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Mock Tests 2026

Super TET Teaching Skills & Methods Test 2026: बेहतरीन तैयारी के लिए Unictest Mock Test

Super TET Teaching Skills Methods Test: आपकी सफलता की कुंजी! Crack Pedagogy with Unictest.

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-06-20 · हिंदी

SUPER TET Mock Test Series — Overview

नमस्ते प्यारे साथियों! Super TET 2026 की तैयारी में जुटे हर उस उम्मीदवार के लिए, जो शिक्षक बनने का सपना देख रहा है, 'शिक्षण कौशल' (Teaching Skills) एक बेहद महत्वपूर्ण सेक्शन है। Unictest पर, हम समझते हैं कि यह सिर्फ एक विषय नहीं, बल्कि आपकी भावी कक्षा का आधार है। आज हम बात करेंगे Super TET Teaching Skills Methods Test के बारे में और कैसे आप इसमें महारत हासिल कर सकते हैं।


देखो दोस्तों, Super TET में शिक्षण कौशल का मतलब सिर्फ किताबें पढ़ना नहीं है, बल्कि यह समझना है कि बच्चों को कैसे पढ़ाना है, उनकी समस्याओं को कैसे हल करना है और एक प्रभावी शिक्षक कैसे बनना है। यह सेक्शन आपकी शिक्षण क्षमता, बाल मनोविज्ञान की समझ और विभिन्न शिक्षण विधियों के ज्ञान को परखता है। मैंने अपने शिक्षण के 3+ सालों के अनुभव में देखा है कि जो छात्र इस सेक्शन को हल्के में लेते हैं, वे अक्सर ओवरऑल स्कोर में पीछे रह जाते हैं। लेकिन जो इसे गंभीरता से लेते हैं, वे न सिर्फ अच्छे अंक लाते हैं, बल्कि एक बेहतर शिक्षक भी बनते हैं।


Super TET शिक्षण कौशल: क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

Super TET में शिक्षण कौशल (Teaching Skills) का वेटेज काफी अच्छा होता है। यह सेक्शन आपके कुल स्कोर में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसमें मुख्य रूप से शिक्षण विधियाँ, शिक्षण अधिगम के सिद्धांत, बाल मनोविज्ञान, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा, और मूल्यांकन जैसी अवधारणाएँ शामिल होती हैं। यह सिर्फ परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य में एक सफल शिक्षक बनने के लिए भी अनिवार्य है। एक बात याद रखना, जब आप कक्षा में बच्चों के सामने होंगे, तब यही कौशल आपके काम आएंगे।


Expert Tip: शिक्षण कौशल को सिर्फ रटने की कोशिश न करें। इसे अपनी वास्तविक कक्षा से जोड़कर देखें। हर सिद्धांत को ऐसे समझें जैसे आप उसे बच्चों पर लागू करने वाले हों। यह आपको विषय को गहराई से समझने में मदद करेगा।

Super TET शिक्षण कौशल का पाठ्यक्रम (Syllabus Overview)

Super TET में शिक्षण कौशल का पाठ्यक्रम काफी व्यापक है। इसमें निम्नलिखित मुख्य बिंदु शामिल होते हैं:

  • शिक्षण की विधियां एवं कौशल (Teaching Methods & Skills)
  • शिक्षण अधिगम के सिद्धांत (Principles of Teaching-Learning)
  • वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारंभिक शिक्षा (Present Indian Society & Elementary Education)
  • शैक्षिक मूल्यांकन एवं मापन (Educational Evaluation & Measurement)
  • प्रारंभिक शिक्षा के नवीन प्रयास (New Endeavours for Elementary Education)
  • शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशासन (Educational Management & Administration)

यह हर टॉपिक अपने आप में एक पूरा संसार है। Unictest के मॉक टेस्ट्स आपको इन सभी टॉपिक्स पर मजबूत पकड़ बनाने में मदद करेंगे।


अभ्यास प्रश्न: Super TET शिक्षण कौशल एवं विधियाँ

चलिए, अब कुछ प्रश्नों के साथ अपनी तैयारी को परखते हैं। ये प्रश्न Super TET के पैटर्न पर आधारित हैं:


Q.1. 'सूक्ष्म शिक्षण' (Micro-Teaching) के जनक कौन माने जाते हैं?
  • A) रॉबर्ट गने
  • B) ड्वाइट एलन
  • C) बी.एफ. स्किनर
  • D) जॉन डीवी
Answer: B) ड्वाइट एलन
Q.2. 'प्रोजेक्ट विधि' (Project Method) किस सिद्धांत पर आधारित है?
  • A) करके सीखना (Learning by doing)
  • B) देखकर सीखना (Learning by seeing)
  • C) सुनकर सीखना (Learning by listening)
  • D) रटकर सीखना (Learning by rote)
Answer: A) करके सीखना (Learning by doing)
Q.3. एक शिक्षक को कक्षा में विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए किस तकनीक का प्रयोग करना चाहिए?
  • A) दंड का प्रयोग
  • B) अत्यधिक गृहकार्य देना
  • C) प्रशंसा एवं प्रोत्साहन
  • D) तुलना करना
Answer: C) प्रशंसा एवं प्रोत्साहन
Q.4. 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
  • A) केवल शैक्षिक पहलुओं का मूल्यांकन
  • B) केवल सह-शैक्षिक पहलुओं का मूल्यांकन
  • C) शैक्षिक और सह-शैक्षिक दोनों पहलुओं का मूल्यांकन
  • D) बच्चों पर परीक्षा का बोझ बढ़ाना
Answer: C) शैक्षिक और सह-शैक्षिक दोनों पहलुओं का मूल्यांकन
Q.5. 'ब्लूम का वर्गीकरण' (Bloom's Taxonomy) किससे संबंधित है?
  • A) शिक्षण विधियों से
  • B) अधिगम के उद्देश्यों से
  • C) मूल्यांकन तकनीकों से
  • D) बाल विकास के चरणों से
Answer: B) अधिगम के उद्देश्यों से
Q.6. 'बाल केंद्रित शिक्षा' (Child-Centered Education) का अर्थ क्या है?
  • A) बच्चों को पूरी आजादी देना
  • B) बच्चों के अनुभवों और आवश्यकताओं को प्राथमिकता देना
  • C) बच्चों को खेल-कूद में व्यस्त रखना
  • D) बच्चों को केवल शिक्षक की बात मानने के लिए कहना
Answer: B) बच्चों के अनुभवों और आवश्यकताओं को प्राथमिकता देना
Q.7. 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disability) वाले बच्चों के लिए सबसे उपयुक्त शिक्षण विधि कौन सी है?
  • A) व्याख्यान विधि
  • B) प्रदर्शन विधि
  • C) बहुसंवेदी उपागम (Multi-sensory approach)
  • D) रटने पर आधारित विधि
Answer: C) बहुसंवेदी उपागम (Multi-sensory approach)
Q.8. 'शिक्षण सहायक सामग्री' (Teaching Aids) का उपयोग क्यों किया जाता है?
  • A) शिक्षण को आकर्षक बनाने के लिए
  • B) छात्रों का ध्यान आकर्षित करने के लिए
  • C) अधिगम को प्रभावी और स्थायी बनाने के लिए
  • D) उपरोक्त सभी
Answer: D) उपरोक्त सभी

देखा आपने, प्रश्न सीधे-सीधे नहीं आते, बल्कि आपकी समझ पर आधारित होते हैं। Unictest के मॉक टेस्ट्स आपको इसी तरह के प्रश्नों से रूबरू कराएंगे और आपकी तैयारी को मजबूत करेंगे।

Why Take Mock Tests?

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Available Mock Tests

SUPER TET Full Mock Test 1

150 Min | 150 Qs Free

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SUPER TET Full Mock Test 2

150 Min | 150 Qs Free

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SUPER TET Previous Year Paper

120 Min | 100 Qs

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Test Series Features

अब जब हमने शिक्षण कौशल के महत्व और कुछ बुनियादी प्रश्नों पर चर्चा कर ली है, तो चलिए बात करते हैं इसकी तैयारी की रणनीति पर। यह सेक्शन आपकी सफलता में गेम-चेंजर साबित हो सकता है, बस सही दिशा में मेहनत करनी है।


Super TET शिक्षण कौशल: विषय-वार तैयारी रणनीति

इस सेक्शन के हर उप-विषय की तैयारी के लिए एक अलग दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है।

  • शिक्षण विधियाँ एवं कौशल: यहाँ आपको विभिन्न शिक्षण विधियों (जैसे व्याख्यान, प्रदर्शन, प्रोजेक्ट, आगमन-निगमन आदि) और उनके उपयोग की समझ होनी चाहिए। इसके अलावा, शिक्षण कौशल (जैसे प्रस्तावना, प्रश्न पूछना, दृष्टांत, पुनर्बलन) पर भी ध्यान दें। नोट्स बनाते समय हर विधि के फायदे और नुकसान जरूर लिखें।
  • शिक्षण अधिगम के सिद्धांत: अधिगम के सिद्धांतों (जैसे थार्नडाइक, पावलव, स्किनर, कोहलर) को गहराई से समझें। इनके प्रयोग और शैक्षिक निहितार्थ पर प्रश्न बनते हैं। मैंने देखा है कि छात्र अक्सर सिद्धांतों को रट लेते हैं, लेकिन उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग को भूल जाते हैं। ऐसा न करें।
  • बाल मनोविज्ञान: यह Super TET का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा है। बाल विकास के सिद्धांत, विकास की अवस्थाएँ, व्यक्तिगत विभिन्नताएँ, बुद्धि, व्यक्तित्व, और अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक - इन सभी पर आपकी पकड़ होनी चाहिए। CTET और UPTET में पूछे गए बाल विकास के प्रश्नों का अभ्यास करें, क्योंकि Super TET में भी मिलते-जुलते प्रश्न आते हैं।
  • शैक्षिक मूल्यांकन एवं मापन: मूल्यांकन के प्रकार (रचनात्मक, योगात्मक), मापन के उपकरण, ग्रेडिंग सिस्टम, और सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) पर विशेष ध्यान दें। यह समझें कि मूल्यांकन क्यों और कैसे किया जाता है।
  • प्रारंभिक शिक्षा के नवीन प्रयास एवं शैक्षिक प्रबंधन: RTE Act 2009, NCF 2005, NEP 2020 जैसी नीतियों और कार्यक्रमों के बारे में जानें। स्कूल प्रबंधन, नेतृत्व और प्रशासन के बुनियादी सिद्धांतों को समझें। ये टॉपिक्स थोड़े तथ्यात्मक होते हैं, इसलिए इनके लिए शॉर्ट नोट्स बनाना बहुत फायदेमंद रहेगा।

Expert Tip: हर दिन कम से कम 1 घंटा शिक्षण कौशल को दें। इसमें 30 मिनट थ्योरी पढ़ने में और 30 मिनट MCQs प्रैक्टिस करने में लगाएँ। हफ्ते में एक बार पूरे सेक्शन का मॉक टेस्ट जरूर दें।

अनुशंसित पुस्तकें (Recommended Books)

सही किताबों का चुनाव आपकी तैयारी को बहुत आसान बना देता है।

  • NCERT Psychology Books (Class 11 & 12): बाल मनोविज्ञान की बुनियादी समझ के लिए बेहतरीन।
  • UPTET/CTET Pedagogy Books: विभिन्न प्रकाशनों की किताबें जिनमें शिक्षण कौशल और बाल विकास के प्रश्न और सिद्धांत हों। अरिहंत, यूथ कॉम्पिटिशन टाइम्स जैसी पुस्तकें सहायक हो सकती हैं।
  • Super TET Specific Books: बाजार में Super TET के लिए कई गाइडबुक उपलब्ध हैं। किसी विश्वसनीय प्रकाशन की किताब जिसमें शिक्षण कौशल का सेक्शन अच्छे से कवर हो, उसे चुनें।
  • Previous Year Papers: सबसे महत्वपूर्ण संसाधन! पिछले वर्षों के Super TET, CTET, UPTET के प्रश्न पत्रों को हल करना न भूलें।

अध्ययन अनुसूची और समय प्रबंधन (Study Schedule & Time Management)

एक प्रभावी अध्ययन योजना के बिना, कोई भी तैयारी अधूरी है।

  • दैनिक लक्ष्य निर्धारित करें: हर दिन एक छोटा लक्ष्य तय करें, जैसे 'आज शिक्षण विधियों के 2 टॉपिक पूरे करने हैं और 10 प्रश्न हल करने हैं।'
  • रिवीजन को प्राथमिकता दें: जो भी पढ़ें, उसका नियमित रूप से रिवीजन करें। हफ्ते के अंत में पूरे हफ्ते का रिवीजन करें।
  • मॉक टेस्ट्स का महत्व: Unictest के Super TET Teaching Skills Methods Test सीरीज़ को नियमित रूप से दें। इससे आपको अपनी कमजोरियों का पता चलेगा और आप उन पर काम कर पाएंगे। मैंने देखा है कि जो छात्र मॉक टेस्ट को सिर्फ 'टेस्ट' मानकर देते हैं, वे गलती करते हैं। मॉक टेस्ट आपकी लर्निंग का हिस्सा है।
  • समय प्रबंधन सीखें: परीक्षा में हर सेक्शन के लिए एक निश्चित समय होता है। मॉक टेस्ट देते समय टाइमर लगाकर अभ्यास करें ताकि आप परीक्षा हॉल में समय को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकें।

और अभ्यास करें: Super TET शिक्षण कौशल एवं विधियाँ MCQs


Q.9. 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) का सबसे उपयुक्त उदाहरण कौन सा है?
  • A) गणित का ज्ञान विज्ञान में सहायक होना
  • B) साइकिल चलाने का ज्ञान कार चलाने में सहायक होना
  • C) हिंदी कविता का अंग्रेजी में अनुवाद करना
  • D) खाना बनाना सीखना
Answer: A) गणित का ज्ञान विज्ञान में सहायक होना
Q.10. 'शिक्षण प्रतिमान' (Teaching Model) का मुख्य घटक क्या है?
  • A) उद्देश्य
  • B) संरचना
  • C) सामाजिक प्रणाली
  • D) उपरोक्त सभी
Answer: D) उपरोक्त सभी
Q.11. 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) का अर्थ क्या है?
  • A) केवल सामान्य बच्चों को एक साथ पढ़ाना
  • B) केवल विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को एक साथ पढ़ाना
  • C) सामान्य और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को एक साथ पढ़ाना
  • D) बच्चों को उनकी योग्यता के अनुसार अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ाना
Answer: C) सामान्य और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को एक साथ पढ़ाना
Q.12. 'शिक्षण अधिगम सामग्री' (TLM) का उपयोग किस लिए किया जाता है?
  • A) शिक्षण को रुचिकर बनाने के लिए
  • B) अमूर्त अवधारणाओं को मूर्त रूप देने के लिए
  • C) छात्रों को सक्रिय रखने के लिए
  • D) उपरोक्त सभी
Answer: D) उपरोक्त सभी
Q.13. 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
  • A) नए सिद्धांतों का प्रतिपादन करना
  • B) शैक्षिक समस्याओं का तत्काल समाधान खोजना
  • C) सामान्यीकरण करना
  • D) केवल अकादमिक शोध करना
Answer: B) शैक्षिक समस्याओं का तत्काल समाधान खोजना
Q.14. 'अध्यापक केंद्रित शिक्षण विधि' (Teacher-Centered Method) का उदाहरण है:
  • A) व्याख्यान विधि
  • B) समस्या समाधान विधि
  • C) प्रोजेक्ट विधि
  • D) अन्वेषण विधि
Answer: A) व्याख्यान विधि
Q.15. 'बुद्धि लब्धि' (IQ) का सूत्र किसने दिया?
  • A) बिने
  • B) टर्मन
  • C) स्पीयरमैन
  • D) थर्स्टन
Answer: B) टर्मन

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

Super TET में शिक्षण कौशल सेक्शन आपकी शिक्षण योग्यता और बच्चों को पढ़ाने की समझ को परखता है, जो एक भावी शिक्षक के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह सेक्शन Super TET परीक्षा में 10 अंकों का वेटेज रखता है, जो कुल 150 अंकों में एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके अलावा, बाल मनोविज्ञान और शैक्षिक प्रबंधन के 10-10 अंक के सेक्शन भी इसी से संबंधित होते हैं, जिससे इसका कुल महत्व 30 अंकों तक बढ़ जाता है। इस सेक्शन में अच्छा स्कोर करना आपकी ओवरऑल मेरिट लिस्ट में रैंक सुधारने में बहुत सहायक होता है और यह दर्शाता है कि आप एक प्रभावी शिक्षक बनने के लिए तैयार हैं।

Super TET 2026 के लिए आवेदन करने हेतु उम्मीदवार को स्नातक (Graduation) की डिग्री के साथ NCTE द्वारा मान्यता प्राप्त कोई शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (जैसे D.El.Ed/BTC, B.Ed, Shiksha Mitra with BTC) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवार ने UPTET या CTET परीक्षा भी उत्तीर्ण की हो। आयु सीमा सामान्यतः 21 से 40 वर्ष के बीच होती है, जिसमें आरक्षित श्रेणियों को सरकारी नियमों के अनुसार छूट प्रदान की जाती है। विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार करना चाहिए, क्योंकि इसमें छोटे-मोटे बदलाव संभव हैं।

Super TET शिक्षण कौशल की तैयारी के लिए NCERT की कक्षा 11वीं और 12वीं की मनोविज्ञान की किताबें एक मजबूत आधार प्रदान करती हैं। इसके अलावा, UPTET/CTET की बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र की पुस्तकें, जैसे अरिहंत या यूथ कॉम्पिटिशन टाइम्स की गाइडबुक्स, बहुत उपयोगी हैं। ऑनलाइन संसाधनों में Unictest के मॉक टेस्ट्स और स्टडी नोट्स सबसे प्रभावी हैं क्योंकि वे परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयार किए जाते हैं। विभिन्न यूट्यूब चैनल्स पर उपलब्ध एक्सपर्ट लेक्चर्स और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का गहन विश्लेषण भी आपकी तैयारी को धार देता है।

Super TET की परीक्षा में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) होते हैं, जिनके लिए 150 अंक निर्धारित होते हैं। परीक्षा की अवधि 2.5 घंटे होती है। इसमें कोई नकारात्मक मार्किंग (Negative Marking) नहीं होती है, जो छात्रों के लिए एक बड़ा फायदा है। शिक्षण कौशल सेक्शन में 10 प्रश्न पूछे जाते हैं, प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है। इसके अलावा, बाल मनोविज्ञान और शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशासन सेक्शन से भी 10-10 प्रश्न आते हैं, जो शिक्षण कौशल से ही संबंधित होते हैं। इसलिए, कुल मिलाकर 30 अंकों के प्रश्न सीधे तौर पर आपकी शिक्षण और बाल विकास की समझ पर आधारित होते हैं।

Super TET परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, उम्मीदवार उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्त होते हैं। यह एक स्थायी और प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी है जिसमें आकर्षक वेतन और भत्ते मिलते हैं। करियर में पदोन्नति के अवसर भी होते हैं, जैसे हेडमास्टर या ब्लॉक/जिला स्तर पर शैक्षिक प्रशासनिक पदों पर जाना। कट-ऑफ ट्रेंड्स हर साल परीक्षा के कठिनाई स्तर और उम्मीदवारों की संख्या पर निर्भर करते हैं, लेकिन आमतौर पर सामान्य वर्ग के लिए 65% और आरक्षित वर्ग के लिए 60% के आसपास कट-ऑफ रहने की उम्मीद की जाती है। 2019 में सामान्य वर्ग के लिए कट-ऑफ लगभग 67.11% था।

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