CTET Primary Cut Off जानिए KVS और DSSSB के लिए | Prepare to Succeed
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Updated: 2026-08-12 · हिंदी
CTET (Central Teacher Eligibility Test) की प्राथमिक परीक्षा हर साल लाखों उम्मीदवारों द्वारा दी जाती है। यह परीक्षा उन शिक्षकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो KVS (Kendriya Vidyalaya Sangathan) और DSSSB (Delhi Subordinate Services Selection Board) में प्राथमिक शिक्षकों के पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं। यह जानना जरूरी है कि CTET की कट ऑफ मार्क्स क्या हैं, क्योंकि ये विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में चयन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस लेख में हम CTET Primary Cut Off के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे, जैसे कि पिछले वर्षों की कट ऑफ, परीक्षा पैटर्न, और कैसे आप इन व्यवस्थाओं की तैयारी कर सकते हैं।
CTET Cut Off वह न्यूनतम अंक हैं जो उम्मीदवार को परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए प्राप्त करने होते हैं। ये अंक प्रत्येक वर्ष परीक्षा में विभिन्न कारकों, जैसे कठिनाई स्तर, उपस्थित छात्रों की संख्या, और पिछले वर्षों के परिणामों पर निर्भर करते हैं। पिछले वर्षों में, CTET की कट ऑफ विभिन्न श्रेणियों के लिए भिन्न होती है, जैसे सामान्य, ओबीसी, एससी, और एसटी।
परीक्षा में सफल होने के लिए CTET की कट ऑफ जानना बेहद जरूरी है। यही नहीं, यह KVS और DSSSB जैसी परीक्षाओं में चयन के लिए भी आवश्यक है। अगर आप पिछले वर्षों के कट ऑफ को देखेंगे, तो आपको पता चलेगा कि यह समय के साथ कैसे बदलता है। मुझे याद है, जब मैंने अपने छात्रों को CTET की तैयारी करवाई थी, तो उनकी कट ऑफ से जुड़ी चिंताएं अक्सर रहती थीं। इसलिए मैं उन्हें इस महत्व को समझाने की कोशिश करता था।
KVS और DSSSB में प्राथमिक शिक्षक पदों के लिए CTET की कट ऑफ हर साल भिन्न होती है। KVS में, सामान्य श्रेणी के लिए कट ऑफ लगभग 90-95 अंक के आसपास होती है, जबकि अन्य श्रेणियों के लिए यह थोड़ कम हो सकती है। DSSSB में भी लगभग यही स्थिति है। इसका मतलब है कि उम्मीदवारों को अपनी तैयारी को इस दृष्टिकोण से करना चाहिए कि वे कट ऑफ से कहीं अधिक अंक प्राप्त करें।
जब मैं अपने विद्यार्थियों को समझाता हूँ, तो मैं उन्हें बताता हूँ कि सिर्फ कट ऑफ पार करना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें अपने लक्ष्य को लेकर और अधिक मेहनत करनी चाहिए। उदाहरण के लिए, पिछले वर्ष के DSSSB में मैंनें देखा था कि अधिकांश सफल उम्मीदवारों ने 110 से 120 अंक के बीच अंक प्राप्त किए थे। यह सफलता के लिए एक अच्छी रणनीति है।
CTET परीक्षा दो पेपरों में आयोजित की जाती है: पेपर-I और पेपर-II। पेपर-I (प्रारंभिक स्तर) उन उम्मीदवारों के लिए है जो कक्षा I से V तक पढ़ाना चाहते हैं, जबकि पेपर-II (उच्च स्तर) कक्षा VI से VIII तक पढ़ाने के लिए है। प्रत्येक पेपर में 150 बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं, और प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है।
परीक्षा की तैयारी करते समय, छात्रों को यह समझना चाहिए कि विभिन्न विषयों के प्रश्नों की संख्या अलग-अलग होती है। उदाहरण के लिए, बच्चे के विकास, शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया, गणित और सामाजिक अध्ययन के विषयों पर प्रश्न होते हैं। मैंने देखा है कि छात्र अक्सर गणित में कमजोर होते हैं, इसलिए मैं उन्हें सलाह देता हूँ कि वे गणित के सवालों पर विशेष ध्यान दें।
CTET कट ऑफ का महत्व यह है कि यह आपको KVS और DSSSB जैसी परीक्षाओं में पात्रता के लिए मार्गदर्शन करती है। यदि आप कट ऑफ अंक प्राप्त नहीं करते हैं, तो आप अगले चरण के लिए आगे नहीं बढ़ सकते। इसलिए, यह आवश्यक है कि आप अपनी तैयारी को इस स्तर तक पहुँचाएं कि आप न केवल कट ऑफ पार करें, बल्कि अधिक से अधिक अंक प्राप्त करें।
CTET की कट ऑफ को जानने से आप अपने लक्ष्य को बेहतर तरीके से निर्धारित कर सकते हैं। कट ऑफ से कम अंक प्राप्त करने पर, आपको अपनी तैयारी में सुधार करने की आवश्यकता होती है। यदि आप पहले से ही कट ऑफ के आसपास हैं और फिर भी आपको सफलता नहीं मिलती, तो आपको अपनी रणनीति को पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
पिछले वर्षों की CTET कट ऑफ ने छात्रों को तैयारी के लिए दिशा दिखाई है। उदाहरण के लिए, 2023 में सामान्य श्रेणी के लिए कट ऑफ 95 अंक थी और 2022 में यह 93 अंक थी। इसलिए, छात्रों को यह समझना चाहिए कि कट ऑफ में समय के साथ परिवर्तन हो सकता है।
मैंने पिछले वर्षों में अपने छात्रों को यह सलाह दी कि यदि वे 10 से 15 अंक अधिक प्राप्त कर लें, तो वे अपने चयन की संभावना को बहुत अधिक बढ़ा सकते हैं। यह सलाह मेरी व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है और इसने मेरे कई छात्रों को सफलता दिलाई है।
CTET की तैयारी के लिए एक ठोस योजना और रणनीति की आवश्यकता होती है। सबसे पहले, आपको पाठ्यक्रम को समझना चाहिए और समय का उचित प्रबंधन करना चाहिए। छात्रों को सामान्यतः प्रतिदिन कम से कम 4-5 घंटे अध्ययन करने की आवश्यकता होती है। मैंने अपने छात्रों से कहा है कि नियमित रूप से रिवीज़न करना बहुत महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा, पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अध्ययन करें और मॉक टेस्ट का अभ्यास करें। कई बार मैंने पाया है कि मॉक टेस्ट से छात्रों को अपने कमजोर क्षेत्रों का पता चलता है। इसलिए, यह सलाह दी जाती है कि हर सप्ताह कम से कम एक मॉक टेस्ट दें।
कट ऑफ का प्रभाव तब बढ़ता है जब परीक्षा में बहुत से प्रतिभागी हों। ऐसे में कट ऑफ को उच्च रखा जाता है। यदि उदाहरण के लिए, 2022 में 10,000 उम्मीदवारों ने उपस्थित हुए थे और 3,000 ने कट ऑफ प्राप्त किया था, तो कट ऑफ को 90-95 अंक के बीच रखा गया।
इसलिए, छात्रों को अपने लक्ष्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए और अपनी तैयारी को उसी अनुसार रखते हुए कट ऑफ के स्तर को पार करना चाहिए। मैं हमेशा अपने छात्रों को कहता हूँ कि सिर्फ पास होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें पहचान बनानी चाहिए।
| वर्ष | कट ऑफ (सामान्य) |
|---|---|
| 2023 | 95 |
| 2022 | 93 |
| 2021 | 88 |
| 2020 | 85 |
| 2019 | 90 |
| 2018 | 92 |
| 2017 | 89 |
| 2016 | 84 |
| परीक्षा | महत्वपूर्ण तिथियाँ |
|---|---|
| CTET आवेदन तिथि | 20 जनवरी 2026 |
| CTET परीक्षा तिथि | 20 मार्च 2026 |
| CTET परिणाम तिथि | 30 अप्रैल 2026 |
| KVS आवेदन तिथि | 15 मई 2026 |
| DSSSB आवेदन तिथि | 1 जून 2026 |
| कट ऑफ घोषणा तिथि | 15 जून 2026 |
CTET की तैयारी के लिए एक व्यापक रणनीति की आवश्यकता होती है। सबसे पहले, आपको यह जानना होगा कि प्रश्न पत्र में कौन से विषय शामिल हैं और प्रत्येक विषय की महत्वपूर्णताएँ क्या हैं। मैंने पिछले कुछ वर्षों में देखा है कि कई छात्र सिर्फ एक या दो विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हैं और अन्य विषयों को अनदेखा कर देते हैं, जो एक बड़ी गलती है।
मैं सुझाव दूंगा कि आप सभी विषयों पर समान ध्यान दें और उन्हें मजबूत करें। इसके लिए, एक उचित टाइम टेबल बनाएं और प्रतिदिन सभी विषयों के लिए समय निर्धारित करें। अगर आप इस योजना का पालन करते हैं, तो आप अपनी तैयारी में तेजी देखेंगे।
CTET की तैयारी के लिए मासिक अध्ययन योजना बनाना भी महत्वपूर्ण होता है। आप 6 महीने की तैयारी के बाद उचित लक्ष्य निर्धारित करें। उदाहरण के लिए, पहले महीने में आप सभी विषयों की बुनियादी जानकारी प्राप्त करें, दूसरे महीने में आप मॉक टेस्ट लें और तीसरे महीने में रिवीज़न पर ध्यान दें।
एक अच्छी सलाह यह है कि आप हर महीने के अंत में एक रिवीज़न टेस्ट करें। इससे आपको पता चलेगा कि आपने क्या सीखा है और कितना सुधार किया है। मैंने अपने छात्रों के साथ यह किया है और उनके परिणामों में सुधार देखा है।
CTET परीक्षा में विषयों का सही विभाजन और उनके अंक भार को समझना आवश्यक है। सामान्यतः, परीक्षा में बच्चे के विकास और शिक्षण प्रक्रिया, गणित, और समाजशास्त्र आदि के प्रश्न होते हैं। इन विषयों का सही अध्ययन करने से आप अपने अंक बढ़ा सकते हैं।
मैंने अपने छात्रों को सुझाव दिया है कि उन्हें हर विषय का एक सर्कल बनाना चाहिए ताकि वे उसके महत्वपूर्ण पहलुओं को आसानी से याद रख सकें। इससे न केवल उन्हें अध्ययन में मदद मिलेगी, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
CTET की तैयारी के लिए अच्छी पुस्तकों का चयन करना महत्वपूर्ण है। मैंने व्यक्तिगत रूप से कुछ किताबों को छात्रों को बेहद प्रभावी पाया है। कुछ प्रमुख किताबें हैं: 'CTET Success Book', 'Objective Mathematics' और 'Child Development & Pedagogy'.
हर पुस्तक के अपने तरीके और दृष्टिकोण होते हैं। इसलिए, मैं हमेशा कहता हूँ कि किताबों का सही चयन करें और उनमें से महत्वपूर्ण बिंदुओं को नोट करें। इससे आपकी तैयारी और भी मजबूत होगी।
CTET की तैयारी में कोचिंग और आत्म-जानकारी दोनों के फायदे हैं। कई छात्र जो कोचिंग लेते हैं, वेStructured guidance पाते हैं, जबकि अन्य जो आत्म-जानकारी करते हैं, वे अपनी गति पर अध्ययन करते हैं।
एक महत्वपूर्ण विचार यह है कि यदि आप कोचिंग ले रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि प्रशिक्षक अनुभवी और योग्य हो। मैं हमेशा अपने छात्रों से कहता हूँ कि अपनी सेफ्टी नेट बनाएं, ताकि आप अच्छे मार्गदर्शन के साथ अपनी तैयारी कर सकें।
CTET परीक्षा की तैयारी में समय प्रबंधन बहुत महत्वपूर्ण है। आपको अपने अध्ययन का एक दैनिक कार्यक्रम बनाना चाहिए। मैं हमेशा अपने छात्रों को सलाह देता हूँ कि वे एक दिन में कम से कम 2-3 घंटे अध्ययन के लिए निकालें।
दैनिक कार्यक्रम में विभिन्न विषयों को शामिल करना चाहिए और हर विषय को ध्यान से पढ़ना चाहिए। इससे आप न केवल अधिक जानकारी हासिल करेंगे बल्कि आप अपने ज्ञान को गहरा भी करेंगे।
परीक्षा से पहले के 30 दिन सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस समय, आपको केवल रिविजन करना चाहिए और मॉक टेस्ट पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मैंने हमेशा देखा है कि इस समय में थोड़ी गड़बड़ करने से छात्रों को नुकसान होता है।
इसलिए, आपको इस समय पर खुद को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है और सभी विषयों का पुनरवलोकन करना चाहिए। इससे आप परीक्षा के दिन आत्म-विश्वास के साथ बैठ सकेंगे।
जब परीक्षा का दिन आता है, तो सुनिश्चित करें कि आपने सभी आवश्यक सामग्री तैयार कर ली है। आपको अपनी प्रवेश पत्र, पहचान पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों को साथ लेकर चलना होगा। इसके अलावा, मैं हमेशा कहता हूँ कि हल्का नाश्ता करना न भूलें और अच्छी नींद लें।
वास्तव में, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आप आराम करें और तनाव मुक्त रहें। आप अपनी मन की शांति के लिए कुछ ध्यान भी कर सकते हैं। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि शांति और आत्मविश्वास से परीक्षा देने से बेहतर परिणाम मिलते हैं।
परीक्षा के दौरान छात्र कई सामान्य गलतियाँ करते हैं, जिन्हें समझना आवश्यक है। इनमें से कुछ निम्नलिखित हैं:
इनमें से प्रत्येक गलती की पहचान करना महत्वपूर्ण है ताकि आप उन्हें दोहराने से बच सकें। पिछले वर्षों में मैंने कई छात्रों को इसी कारण से अंक गिराते हुए देखा है।
परीक्षा के अंतिम सप्ताह में, आपको अपने अध्ययन का पुनरावलोकन करना चाहिए। मैंने सुझाव दिया है कि आप हर दिन एक महत्वपूर्ण विषय पर ध्यान दें और मॉक टेस्ट लें। इससे आपको अपनी तैयारी का अंतिम चेक मिलेगा।
सात दिन से पहले, सुनिश्चित करें कि आपने सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं का रिवीजन कर लिया है। यह आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और आपको परीक्षा के लिए तैयार करेगा।
CTET की अपेक्षित कट-ऑफ हर वर्ष बदलती है। पिछले साल की तुलना में इसके बढ़ने की संभावना होती है। 2024 में, इसे सामान्य श्रेणी के लिए 95 अंक के आसपास रहने की उम्मीद है।
पिछले साल से तुलना करने पर, यह आंकड़ा स्थिर नहीं है। एक छात्र को यह ज्ञान होना चाहिए कि पिछले वर्षों की कट-ऑफ के डेटा को ध्यान में रखकर अपनी तैयारी करनी चाहिए।
CTET उत्तीर्ण करने के बाद, आप KVS और DSSSB के प्राथमिक शिक्षक के रूप में कार्य कर सकते हैं। इन पदों की सैलरी भी काफी आकर्षक होती है। प्रारंभ में, आपको लगभग 35,000 से 45,000 रुपये प्रति माह मिलते हैं, जो बाद में अनुभव के साथ बढ़ता है।
बेशक, आपको पदोन्नति की संभावना भी होती है। कई शिक्षक जो CTET उत्तीर्ण करते हैं, वे समय के साथ प्रशासनिक भूमिकाओं में भी बढ़ते हैं। यह आपके करियर को एक नई दिशा दे सकता है।
कई टॉपर अपनी मेहनत और संघर्ष से सफलता हासिल करते हैं। जैसे कि टॉपर सीमा ने कहा था कि उन्होंने सिर्फ 6 महीने की तैयारी में CTET उत्तीर्ण किया। उनकी सलाह थी कि नियमित अध्ययन और समय सारणी का पालन करें।
ऐसे ही कई छात्र हैं जो कठिनाइयों का सामना करके भी अपने लक्ष्य को हासिल करते हैं। आपको उनके अनुभव से प्रेरणा लेनी चाहिए और निरंतर मेहनत करते रहना चाहिए।