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Mock Tests 2026

Super TET 2026: मार्गदर्शन एवं परामर्श (Guidance & Counseling) महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी

Super TET Life Skills के Guidance & Counseling सेक्शन में पाएं बेहतरीन स्कोर | Unictest के साथ तैयारी करें!

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.Founder & Director Unictest. M.Sc (Maths) MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET KVS DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-06-17 · हिंदी

SUPER TET Mock Test Series — Overview

नमस्ते प्यारे साथियों! Super TET 2026 की तैयारी में जुटे मेरे सभी भावी शिक्षकों का Unictest पर बहुत-बहुत स्वागत है। आज हम एक ऐसे विषय पर बात करने वाले हैं जो न केवल आपकी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आपके भविष्य के शिक्षण करियर के लिए भी बेहद ज़रूरी है – वो है 'मार्गदर्शन एवं परामर्श' (Guidance & Counseling) का क्षेत्र। यह विषय Super TET के 'जीवन कौशल' (Life Skills) वाले खंड का एक अभिन्न अंग है और इसमें अच्छे अंक लाना आपकी सफलता की कुंजी है।


देखिए दोस्तों, जब मैं अपने छात्रों को यह टॉपिक पढ़ाता हूँ, तो अक्सर देखता हूँ कि वे इसे सिर्फ़ एक किताबी विषय मान लेते हैं। लेकिन यकीन मानिए, एक शिक्षक के रूप में आपको हर दिन बच्चों को सही रास्ता दिखाना होगा, उनकी समस्याओं को सुनना होगा और उन्हें सही सलाह देनी होगी। यही तो Guidance और Counseling है! Super TET में इस सेक्शन से सीधे-सीधे सवाल आते हैं, और अगर आपकी अवधारणाएँ (concepts) स्पष्ट हैं, तो आप आसानी से मार्क्स बटोर सकते हैं। पिछले कुछ सालों में मैंने नोटिस किया है कि इस सेक्शन से 8-10 प्रश्न आराम से आ जाते हैं, जो आपकी मेरिट में बड़ा फर्क पैदा कर सकते हैं।


मार्गदर्शन (Guidance) क्या है और इसका महत्व?

Guidance का मतलब है किसी व्यक्ति को सही दिशा दिखाना, ताकि वह अपनी समस्याओं को समझ सके और उनका समाधान खुद ढूंढ सके। यह एक व्यापक प्रक्रिया है जो व्यक्ति के पूरे जीवनकाल में चलती रहती है। यह किसी भी क्षेत्र में हो सकती है – चाहे वो शिक्षा हो, करियर हो या व्यक्तिगत जीवन।


  • शैक्षिक मार्गदर्शन (Educational Guidance): छात्रों को सही विषय चुनने, पढ़ाई की तकनीक सुधारने और अकादमिक समस्याओं को हल करने में मदद करना।
  • व्यावसायिक मार्गदर्शन (Vocational Guidance): छात्रों को उनके रुझानों और क्षमताओं के आधार पर सही करियर मार्ग चुनने में सहायता करना।
  • व्यक्तिगत मार्गदर्शन (Personal Guidance): छात्रों की व्यक्तिगत और सामाजिक समस्याओं (जैसे आत्मविश्वास की कमी, तनाव, रिश्तों की समस्या) को सुलझाने में मदद करना।

Expert Tip: Guidance एक preventative और developmental प्रक्रिया है। यह समस्या आने से पहले या उसके शुरुआती चरण में ही मदद करती है ताकि व्यक्ति का सर्वांगीण विकास हो सके। याद रखें, Guidance ज़्यादातर समूह में दी जाती है और इसमें विशेषज्ञ की ज़रूरत नहीं होती, एक अनुभवी शिक्षक भी Guidance दे सकता है।

परामर्श (Counseling) क्या है और इसकी प्रक्रिया?

Counseling, Guidance का ही एक गहन और व्यक्तिगत रूप है। इसमें एक प्रशिक्षित काउंसलर (परामर्शदाता) और एक क्लाइंट (परामर्श लेने वाला) के बीच एक गोपनीय और व्यावसायिक संबंध स्थापित होता है। इसका उद्देश्य व्यक्ति को अपनी गहरी समस्याओं को समझने, भावनाओं को व्यक्त करने और प्रभावी समाधान तक पहुंचने में मदद करना होता है। Counseling ज़्यादातर व्यक्तिगत रूप से (one-on-one) की जाती है।


  • परामर्श के सिद्धांत (Principles of Counseling): स्वीकृति (Acceptance), गोपनीयता (Confidentiality), गैर-निर्णयात्मक दृष्टिकोण (Non-judgmental attitude), सहानुभूति (Empathy) और सम्मान (Respect) इसके मुख्य सिद्धांत हैं।
  • परामर्श की तकनीकें (Techniques of Counseling): सक्रिय श्रवण (Active Listening), प्रश्न पूछना (Questioning), स्पष्टीकरण (Clarification), व्याख्या (Interpretation) और प्रतिपुष्टि (Feedback) कुछ प्रमुख तकनीकें हैं।

चेतावनी: बहुत से स्टूडेंट्स Guidance और Counseling को एक ही मान लेते हैं। यह एक बड़ी गलती है! Guidance व्यापक है और कोई भी दे सकता है, जबकि Counseling विशेषज्ञ द्वारा दी जाने वाली एक विशिष्ट, गहन और व्यक्तिगत प्रक्रिया है। इस अंतर को अच्छे से समझ लें।

अभ्यास प्रश्न (Practice Questions) - भाग 1

तो चलिए, अब कुछ सवालों के साथ अपनी तैयारी को परखते हैं। ये प्रश्न Super TET के पैटर्न पर आधारित हैं:


Q.1 मार्गदर्शन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
  • A) छात्रों को समस्या से बाहर निकालना
  • B) छात्रों को उनकी क्षमताओं को समझने में मदद करना
  • C) छात्रों को सीधे समाधान बताना
  • D) छात्रों के लिए निर्णय लेना
Answer: B) छात्रों को उनकी क्षमताओं को समझने में मदद करना

Q.2 निम्नलिखित में से कौन-सा परामर्श का एक सिद्धांत नहीं है?
  • A) गोपनीयता
  • B) सहानुभूति
  • C) निर्णय-आधारित दृष्टिकोण
  • D) स्वीकृति
Answer: C) निर्णय-आधारित दृष्टिकोण

Q.3 शैक्षिक मार्गदर्शन का मुख्य फोकस किस पर होता है?
  • A) करियर विकल्प
  • B) व्यक्तिगत समायोजन
  • C) अध्ययन की आदतें और अकादमिक प्रदर्शन
  • D) सामाजिक संबंध
Answer: C) अध्ययन की आदतें और अकादमिक प्रदर्शन

Q.4 एक प्रशिक्षित विशेषज्ञ द्वारा प्रदान की जाने वाली व्यक्तिगत सहायता प्रक्रिया क्या कहलाती है?
  • A) निर्देशन
  • B) परामर्श
  • C) सलाह
  • D) व्याख्यान
Answer: B) परामर्श

Q.5 व्यावसायिक मार्गदर्शन का उद्देश्य क्या है?
  • A) छात्रों को व्यक्तिगत समस्याओं में सहायता करना
  • B) छात्रों को अध्ययन तकनीकों में सुधार करना
  • C) छात्रों को उपयुक्त करियर चुनने में सहायता करना
  • D) छात्रों को सामाजिक कौशल सिखाना
Answer: C) छात्रों को उपयुक्त करियर चुनने में सहायता करना

Q.6 परामर्श में 'गोपनीयता' (Confidentiality) का क्या महत्व है?
  • A) यह परामर्शदाता को जानकारी साझा करने की अनुमति देता है
  • B) यह परामर्श लेने वाले में विश्वास पैदा करता है
  • C) यह केवल कानूनी मामलों में आवश्यक है
  • D) इसका कोई विशेष महत्व नहीं है
Answer: B) यह परामर्श लेने वाले में विश्वास पैदा करता है

Q.7 निर्देशन की प्रकृति कैसी होती है?
  • A) संकीर्ण और विशिष्ट
  • B) व्यापक और सामान्य
  • C) उपचारात्मक
  • D) केवल व्यक्तिगत
Answer: B) व्यापक और सामान्य

Q.8 एक शिक्षक की भूमिका छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान करने में कैसी होनी चाहिए?
  • A) आदेशात्मक
  • B) सहायक और सुविधा प्रदान करने वाली
  • C) उदासीन
  • D) केवल अकादमिक
Answer: B) सहायक और सुविधा प्रदान करने वाली

Q.9 परामर्श प्रक्रिया में सक्रिय श्रवण (Active Listening) का क्या अर्थ है?
  • A) केवल क्लाइंट की बात सुनना
  • B) क्लाइंट की भावनाओं और शब्दों को समझना
  • C) क्लाइंट को बीच में टोकना
  • D) केवल महत्वपूर्ण बिंदुओं को नोट करना
Answer: B) क्लाइंट की भावनाओं और शब्दों को समझना

Q.10 निम्नलिखित में से कौन-सा एक प्रभावी परामर्शदाता का गुण नहीं है?
  • A) सहानुभूति
  • B) वस्तुनिष्ठता
  • C) प्रभुत्वशाली होना
  • D) संचार कौशल
Answer: C) प्रभुत्वशाली होना

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Test Series Features

Super TET में Guidance & Counseling की तैयारी कैसे करें?

अब जब हमने Guidance और Counseling के मूल सिद्धांतों को समझ लिया है, तो बात करते हैं कि Super TET 2026 में इस सेक्शन में अधिकतम अंक कैसे प्राप्त करें। मेरा पर्सनल एक्सपीरियंस कहता है कि यह सेक्शन बहुत स्कोरिंग होता है, बशर्ते आप इसे सही अप्रोच के साथ पढ़ें।


1. कॉन्सेप्ट्स की स्पष्टता (Clarity of Concepts):

सबसे पहले, Guidance और Counseling के बीच के अंतर को अच्छी तरह समझें। इनके प्रकार, सिद्धांत, और तकनीकों को याद करें। रटने की बजाय समझने पर जोर दें। उदाहरण के लिए, एजुकेशनल, वोकेशनल, पर्सनल Guidance क्या है, और इनकी ज़रूरत कब पड़ती है – इसे उदाहरणों के साथ समझें।


2. महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर फोकस:

  • मार्गदर्शन के प्रकार (शैक्षिक, व्यावसायिक, व्यक्तिगत)
  • परामर्श के सिद्धांत (गोपनीयता, स्वीकृति, सहानुभूति, गैर-निर्णयात्मक)
  • परामर्श की तकनीकें (सक्रिय श्रवण, प्रश्न पूछना, स्पष्टीकरण)
  • एक शिक्षक की भूमिका (मार्गदर्शक एवं परामर्शदाता के रूप में)
  • विभिन्न प्रकार के परामर्श (निदेशात्मक, गैर-निदेशात्मक, समन्वित)
  • मानसिक स्वास्थ्य और समायोजन में Guidance & Counseling की भूमिका

Expert Tip: 2024 की UPTET और KVS परीक्षाओं में 'शिक्षक की भूमिका' और 'परामर्श के सिद्धांतों' से सीधे-सीधे प्रश्न पूछे गए थे। इन पर विशेष ध्यान दें।

3. अध्ययन सामग्री और पुस्तकें:

Honestly speaking, इस सेक्शन के लिए आपको बहुत सारी मोटी किताबें पढ़ने की ज़रूरत नहीं है। NCERT की मनोविज्ञान और शिक्षाशास्त्र की किताबें (कक्षा 11 और 12) आपके बेसिक्स को मजबूत करने के लिए पर्याप्त हैं। इसके अलावा, किसी भी अच्छी B.Ed. या D.El.Ed. की पाठ्यपुस्तक में Guidance & Counseling का सेक्शन देख सकते हैं। Unictest के नोट्स और मॉक टेस्ट भी आपके लिए एक बेहतरीन संसाधन हैं।


4. अध्ययन योजना (Study Schedule):

इस सेक्शन को हर दिन 30-45 मिनट दें। एक सप्ताह में आप इसके मुख्य कॉन्सेप्ट्स को कवर कर सकते हैं। पहले दो दिन Guidance, अगले दो दिन Counseling, और फिर बाकी दिन रिविजन और MCQs पर दें।


  • पहला दिन: Guidance – अर्थ, परिभाषा, प्रकार, महत्व।
  • दूसरा दिन: Counseling – अर्थ, परिभाषा, सिद्धांत, उद्देश्य।
  • तीसरा दिन: Guidance vs Counseling – अंतर, एक शिक्षक की भूमिका।
  • चौथा दिन: परामर्श की तकनीकें, प्रकार (निदेशात्मक, गैर-निदेशात्मक)।
  • पांचवा दिन: मानसिक स्वास्थ्य और समायोजन में भूमिका, अन्य संबंधित अवधारणाएं।
  • छठा दिन: पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs) और मॉक टेस्ट।
  • सातवां दिन: पूरे सप्ताह के कॉन्सेप्ट्स का क्विक रिवीजन।

अभ्यास प्रश्न (Practice Questions) - भाग 2

चलिए, कुछ और सवालों से अपनी समझ को और गहरा करते हैं:


Q.11 निम्नलिखित में से कौन-सा परामर्श का एक प्राथमिक उद्देश्य है?
  • A) क्लाइंट की समस्याओं को हल करना
  • B) क्लाइंट को आत्म-समझ और आत्म-निर्णय में मदद करना
  • C) क्लाइंट को सलाह देना
  • D) क्लाइंट की भावनाओं को नियंत्रित करना
Answer: B) क्लाइंट को आत्म-समझ और आत्म-निर्णय में मदद करना

Q.12 गैर-निदेशात्मक परामर्श (Non-directive Counseling) के प्रणेता कौन हैं?
  • A) सिगमंड फ्रायड
  • B) बी.एफ. स्किनर
  • C) कार्ल रोजर्स
  • D) इवान पावलोव
Answer: C) कार्ल रोजर्स

Q.13 एक अच्छा परामर्शदाता बनने के लिए सबसे महत्वपूर्ण गुण क्या है?
  • A) उच्च शैक्षणिक योग्यता
  • B) सहानुभूति और धैर्य
  • C) कठोर अनुशासन
  • D) समस्या का त्वरित समाधान
Answer: B) सहानुभूति और धैर्य

Q.14 छात्रों में 'आत्मविश्वास की कमी' जैसी व्यक्तिगत समस्या के लिए किस प्रकार का मार्गदर्शन सबसे उपयुक्त होगा?
  • A) शैक्षिक मार्गदर्शन
  • B) व्यावसायिक मार्गदर्शन
  • C) व्यक्तिगत मार्गदर्शन
  • D) समूह मार्गदर्शन
Answer: C) व्यक्तिगत मार्गदर्शन

Q.15 एक शिक्षक द्वारा छात्रों को परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए अध्ययन तकनीकें बताना किस प्रकार के मार्गदर्शन का उदाहरण है?
  • A) व्यावसायिक मार्गदर्शन
  • B) व्यक्तिगत मार्गदर्शन
  • C) शैक्षिक मार्गदर्शन
  • D) नैतिक मार्गदर्शन
Answer: C) शैक्षिक मार्गदर्शन

Q.16 परामर्श प्रक्रिया का पहला चरण क्या होता है?
  • A) समस्या का निदान
  • B) संबंध स्थापित करना
  • C) समाधान योजना बनाना
  • D) अनुवर्ती कार्रवाई
Answer: B) संबंध स्थापित करना

Q.17 परामर्श की किस विधि में परामर्शदाता अधिक सक्रिय भूमिका निभाता है?
  • A) गैर-निदेशात्मक परामर्श
  • B) निदेशात्मक परामर्श
  • C) समन्वित परामर्श
  • D) समूह परामर्श
Answer: B) निदेशात्मक परामर्श

Q.18 एक छात्र जो करियर विकल्पों को लेकर भ्रमित है, उसे किस प्रकार के मार्गदर्शन की आवश्यकता है?
  • A) शैक्षिक मार्गदर्शन
  • B) व्यक्तिगत मार्गदर्शन
  • C) व्यावसायिक मार्गदर्शन
  • D) सामाजिक मार्गदर्शन
Answer: C) व्यावसायिक मार्गदर्शन

Q.19 परामर्श में 'सहानुभूति' (Empathy) का क्या अर्थ है?
  • A) क्लाइंट के लिए दया महसूस करना
  • B) क्लाइंट की भावनाओं को उसकी नज़र से समझना
  • C) क्लाइंट की समस्याओं को अनदेखा करना
  • D) क्लाइंट को अपनी भावनाएं व्यक्त करने से रोकना
Answer: B) क्लाइंट की भावनाओं को उसकी नज़र से समझना

Q.20 निम्नलिखित में से कौन-सा कथन Guidance के लिए सत्य नहीं है?
  • A) यह समस्या-समाधान पर केंद्रित है।
  • B) यह एक व्यापक प्रक्रिया है।
  • C) यह विशेषज्ञ द्वारा ही प्रदान की जाती है।
  • D) यह व्यक्ति के विकास में मदद करती है।
Answer: C) यह विशेषज्ञ द्वारा ही प्रदान की जाती है।

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

Super TET में Guidance & Counseling सेक्शन 'जीवन कौशल' (Life Skills) विषय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस सेक्शन से आमतौर पर 8-10 प्रश्न पूछे जाते हैं, जो आपकी मेरिट लिस्ट में बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं। यह विषय न केवल आपको परीक्षा में अच्छे अंक दिलाता है, बल्कि एक भावी शिक्षक के रूप में छात्रों की समस्याओं को समझने और उन्हें सही दिशा देने के लिए भी आवश्यक ज्ञान प्रदान करता है। इस ज्ञान से आप बच्चों के अकादमिक, व्यावसायिक और व्यक्तिगत विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं, जिससे आप एक कुशल और संवेदनशील शिक्षक बन पाते हैं।

मार्गदर्शन (Guidance) एक व्यापक प्रक्रिया है जो व्यक्ति को अपनी क्षमताओं को समझने और समस्याओं का समाधान स्वयं ढूंढने में मदद करती है। यह अक्सर समूह में दी जाती है और कोई भी अनुभवी व्यक्ति (जैसे शिक्षक) इसे प्रदान कर सकता है। वहीं, परामर्श (Counseling) एक गहन, व्यक्तिगत और गोपनीय प्रक्रिया है जो एक प्रशिक्षित विशेषज्ञ (काउंसलर) द्वारा प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य व्यक्ति की गहरी भावनात्मक या मनोवैज्ञानिक समस्याओं को समझना और उसके समाधान में मदद करना है। Guidance ज़्यादातर विकासात्मक और निवारक होती है, जबकि Counseling उपचारात्मक हो सकती है।

Super TET के Guidance & Counseling सेक्शन की तैयारी के लिए सबसे पहले NCERT की कक्षा 11 और 12 की मनोविज्ञान (Psychology) और शिक्षाशास्त्र (Pedagogy) की किताबें पढ़ना महत्वपूर्ण है। ये आपके मूलभूत कॉन्सेप्ट्स को स्पष्ट करेंगी। इसके अतिरिक्त, किसी भी प्रतिष्ठित B.Ed. या D.El.Ed. पाठ्यक्रम की पाठ्यपुस्तकों में Guidance & Counseling पर दिए गए अध्याय बहुत सहायक हो सकते हैं। Unictest के विशेष नोट्स और मॉक टेस्ट भी इस सेक्शन के लिए एक बेहतरीन संसाधन हैं, क्योंकि वे सीधे Super TET के पैटर्न पर आधारित होते हैं और आपको अभ्यास का अवसर देते हैं।

Super TET में Guidance & Counseling से मुख्य रूप से अवधारणा-आधारित (concept-based) और अनुप्रयोग-आधारित (application-based) प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रश्नों में Guidance और Counseling की परिभाषा, उनके प्रकार (शैक्षिक, व्यावसायिक, व्यक्तिगत), सिद्धांत (जैसे गोपनीयता, सहानुभूति), और तकनीकों से संबंधित सवाल होते हैं। इसके अलावा, एक शिक्षक की भूमिका, परामर्श के विभिन्न मॉडल (निदेशात्मक, गैर-निदेशात्मक) और मानसिक स्वास्थ्य व समायोजन में इनकी भूमिका से जुड़े प्रश्न भी आते हैं। सीधे फैक्ट्स के बजाय, आपकी समझ और व्यावहारिक अनुप्रयोग की क्षमता को परखा जाता है।

Super TET के 'जीवन कौशल' सेक्शन में अधिकतम अंक प्राप्त करने के लिए आपको Guidance & Counseling, शिक्षण कौशल, बाल मनोविज्ञान, व्यावसायिक आचरण, प्रेरणा, संवैधानिक मूल्यों और दंड-पुरस्कार व्यवस्था जैसे सभी उप-विषयों पर समान रूप से ध्यान देना होगा। हर कॉन्सेप्ट को अच्छी तरह समझें, रटने की बजाय व्यावहारिक उदाहरणों से जोड़ें। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का नियमित अभ्यास करें और Unictest जैसे प्लेटफॉर्म पर मॉक टेस्ट दें। अपनी गलतियों का विश्लेषण करें और उन पर काम करें। शिक्षक की भूमिका से संबंधित प्रश्नों में हमेशा सकारात्मक और बाल-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाएं।

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