Master Kothari Commission (1964-66) for UPTET | UPTET के लिए कोठारी आयोग (1964-66) के महत्वपूर्ण नोट्स
Practice QuestionsUnictest Team
Updated: 2026-04-20 · English
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) की तैयारी कर रहे सभी उम्मीदवारों के लिए 'भारतीय शिक्षा आयोग', जिसे आमतौर पर कोठारी आयोग (1964-66) के नाम से जाना जाता है, एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। यह आयोग भारतीय शिक्षा के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ, जिसने शिक्षा के लगभग सभी पहलुओं पर व्यापक सिफारिशें प्रस्तुत कीं। UPTET के बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Child Development and Pedagogy) और पर्यावरण अध्ययन (Environmental Studies) खंडों में इससे संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। इस विस्तृत नोट्स में हम कोठारी आयोग के गठन, उद्देश्यों, प्रमुख सिफारिशों और उनके प्रभावों पर गहराई से चर्चा करेंगे, जो आपकी परीक्षा की तैयारी को मजबूत करेगा।
भारत में शिक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा और उसके पुनर्गठन के लिए भारत सरकार ने 14 जुलाई 1964 को डॉ. डी.एस. कोठारी (डॉ. दौलत सिंह कोठारी), जो उस समय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अध्यक्ष थे, की अध्यक्षता में एक शिक्षा आयोग का गठन किया। इस आयोग को कोठारी आयोग के नाम से जाना जाता है। इस आयोग का मुख्य उद्देश्य भारत में शिक्षा के सभी स्तरों और पहलुओं की जांच करना और राष्ट्रीय विकास के लिए एक सुसंगत शिक्षा नीति और कार्यक्रम तैयार करने के लिए सलाह देना था। आयोग ने लगभग दो वर्षों तक गहन अध्ययन और विचार-विमर्श किया और 29 जून 1966 को अपनी रिपोर्ट 'Education and National Development' (शिक्षा और राष्ट्रीय विकास) प्रस्तुत की।
कोठारी आयोग ने अपनी रिपोर्ट में शिक्षा को राष्ट्रीय विकास का एक शक्तिशाली उपकरण माना और यह सुझाव दिया कि शिक्षा को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ-साथ नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों से भी जोड़ा जाना चाहिए। आयोग ने शिक्षा के पुनर्गठन के लिए कई क्रांतिकारी सिफारिशें कीं, जिनमें से कई को बाद में राष्ट्रीय शिक्षा नीतियों में शामिल किया गया। UPTET aspirants को इन उद्देश्यों और आयोग के गठन की पृष्ठभूमि को अच्छी तरह से समझना चाहिए, क्योंकि ये सीधे तौर पर परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।
| सिफारिश का क्षेत्र (Area of Recommendation) | प्रमुख सिफारिश (Key Recommendation) | प्रभाव/महत्व (Impact/Significance) |
|---|---|---|
| शिक्षा संरचना (Education Structure) | 10+2+3 की राष्ट्रीय शिक्षा संरचना का सुझाव। | राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 द्वारा अपनाया गया, वर्तमान प्रणाली का आधार। |
| भाषा नीति (Language Policy) | त्रि-भाषा सूत्र (Three-Language Formula) लागू करना। | भाषाई विविधता को संबोधित किया, राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा दिया। |
| शिक्षक शिक्षा (Teacher Education) | शिक्षकों के वेतनमान और सेवा शर्तों में सुधार, इन-सर्विस प्रशिक्षण। | शिक्षण पेशे की गरिमा बढ़ी, शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार पर जोर। |
| पाठ्यक्रम (Curriculum) | विज्ञान, गणित, सामाजिक अध्ययन और कला का एक सामान्य पाठ्यक्रम। | समग्र और एकीकृत शिक्षा की नींव रखी। |
| कार्य अनुभव (Work Experience) | शिक्षा को कार्य अनुभव और व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ना। | छात्रों को व्यावहारिक कौशल प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया। |
| समान अवसर (Equal Opportunities) | सभी के लिए शिक्षा के समान अवसर सुनिश्चित करना। | सामाजिक न्याय और समावेशी शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम। |
कोठारी आयोग की रिपोर्ट 'Education and National Development' 17 अध्यायों में विभाजित थी और इसमें भारतीय शिक्षा प्रणाली के प्रत्येक पहलू पर विस्तृत सिफारिशें शामिल थीं। UPTET परीक्षा के दृष्टिकोण से, कुछ प्रमुख सिफारिशें निम्नलिखित हैं:
इन सिफारिशों ने भारतीय शिक्षा प्रणाली की नींव रखी और भविष्य की शिक्षा नीतियों के लिए मार्ग प्रशस्त किया। UPTET उम्मीदवारों को इन सभी सिफारिशों को विस्तार से समझना चाहिए और उनके निहितार्थों पर विचार करना चाहिए।
कोठारी आयोग की सिफारिशों का भारतीय शिक्षा प्रणाली पर गहरा और दूरगामी प्रभाव पड़ा। इसकी कई सिफारिशों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968 और 1986 में शामिल किया गया। 10+2+3 शिक्षा संरचना, त्रि-भाषा सूत्र, शिक्षक शिक्षा में सुधार और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने जैसी अवधारणाएं आज भी हमारी शिक्षा प्रणाली का अभिन्न अंग हैं। इस आयोग ने शिक्षा को राष्ट्रीय विकास से जोड़ने की एक नई सोच दी और यह सुनिश्चित किया कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम न होकर समाज और राष्ट्र के निर्माण का एक महत्वपूर्ण उपकरण भी है।
Unictest पर आपको ऐसे ही विस्तृत और परीक्षा-उन्मुख नोट्स मिलेंगे जो आपकी UPTET तैयारी को सही दिशा देंगे। कोठारी आयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों को गहनता से पढ़कर आप निश्चित रूप से अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।