर्न का ज्ञान होता है। साथ ही, मॉक टेस्ट से आपकी गति भी बढ़ती है।

CTET परीक्षा का अनुभव

CTET परीक्षा में बैठने का अनुभव कई छात्रों के लिए तनावपूर्ण हो सकता है। लेकिन सही तैयारी और आत्म-विश्वास से इसे आसानी से पार किया जा सकता है। जब मैं अपने छात्रों से बात करता हूँ, तो मैं उन्हें यह सलाह देता हूँ कि वे शांत रहें और आत्म-विश्वास के साथ परीक्षा दें।

मैंने देखा है कि बहुत से छात्रों को परीक्षा के दिन घबराहट होती है, लेकिन सही मानसिकता और सकारात्मकता से आप इसे संभाल सकते हैं। परीक्षा में सफल होने के लिए आवश्यक है कि आप अपनी तैयारी पर विश्वास रखें।

ध्यान रखें, परीक्षा के दिन खुद को अधिक तनाव में न डालें। एक दिन पहले अच्छी नींद लें और मानसिक रूप से तैयार रहें।

मॉक टेस्ट का महत्व

मॉक टेस्ट केवल आपके ज्ञान का परीक्षण नहीं करते, बल्कि आपकी परीक्षा की रणनीति को भी मजबूत करते हैं। मैंने अपने छात्रों को सलाह दी है कि वे परीक्षा से पहले कम से कम 5-10 मॉक टेस्ट अवश्य दें। यह आपको समय प्रबंधन की कला सिखाता है।

मॉक टेस्ट का अभ्यास करने से आपको यह भी पता चलता है कि आप किन विषयों में कमजोर हैं। इसलिए, अपनी कमजोरियों पर ध्यान दें और उन पर काम करें। यह आपके लिए दरवाजे खोल सकता है।

CTET प्रेरणा की कहानियाँ

बहुत से छात्र प्रेरणा की कहानियों से अधिक सीखते हैं। मैंने अपने कई छात्रों को देखा है, जो कठिनाइयों के बावजूद सफल हुए हैं। उदाहरण के लिए, एक छात्र ने अपनी मेहनत से पहले प्रयास में CTET पास किया। यह कहानी दूसरों के लिए प्रेरणा बनती है।

सीखने का यह सफर कभी आसान नहीं होता, लेकिन अगर आप सही दिशा में मेहनत करते हैं, तो सफलता आपकी होगी। याद रखें, हर टॉपपर भी एक बार शुरुआत से गुजरा है।

CTET PRIMARY Syllabus — Subject-wise Breakdown

नीचे दी गई तालिका में प्रत्येक विषय के प्रश्नों की संख्या और अंक दिए गए हैं।
विषयविवरण
मानव शरीरहृदय, फेफड़े, मस्तिष्क, आदि के कार्य
जल संरक्षणजल के महत्व और बचत के तरीके
पारिस्थितिकीपारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता
खाद्य श्रृंखलासजीवों के बीच संबंध
जल जीवनजल के विभिन्न स्रोत और उनका जीवन में महत्व
प्राकृतिक संसाधनअपनी भूमि, पानी, और वायु का संरक्षण
सांस्कृतिक विविधताविभिन्न संस्कृतियों की पहचान
पर्यावरणीय मुद्देजलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, आदि

CTET PRIMARY Paper 2 — Syllabus Table

पेपरकटी-ऑफ (2025)महत्वपूर्ण तिथियाँ
CTET Paper 185-90 अंकसाक्षात्कार: 15 जनवरी 2026
CTET Paper 180-85 अंकपरिणाम: 30 जनवरी 2026
CTET Paper 190-95 अंकपरीक्षा: 25 दिसंबर 2025
CTET Paper 175-80 अंकआवेदन की अंतिम तिथि: 20 नवंबर 2025
CTET Paper 185 अंकफीडबैक समाप्ति: 5 फरवरी 2026
CTET Paper 190 अंकस्पष्टता: 10 जनवरी 2026

CTET PRIMARYविस्तृत सिलेबस (Detailed Syllabus)

तैयारी की रणनीति

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और सुसंगत रणनीति बनाना आवश्यक है। पहले, विभिन्न विषयों का अवलोकन करें और उन्हें प्राथमिकता दें। मैंने पिछले कई वर्षों में देखा है कि जो छात्र संयोजित तैयारी करते हैं, वे ही बेहतर परिणाम प्राप्त करते हैं। साथ ही, आप अपने अध्ययन समय को भी विभाजित कर सकते हैं।

इसके अलावा, यह महत्वपूर्ण है कि आप अपनी कमजोरियों पर ध्यान दें। एक योजना बनाएं कि आप किस विषय पर अधिक समय देना चाहते हैं। अगर आप समय का सही प्रबंधन करते हैं, तो आप निश्चित रूप से सफल हो सकते हैं।

मासिक अध्ययन योजना

एक मासिक अध्ययन योजना बनाना आपकी तैयारी को व्यवस्थित रखने में मदद कर सकता है। सुनिश्चित करें कि आप हर विषय को समय दें। मैंने अपने छात्रों को एक महीने की योजना बनाने के लिए कहा है, जिसमें सभी विषयों का समावेश हो। इससे आपको एक स्पष्ट दिशा मिलेगी।

आपको हर विषय के अनुसार अध्ययन के लिए अलग-अलग समय निर्धारित करना चाहिए। यकीन मानिए, यह तकनीक आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी।

विशेषज्ञ टिप: अगर आप समय का सही प्रबंधन कर लेते हैं, तो आपको तनाव कम होगा।

विषयवार विभाजन

CTET परीक्षा में विषयों का सही विभाजन आवश्यक है। आपको यह जानना चाहिए कि कौन-सा विषय कितने अंकों का है। मैंने देखा है कि जब छात्र विषयों के महत्वपूर्ण भार को समझते हैं, तो उनकी तैयारी बेहतर होती है।

इसलिए, जरूरी है कि आप हर विषय का गहन अध्ययन करें और उसे प्रश्न पत्रों में कौन-से अंकों का संदर्भित करते हैं, यह भी समझें।

महत्वपूर्ण विषयों की सूची

CTET परीक्षा में कुछ विषय बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, जैसे: (1) मानव शरीर के अंग, (2) जल जीवन के लिए आवश्यक, (3) पारिस्थितिकी ज्ञान। इस तरह के विषयों पर ध्यान दें।

  • पहला विषय: मानव शरीर
  • दूसरा विषय: जल संरक्षण
  • तीसरा विषय: पारिस्थितिकी
  • चौथा विषय: ऊर्जा के प्रकार
  • पाँचवां विषय: खाद्य श्रृंखला

कोचिंग बनाम आत्म-अध्ययन

CTET की तैयारी में कोचिंग और आत्म-अध्ययन दोनों के अपने लाभ हैं। कई छात्र कोचिंग को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि उन्हें मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। जबकि दूसरों का मानना है कि आत्म-अध्ययन से स्वतंत्रता मिलती है।

मैंने देखा है कि जो छात्र कोचिंग लेते हैं, वे एक संरचित रूप में अध्ययन कर पाते हैं। वहीं आत्म-अध्ययन करने वाले छात्र अपनी गति से अध्ययन करते हैं। दोनों विधियों में अपनी विशेषता है।

विशेषज्ञ टिप: अपने अध्ययन के तरीके में लचीलापन रखें।

समय प्रबंधन तकनीक

CTET की तैयारी में समय प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। अगर आप अपने समय को सही तरीके से नहीं प्रबंधित करते हैं, तो आप तैयारी में पिछड़ सकते हैं। मैंने अपने अनुभव में पाया है कि एक टाइम टेबल बनाना सबसे अच्छा उपाय है।

सुनिश्चित करें कि आप सुबह के समय अधिक कठिन विषयों पर ध्यान केंद्रित करें और रात में हल्के विषयों को पढ़ें। इससे आपका मस्तिष्क भी तरोताजा रहेगा और आप नई जानकारी को बेहतर तरीके से ग्रहण कर पाएंगे।

अंतिम 30 दिनों की रणनीति

परीक्षा से 30 दिन पहले की रणनीति आपको सफल बनाने में मदद कर सकती है। इस समय, आपका मुख्य ध्यान रिवीजन पर होना चाहिए। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करें और उन विषयों पर ध्यान दें जिनमें आप कमजोर हैं।

इस अवधि में, आपको समय-समय पर मॉक टेस्ट देने चाहिए। इससे आपको अपनी गति और सटीकता का आकलन करने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञ टिप: 30 दिनों के रिवीजन में आत्म-विश्लेषण करें।

CTET PRIMARY Syllabus — Preparation Tips

परीक्षा दिवस की चेकलिस्ट

परीक्षा के दिन आपको कुछ आवश्यक चीजें ले जानी चाहिए। जैसे कि, आपके एडमिट कार्ड, पहचान पत्र, और स्टेशनरी सामग्री। यह सुनिश्चित करें कि आपके सारे दस्तावेज एकत्रित हों।

इसके अलावा, परीक्षा से ठीक एक रात पहले अच्छी नींद लें। आपकी ऊर्जा परीक्षा के दिन काम आएगी। मैंने देखा है कि कई छात्र इस पर ध्यान नहीं देते हैं और परिणामस्वरूप थकान महसूस करते हैं।

छात्रों की आम गलतियाँ

CTET परीक्षा में छात्रों द्वारा की जाने वाली कुछ सामान्य गलतियाँ हैं:

  • अधिक समय तक एक प्रश्न पर अटकना
  • सभी प्रश्नों को हल करने का प्रयास करना
  • बिना तैयारी के मॉक टेस्ट देना
  • इन गलतियों से बचने के लिए, महत्वपूर्ण है कि आप अपनी तैयारी को सही दिशा में ले जाएं। हमेशा अपने ज्ञान का आकलन करें और उसी अनुसार योजना बनाएं।

    पिछले 7 दिनों की रिवीजन योजना

    परीक्षा की तारीख के करीब आने पर, आपको अपने रिवीजन का एक ठोस प्लान बनाना चाहिए। मैं हमेशा अपने छात्रों को सलाह देता हूँ कि वे महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित करें।

    हर दिन एक या दो नए विषय को कवर करें और साथ ही पिछले दिनों में कवर किए गए विषयों का रिवीजन करें। यह आपको सुनिश्चित करेगा कि आपकी जानकारी ताजा बनी रहे।

    अपेक्षित कट-ऑफ

    CTET में कट-ऑफ हर वर्ष बदलती है। पिछले वर्ष, CTET परीक्षा में कट-ऑफ 85-90 अंक के बीच थी। इसलिए, आपको इसकी आदत डालनी चाहिए कि आप इस स्तर को प्राप्त कर सकें।

    आपकी तैयारी का स्तर आपको तय करेगा कि आप इस कट-ऑफ को पार कर सकते हैं या नहीं। इसलिए, निरंतरता बनाए रखें और आत्म-विश्वास के साथ तैयारी करें।

    करियर स्कोप

    CTET परीक्षा पास करने के बाद, आपके लिए करियर के कई अवसर खुलते हैं। आप सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षक बन सकते हैं। इसके अलावा, आप विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में भी शोध कर सकते हैं।

    जब मैं अपने छात्रों को भविष्य के अवसरों के बारे में बताता हूँ, तो वे और अधिक प्रेरित होते हैं। पढ़ाई का यह सफर आपके लिए नई संभावनाएँ खोल सकता है।

    सफल छात्रों की प्रेरणादायक कहानियाँ

    बहुत से टॉपर जैसे कि सपना कुमारी ने अपने संघर्ष को पार कर CTET परीक्षा में सफलता पाई। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें सफलता की ऊँचाई तक पहुँचाया।

    अंत में, यह याद रखें कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। जब आप अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो आप निश्चित रूप से सफल होते हैं।

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    Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

    CTET Paper 1 EVS पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण विषयों में मानव शरीर, जल संरक्षण, पारिस्थितिकी, खाद्य श्रृंखला, और पर्यावरणीय मुद्दे शामिल हैं। ये विषय छात्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये पर्यावरण और उनके जीवन को बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं। विशेष रूप से, पिछले वर्ष में इन विषयों से संबंधित प्रश्नों की संख्या में वृद्धि देखी गई थी।

    CTET परीक्षा के लिए उम्र सीमा में सामान्यतः 18 से 35 वर्ष के बीच होना अनिवार्य है। हालांकि, अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए कुछ छूट दी जाती है। इस विषय में विस्तृत जानकारी के लिए आप CTET की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

    CTET परीक्षा के लिए तैयारी करने का सर्वोत्तम तरीका है कि आप एक व्यवस्थित अध्ययन योजना बनाएं। सर्वोत्तम पाठ्यक्रम सामग्री का चुनाव करें, नियमित मॉक टेस्ट दें और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अध्ययन करें। इसके अलावा, हफ्ते में कम से कम एक बार अपनी प्रगति की समीक्षा करें।

    CTET परीक्षा पैटर्न में 150 बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं जिन्हें 2.5 घंटे में हल करना होता है। परीक्षा में प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक दिया जाता है और गलत उत्तर पर कोई नकारात्मक अंकन नहीं होता है। इसमें विषयों का वितरण अलग-अलग है, जिसमें हर विषय से प्रश्न पूछे जाते हैं।

    CTET परीक्षा पास करने के बाद आपके लिए कई करियर के अवसर खुलते हैं। जैसे कि, आप सरकारी और निजी स्कूलों में प्राथमिक शिक्षक बन सकते हैं। इसके अलावा, आप शिक्षा से संबंधित अन्य क्षेत्रों में भी करियर बना सकते हैं। ध्यान दें कि CTET में सफलता आपको शैक्षणिक प्रतिष्ठा और स्थिरता प्रदान करती है।

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