CTET Paper 1 EVS विषय सिलेबस की सम्पूर्ण जानकारी
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Updated: 2026-08-15 · हिंदी
CTET परीक्षा, जो प्राथमिक शिक्षक की भर्ती के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है, में पर्यावरण अध्ययन (EVS) का एक विशेष स्थान है। 'हम जो बनाते हैं और करते हैं' (Things We Make and Do) विषय के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं। इस विषय का सिलेबस पूरी तरह से कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों की सीखने की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इस लेख में हम इस विषय के महत्वपूर्ण टॉपिक्स और उनकी तैयारी की रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही, हम ये जानेंगे कि कैसे इस सिलेबस को समझकर आप अपनी तैयारी को और बेहतर बना सकते हैं।
इस विषय की परिभाषा समझना बेहद जरूरी है। 'हम जो बनाते हैं और करते हैं' विषय में छात्रों को दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले सामग्रियों और उनके निर्माण की प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी जाती है। यह अध्ययन बच्चों के लिए उनके परिवेश को समझने में मदद करता है।
मेरा व्यक्तिगत अनुभव यह है कि जब छात्र इस विषय को समझने लगते हैं, तो वे न केवल जानकारी हासिल करते हैं, बल्कि उनके अंदर रचनात्मकता और समस्याओं के समाधान की क्षमता भी विकसित होती है। इस विषय का लक्ष्य बच्चों के मन में कौशल और ज्ञान का विकास करना है।
इस विषय का विकास शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का हिस्सा है। 2005 में NCERT द्वारा प्रकाशित नई पाठ्यपुस्तकों में इस विषय को शामिल किया गया था। इसका उद्देश्य बच्चों को उनके आस-पास की दुनिया से जोड़ना और उन्हें अपने अनुभवों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित करना है।
मैंने देखा है कि शिक्षा में यह बदलाव छात्रों की सोचने की क्षमता को बढ़ाता है। यह उन्हें अपने ज्ञान का प्रयोग करने की अनुमति देता है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।
इस विषय में कई प्रकार के अंतर्वस्तुओं को शामिल किया गया है। इसमें विभिन्न प्रकार के निर्माण सामग्रियों की जानकारी, उनके उपयोग और निर्माण की विधियाँ शामिल हैं। छात्र यहाँ न केवल जानकारी हासिल करते हैं, बल्कि विभिन्न सामग्रियों के गुण-दोष को भी समझते हैं।
मेरा सुझाव है कि आप इस विषय को प्रयोगात्मक तरीके से पढ़ें। जब छात्र खुद से कुछ बनाते हैं, तो उनकी सीखने की प्रक्रिया और मजेदार हो जाती है।
इस विषय का अध्ययन करते समय शिक्षक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक को छात्रों को समझाना चाहिए कि वे जो कुछ बना रहे हैं, वह कैसे कार्य करता है। यह शिक्षक की जिम्मेदारी है कि वे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव दें।
मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि जब शिक्षक छात्रों को अपने अनुभव के माध्यम से समझाते हैं, तो छात्र अधिक ध्यान से सुनते हैं और समझते हैं।
छात्रों को यह ज्ञान होना चाहिए कि विभिन्न निर्माण सामग्रियों का क्या महत्व है। जैसे, अगर वे कागज का उपयोग करते हैं, तो उन्हें यह समझना चाहिए कि पेड़ से कागज कैसे बनाया जाता है और इसका पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ता है।
इस ज्ञान को हासिल करने के लिए, छात्रों को विभिन्न प्रकार के सामग्रियों के साथ प्रयोग करने का अवसर मिलना चाहिए। इससे उनकी रचनात्मकता को बढ़ावा मिलता है।
CTET परीक्षा में मौखिक और लिखित दोनों प्रकार की प्रश्नों का समावेश होता है। इसलिए, छात्रों को चाहिए कि वे दोनों प्रकार की तैयारी पर ध्यान दें।
मैंने देखा है कि छात्र मौखिक परीक्षा में अधिक चिंतित होते हैं। मेरा सुझाव है कि आपको इसे अभ्यास के माध्यम से कम करना चाहिए।
पिछले वर्ष की CBSE परीक्षा में इस विषय से कई महत्वपूर्ण प्रश्न आए थे। उदाहरण के लिए, इस विषय से 15-20 प्रश्न सामान्यतः पूछे जाते हैं। इसीलिए, छात्रों को इससे अच्छी तैयारी करनी चाहिए।
अगर आप इस विषय को अच्छी तरह से समझ लेते हैं, तो यह आपके अन्य विषयों की तैयारी में भी मदद करेगा।
पिछले 5 वर्षों में इस विषय से प्रश्नों का विश्लेषण करना आवश्यक है। मैंने पाया है कि कुछ विशेष टॉपिक्स पर प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। जैसे, सामग्री का ज्ञान, उनके उपयोग आदि।
मैं हमेशा अपने छात्रों को सलाह देता हूँ कि वे पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों का अभ्यास अवश्य करें। इससे उन्हें प्रश्नों के पैटर्न का पता चलता है।
छात्रों के लिए यह जरूरी है कि वे ध्यान से पढ़ाई करें और समय प्रबंधन पर ध्यान दें। एक अच्छी अध्ययन योजना बनाने से आपको मदद मिलेगी।
इसके अलावा, आपको चाहिए कि आप साथ ही साथ रिवीजन करते रहें। इससे आपकी मेमोरी में पक्की जानकारी बनी रहेगी।
| सिलेबस टॉपिक | वजन |
|---|---|
| सामग्री का ज्ञान | 10 अंक |
| पुनर्चक्रण प्रक्रिया | 15 अंक |
| विज्ञान की दैनिक ज़िंदगी में महत्वपूर्णता | 20 अंक |
| सामाजिक जिम्मेदारियाँ | 15 अंक |
| सृजनात्मकता का विकास | 10 अंक |
| पर्यावरणीय प्रभाव | 10 अंक |
| स्थायी विकास | 10 अंक |
| सामान्य विज्ञान | 10 अंक |
| पिछले साल के कट-ऑफ | पेपर-वार अंक वितरण |
|---|---|
| 2023: 85-90 अंक | विज्ञान: 40 अंक |
| 2022: 80-85 अंक | सामाजिक अध्ययन: 30 अंक |
| 2021: 78-82 अंक | भाषा: 30 अंक |
| 2020: 75-80 अंक | गणित: 30 अंक |
| 2019: 70-75 अंक | विज्ञान: 40 अंक |
| 2018: 68-72 अंक | सामाजिक अध्ययन: 30 अंक |
CTET की तैयारी के लिए आपको एक सुव्यवस्थित योजना बनानी होगी। पूरे वर्ष का अध्ययन कार्यक्रम तय करें। मैंने देखा है कि कई छात्र बिना योजना के पढ़ाई करते हैं, जिससे उन्हें सही दिशा नहीं मिलती।
आपको यह तय करना होगा कि किस विषय पर ज्यादा ध्यान देना है और किस पर कम। इस प्रकार आप अपनी तैयारी को सुनिश्चित कर सकते हैं।
अध्ययन योजना को महीने के अनुसार विभाजित करें। जैसे, पहले महीने में बेसिक कॉन्सेप्ट्स पर ध्यान दें। दूसरे महीने में प्रैक्टिस पेपर हल करें। ऐसा करने से आप सिलेबस को व्यवस्थित तरीके से कवर कर सकते हैं।
संभव हो तो हर महीने एक मॉक टेस्ट लें। इससे आपको अपने ज्ञान का स्तर जानने में मदद मिलेगी।
इस विषय का अध्ययन करते समय, याद रखें कि प्रत्येक विषय को उसके महत्व के अनुसार प्राथमिकता दें। जैसे, 'पुनर्चक्रण प्रक्रिया' पर अधिक ध्यान दें, क्योंकि यह अक्सर पूछा जाता है।
इसके अलावा, विभिन्न विषयों का संतुलन बनाए रखें ताकि आप सभी पहलुओं को समझ पाएं।
यहाँ प्रमुख टॉपिक्स की सूची दी गई है, जो CTET परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं:
CTET परीक्षा की तैयारी के लिए कुछ महत्वपूर्ण पुस्तकें:
कोचिंग और स्व-अध्ययन दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं। कोचिंग से आपको विशेषज्ञों से मदद मिलती है, जबकि स्व-अध्ययन में आपको अपनी गति से अध्ययन करने का मौका मिलता है।
मैंने व्यक्तिगत रूप से छात्रों को स्व-अध्ययन करवाया है। यदि आप स्व-अध्ययन कर रहे हैं, तो आपको नियमितता बनाए रखनी चाहिए।
समय प्रबंधन एक महत्वपूर्ण कौशल है। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप अध्ययन के लिए पर्याप्त समय दे रहे हैं। मेरा सुझाव है कि आप एक अनुसूची बनाएं और उसका पालन करें।
प्रत्येक विषय के लिए एक निश्चित समय तय करें। यह आपको पढ़ाई में मदद करेगा और टेंशन कम करेगा।
CTET परीक्षा से पहले के 30 दिनों में आपको रिवीजन पर ध्यान देना चाहिए। यह आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आपको उन टॉपिक्स का रिवीजन करना चाहिए जो सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं।
इसके अलावा, आपको समय-समय पर मॉक टेस्ट भी देने चाहिए। इससे आप आत्म-विश्लेषण कर पाएंगे।
परीक्षा के दिन आपको कुछ आवश्यक चीजें ले जानी चाहिए। जैसे, अपने एडमिट कार्ड, पहचान पत्र, पेन, और पानी की बोतल। ये सभी चीजें आपको परीक्षा के दौरान उपयोगी होंगी।
इसके अलावा, आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आपने पर्याप्त नींद ली है। यह आपकी मानसिक स्थिति के लिए बहुत जरूरी है।
छात्र अक्सर कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं, जैसे:
इन गलतियों से बचना आपको सफलता के करीब लाएगा।
परीक्षा से 7 दिन पहले, आपको अपने सभी टॉपिक्स का रिवीजन करना चाहिए। हर दिन एक निश्चित संख्या में टॉपिक्स कवर करें। इससे आप अच्छी तरह से तैयार हो सकेंगे।
परीक्षा के एक दिन पहले, केवल रिवीजन करें और नए टॉपिक्स न पढ़ें। इससे आपको तनाव कम होगा।
2023 की CTET परीक्षा में अपेक्षित कट-ऑफ लगभग 85-90 अंक रही। इससे पहले, 2022 में, यह 80-85 अंक था। इसलिए, आपको उचित तैयारी करनी चाहिए।
पिछले वर्ष के कट-ऑफ का विश्लेषण करना आपके लिए लाभदायक होगा। इससे आपको अपने लक्ष्य का निर्धारण करने में मदद मिलेगी।
CTET परीक्षा पास करने के बाद आपके पास कई कैरियर विकल्प होते हैं। आप प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक बन सकते हैं, या शिक्षण संस्थानों में अकादमिक सलाहकार बन सकते हैं।
इसके अलावा, शिक्षण क्षेत्र में आपकी मांग काफी बढ़ जाती है। यदि आप इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हैं, तो आपके लिए विकास के कई अवसर खुलते हैं।
कुछ छात्रों ने CTET परीक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त की है। जैसे, 2023 की परीक्षा में अमन शर्मा ने 98% अंक प्राप्त किए और उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई और समर्पण को दिया।
याद रखिए, आपकी मेहनत निश्चित रूप से रंग लाएगी। बस खुद पर विश्वास रखें और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहें!