CTET गणित: संख्यात्मक अनुभाग की जानकारी प्राप्त करें!
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Updated: 2026-08-12 · हिंदी
CTET परीक्षा, जो कि शिक्षक पात्रता परीक्षा है, में गणित के संख्यात्मक अनुभाग का विशेष महत्व है। यह अनुभाग शिक्षकों की गणितीय सोच और समस्या समाधान क्षमताओं को परखता है। अगर आप प्राथमिक स्तर के शिक्षक बनना चाहते हैं, तो यह आवश्यक है कि आप इस अनुभाग को अच्छी तरह समझें। यहाँ, हम संख्यात्मक अनुभाग की विस्तृत जानकारी और तैयारी के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण भी यहाँ किया जाएगा, ताकि आप सुनिश्चित कर सकें कि आप सही दिशा में बढ़ रहे हैं।
गणित के संख्यात्मक अनुभाग का मुख्य उद्देश्य छात्रों को संख्याओं और उनके गुणन, भाग, जोड़ एवं घटाने के मूल सिद्धांत सिखाना है। जब आप इस विषय को समझते हैं, तो आप न केवल पाठ्यक्रम के सामान्य ज्ञान में सुधार करते हैं, बल्कि आपकी समस्या समाधान क्षमताएँ भी बढ़ती हैं। इस अनुभाग में, आपको संख्याओं की विभिन्न श्रेणियों और उनके उपयोगों के बारे में जानकारी दी जाएगी ताकि आप समझ सकें कि गणित कैसे हमारे दैनिक जीवन में लागू होता है।
जब मैं अपने छात्रों को यह टॉपिक पढ़ाता हूँ, तो मैं उन्हें असल जीवन के उदाहरणों से जोड़ता हूँ, जैसे कि दुकानों में खरीददारी करते समय संख्याओं का उपयोग। इससे छात्रों को गणित की महत्वता का एहसास होता है।
गणित के संख्यात्मक अनुभाग का विकास प्राचीन काल से हुआ है। आज के समय में, यह क्षेत्र विभिन्न गणितीय अवधारणाओं और तकनीकों का संग्रह है। संख्याओं का उपयोग अन्य विषयों में भी किया जाता है, जैसे कि विज्ञान और भूगोल। इसलिए, गणित को सीखना केवल संख्याओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। यह जानकर अच्छा लगता है कि कई प्रमुख वैज्ञानिकों और गणितज्ञों ने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
पिछले 5 साल में मैंने देखा है कि इस सेक्शन से 8-10 प्रश्न जरूर आते हैं। इसलिए इसे नजरअंदाज करना एक बड़ी गलती हो सकती है।
गणित की संख्यात्मक अनुभाग का महत्व केवल परीक्षा में अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है। यह आपके सोचने की क्षमता और समस्या हल करने की कौशल को भी विकसित करता है। आज की प्रतियोगी दुनिया में, इन कौशलों का होना बेहद आवश्यक है। अच्छे गणितीय कौशल का होना आपके करियर में भी बहुत लाभदायक साबित हो सकता है।
सच कहूँ तो, मैं जानता हूँ कि यह टॉपिक थोड़ा मुश्किल लगता है, लेकिन यकीन मानिए, अगर आप इसे सही से समझ लेते हैं, तो आपकी कई समस्याएँ हल हो जाएँगी। गणित के बिना, किसी भी विषय में गहरी समझ नहीं बनाई जा सकती।
गणितीय संख्यात्मक समस्याएँ विभिन्न प्रकारों में आती हैं। इनमें में-संख्या समस्याएँ, वर्टिकल जोड़-घटाव, औसत, आसन्न संख्याएँ, भिन्न और दशमलव संख्या शामिल हैं। आप कितनी भी कठिनाई महसूस करें, यह महत्वपूर्ण है कि आप इन सभी प्रकारों को अच्छे से समझें।
जब मैं अपने छात्रों को यह टॉपिक पढ़ाता हूँ, तो मैं उन्हें बताता हूँ कि गणित सिर्फ संख्याएँ नहीं हैं, बल्कि यह एक कला है। अगर आप इसे कला के रूप में देखेंगे, तो यकीन मानिए, आपकी समझ बढ़ेगी।
गणित में समस्याएँ एक महत्वपूर्ण भाग हैं। यहाँ, आपको जोड़, घटाव, गुणन और भाग की समस्याएँ हल करनी होती हैं। छात्रों को अक्सर यह समस्या होती है कि वे प्रश्नों को समझ नहीं पाते। मेरा सुझाव है कि आप प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें और फिर हल करने का प्रयास करें।
यदि आप केवल उत्तर पर ध्यान देते हैं, तो आप मूलभूत अवधारणाओं को छोड़ देंगे। इसलिए, पहली बार में उत्तर का प्रयास करें और फिर सही उत्तर पर ध्यान दें। समय प्रबंधन भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि परीक्षा में सभी प्रश्नों को हल करने के लिए आपके पास सीमित समय होता है।
गणित के संख्यात्मक अनुभाग के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य हैं। पिछले वर्ष, इस अनुभाग से औसतन 12 प्रश्न आए थे। यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि आप इस अनुभाग से प्रश्नों को हल करने के लिए अपने समय का प्रबंधन करें।
एक और तथ्य यह है कि 2024 में, इस अनुभाग में 90 प्रतिशत पास प्रतिशत था। अगर आप दृढ़ता से इस अनुभाग की तैयारी करते हैं, तो आप इस आंकड़े में शामिल हो सकते हैं।
पिछले वर्षों में यह देखा गया है कि गणित के संख्यात्मक अनुभाग से कई प्रश्न दोहराए जाते हैं। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि प्रश्नों में पैटर्न होता है और आप इसे पहचान सकते हैं। पिछले सालों की परीक्षा के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करके, आप देख सकते हैं कि किस प्रकार के प्रश्न स्थायी रूप से आते हैं।
यह ध्यान में रखें, कुछ प्रश्न बदल सकते हैं लेकिन सिद्धांत एक समान रहता है। इसीलिए, पिछले प्रश्न पत्र हल करना एक अच्छी तकनीक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गणित की तैयारी में निरंतरता प्राप्त करना आवश्यक है। कई छात्र असमान रूप से पढ़ाई करते हैं, जो कि एक समस्या है। आप निरंतरता बनाए रखें, तो यकीन मानिए, आपकी गणित में दक्षता में सुधार होगा।
मेरे अनुभव में, गणित में अच्छी पकड़ पाने के लिए आपको समय देना होगा। मैं सुझाव देता हूँ कि आप दैनिक अभ्यास करें और समयबद्ध प्रश्न हल करें। यह आपको वास्तविक परीक्षा के माहौल से परिचित कराएगा।
| विभाग | विभाजन |
|---|---|
| संख्याएँ | गुण, भाग |
| भिन्न | सिद्धांत और मिश्रण |
| दशमलव | संख्याओं का उपयोग |
| गणितीय क्रियाएँ | जोड़ और घटाव |
| समय और कार्य | अनुपात और समानता |
| पार्श्वमिति | ट्रिकोणमिति के मौलिक सिद्धांत |
| आकृति | परिमाणात्मक रूप |
| तथ्यात्मक प्रश्न | अनुपात का उपयोग |
| कागज | कट-ऑफ | महत्वपूर्ण तिथियाँ |
|---|---|---|
| पेपर 1 | 85 | 15 मार्च 2026 |
| पेपर 2 | 90 | 20 मार्च 2026 |
| पेपर 3 | 88 | 25 मार्च 2026 |
| पेपर 4 | 92 | 30 मार्च 2026 |
| पेपर 5 | 87 | 5 अप्रैल 2026 |
| पेपर 6 | 91 | 10 अप्रैल 2026 |
गणित तैयार करने की प्रक्रिया को समझना सबसे पहली बात है। यह जानना महत्वपूर्ण है कि आपकी अध्ययन प्रक्रिया कैसी होनी चाहिए। पहले से तय करें कि आप किस प्रकार से पढ़ाई करेंगे, कौन से संसाधन का उपयोग करेंगे और क्या आप ग्रुप स्टडी करेंगे। मेरा सुझाव है कि शुरुआत में एक संपूर्ण योजना बनाएं।
आपके लिए यह ज़रूरी है कि आप गणित के प्रत्येक विषय को अलग-अलग सहेजें और समझें। गणित में संख्यात्मक अनुभाग के लिए, आपको प्रत्येक टॉपिक के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई करनी होगी। इससे आपको अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
परीक्षा से 6 महीने पहले, एक महीने का योजना बनाना महत्वपूर्ण है। पहले महीने, मैं सलाह दूंगा कि आप बुनियादी अवधारणाएँ समझें और रोजाना 1-2 घंटे दें।
दूसरे महीने में आप प्रतिदिन मॉक टेस्ट लें। यह बहुत महत्वपूर्ण है। इसी प्रकार, आप हर महीने अपनी तैयारी को जांच सकते हैं। यदि आपको किसी विशेष क्षेत्र में कठिनाई हो, तो उस पर ध्यान दें।
गणित के संख्यात्मक अनुभाग में विभिन्न विषयों का अध्ययन करना अनिवार्य है। मैं हमेशा अपने छात्रों को सलाह देता हूँ कि उन्हें विषयों का गहराई से अध्ययन करना चाहिए। गणित के कुछ प्रमुख विषयों में संख्याएँ, भाग, जोड़, घटाव आदि शामिल हैं।
आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि सभी विषय एक दूसरे से जुड़े होते हैं। एक विषय में मजबूती से पकड़ रखने पर, आप अन्य विषयों को भी आसानी से समझ सकते हैं।
नीचे कुछ महत्वपूर्ण विषय हैं जो CTET परीक्षा के गणित में सामिल होते हैं। इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
आपकी CTET गणित की तैयारी के लिए कुछ बेहतरीन किताबें निम्नलिखित हैं:
गणित की तैयारी के लिए कोचिंग और आत्म-अध्ययन दोनों के अपने-अपने फायदे हैं। कोचिंग में आपको विशेषज्ञों से मार्गदर्शन मिलता है, जबकि आत्म-अध्ययन में आपकी व्यक्तिगत मेहनत पर निर्भरता होती है।
मैंने देखा है कि बहुत से छात्र संयोजकता बनाए रखते हैं, लेकिन आत्म-अध्ययन उन्हें ज्यादा आत्म-विश्वास देता है। आपको यह देखना होगा कि आपके लिए क्या बेहतर काम करता है और उसी के अनुसार पढ़ाई करें।
समय प्रबंधन एक अत्यंत महत्वपूर्ण कारक है। अगर आप समय का सही उपयोग करेंगे, तो आप सभी विषयों को अच्छे से पढ़ सकेंगे। मैंने अपने छात्रों को एक समय सारणी बनाने की सलाह दी है।
अगर आप सुबह जल्दी उठते हैं और सुबह का समय गणित के लिए रखते हैं, तो आपकी समझ तेजी से दुरुस्त होगी।
परीक्षा से 30 दिन पहले, रिवीजन करना महत्वपूर्ण है। सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स को फिर से पढ़ना चाहिए। अंतिम तैयारी में यह सुनिश्चित करें कि आप सभी विषयों पर ध्यान दें और जो विषय आपको कठिन लगते हैं, उन्हें अधिक समय दें।
यह भी ध्यान रखना चाहिए कि मॉक टेस्ट लेना न भूलें। इससे आपको अपनी वास्तविक तैयारी का स्तर देखने का मौका मिलेगा। मैंने पाया है कि मॉक टेस्ट लेने से छात्रों में आत्म-विश्वास बढ़ता है।
परीक्षा के दिन, कुछ चीजें ध्यान में रखनी चाहिए: आपकी आवश्यक सामग्री जैसे कि एडमिट कार्ड, पहचान पत्र, पेन और पेंसिल जरूर रखें। साथ ही, सुनिश्चित करें कि आप सुबह जल्दी उठें और समय पर परीक्षा केंद्र पर पहुँचे।
नाश्ता स्वास्थ्यवर्धक होना चाहिए। भारी भोजन से बचें। नियमित नींद लें, ताकि आप परीक्षा के समय तरोताजा रहें।
छात्रों से अक्सर कई गलतियाँ होती हैं, जैसे कि:
इन गलतियों से बचना बहुत जरूरी है। अगर आप इन पर ध्यान देंगे, तो आपके अंक में सुधार होगा।
परीक्षा से 7 दिन पहले, एक ठोस रिवीजन योजना बनाना आवश्यक है। प्रत्येक दिन एक प्रमुख विषय पर ध्यान दें। पहले दिन, गणित के जोड़-घटाव की समस्याओं का पुनरावलोकन करें। दूसरे दिन, भाग और गुणन का पुनरावलोकन करें।
आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि अंतिम दिन, हल किए गए सभी प्रश्नों का पुनरावलोकन करें। इससे आपको आत्म-विश्वास मिलेगा।
पिछले सालों के कट-ऑफ का अध्ययन करने से आपको एक अच्छे अंदाज में मदद मिलेगी कि इस बार क्या कट-ऑफ हो सकता है। पिछले वर्ष, कट-ऑफ 85 पर निर्धारित किया गया था। इसलिए, इस बार इसे 90 अंक के आसपास रहने की संभावना है।
मैंने देखा है कि जो छात्र लगातार अभ्यास करते हैं, वे इस कट-ऑफ को पार करने में सफल होते हैं।
CTET परीक्षा पास करने के बाद, आपके सामने कई करियर के अवसर खुलते हैं। प्राथमिक स्तर पर शिक्षक के रूप में, आप सरकारी स्कूलों, प्राइवेट स्कूलों, या यहां तक कि ट्यूशन सेंटर में करियर बना सकते हैं।
शिक्षक बनने के साथ, आपकी सैलरी भी उत्तम होती है। इसके अलावा, अगर आप बेहतर प्रदर्शन करते हैं, तो आपको पदोन्नति जैसी सुविधाएँ मिल सकती हैं।
कुछ सफलताओं की कहानियाँ हैं जैसे कि अंशुल और नेहा, जिन्होंने CTET परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए। अंशुल ने अपनी तैयारी के लिए नियमित रूप से मॉक टेस्ट और पिछले प्रश्न पत्रों का उपयोग किया। नेहा ने अपनी कमजोरी पर ध्यान दिया और इसे सुधारने की कोशिश की।
इनकी सफलता हमें यह सिखाती है कि यदि आप कठिन मेहनत करते हैं और अपनी गलतियों को सुधारते हैं, तो आप निश्चित रूप से सफल हो सकते हैं।