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Mock Tests 2026

Super TET Science: पदार्थ के पृथक्करण और शुद्धिकरण (Separation & Purification of Matter) - Mock Test 2026

Super TET Science: पदार्थ के पृथक्करण और शुद्धिकरण के महत्वपूर्ण प्रश्न | Master Separation & Purification for Super TET 2026!

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.Founder & Director Unictest. M.Sc (Maths) MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET KVS DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-06-17 · हिंदी

SUPER TET Mock Test Series — Overview

नमस्ते मेरे प्यारे Super TET उम्मीदवारों! Unictest पर आपका स्वागत है। आज हम विज्ञान के एक बहुत ही महत्वपूर्ण और स्कोरिंग टॉपिक पर चर्चा करने वाले हैं - 'पदार्थ के पृथक्करण और शुद्धिकरण' (Separation and Purification of Matter)। यह टॉपिक न सिर्फ आपके Super TET एग्जाम के लिए जरूरी है, बल्कि आपकी दैनिक समझ को भी बढ़ाता है। मैंने अपने पिछले 5 सालों के अनुभव में देखा है कि इस सेक्शन से हर साल 3-4 प्रश्न सीधे-सीधे पूछे जाते हैं, और अगर आपने इसे अच्छे से समझ लिया, तो ये मार्क्स आपकी झोली में पक्के हैं।


बहुत से स्टूडेंट्स इस चैप्टर को थोड़ा बोरिंग मानकर छोड़ देते हैं, लेकिन trust me, इसमें कुछ बहुत ही interesting और practical concepts हैं। अगर आप इन concepts को एक बार समझ लेंगे तो आपको रटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। Super TET में साइंस का वेटेज अच्छा होता है, इसलिए हर टॉपिक को गंभीरता से लेना चाहिए।


पदार्थ क्या है? (What is Matter?)

सबसे पहले, यह समझना जरूरी है कि पदार्थ क्या है। कोई भी ऐसी चीज़ जिसका द्रव्यमान हो और जो स्थान घेरती हो, वह पदार्थ कहलाती है। पदार्थ को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा जा सकता है: शुद्ध पदार्थ (Pure Substances) और मिश्रण (Mixtures)।


  • शुद्ध पदार्थ (Pure Substances): ये एक ही प्रकार के कणों से मिलकर बने होते हैं। जैसे - सोना, चांदी, पानी (H2O)। इन्हें आगे तत्व (Elements) और यौगिक (Compounds) में बांटा जाता है।
  • मिश्रण (Mixtures): जब दो या दो से अधिक शुद्ध पदार्थों को किसी भी अनुपात में मिलाया जाता है, तो मिश्रण बनता है। इनके गुण उनके अवयवों के गुणों के समान ही रहते हैं। जैसे - हवा, नमक का घोल। मिश्रण दो प्रकार के होते हैं:
    • समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixtures): इसमें अवयव पूरी तरह से घुलमिल जाते हैं और उनका संगठन हर जगह एक समान होता है। जैसे - चीनी का पानी में घोल।
    • विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixtures): इसमें अवयव अलग-अलग दिखाई देते हैं और उनका संगठन एक समान नहीं होता। जैसे - रेत और नमक का मिश्रण।

Expert Tip: Super TET में अक्सर समांगी और विषमांगी मिश्रण के उदाहरण पूछे जाते हैं। इसलिए, इनके practical examples को अच्छे से याद रखें।

पदार्थों के पृथक्करण की आवश्यकता क्यों? (Why is Separation of Substances Necessary?)

Dekhiye dosto, हमारे आस-पास की अधिकांश चीजें मिश्रण के रूप में मौजूद हैं। हमें शुद्ध पदार्थ प्राप्त करने के लिए या किसी हानिकारक घटक को हटाने के लिए इन्हें अलग करना पड़ता है। जैसे, चावल से कंकड़ अलग करना, पानी से मिट्टी अलग करना, या पेट्रोलियम से पेट्रोल-डीजल अलग करना। ये सभी पृथक्करण के उदाहरण हैं।


पृथक्करण की प्रमुख विधियाँ (Major Separation Methods)

अब बात करते हैं उन तरीकों की जिनसे हम पदार्थों को अलग करते हैं। ये विधियाँ पदार्थ के गुणों (जैसे - आकार, घनत्व, घुलनशीलता, क्वथनांक आदि) पर आधारित होती हैं।


  • हाथ से चुनना (Hand-picking): यह सबसे सरल विधि है, जिसमें बड़े आकार की अशुद्धियों को हाथ से अलग किया जाता है। जैसे - दाल से कंकड़, चावल से पत्थर।
  • फटकना (Winnowing): इस विधि में हवा का उपयोग करके हल्के और भारी घटकों को अलग किया जाता है। किसान अनाज से भूसी अलग करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।
  • छानना (Sieving): अलग-अलग आकार के कणों को अलग करने के लिए छलनी का उपयोग किया जाता है। जैसे - आटे से चोकर, रेत से कंकड़।
  • अवसादन, निस्तारण और निस्यंदन (Sedimentation, Decantation & Filtration):
    • अवसादन (Sedimentation): भारी अशुद्धियों का नीचे बैठ जाना।
    • निस्तारण (Decantation): अवसादन के बाद ऊपर के साफ द्रव को सावधानी से अलग करना।
    • निस्यंदन (Filtration): फिल्टर पेपर या कपड़े का उपयोग करके अघुलनशील ठोस कणों को द्रव से अलग करना। जैसे - चाय की पत्ती को चाय से अलग करना।
  • वाष्पीकरण (Evaporation): घुलनशील ठोस को द्रव से अलग करने के लिए। द्रव को गर्म करके वाष्प में बदला जाता है, और ठोस नीचे रह जाता है। जैसे - नमक को पानी से अलग करना।
  • उर्ध्वपातन (Sublimation): कुछ ठोस पदार्थ (जैसे कपूर, नेफ़थलीन, अमोनियम क्लोराइड) गर्म करने पर सीधे ठोस से गैस में बदल जाते हैं, बिना द्रव अवस्था में आए। इस गुण का उपयोग करके ऐसे ठोस को सामान्य ठोस से अलग किया जाता है।

सावधान! उर्ध्वपातन वाले पदार्थों के उदाहरण Super TET में सीधे पूछे जाते हैं। कपूर, आयोडीन, नेफ़थलीन, अमोनियम क्लोराइड - ये नाम रट लीजिए!

अब कुछ अभ्यास प्रश्न देखते हैं! (Let's practice some questions now!)

यहां कुछ महत्वपूर्ण MCQs दिए गए हैं जो आपको इस विषय की समझ को और गहरा करने में मदद करेंगे। इन्हें ईमानदारी से हल करें!


Q.1) वह विधि जिसमें ठोस सीधे गैस में परिवर्तित हो जाता है, क्या कहलाती है?
  • A) वाष्पीकरण
  • B) संघनन
  • C) उर्ध्वपातन
  • D) निस्तारण
Answer: C) उर्ध्वपातन

Q.2) रेत और नमक के मिश्रण को किस विधि से अलग किया जा सकता है?
  • A) उर्ध्वपातन
  • B) वाष्पीकरण
  • C) निस्यंदन और वाष्पीकरण
  • D) निस्तारण
Answer: C) निस्यंदन और वाष्पीकरण

Q.3) दाल से कंकड़ अलग करने की सबसे सरल विधि कौन सी है?
  • A) फटकना
  • B) छानना
  • C) हाथ से चुनना
  • D) निस्तारण
Answer: C) हाथ से चुनना

Q.4) समुद्री जल से नमक प्राप्त करने के लिए किस विधि का उपयोग किया जाता है?
  • A) आसवन
  • B) निस्यंदन
  • C) वाष्पीकरण
  • D) अवसादन
Answer: C) वाष्पीकरण

Q.5) पानी और तेल के मिश्रण को अलग करने के लिए किस उपकरण का प्रयोग किया जाता है?
  • A) आसवन फ्लास्क
  • B) पृथक्करण कीप (Separating funnel)
  • C) बीकर
  • D) फनल
Answer: B) पृथक्करण कीप (Separating funnel)

Q.6) किस विधि में एक घुलनशील ठोस को उसके विलायक से प्राप्त किया जाता है?
  • A) निस्यंदन
  • B) क्रिस्टलीकरण
  • C) आसवन
  • D) निस्तारण
Answer: B) क्रिस्टलीकरण

Q.7) स्याही में मौजूद विभिन्न रंगों को अलग करने के लिए किस तकनीक का उपयोग किया जाता है?
  • A) आसवन
  • B) क्रोमैटोग्राफी
  • C) वाष्पीकरण
  • D) निस्तारण
Answer: B) क्रोमैटोग्राफी

Q.8) दूध से क्रीम को अलग करने के लिए किस विधि का प्रयोग किया जाता है?
  • A) वाष्पीकरण
  • B) आसवन
  • C) अपकेंद्रण (Centrifugation)
  • D) निस्यंदन
Answer: C) अपकेंद्रण (Centrifugation)

Q.9) लोहे के बुरादे को रेत से अलग करने के लिए किस विधि का उपयोग किया जाता है?
  • A) निस्यंदन
  • B) चुम्बकीय पृथक्करण
  • C) अवसादन
  • D) वाष्पीकरण
Answer: B) चुम्बकीय पृथक्करण

Q.10) पानी को शुद्ध करने के लिए आमतौर पर किस विधि का उपयोग किया जाता है?
  • A) वाष्पीकरण
  • B) क्लोरीनीकरण
  • C) आसवन
  • D) उपरोक्त सभी
Answer: D) उपरोक्त सभी

ध्यान दें: इन प्रश्नों को हल करने के बाद अपने उत्तरों की जांच करें। गलतियों से सीखें और अपनी तैयारी को और मजबूत करें।

याद रखिए, Super TET में सफलता के लिए हर छोटे-बड़े टॉपिक पर पकड़ बनाना जरूरी है। यह टॉपिक जितना आसान दिखता है, उतने ही tricky questions इससे बन सकते हैं। इसलिए, concepts को clear रखना बहुत जरूरी है। मैंने personally देखा है कि जो स्टूडेंट्स सिर्फ रटते हैं, वे एग्जाम में कंफ्यूज हो जाते हैं। इसलिए, understanding पर फोकस करें।

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Test Series Features

चलिए दोस्तों, अब हम कुछ और महत्वपूर्ण पृथक्करण विधियों (Separation Methods) को समझते हैं और साथ ही Super TET Science के इस सेक्शन के लिए अपनी तैयारी को कैसे धार दें, इस पर भी बात करते हैं।


कुछ और महत्वपूर्ण पृथक्करण विधियाँ (More Important Separation Methods)

  • आसवन (Distillation): यह विधि दो या दो से अधिक घुलनशील द्रवों (जिनके क्वथनांकों में पर्याप्त अंतर हो) को अलग करने के लिए उपयोग की जाती है। इसमें एक द्रव को वाष्पीकृत किया जाता है और फिर संघनित करके शुद्ध द्रव प्राप्त किया जाता है। जैसे - पानी से नमक को अलग करना (अगर सिर्फ पानी चाहिए हो तो)।
  • प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation): यह आसवन की ही एक उन्नत विधि है, जिसका उपयोग उन दो या दो से अधिक घुलनशील द्रवों को अलग करने के लिए किया जाता है जिनके क्वथनांकों में बहुत कम अंतर होता है। पेट्रोलियम उत्पादों (पेट्रोल, डीजल, केरोसिन) को अलग करने में इसका व्यापक उपयोग होता है।
  • क्रिस्टलीकरण (Crystallization): यह विधि ठोस पदार्थों को शुद्ध करने के लिए उपयोग की जाती है। इसमें अशुद्ध ठोस को एक उपयुक्त विलायक में घोला जाता है, फिर घोल को गर्म करके संतृप्त किया जाता है और ठंडा करने पर शुद्ध ठोस क्रिस्टल के रूप में अलग हो जाता है। चीनी और नमक के शुद्धिकरण में यह विधि इस्तेमाल होती है।
  • अपकेंद्रण (Centrifugation): इस विधि का उपयोग उन मिश्रणों को अलग करने के लिए किया जाता है जिनमें हल्के और भारी कण होते हैं, और वे आसानी से अवसादित नहीं होते। एक तीव्र गति से घूमने वाली मशीन (अपकेंद्रक) का उपयोग किया जाता है। उदाहरण: दूध से क्रीम अलग करना, वॉशिंग मशीन में कपड़े सुखाना, रक्त और मूत्र परीक्षण में।
  • क्रोमैटोग्राफी (Chromatography): यह एक बहुत ही शक्तिशाली पृथक्करण तकनीक है जिसका उपयोग उन घटकों को अलग करने के लिए किया जाता है जो एक ही विलायक में घुले होते हैं। यह उनके अवशोषण क्षमता (absorption capabilities) में अंतर पर आधारित है। उदाहरण: स्याही में रंगों को अलग करना, रक्त से नशीले पदार्थों का पता लगाना।

Expert Tip: प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) और आसवन (Distillation) के बीच का अंतर और उनके अनुप्रयोग Super TET में अक्सर पूछे जाते हैं। इसे अच्छे से समझ लें। पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन का उदाहरण बहुत कॉमन है।

Super TET Science के लिए तैयारी की रणनीति (Preparation Strategy for Super TET Science)

इस टॉपिक को सिर्फ पढ़ना ही काफी नहीं है, इसे Super TET के पैटर्न के हिसाब से तैयार करना होगा।


  • NCERT पर फोकस: Class 6th से 10th तक की NCERT साइंस की किताबें आपकी बाइबिल हैं। इस टॉपिक को NCERT से पढ़ें। वहां दिए गए उदाहरणों और गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें।
  • कॉन्सेप्ट्स को समझें: हर विधि के पीछे का वैज्ञानिक सिद्धांत क्या है, इसे समझें। रटने की कोशिश न करें। जैसे, आसवन क्वथनांक के अंतर पर आधारित है, और अपकेंद्रण घनत्व के अंतर पर।
  • उदाहरण याद रखें: हर विधि के कम से कम 2-3 वास्तविक जीवन के उदाहरण याद रखें। Super TET में अक्सर 'किस विधि का उपयोग' वाले प्रश्न आते हैं।
  • फ्लोचार्ट बनाएं: विभिन्न पृथक्करण विधियों और उनके उपयोगों का एक फ्लोचार्ट या माइंड मैप बनाएं। यह रिवीजन में बहुत हेल्प करेगा।
  • मॉक टेस्ट और PYQs: Unictest पर उपलब्ध इस टॉपिक के मॉक टेस्ट और पिछले साल के प्रश्नों (PYQs) को जरूर हल करें। इससे आपको पता चलेगा कि एग्जाम में किस तरह के प्रश्न आते हैं और आपकी तैयारी कितनी है।

मेरा व्यक्तिगत अनुभव: मैंने देखा है कि जो स्टूडेंट्स रेगुलर रिवीजन और मॉक टेस्ट देते हैं, वे एग्जाम में ज्यादा कॉन्फिडेंट होते हैं। इस टॉपिक के लिए, हर विधि के साथ एक छोटा सा diagram या flowchart अपने नोट्स में जरूर शामिल करें। इससे Visual memory बढ़ती है।


कुछ और अभ्यास प्रश्न (More Practice Questions)

चलिए, कुछ और सवालों से अपनी तैयारी को परखते हैं!


Q.11) पेट्रोलियम के विभिन्न घटकों को अलग करने के लिए किस विधि का उपयोग किया जाता है?
  • A) आसवन
  • B) प्रभाजी आसवन
  • C) क्रिस्टलीकरण
  • D) निस्तारण
Answer: B) प्रभाजी आसवन

Q.12) फिटकरी का उपयोग पानी को शुद्ध करने के लिए क्यों किया जाता है?
  • A) यह पानी का स्वाद बढ़ाती है।
  • B) यह अशुद्धियों को भारी करके अवसादित करती है।
  • C) यह पानी में रंग लाती है।
  • D) यह पानी को उबालती है।
Answer: B) यह अशुद्धियों को भारी करके अवसादित करती है।

Q.13) पानी से निलंबित अशुद्धियों को दूर करने के लिए सबसे प्रभावी तरीका क्या है?
  • A) वाष्पीकरण
  • B) निस्तारण
  • C) निस्यंदन
  • D) आसवन
Answer: C) निस्यंदन

Q.14) जब एक द्रव मिश्रण को उसके घटकों के क्वथनांक में अंतर के आधार पर अलग किया जाता है, तो इस प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
  • A) क्रिस्टलीकरण
  • B) आसवन
  • C) क्रोमैटोग्राफी
  • D) वाष्पीकरण
Answer: B) आसवन

Q.15) स्याही से डाई के कणों को अलग करने के लिए किस विधि का उपयोग किया जाता है?
  • A) आसवन
  • B) प्रभाजी आसवन
  • C) क्रोमैटोग्राफी
  • D) अपकेंद्रण
Answer: C) क्रोमैटोग्राफी

Q.16) दो अमिश्रणीय द्रवों (immiscible liquids) को अलग करने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?
  • A) बीकर
  • B) फ्लास्क
  • C) पृथक्करण कीप
  • D) टेस्ट ट्यूब
Answer: C) पृथक्करण कीप

Q.17) अशुद्ध कॉपर सल्फेट को शुद्ध करने के लिए सबसे उपयुक्त विधि कौन सी है?
  • A) वाष्पीकरण
  • B) निस्यंदन
  • C) क्रिस्टलीकरण
  • D) आसवन
Answer: C) क्रिस्टलीकरण

Q.18) चीनी और पानी के घोल से चीनी को अलग करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है (अगर सिर्फ चीनी चाहिए)?
  • A) वाष्पीकरण
  • B) आसवन
  • C) क्रिस्टलीकरण
  • D) निस्यंदन
Answer: C) क्रिस्टलीकरण

Q.19) एक मिश्रण जिसमें एक ठोस द्रव में घुला हुआ हो, उसे अलग करने के लिए किस विधि का उपयोग किया जा सकता है?
  • A) निस्यंदन
  • B) वाष्पीकरण
  • C) अवसादन
  • D) फटकना
Answer: B) वाष्पीकरण

Q.20) पानी के शुद्धिकरण में, क्लोरीन का उपयोग क्यों किया जाता है?
  • A) यह पानी को रंग देता है।
  • B) यह कीटाणुओं को मारता है।
  • C) यह अशुद्धियों को अवसादित करता है।
  • D) यह पानी का स्वाद बढ़ाता है।
Answer: B) यह कीटाणुओं को मारता है।

इन प्रश्नों का अभ्यास करके आप अपनी तैयारी को और मजबूत बना सकते हैं। Remember, practice makes perfect! अपनी गलतियों को analyse करें और उन concepts पर दोबारा काम करें जहां आप कमजोर महसूस करते हैं।

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

Super TET Science सेक्शन में 'पदार्थ के पृथक्करण और शुद्धिकरण' (Separation and Purification of Matter) एक बहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक है क्योंकि इससे हर साल 3-4 सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। यह न केवल आपके विज्ञान के आधारभूत कॉन्सेप्ट्स को मजबूत करता है, बल्कि दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली कई प्रक्रियाओं की समझ भी प्रदान करता है। इस टॉपिक पर अच्छी पकड़ आपको विज्ञान सेक्शन में अच्छे अंक दिलाने में मदद कर सकती है और आपकी ओवरऑल मेरिट को बेहतर बना सकती है। Unictest के एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस सेक्शन से प्रश्न सीधे और तथ्यात्मक होते हैं, जिन्हें सही तैयारी से आसानी से हल किया जा सकता है।

Super TET परीक्षा के लिए उम्मीदवार के पास स्नातक की डिग्री के साथ CTET/UPTET या कोई अन्य राज्य TET परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवार के पास D.El.Ed (BTC) या B.Ed की डिग्री भी होनी चाहिए। आयु सीमा आमतौर पर 21 से 40 वर्ष के बीच होती है, जिसमें आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट प्रदान की जाती है। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आप आवेदन करने से पहले उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना में उल्लिखित सभी पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं।

Super TET Science के 'Separation and Purification of Matter' टॉपिक के लिए सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण संसाधन NCERT की कक्षा 6 से 10 तक की विज्ञान की किताबें हैं। ये किताबें कॉन्सेप्ट्स को सरल भाषा में समझाती हैं और इसमें कई उदाहरण भी दिए गए हैं। इसके अलावा, आप Unictest के स्टडी नोट्स, मॉक टेस्ट और पिछले साल के प्रश्न पत्रों (PYQs) का उपयोग कर सकते हैं। कुछ रेफरेंस बुक्स जैसे Lucent's General Science भी इस टॉपिक के लिए उपयोगी हो सकती हैं, लेकिन NCERT को अपनी प्राथमिकता बनाएं। रेगुलर प्रैक्टिस और रिवीजन के लिए Unictest प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध क्विज़ और टेस्ट सीरीज़ बहुत फायदेमंद हैं।

Super TET परीक्षा में कुल 150 प्रश्न होते हैं, जिनमें से विज्ञान सेक्शन से 10 प्रश्न पूछे जाते हैं, और प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है, यानी विज्ञान सेक्शन 10 अंकों का होता है। इसमें कोई नकारात्मक अंकन (negative marking) नहीं होता है, इसलिए आप सभी प्रश्नों का प्रयास कर सकते हैं। विज्ञान के प्रश्न सामान्यतः दैनिक जीवन में विज्ञान, गति, बल, ऊर्जा, पदार्थ, मानव शरीर, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे विषयों पर आधारित होते हैं। 'पदार्थ के पृथक्करण और शुद्धिकरण' इसी 'पदार्थ' वाले भाग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। समय प्रबंधन पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है ताकि आप सभी 150 प्रश्नों को निर्धारित 2.5 घंटे में हल कर सकें।

Super TET परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, उम्मीदवार उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (Assistant Teacher) के पद पर नियुक्त होते हैं। यह एक स्थायी और प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी है जिसमें आकर्षक वेतन, भत्ते और सामाजिक सम्मान मिलता है। कट-ऑफ ट्रेंड्स की बात करें तो, यह हर साल रिक्तियों की संख्या, परीक्षा के कठिनाई स्तर और उम्मीदवारों की संख्या पर निर्भर करता है। पिछले वर्षों में, सामान्य वर्ग के लिए कट-ऑफ 60% से 65% (लिखित परीक्षा और अकादमिक रिकॉर्ड को मिलाकर) के आसपास रही है। हालांकि, प्रतिस्पर्धा बढ़ने के कारण भविष्य में कट-ऑफ थोड़ी बढ़ सकती है, इसलिए 70% से अधिक स्कोर का लक्ष्य रखना सुरक्षित रहेगा।

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