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Preparation Guide

CTET प्राथमिक के लिए EVS NCERT पढ़ने की सर्वश्रेष्ठ रणनीतियाँ

बच्चों के लिए CTET प्राथमिक के EVS NCERT पढ़ने की सर्वश्रेष्ठ रणनीतियाँ

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-12 · हिंदी

देखिए दोस्तों, CTET परीक्षा की तैयारी करते समय EVS (पर्यावरण अध्ययन) NCERT किताबों को समझ पाना बेहद ज़रूरी है। मैं जानता हूँ, यह टॉपिक कई छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन अगर आप सही रणनीति अपनाते हैं, तो यह काम आसान हो सकता है। इस लेख में, हम EVS NCERT पढ़ने के लिए कुछ बेहतरीन तरीके साझा करेंगे, जो आपके अध्ययन को अधिक प्रभावी बनाएंगे। चूँकि EVS का महत्व CTET में बहुत अधिक है, इसलिए इसे गंभीरता से लेना ज़रूरी है। इस लेख में दिए गए सुझावों का पालन करके, आप न केवल विषय को समझेंगे बल्कि परीक्षा में अच्छे अंक भी प्राप्त कर सकेंगे।

EVS NCERT का परिचय

पर्यावरण अध्ययन (EVS) एक ऐसा विषय है, जो बच्चों को अपनी आस-पास की दुनिया को समझने में मदद करता है। यह विषय न केवल ज्ञानवर्धक है, बल्कि यह छात्रों के नैतिक और सामाजिक विकास में भी सहायक होता है। जब हम NCERT की किताबों पर ध्यान देते हैं, तो हमें यह समझना होता है कि इन पुस्तकों में दिए गए सिद्धांत और सैद्धांतिक जानकारी को कैसे लागू करना है। मेरे अनुभव में, मैंने देखा है कि जो छात्र इस विषय को गंभीरता से पढ़ते हैं, वे अपनी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।

NCERT पाठ्यपुस्तकें शिक्षकों और छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार की गई हैं। ये किताबें सरल भाषा में होती हैं और उनमें चित्र, चार्ट और अन्य मददगार सामग्री होती है, जो बच्चों की समझ को बढ़ाती है। इसलिए, जब आप EVS NCERT पढ़ें, तो हर चैप्टर को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उसके मुख्य बिंदुओं को समझने की कोशिश करें।

EVS NCERT पढ़ने की रणनीतियाँ

अब यहाँ एक महत्वपूर्ण बात समझ लीजिए, EVS NCERT को पढ़ने की सही रणनीति से आप अपने अध्ययन को प्रभावी बना सकते हैं। सबसे पहले, आपको एक निश्चित समय निर्धारित करना चाहिए, जिसमें आप केवल EVS पढ़ाई करेंगे। उचित समय-निर्धारण से आपको एकाग्रता और ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी। मेरा सुझाव है कि आप सुबह के समय पढ़ाई करें, जब आपका मस्तिष्क तरोताजा होता है।

सिर्फ पढ़ने से नहीं, बल्कि उसे समझने की भी जरूरत है। EVS में कई जटिल अवधारणाएँ होती हैं। इसलिए, पढ़ाई के दौरान नोट्स बनाना बहुत महत्वपूर्ण है। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि नोट्स बनाने से छात्र विषय को बेहतर ढंग से समझते हैं और बाहरी विचारों को अपने अध्ययन में शामिल कर पाते हैं।

  • सही समय का चयन करें
  • नियमित नोट्स बनाएं
  • चित्र और चार्ट का उपयोग करें
  • रिविजन शेड्यूल बनाएं
  • प्रश्न पत्र हल करें
  • समूह अध्ययन करें

महत्वपूर्ण विषयों की पहचान

EVS NCERT की किताब में अनेक महत्वपूर्ण विषय होते हैं, जिन्हें पहचानना आवश्यक है। छात्रों को चाहिए कि वे पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अध्ययन करें ताकि उन्हें यह समझ में आए कि कौन से विषय अधिक महत्वपूर्ण हैं। मैंने देखा है कि कई बार एक ही विषय से एक से अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए उस विषय पर विशेष ध्यान दें।

ज्यादातर छात्र कई विषयों को एक साथ पढ़ने की कोशिश करते हैं, जो सही नहीं है। एक समय में एक ही विषय पर ध्यान केंद्रित करें और उसे अच्छे से समझें। अगर आप कोई विषय समझने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं, तो उस पर और अधिक समय लगाएँ।

अगर आप विषयों का सटीक रिविजन करते हैं, तो न केवल परीक्षा में इसे सही से जवाब देने में मदद मिलेगी, बल्कि आप ज्ञान भी प्राप्त करेंगे।

पुनरावलोकन और प्रैक्टिस

रिविजन या पुनरावलोकन का कार्य बहुत महत्वपूर्ण है। पढ़ाई के बाद, जो कुछ आपने सीखा है, उसे नियमित रूप से पुनरावलोकित करें। मेरे छात्रों में, जिन्होंने प्रतिदिन 30 मिनट का रिविजन किया, उन्हें बेहतर परिणाम मिले। रिविजन के दौरान, उन सभी नोट्स को पढ़ें, जिन्हें आपने बनाया है।

प्रैक्टिस भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। CTET के लिए, पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करने से आपको परीक्षा की वास्तविकता का अनुभव होगा। आप देखेंगे कि प्रश्नों की संरचना कैसी होती है और आपको अपने उत्तर कैसे प्रस्तुत करने हैं।

  • दैनिक रिविजन करें
  • पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र हल करें
  • मुख्य विचारों को ध्यान में रखें
  • समय प्रबंधन करें
  • सभी अवधारणाओं को स्पष्ट करें
  • सकारात्मक सोच बनाए रखें

मनोबल बनाए रखना

मनोबल बनाए रखना भी परीक्षा की तैयारी में अत्यंत आवश्यक है। यदि आप अध्ययन करते समय थकान महसूस कर रहे हैं, तो थोड़े समय के लिए ब्रेक ले लें। अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मैंने देखा है कि जब छात्र मानसिक रूप से स्वस्थ होते हैं, तो उनकी पढ़ाई का स्तर भी बेहतर होता है।

प्रेरणादायक कहानियाँ पढ़ें या अपने पसंदीदा अध्यायों का अध्ययन करें, ताकि आपके मन में सकारात्मकता बनी रहे। यदि आप अच्छा महसूस करेंगे, तो आपकी पढ़ाई का अनुभव भी बेहतर होगा।

कई छात्र मनोबल बनाए रखने में असफल रहते हैं और समय पर तैयारी नहीं कर पाते। यह बहुत बड़ी गलती है, इसलिए हमेशा सकारात्मक रहें!

मूल्यांकन और फीडबैक

पढ़ाई के दौरान, अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन करना बेहद जरूरी है। यह आपको यह जानने में मदद करता है कि आप किस दिशा में बढ़ रहे हैं। कई बार छात्र अपने आप को मापने में चूक जाते हैं। मुझे याद है कि मैंने अपने छात्रों को हफ्ते भर में एक बार खुद का मूल्यांकन करने के लिए कहा। इससे वे अपनी गलतियों को समझ पाते थे और सुधार कर पाते थे।

फीडबैक प्राप्त करना भी महत्वपूर्ण है। अपने शिक्षकों से सलाह-मशविरा करें और जानें कि आपको किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। मैं सलाह देता हूँ कि आप एक साथी के साथ मिलकर पढ़ाई करें, ताकि एक-दूसरे के रिविजन से लाभ उठा सकें।

अभ्यास प्रश्न और परीक्षण

CTET परीक्षा में सफलता पाने के लिए नियमित अभ्यास आवश्यक है। मुझे पता है कि कई बार छात्र अभ्यास प्रश्नों को हल करने में अनिच्छा दिखाते हैं। लेकिन मुझे विश्वास है कि यह गलती है। नियमित रूप से अभ्यास करने से आपकी समस्याओं का समाधान होगा और आप आत्म-विश्वास के साथ परीक्षा में बैठ सकेंगे।

प्रश्न पत्रों का हल करना आपको परीक्षा की शैली पर काम करने में मदद करता है। यह जानते हुए कि प्रश्न किस प्रकार के होते हैं, आप अधिक आरामदायक महसूस करेंगे। इसलिए, इससे पहले कि आप परीक्षा दें, सुनिश्चित करें कि आपने पर्याप्त अभ्यास किया है।

पूरी तैयारी रणनीति का अवलोकन

CTET परीक्षा में सफल होने के लिए एक संपूर्ण तैयारी योजना बनाना ज़रूरी है। आपको न केवल EVS बल्कि सभी विषयों का समुचित अध्ययन करना चाहिए। इससे आपको अन्य विषयों के साथ पारस्परिक संबंध बनाने में भी मदद मिलेगी। जितना अधिक ज्ञान होगा, उतना ही बेहतर आप परीक्षा में प्रदर्शन कर पाएंगे।

एक महीने में कैसे पढ़ाई करनी है, इस पर ध्यान दें। यदि आप एक महीने में योजना बनाते हैं, तो आप सभी विषयों को ठीक से कवर कर पाएंगे। एक सुसंगत अनुसूची बनाएं और उसे अनुशासन के साथ पालन करें।

सीखने का यह क्रम आपको सभी विषयों में दक्षता देगा और परीक्षा में आत्म-विश्वास बढ़ाएगा।

महीने दर महीने अध्ययन योजना

आपकी तैयारी की यात्रा एक महीने से शुरू होती है। पहले महीने में, अपने सभी पाठ्यक्रम को अच्छी तरह समझने की कोशिश करें। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करें और यह जानें कि किन विषयों पर ध्यान केंद्रित करना है। दूसरे महीने में, आपको अपने नोट्स को पुन: व्यवस्थित करना है और अधिक गहराई में अध्ययन करना है।

तीसरे महीने में, नियमित रिविजन करना न भूलें। इसमें व्यक्तिगत रूप से, मैंने देखा है कि जो छात्र नियमित रिविजन करते हैं, वे बेहतर प्रदर्शन करते हैं।

विषय वार विवरण

CTET परीक्षा में प्रत्येक विषय का अपना महत्व है। EVS के साथ-साथ गणित और हिंदी भी अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। जैसे पहले EVS में, सामाजिक विज्ञान का सिलेबस है, जिसमें भौगोलिक अवधारणाएँ, संस्कृति और समाज शामिल हैं। अन्य विषयों के साथ अद्यतन रखना भी ज़रूरी है।

मेरे अनुभव के अनुसार, EVS में 30 से 40 प्रतिशत अंक होते हैं, इसलिए इसे अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।

  • EVS: 30 अंक
  • गणित: 30 अंक
  • हिंदी: 30 अंक
  • अन्य: 10 अंक

महत्वपूर्ण विषयों की सूची

EVS NCERT की किताबों में कई महत्वपूर्ण टॉपिक्स होते हैं, जैसे कि पारिस्थितिकी, जल चक्र, वायु प्रदूषण आदि। ये सभी विषय महत्वपूर्ण हैं और इनपर ध्यान देना आवश्यक है। मैंने अपने छात्रों को हमेशा यह सलाह दी है कि वे पूरे पाठ्यक्रम का मूल्यांकन करें और इन्हें प्राथमिकता दें।

कई बार ऐसे टॉपिक्स होते हैं जो महत्वपूर्ण होते हैं और जिनमें प्रश्न पूछे जाते हैं। उन्हें अच्छे से समझें और अध्ययन करें।

सर्वश्रेष्ठ किताबों की सूची

CTET की तैयारी के लिए कुछ बेहतरीन किताबें हैं। NCERT की किताबें सबसे उपयोगी होती हैं। इसके अलावा, आप अन्य संदर्भ पुस्तकें भी देख सकते हैं, जैसे कि:

  • NCERT EVS Class 5
  • NCERT EVS Class 6
  • Arihant EVS Guide
  • Disha Publication EVS
  • R Gupta EVS

इन किताबों का उपयोग करने से आपको बेहतर समझ मिलेगी और आप परीक्षा में अच्छा करेंगे।

कोचिंग बनाम आत्म-अध्ययन

यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है कि आपको कोचिंग क्लासेस लेनी चाहिए या आत्म-अध्ययन करना चाहिए। मैंने दोनों तरीकों के फायदे और नुकसान देखे हैं। कोचिंग से आपको विषय का उचित मार्गदर्शन मिलता है, जबकि आत्म-अध्ययन से आप अपने समय का प्रबंधन कर सकते हैं।

अगर आप कोचिंग से पढ़ाई करते हैं, तो ध्यान रखें कि नियमित रूप से अध्ययन करें और केवल कक्षाओं पर निर्भर न रहें। आत्म-अध्ययन से आप अधिक स्वतंत्रता के साथ पढ़ाई कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए अनुशासन की आवश्यकता होती है।

आपको यह तय करना चाहिए कि कौन सा तरीका आपके लिए सबसे अच्छा है।

समय प्रबंधन और दैनिक शेड्यूल

समय प्रबंधन इस तैयारी के खेल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक सुनिश्चित शेड्यूल बनाएं और उसका पालन करें। एक दिन में कम से कम 6 घंटे पढ़ाई करने का लक्ष्य रखें। इसके अलावा, खाली समय में रिविजन भी करें।

यदि आप शेड्यूल का पालन नहीं करते हैं, तो आपकी तैयारी प्रभावित होगी। इसे बनाए रखने के लिए, एक टेबल बनाएं जो आपकी पढ़ाई के समय और विषयों को स्पष्ट रूप से दर्शाए।

अंतिम 30 दिनों की पुनरावलोकन रणनीति

परीक्षा के अंतिम 30 दिनों में, आपको अपने सभी ज्ञान को मज़बूत करने की आवश्यकता होती है। इस समय में, विस्तृत रिविजन करें। मैंने देखा है कि इस अवधि में आधे-अधूरे अध्ययन से कोई लाभ नहीं होता।

अपने मुख्य बिंदुओं को याद करें और सभी महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान दें। एक समय सारणी बनाएं जिसमें आपको यह ध्यान रखना है कि कौन से विषय पहले रिवाइज करने हैं।

Recommended Resources

विषयमामले
पारिस्थितिकी5 अंक
जल चक्र4 अंक
वायु प्रदूषण6 अंक
पारिस्थितिक संतुलन3 अंक
पर्यावरण का संरक्षण5 अंक
जल प्रदूषण4 अंक
भूमि उपयोग5 अंक
जलवायु परिवर्तन6 अंक

परीक्षा दिन चेकलिस्ट

परीक्षा के दिन, अपनी तैयारी की एक संपूर्ण चेकलिस्ट बनाना आवश्यक है। आपको क्या लाना है, क्या खाना है, क्या पहनना है, और सोने का समय क्या होगा, यह सभी बातें महत्त्वपूर्ण हैं। जब आप चेकलिस्ट बनाते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपकी सभी आवश्यक सामग्री आपसे सहायक हो।

परीक्षा के दिन, हल्का नाश्ता करें और मानसिक रूप से तैयार रहें। मुझे याद है कि जब मैं अपने छात्रों को यह सलाह देता हूँ कि उन्हें अच्छी नींद लेनी चाहिए। यह उनकी मानसिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद करता है।

छात्रों द्वारा की जाने वाली 10 सामान्य गलतियाँ

मैंने पिछले अनुभव में पाया है कि छात्र परीक्षा में आमतौर पर कई सामान्य गलतियाँ करते हैं, जैसे:

  • प्रश्नों को ठीक से पढ़ना नहीं
  • समय का सही प्रबंधन न करना
  • अधिक दबाव लेना
  • पुनरावलोकन न करना
  • ध्यान केंद्रित नहीं रखना
  • नोट्स को भूल जाना
  • अत्यधिक आत्म-मूल्यांकन करना
  • अव्यवस्थित तैयारी करना
  • किसी एक विषय पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करना
  • परीक्षा से पहले पर्याप्त अभ्यास न करना

इन सामान्य गलतियों से बचने की कोशिश करें और अपने अध्ययन को बेहतर बनाएं।

सच्चाई यही है कि यदि आप अपने कार्य में ध्यान केंद्रित नहीं रखते हैं, तो आपकी कठिनाइयाँ बढ़ सकती हैं।

7 दिन का काउंटडाउन पुनरावलोकन योजना

परीक्षा के 7 दिन पहले, सभी विषयों को पुनरावलोकित करें। हर दिन एक मुख्य विषय पर ध्यान केंद्रित करें और उससे संबंधित प्रश्न हल करें। मैं आपको सलाह दूंगा कि आप हर दिन एक मुख्य विषय पर ध्यान केंद्रित करें ताकि आप भ्रमित न हों।

इससे आपको आत्म-विश्वास प्राप्त होगा और आपको अपनी ताकत और कमजोरियों का पता चलेगा। इसलिए, यह सुनिश्चित करें कि आप सभी प्राथमिकताओं का पालन करें।

अपेक्षित कट-ऑफ और पिछले साल का डेटा

CTET परीक्षा में कट-ऑफ हर साल भिन्न हो सकती है। पिछले वर्ष की परीक्षा में, कट-ऑफ 85 अंक रही थी। यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने लक्ष्य का सही से निर्माण करें और पिछले साल के डेटा का विश्लेषण करें।

मैंने पिछले वर्षों में देखा है कि छात्रों के लिए कट-ऑफ में सामान्य बदलाव होते हैं। इसलिए, लक्ष्य बनाएं और उस पर ध्यान दें कि आपको कितना पढ़ना है।

सफलता की कहानी

टॉपर अमन शर्मा ने अपनी सफलता के पीछे नियमित अध्ययन और अनुशासन को बताया। उसने कहा कि उसने प्रत्येक विषय के लिए रणनीति बनाई और उसे अनुसरण किया। यह सच है कि संयम और लगातार प्रयास से ही सफलता मिलती है।

याद रखिए — हर टॉपर भी एक बार बिगिनर था। बस निरंतरता बनाए रखिए।

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Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

सही समय सुबह का है जब आपका मस्तिष्क तरोताजा होता है। मैंने देखा है कि इस समय पढ़ने से एकाग्रता और ध्यान बढ़ता है। इसके अलावा, यदि आप थोड़े-थोड़े अंतराल पर अध्ययन करते हैं, तो यह अधिक प्रभावी होता है। रात को पढ़ाई से बचें, क्योंकि आप थकान महसूस कर सकते हैं।

जी हाँ, NCERT की ईवीएस किताबें परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं। इनमें सभी महत्वपूर्ण विषय और अवधारणाएँ सम्मिलित हैं। मेरी सलाह है कि आप इन्हें प्राथमिकता के साथ पढ़ें और इसके साथ ही संदर्भ पुस्तकों का उपयोग करें, ताकि आपको और गहराई में जानकारी मिल सके।

जब आपको EVS NCERT पढ़ाई में समस्या आए, तो पहले अपने नोट्स पर ध्यान दें। अगर फिर भी समझ में नहीं आए, तो अपने शिक्षकों या साथियों से सलाह लें। समूह अध्ययन करना भी लाभदायक हो सकता है, जिसमें आप आपस में विचार-विमर्श कर सकते हैं।

CTET परीक्षा में EVS प्रश्नों का पैटर्न विषयी होता है। मुख्य रूप से MCQs पूछे जाते हैं। सामान्यतः 30 प्रश्न EVS से होते हैं, जिनमें से 15-20 प्रश्न NCERT से सीधे होते हैं। इसलिए NCERT पढ़ना अत्यंत आवश्यक है।

CTET उत्तीर्ण करने के बाद, आप प्राथमिक स्तर पर शिक्षकों के रूप में कार्य कर सकते हैं। इसके अलावा, आप अन्य शिक्षण परीक्षाओं जैसे कि KVS और DSSSB में भी भाग ले सकते हैं। इससे आपको बेहतर नौकरी के अवसर मिल सकते हैं और करियर में उन्नति के अच्छे मौक़े भी प्राप्त होंगे।

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