CTET और REET पात्रता की तुलना, अब जानें!
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Updated: 2026-08-13 · हिंदी
CTET (Central Teacher Eligibility Test) और REET (Rajasthan Eligibility Examination for Teachers) दोनों ही शिक्षकों की चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राजस्थान के छात्रों के लिए इन दोनों परीक्षाओं की पात्रता मानदंड को समझना बहुत जरूरी है। यहाँ हम CTET और REET के बीच में पात्रता को विस्तार से समझाने का प्रयास करेंगे। आइए इन परीक्षाओं के पात्रता मानदंडों की तुलना करें और यह जानें कि कौन सी परीक्षा आपके लिए अधिक उपयुक्त है।
CTET एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है जिसका आयोजन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा किया जाता है। यह परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए है जो प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षक बनने के इच्छुक हैं। CTET का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षक एक समान मानकों के अनुसार छात्रों को पढ़ाएं। महत्वपूर्ण यह है कि CTET उत्तीर्ण करना एक आवश्यक शर्त है यदि आप किसी भी केंद्रीय विद्यालय (KVS) या अन्य केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षक बनना चाहते हैं।
CTET की परीक्षा हर साल दो बार आयोजित की जाती है। परीक्षा में पेपर 1 और पेपर 2 होता है। यदि आप कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाना चाहते हैं, तो आपको पेपर 1 देना होगा, और यदि आप कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाना चाहते हैं, तो पेपर 2 देना होगा।
REET एक राज्य स्तर की परीक्षा है जिसे राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित किया जाता है। इस परीक्षा का उद्देश्य राजस्थान में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षकों की भर्ती करना है। REET 2021 से पहले, शिक्षक भर्ती के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित की जाती थी, लेकिन REET के कार्यान्वयन के बाद यह परीक्षा बहाल हुई। REET परीक्षा के लिए आयु सीमा, शैक्षिक योग्यता और अन्य मानदंड राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किए जाते हैं।
REET परीक्षा में भी दो स्तर होते हैं – स्तर 1 (कक्षा 1 से 5) और स्तर 2 (कक्षा 6 से 8)। यह परीक्षा हर साल होती है और इसके माध्यम से शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया में तेजी लाई जाती है।
CTET और REET के लिए पात्रता मानदंड में कुछ मुख्य अंतर हैं। CTET परीक्षा के लिए उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बीएड या समकक्ष डिग्री प्राप्त करनी चाहिए। वहीं, REET के लिए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की गई शैक्षणिक योग्यता जैसे कि D.El.Ed या B.Ed होनी चाहिए।
CTET की पात्रता के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है, लेकिन REET के लिए यह 28 वर्ष है। इससे स्पष्ट है कि CTET पूरी तरह से राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है जबकि REET एक राज्य स्तर की परीक्षा है।
CTET और REET दोनों ही परीक्षा शिक्षकों की योग्यता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। CTET को पार करना अनिवार्य है यदि आप किसी केंद्रीय विद्यालय में शिक्षक बनना चाहते हैं, जबकि REET राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए आवश्यक है। इन परीक्षा परिणामों के बिना, शिक्षकों की नियुक्ति संभव नहीं होती है।
इसलिए, CTET और REET को समझना और उन पर विचार करना बहुत महत्वपूर्ण है यदि आप एक सफल शिक्षक बनने की सोच रहे हैं।
मैंने अपने छात्रों को यह समझाया है कि जो भी परीक्षा वे चुनते हैं, उन्हें पूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहिए और अपनी तैयारी को उसी अनुसार दिशा देनी चाहिए।
CTET और REET दोनों में सीटों की संख्या ठीक से निर्धारित नहीं की गई है। यह हर साल परीक्षा के अनुसार बदलती रहती है। CTET में केंद्रीय विद्यालय और अन्य सरकारी विद्यालयों के लिए सीटों की संख्या अलग होती है, जबकि REET में राज्य के सभी सरकारी स्कूलों के लिए सीटों की संख्या निर्धारित होती है।
चयन प्रक्रिया में शामिल मुख्य बिंदु लिखित परीक्षा, मेरिट लिस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होते हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि CTET की परीक्षा के लिए जो उम्मीदवार सफल होते हैं, उन्हें केवल एक प्रमाण पत्र मिलता है, जबकि REET में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में सीधे तौर पर जोड़ दिया जाता है।
CTET और REET दोनों के सिलेबस में कुछ समानताएं हैं, जैसे कि बाल विकास, शिक्षण विधियां, और भाषा। हालाँकि, में दोनों के सिलेबस में कुछ अंतरों भी हैं। CTET में गणित और विज्ञान पर अधिक जोर दिया जाता है, जबकि REET में स्थानीय पाठ्यक्रम और राज्य की शिक्षा प्रणाली पर ध्यान दिया जाता है।
इसलिए, यदि आप किसी विशेष परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो उसके सिलेबस को अच्छी तरह से समझना आवश्यक है। मैंने अनुभव किया है कि छात्र अक्सर सिलेबस को नजरअंदाज करते हैं, जो कि एक बड़ा नुकसान है।
CTET और REET दोनों परीक्षा का उद्देश्य योग्य और सक्षम शिक्षकों की भर्ती करना है।दोनों परीक्षाओं में अद्वितीय मानदंड हैं, जिन्हें समझना आवश्यक है। याद रखें कि सही मार्गदर्शन और तैयारी से आप इन परीक्षाओं में सफल हो सकते हैं। अंतिम तिथियों के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण जानकारी पर ध्यान देना न भूलें।
तो दोस्तों, अब जब आपने CTET और REET दोनों के पात्रता मानदंडों को अच्छे से समझ लिया है, तो अपनी तैयारी शुरू करें और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें। हमेशा याद रखें, मेहनत की कोई कमी नहीं होनी चाहिए!
Graduation + B.Ed / D.El.Ed
18 – 35 Years (Relaxation applicable)
Indian Citizen
| परीक्षा | पात्रता मानदंड |
|---|---|
| CTET | B.Ed या समकक्ष डिग्री |
| REET | D.El.Ed या B.Ed |
| CTET | कोई आयु सीमा नहीं |
| REET | 28 वर्ष तक |
| CTET | राष्ट्रीय परीक्षा |
| REET | राज्य स्तर की परीक्षा |
| CTET | प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर |
| REET | प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर |
CTET और REET की तैयारी के लिए एक ठोस रणनीति का होना आवश्यक है। पहले, आपको अपने अध्ययन को व्यवस्थित करना चाहिए। यह महत्वपूर्ण है कि आप प्रत्येक विषय के लिए समय आवंटित करें। मैंने अपने छात्रों को यह सलाह देते हुए देखा है कि एक टाइम टेबल बनाना और उस पर अनुसरण करना आवश्यक है। इसके अलावा, आपको अपनी ताकत और कमज़ोरियों का मूल्यांकन करना चाहिए।
एक अच्छी तैयारी के लिए आपको एक दिन में न्यूनतम 5-6 घंटे पढ़ाई करनी चाहिए। इससे आपको सभी विषयों को उचित समय मिलेगा। मैं यह भी सुझाव देता हूँ कि आप एक सप्ताह में एक बार अपने अध्ययन के प्रगति की समीक्षा करें। यह आपको फिर से ट्रैक पर रखने में मदद करेगा।
आपकी तैयारी के लिए यह महत्वपूर्ण है कि आप एक महीने की अध्ययन योजना बनाएं। पहले महीने में, आपको पाठ्यक्रम को समझने पर ध्यान देना चाहिए। इसके बाद, दूसरे महीने में, पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र हल करें और उनके उत्तरों का विश्लेषण करें। यह प्रक्रिया आपको अपनी खामियों को पहचानने में मदद करेगा।
तीसरे महीने, आपको अपनी तैयारी का स्तर बढ़ाने की आवश्यकता होगी। आप अध्ययन सामग्री जैसे कि किताबें और ऑनलाइन संसाधनों का सहारा ले सकते हैं। मैंने देखा है कि इस तरह के संसाधनों का उपयोग करने से छात्रों को अधिक जानकारी मिलती है।
CTET और REET के लिए विषयों का सही ब्रेकडाउन जानना महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए, बाल विकास, शिक्षण विधियां और भाषा पर 30 से 40 अंक तक का वजन हो सकता है। गणित और विज्ञान पर भी आपको ध्यान देना चाहिए। यह जानकर आपको अपने अध्ययन को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
कई बार छात्र विषयों के वजन को समझने में गलती कर देते हैं और इससे उनकी तैयारी प्रभावित होती है। इसलिए, विषयों का सही अध्ययन करना बहुत महत्वपूर्ण है।
आपकी तैयारी के दौरान कुछ महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान देना आवश्यक है। ये विषय आपको परीक्षा में अधिक अंक प्राप्त करने में मदद करेंगे। उदाहरण जैसे:
CTET और REET के लिए निम्नलिखित किताबें आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं। मैंने अपने कई छात्रों को इन किताबों की सिफारिश की है:
CTET और REET के लिए कोचिंग और आत्म-अध्ययन दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं। अगर आप कोचिंग लेते हैं, तो आपको मार्गदर्शन मिलता है, लेकिन आपको अधिक खर्च करना पड़ सकता है। वहीं आत्म-अध्ययन करने पर आपको स्वतंत्रता होती है, लेकिन इसकी चुनौती होती है।
इसलिए, आपको इस पर विचार करना चाहिए कि आपको क्या बेहतर लगता है। मैंने देखा है कि ज्यादातर छात्र अपने व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर निर्णय लेते हैं।
CTET और REET की तैयारी के दौरान समय प्रबंधन बहुत महत्वपूर्ण है। एक अच्छी दैनिक अनुसूची की योजना बनाना आवश्यक है, जिसमें पढ़ाई के साथ-साथ आराम करने का समय भी शामिल हो।
मैं अपने छात्रों को सलाह देता हूँ कि वे अध्ययन के साथ-साथ शारीरिक गतिविधियों में भी भाग लें। इससे आपका मन हल्का रहेगा और आप बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
अंतिम 30 दिनों में, आपको अपनी तैयारी का पूरा मूल्यांकन करना चाहिए। पॉइंट्स पर ध्यान दें जो आपके लिए कमजोर हैं। मैंने देखा है कि कई छात्र अंतिम समय पर तनाव में आ जाते हैं। इसलिए, आपको अपने अंतिम दिनों में भी व्यवस्थित रहना चाहिए।
अंत में, ठीक से रिवीजन करना हमेशा लाभकारी होता है। सभी मुख्य बिंदुओं को एक बार फिर से पढ़ें। यह सुनिश्चित करें कि आपने सब कुछ कवर किया है।
परीक्षा के दिन सफलता सुनिश्चित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण वस्तुओं को लेकर चलना जरूरी है। सबसे पहले, अपने एडमिट कार्ड और पहचान पत्र को साथ रखना न भूलें। इसके अलावा, एक पानी की बोतल और कुछ हल्का नाश्ता ले जाना भी अच्छा रहेगा। मैंने अपने छात्रों को हमेशा यही सलाह दी है कि परीक्षा के दिन आरामदायक कपड़े पहनें ताकि वे पूरे दिन आरामदायक महसूस कर सकें।
इसके अलावा, परीक्षा से एक दिन पहले अच्छी नींद लेना भी जरूरी है। इससे आपकी मानसिक स्थिति दुरुस्त रहेगी और आप अपने आप पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे।
इन गलतियों से बचना सुनिश्चित करें। मैंने कई बार देखा है कि छात्र इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देते और परीक्षा में संघर्ष करते हैं।
अंतिम 7 दिनों में आपको अपनी रणनीति को संशोधित करना है। पहले तीन दिनों में, मुख्य अवधारणाओं पर ध्यान दें। चौथे दिन, पिछले प्रश्न पत्रों का हल करें। पांचवे और छठे दिन, कठिन विषयों का पुनरावलोकन करें। अंतिम दिन, केवल आसान बिंदुओं पर ध्यान दें।
इस प्रकार से आप अपने अध्ययन को सुव्यवस्थित कर सकते हैं। मैंने देखा है कि इस तरह की योजना से छात्रों को बहुत लाभ होता है।
CTET और REET की कट-ऑफ हर साल बदलती रहती है, इसके पीछे कई कारक होते हैं। उदाहरण के लिए, 2021 में REET की कट-ऑफ 85 थी, जबकि 2020 में यह 80 थी। इसी प्रकार, CTET के लिए 2021 में कट-ऑफ 90 थी। यह महत्वपूर्ण है कि आप पिछले वर्ष के रुझान जानें ताकि आप अपनी तैयारी को संतुलित कर सकें।
अगर आप इन आंकड़ों को देखते हैं, तो आपको एक स्पष्ट दिशा मिलती है। इसलिए, प्रत्येक वर्ष के परिणामों का विश्लेषण करना आवश्यक है।
CTET और REET को पास करने के बाद, आपके करियर के लिए कई अवसर खुलते हैं। CTET पास करने पर आप केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ा सकते हैं, जबकि REET में सफल होने पर आप राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ा सकते हैं।
सामान्यतः, सरकारी विद्यालयों में वेतनमान अधिक होता है और इसमें पदोन्नति की भी अच्छी संभावनाएं होती हैं। मैंने अपने छात्रों को बताया है कि अगर वे अच्छी तैयारी करते हैं, तो उन्हें लंबी अवधि तक नौकरी मिल सकती है।
मैंने कई छात्रों को देखा है जो CTET और REET पास करने में सफल रहे हैं। उनमें से एक छात्र, प्रियंका, ने बताया कि उसने नियमित रिवीजन और पिछले प्रश्न पत्रों के हल करने से सफलता प्राप्त की। वहीं, एक और छात्र, रोहित, ने कहा कि उसने स्वयं अध्ययन पर ध्यान केंद्रित किया और समय प्रबंधन के द्वारा सफलता हासिल की।