Unictest FREE APP Download Unictest App — Free Mock Tests, PYQs & Notes for 375+ Exams! Unictest App — Free Mock Tests & PYQs! Get it on Google Play
Study Notes

CTET प्राथमिक गणित: संकेतात्मक और व्यतेकात्मक तर्कशक्ति

CTET प्राथमिक गणित में संकेतात्मक और व्यतेकात्मक तर्कशक्ति को समझें

Practice Questions
Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-13 · हिंदी

CTET प्राथमिक गणित: संकेतात्मक और व्यतेकात्मक तर्कशक्ति

नमस्कार दोस्तों! आज हम CTET परीक्षा में प्राथमिक गणित से संबंधित एक महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करेंगे, जो है संकेतात्मक (Inductive) और व्यतेकात्मक (Deductive) तर्कशक्ति। यह विषय किसी भी शिक्षक के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह न केवल गणितीय सोच को विकसित करता है, बल्कि छात्रों की समस्या समाधान क्षमता को भी बढ़ाता है। इस अनुभाग में, हम तर्कशक्ति के दोनों प्रकारों की परिभाषा, उनके उदाहरण, और उनका परीक्षा में महत्व समझेंगे। मैंने देखा है कि बहुत से छात्र इन दोनों प्रकार के तर्क के बीच भेद नहीं कर पाते हैं, इसलिए इस विषय को अच्छी तरह समझना आवश्यक है। आइए, इसे विस्तार से समझते हैं।

संकेतात्मक तर्कशक्ति क्या है?

संकेतात्मक तर्कशक्ति, जिसे हम Inductive Reasoning कहते हैं, एक प्रक्रिया है जिसमें हम विशिष्ट उदाहरणों से सामान्य निष्कर्ष पर पहुँचते हैं। उदाहरण के लिए, यदि हम देखते हैं कि कुछ बच्चों ने परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए हैं, तो हम यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि सभी बच्चे अच्छे अंक प्राप्त करेंगे। यह प्रक्रिया अध्ययन और अवलोकन पर आधारित होती है।

जब मैं अपने छात्रों को संकेतात्मक तर्क पढ़ाता हूँ, तो सबसे पहले मैं उन्हें वास्तविक जीवन के उदाहरण देने की कोशिश करता हूँ। मैंने देखा है कि बच्चे जब अपने आस-पास की घटनाओं से यह सीखते हैं, तो उनके लिए यह अधिक प्रभावी होता है। उदाहरणार्थ, अगर हम बच्चों को दिखाते हैं कि कैसे हर बार सूरज पूर्व से उगता है, तो वे यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि सूरज हमेशा पूर्व से ही उगेगा।

व्यतेकात्मक तर्कशक्ति क्या है?

व्यतेकात्मक तर्कशक्ति, जिसे Deductive Reasoning कहते हैं, एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें हम सामान्य नियमों या सिद्धांतों से विशेष निष्कर्ष पर पहुँचते हैं। उदाहरण के लिए, यदि हम जानते हैं कि 'सभी पक्षी उड़ सकते हैं' और 'यह एक तोता है', तो हम यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि 'यह तोता उड़ सकता है'। यह प्रक्रिया तर्क और सिद्धांत पर आधारित होती है।

जब मैं व्यतेकात्मक तर्क के बारे में पढ़ाता हूँ, तो मैं छात्रों को स्पष्ट रूप से नियम और सिद्धांत समझाने पर जोर देता हूँ। मैंने पिछले वर्षों में देखा है कि जब छात्र आधारभूत सिद्धांतों को समझते हैं, तो वे विशेष उदाहरणों को जल्दी समझ लेते हैं। उदाहरण के लिए, गणित की कक्षाओं में हम हमेशा पहले नियमों को स्पष्ट करते हैं, ताकि बच्चे उनके आधार पर समस्या को हल कर सकें।

  • सभी पक्षी उड़ सकते हैं।
  • सभी बिल्लियाँ मांसाहारी होती हैं।
  • सभी मनुष्य सांस लेते हैं।
  • दुनिया गोल है।
  • सभी कारें चार पहिए रखती हैं।
  • हर बच्चा स्कूल जाता है।

संकेतात्मक और व्यतेकात्मक तर्क के बीच अंतर

संकेतात्मक और व्यतेकात्मक तर्क में मूलभूत अंतर यह है कि संकेतात्मक तर्क में हम विशिष्ट से सामान्य की ओर बढ़ते हैं, जबकि व्यतेकात्मक तर्क में हम सामान्य से विशिष्ट की ओर जाते हैं। दोनों प्रकार के तर्क को समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये गणितीय समस्याओं को हल करने की क्षमता को बढ़ाते हैं।

मैंने पाया है कि कई छात्र संकेतात्मक तर्क को अधिक पसंद करते हैं, क्योंकि इसमें उदाहरणों के माध्यम से समझना आसान होता है। लेकिन जब व्यतेकात्मक तर्क की बात आती है, तो वे इसे चुनौतीपूर्ण मानते हैं। इसलिए, उन्हें सिद्धांत से पहले तर्क को सरल रूप में समझाना चाहिए।

याद रखें, तर्कशक्ति के दोनों प्रकारों को सही तरीके से समझने से विद्यार्थियों की समस्याओं को हल करने की क्षमता में वृद्धि होती है।

CTET परीक्षा में तर्कशक्ति का महत्व

CTET परीक्षा में, संकेतात्मक और व्यतेकात्मक तर्क से संबंधित प्रश्न अक्सर आते हैं। परीक्षा में इस विषय का महत्व इसलिए है कि शिक्षक को विभिन्न तर्क प्रक्रियाओं को समझना और समझाना होता है, जिससे वे अपने छात्रों को बेहतर तरीके से शिक्षित कर सकें। मैंने देखा है कि पिछले वर्षों में, CTET परीक्षा में इस विषय से करीब 10-15 प्रतिशत प्रश्न आते हैं।

CTET की तैयारी करते समय, छात्रों को गणितीय तर्क के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखना चाहिए। जब मैंने अपने छात्रों को इस विषय पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया, तब उनके परीक्षा परिणाम में भी सुधार हुआ। इसलिए, यह विषय केवल समझने के लिए नहीं, बल्कि परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए भी आवश्यक है।

तर्कशक्ति के उदाहरण और वास्तविक जीवन में उपयोग

तर्कशक्ति का उपयोग हम अपने रोज़मर्रा के जीवन में भी करते हैं। जब हम सुबह उठते हैं और सोचते हैं कि आज का मौसम कैसा होगा, तो हम पिछले दिनों के अनुभवों पर आधारित अनुमान लगाते हैं। यह उचित उदाहरण है कि कैसे हम संकेतात्मक तर्क का उपयोग करते हैं।

व्यतेकात्मक तर्क का उपयोग विज्ञान में भी होता है। उदाहरण के लिए, यदि आप जानते हैं कि सभी धातुएँ ताप में फैलती हैं, तो आप यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि जब आप एक विशेष धातु को गर्म करते हैं, तो वह भी फैल जाएगी। इस तरह के तर्क हमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अधिक सटीकता प्रदान करते हैं।

व्यावहारिक जीवन में तर्कशक्ति का सही उपयोग करना महत्वपूर्ण है। यह न केवल आपकी सोचने की क्षमता को बढ़ा सकता है, बल्कि निर्णय लेने में भी मदद कर सकता है।

प्रश्नों के प्रकार और ढांचा

CTET परीक्षा में संकेतात्मक और व्यतेकात्मक तर्क से संबंधित प्रश्न अक्सर विभिन्न रूपों में आते हैं। इनमें से कुछ प्रश्न पूर्णांक के उत्तर के लिए होते हैं, जबकि अन्य विकल्पात्मक होते हैं। मैंने अपने छात्रों को सलाह दी है कि उन्हें सभी प्रकार के प्रश्नों के लिए तैयार रहना चाहिए, ताकि वे परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकें।

उदाहरण के लिए, प्रश्न पूछे जा सकते हैं कि 'नीचे दिए गए कथन के आधार पर क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?' या 'सही विकल्प चुनिए जो दी गई जानकारी से सबसे अच्छे ढंग से मेल खाता है।' इस प्रकार के प्रश्नों के लिए अच्छी तैयारी आवश्यक है।

  • समस्या समाधान से जुड़े प्रश्न।
  • तर्कशक्ति के सिद्धांत पर आधारित प्रश्न।
  • निष्कर्ष निकालने वाले प्रश्न।
  • पूर्ववर्ती और उत्तरवर्ती प्रश्न।
  • विकल्पात्मक उत्तर वाले प्रश्न।
  • तथ्य और अटकलों पर आधारित प्रश्न।

CTET प्रकार के प्रश्न

CTET परीक्षा में अक्सर निम्नलिखित प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं: संकेतात्मक तर्क, व्यतेकात्मक तर्क, और उनके बीच के अंतर को समझने से संबंधित। ये प्रश्न न केवल छात्रों के तर्कशक्ति को परखते हैं, बल्कि उन्हें अधिक गहराई से सोचने के लिए भी प्रेरित करते हैं।

मैंने पिछले कुछ वर्षों में देखी है कि छात्र अक्सर इन प्रश्नों को हल करने में हिचकिचाते हैं। इसलिए, यह सलाह दी जाती है कि वे इन सवालों के लिए विशेष रूप से तैयारी करें ताकि परीक्षा में सफलता सुनिश्चित हो सके।

CTET परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए तर्कशक्ति के सभी पहलुओं को समझना जरूरी है।

पुनरावलोकन और महत्वपूर्ण टिप्स

पुनरावलोकन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। जब आप तर्कशक्ति के सिद्धांतों को सीखते हैं, तो उन पर नियमित रूप से पुनरावलोकन करें। इससे आपके ज्ञान में वृद्धि होगी और परीक्षा में सामान्य प्रश्नों को हल करने में मदद मिलेगी। मैंने पाया है कि पिछले एक महीने में पुनरावलोकन करने से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है।

मेरा सुझाव है कि आप व्याख्यानों के बाद तुरंत नोट्स बनाएं। यह प्रक्रिया आपको महत्वपूर्ण तथ्यों को याद रखने में मदद करेगी। साथ ही, पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें। इससे आपको प्रश्नों के प्रारूप और परीक्षा के पैटर्न को समझने में सहूलियत होगी।

अंतिम विचार

संकेतात्मक और व्यतेकात्मक तर्कशक्ति CTET परीक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन विषयों को एक शिक्षक के रूप में आपको समझना होगा ताकि आप अपने छात्रों को प्रभावी तरीके से पढ़ा सकें। याद रखें, अध्ययन करते समय धैर्य बनाए रखें और अपने लक्ष्यों की दिशा में कार्य करते रहें।

अगर आप यह पढ़ रहे हैं, तो आप पहले से ही सीरियस हैं — अब बस मेहनत शुरू करें। आपके प्रयासों का फल अवश्य मिलेगा!

Important Topics Data

विषयअंक
संकेतात्मक तर्कशक्ति30
व्यतेकात्मक तर्कशक्ति30
गणित की मूल बातें40
शिक्षण विधियाँ50
अध्ययन सिद्धांत50
सामान्य ज्ञान40
संविधान30
बाल विकास30

Detailed Notes

प्रस्तुति रणनीति

CTET परीक्षा के लिए तैयारी करते समय एक सुव्यवस्थित योजना बनाना महत्वपूर्ण है। मेरी सलाह है कि आप हर महीने अपनी अध्ययन योजना को व्यवस्थित करें, ताकि आप समय पर सभी विषयों को कवर कर सकें। बहुत से छात्र यह गलती करते हैं कि वे केवल एक या दो विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इसलिए, विषयों को सही तरीके से विभाजित करना आवश्यक है।

मैंने पिछले पांच वर्षों में देखा है कि जब छात्रों ने मासिक अध्ययन योजनाएँ बनाई हैं, तो उन्हें अधिक आत्मविश्वास महसूस हुआ है। उदाहरण के लिए, पहले महीने में गणित का संपूर्ण अध्ययन करें और अगले महीने संकाय और शिक्षा के अन्य पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करें।

महीने-दर-महीने अध्ययन योजना

यहाँ एक संभावित अध्ययन योजना है: पहले महीने में गणितीय तर्कशक्ति, दूसरे में अध्यापन विधियाँ, तीसरे में सामान्य ज्ञान और चौथे में विभिन्न शैक्षिक सिद्धांतों को कवर करें। इस तरह, आप अपने अध्ययन को व्यवस्थित रख सकते हैं।

पिछले वर्ष की CTET परीक्षा में छात्रों ने अपने समय का सही उपयोग नहीं किया था, जिससे कई महत्वपूर्ण विषय छूट गए थे। योजना बनाते समय आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आप सभी विषयों को समाहित कर रहे हैं।

विशेषज्ञ सुझाव: एक महीने में कम से कम दो बार पुनरावलोकन करना न भूलें।

विषयवार अध्ययन योजना

जब आप विषयों का अध्ययन करते हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप मार्क्स के वजन के आधार पर उन्हें प्राथमिकता दें। गणित के प्रश्नों में अक्सर अधिक अंक होते हैं, इसलिए इन्हें प्राथमिकता दें। मैंने देखा है कि छात्रों ने गणित के प्रश्नों को हल करते समय अधिक ध्यान दिया होता है।

विभिन्न विषयों को पढ़ते समय, आपको उन सिद्धांतों पर ध्यान देना चाहिए जो परीक्षा में महत्वपूर्ण होते हैं। इससे आपको बेहतर मार्क्स प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

  • गणित में तर्कशक्ति पर ध्यान दें।
  • सामान्य ज्ञान के महत्वपूर्ण तथ्य।
  • शिक्षण विधियों की समझ।
  • सिद्धांतों और नियमों को समझें।
  • पुनरावलोकन पर ध्यान दें।
  • पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का अध्ययन करें।

सर्वश्रेष्ठ पुस्तकें

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए कुछ बेहतरीन पुस्तकें निम्नलिखित हैं: 'CTET और स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट' (Arihant), 'Child Development and Pedagogy' (Dhanpat Rai) और 'Mathematics for CTET'। ये सभी पुस्तकें आपके अध्ययन के लिए सहायक होंगी।

मैंने देखा है कि इन किताबों से नियमित अध्ययन करने पर छात्रों की समझ में सुधार होता है और उन्हें परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने में मदद मिलती है।

कोचिंग बनाम आत्म-अध्ययन

बहुत से छात्र यह सवाल करते हैं कि क्या उन्हें कोचिंग लेनी चाहिए या आत्म-अध्ययन करना चाहिए। मैं हमेशा कहता हूँ, यह छात्र की प्रकृति पर निर्भर करता है। कुछ छात्रों को कोचिंग के माध्यम से बेहतर सीखने में मदद मिलती है, जबकि अन्य आत्म-अध्ययन में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं।

कोचिंग आपको मार्गदर्शन प्रदान करती है, लेकिन आत्म-अध्ययन आपको स्वतंत्र रूप से चीजों को समझने का अवसर देता है। मुझे पता है कि कई टॉपर्स ने आत्म-अध्ययन के माध्यम से सफलता प्राप्त की है।

  • कोचिंग में समय की पाबंदी होती है।
  • आत्म-अध्ययन में स्वतंत्रता होती है।
  • कोचिंग में विशेषज्ञता होती है।
  • आत्म-अध्ययन में आत्म-निर्भरता होती है।
  • कोचिंग से प्रेरणा मिलती है।
  • आत्म-अध्ययन से समय की बचत होती है।
विशेषज्ञ सुझाव: अपने अध्ययन विधि का चुनाव करते समय ध्यान रखें।

समय प्रबंधन और दैनिक अनुसूची

समय प्रबंधन CTET परीक्षा की तैयारी में महत्वपूर्ण है। मेरा सुझाव है कि आप अपनी दैनिक schedule को एक टेबल में व्यवस्थित करें ताकि आप अपने समय का सही प्रयोग कर सकें। मैंने देखा है कि जिन छात्रों ने दैनिक अनुसूची बनाई है, उन्हें लक्ष्य प्राप्त करने में आसान होता है।

आपको समय को इस प्रकार विभाजित करना चाहिए कि हर विषय को उचित ध्यान मिले। उदाहरण के लिए, गणित के लिए प्रतिदिन एक घंटा, विज्ञान के लिए आधा घंटा और सामान्य ज्ञान के लिए 30 मिनट सुनिश्चित करें।

अंतिम 30 दिनों की पुनरावलोकन रणनीति

परीक्षा से पहले के 30 दिन आपके लिए महत्वपूर्ण हैं। मुझे यह सुझाव देना है कि आप इन दिनों में महत्वपूर्ण विषयों का पुनरावलोकन करें। मैंने देखा है कि अंतिम समय में जब छात्र सही तरीके से पुनरावलोकन करते हैं, तो उनकी तैयारी में काफी सुधार होता है।

आपकी पुनरावलोकन योजना में सभी महत्वपूर्ण विषयों को शामिल करना चाहिए। मैं हमेशा कहता हूँ कि अंतिम समय की तैयारी से मत भागिए, बल्कि इसे एक अवसर के रूप में लें।

विशेषज्ञ सुझाव: आखिरी समय में तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान का अभ्यास करें।

Important Questions & Tips

परीक्षा के दिन चेकलिस्ट

CTET परीक्षा के दिन सही तैयारी करना आवश्यक है। आपको सुनिश्चित करना चाहिए कि आप सभी आवश्यक सामग्री जैसे कि परीक्षा पत्र, पेंसिल, पेन और अन्य सामग्री अपने साथ ले जाएँ। दिमाग को शांत रखने के लिए, मैं हमेशा सलाह देता हूँ कि आप अच्छे से सोएं और परीक्षा के दिन सुबह जल्दी उठें।

परीक्षा के दिन एक स्वस्थ नाश्ता करके अपने शरीर को ऊर्जा दें। चाय या कॉफी से बचें, क्योंकि ये आपकी तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित कर सकते हैं। में पूरे विश्वास के साथ परीक्षा में बैठने का सुझाव देता हूँ।

छात्रों की 10 सामान्य गलतियाँ

  • एक्सप्लानेशन के बिना उत्तर देना।
  • समय का सही प्रबंधन नहीं करना।
  • पुनरावलोकन के समय की अनदेखी करना।
  • गणितीय संक्रियाओं में गलतियाँ करना।
  • प्रश्न की गलत व्याख्या करना।
  • जटिल प्रश्नों पर अधिक समय लगाना।
  • निर्णायक उत्तर देने में अनिश्चितता।
  • नए विषयों के लिए समय नहीं देना।
  • अधिक आत्मविश्वास होना।
  • प्रश्न पत्र को अच्छे से पढ़ने की कमी।

बहुत से छात्र इन सामान्य गलतियों को करते हैं। मैंने देखा है कि यदि छात्र इनसे बचते हैं, तो उनके अंक में सुधार हो सकता है।

अंतिम 7 दिनों की संशोधन योजना

अंतिम 7 दिनों में आपको अपने सभी महत्वपूर्ण विषयों को कवर करना चाहिए। मेरा सुझाव है कि प्रत्येक दिन एक विशेष विषय पर ध्यान केंद्रित करें। आप इसे इस तरह योजना बना सकते हैं: पहले दिन गणित, दूसरे दिन शिक्षा के सिद्धांत, तीसरे दिन सामान्य ज्ञान आदि।

यह समय सही तरीके से उपयोग करने का है। मैंने देखा है कि जो छात्र इस तरह से योजना बनाते हैं, उनका प्रदर्शन बेहतर होता है।

छात्रों को हमेशा अपनी मानसिकता को सकारात्मक रखना चाहिए ताकि परीक्षा के दौरान तनाव कम हो।

अपेक्षित कट-ऑफ

पिछली CTET परीक्षा के अनुरूप, अपेक्षित कट-ऑफ 85-90 अंक के बीच रह सकती है। पिछले कुछ वर्षों में, छात्रों ने इस स्तर तक पहुँचने के लिए कठिनाई का सामना किया है। इसलिए, आपको इसे ध्यान में रखना चाहिए। मैंने देखा है कि जिन छात्रों ने सही तरीके से तैयारी की है, उन्होंने सफलता प्राप्त की है।

यदि आप इस कट-ऑफ को पार कर लेते हैं, तो आपके पास अच्छे करियर के अवसर मिल सकते हैं। इसलिए, आपकी तैयारी का स्तर उच्च होना चाहिए।

करियर स्कोप और प्रेरणा

CTET परीक्षा पास करने के बाद, आपके पास कई करियर अवसर होते हैं। आप सरकारी स्कूलों में शिक्षक बन सकते हैं, निजी स्कूलों में भर्ती हो सकते हैं, और ट्यूटर बन सकते हैं। मैंने अपने कई छात्रों को देखा है जिन्होंने CTET परीक्षा पास करके अपनी करियर की दिशा को बदल दिया है।

ध्यान रखें कि सफलता कोई रातोंरात नहीं मिलती, निरंतर मेहनत और आत्म-विश्वास से ही सफलता प्राप्त होती है। जो छात्र संकल्प के साथ आगे बढ़ते हैं, वे अंततः सफलता की सीढ़ी चढ़ते हैं।

🎯 Ready to Crack CTET PRIMARY?

Start with a free mock test — No credit card required

Start Free Mock Test — It's Free!

Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

संकेतात्मक तर्कशक्ति में विशेष से सामान्य निष्कर्ष पर पहुँचते हैं, जबकि व्यतेकात्मक तर्कशक्ति में सामान्य से विशेष निष्कर्ष पर पहुँचते हैं। उदाहरण के लिए, अगर सभी पक्षी उड़ सकते हैं (सामान्य ज्ञान) तो एक तोता उड़ सकता है (विशिष्ट निष्कर्ष)। यह प्रक्रिया तर्क के विभिन्न स्तरों को समझने में मदद करती है।

CTET परीक्षा में, तर्कशक्ति से संबंधित प्रश्न आमतौर पर 10-15 प्रतिशत होते हैं। पिछले वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर, मैंने देखा है कि हर बार 8-10 प्रश्न हाशिए में आते हैं, इसलिए इसे महत्वपूर्ण विषयों में शामिल करना चाहिए।

गणित में तर्कशक्ति के लिए 'CTET और स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट' (Arihant) और 'Mathematics for CTET' जैसी किताबें बेहद उपयोगी हैं। ये पुस्तकें अभ्यास प्रश्नों और स्पष्ट स्पष्टीकरण के साथ आती हैं, जो छात्रों की मदद करती हैं।

CTET परीक्षा के लिए तर्कशक्ति की तैयारी करते समय, नियमित अभ्यास करना महत्वपूर्ण है। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अध्ययन करें और समय प्रबंधन पर ध्यान दें। साथ ही, समूह अध्ययन से भी लाभ मिलता है क्योंकि इससे आप एक-दूसरे के साथ चर्चा कर सकते हैं।

CTET परीक्षा में तर्कशक्ति की कट-ऑफ आमतौर पर 85-90 अंक के बीच होती है। अगर आप तर्कशक्ति को अच्छी तरह से तैयार करते हैं, तो आपकी सफलता की संभावनाएँ अत्यधिक बढ़ जाती हैं। पिछले वर्षों में, मैंने देखा कि जिन छात्रों ने इस विषय पर ध्यान दिया, उन्होंने परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए हैं।

CTET PRIMARY Test Series

500+ Tests | PYQs | Detailed Solutions

Start Now