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Mock Tests 2026

सुपर टीईटी 2026: गणित में लाभ, हानि और अनुक्रमिक छूट के नियम

सुपर टीईटी 2026 के लिए गणित में सफलता पाएं - Join Us!

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-10 · हिंदी

SUPER TET Mock Test Series — Overview

दोस्तों, आज हम सुपर टीईटी परीक्षा में लाभ, हानि और अनुक्रमिक छूट के नियमों का गहराई से अध्ययन करेंगे। ये टॉपिक्स परीक्षा में महत्वपूर्ण अंक ला सकते हैं और अक्सर पूछे जाते हैं। मैंने अपने छात्रों को यह विषय पढ़ाते वक्त देखा है कि इनमें से कुछ नियम बहुत सरल हैं, जबकि कुछ को समझने में मुश्किल होती है। आइए, हम इन नियमों का विस्तार से अध्ययन करते हैं और उन्हें समझने के लिए उदाहरण भी लेते हैं। सफल तैयारी के लिए इन जानकारियों को ध्यान से पढ़ें।

लाभ और हानि की परिभाषा

लाभ और हानि, गणित में दो महत्वपूर्ण अवधारणाएँ हैं। लाभ का मतलब है जब आप वस्तु को खरीदने की कीमत से अधिक में बेचते हैं। जबकि, हानि उस स्थिति को दर्शाती है जब आप वस्तु को उसके खरीद मूल्य से कम में बेचते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप 100 रुपये में एक किताब खरीदते हैं और उसे 120 रुपये में बेचते हैं, तो आपके लाभ का प्रतिशत 20% होगा।

इसके विपरीत, यदि आप इसे 80 रुपये में बेचते हैं, तो आपको 20% हानि हो रही है। ये मूल बातें समझना बहुत जरूरी है क्योंकि परीक्षा में अक्सर लाभ और हानि से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।

लाभ की गणना कैसे करें

लाभ की गणना करने के लिए, आपको पहले खरीद मूल्य और बिक्री मूल्य को जानना होगा। लाभ = बिक्री मूल्य - खरीद मूल्य के फॉर्मूले का उपयोग करें। उदाहरण के लिए, यदि खरीद मूल्य 200 रुपये है और बिक्री मूल्य 250 रुपये है, तो लाभ 50 रुपये होगा।

कई छात्र इस प्रक्रिया को समझने में कठिनाई महसूस करते हैं, लेकिन यदि आप इसे बार-बार अभ्यास करते हैं, तो यह सरल हो जाता है। लाभ के प्रतिशत की गणना करने के लिए, लाभ को खरीद मूल्य से भाग दें और 100 से गुणा करें। इससे आपको लाभ का प्रतिशत प्राप्त होगा।

  • लाभ = बिक्री मूल्य - खरीद मूल्य
  • लाभ प्रतिशत = (लाभ / खरीद मूल्य) × 100
  • लाभ को हमेशा सकारात्मक मानें
  • अधिकांश प्रश्नों में प्रतिशत दिया जाएगा
  • प्रश्न हल करते समय ध्यान दें
  • वास्तविक जीवन के उदाहरणों के साथ अभ्यास करें

हानि की गणना कैसे करें

हानि की गणना लाभ की तरह ही होती है। हानि = खरीद मूल्य - बिक्री मूल्य होता है। यदि आप एक सामान को 150 रुपये में खरीदते हैं और 120 रुपये में बेचते हैं, तो आपकी हानि 30 रुपये होगी।

इसका प्रतिशत निकालने के लिए, हानि को खरीद मूल्य से भाग देकर 100 से गुणा करें। उदाहरण के लिए, 30 रुपये की हानि पर, हानि प्रतिशत = (30 / 150) × 100 = 20% होगा। यह जानना जरूरी है कि आप किसी भी हानि को कम करके समझ सकते हैं।

यह टिप ध्यान देने योग्य है: लाभ और हानि की समस्याएँ अक्सर परीक्षाओं में आती हैं। इसलिए, उन्हें हल करते वक्त तर्क और गणना पर ध्यान दें!

अनुक्रमिक छूट क्या है?

अनुक्रमिक छूट एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक वस्तु पर दो या अधिक छूटें sequentially लगाई जाती हैं। यह गणित में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है क्योंकि परीक्षा में अक्सर इसी प्रकार के प्रश्न आते हैं। उदाहरण के लिए, यदि एक शर्ट की कीमत 1000 रुपये है और उस पर 10% और फिर 20% छूट है, तो आपको यह जानने की आवश्यकता है कि अंतिम कीमत क्या होगी।

अनुक्रमिक छूट की गणना करने के लिए पहले छूट की गणना करें, फिर शेष राशि पर दूसरी छूट लागू करें। यह विधि आवश्यक है क्योंकि प्रतिशत के आधार पर छूट देने से अंतिम मूल्य प्रभावित होता है।

अनुक्रमिक छूट की गणना कैसे करें

यदि कोई वस्तु की लागत 2000 रुपये है और उस पर 10% और फिर 15% छूट है, तो पहले छूट की गणना करें। पहले चरण में, 10% छूट की गणना करेंगे: 2000 × 0.1 = 200 रुपये।

इसमें से आपको 2000 - 200 = 1800 रुपये की नई कीमत मिलेगी। अब, दूसरी छूट 15% लागू करेंगे: 1800 × 0.15 = 270 रुपये। तो, अंतिम कीमत होगी 1800 - 270 = 1530 रुपये। यह विधि समझना बेहद जरूरी है।

  • अनुक्रमिक छूट = (प्रथम छूट + द्वितीय छूट)
  • छूट के बाद की कीमत निकालें
  • हर छूट को अलग से पत्रांकित करें
  • कोई संदेह हो, तो पुनः करें
  • सीखने के दौरान प्रश्न हल करें
जब आप अनुक्रमिक छूट को हल कर रहे होते हैं, तो ध्यान रखें कि प्रतिशत का सही अनुमान लगाना महत्वपूर्ण है। हर प्रतिशत को सही से गिनें!

लाभ और हानि पर मॉडल प्रश्न

आइए अब कुछ मॉडल प्रश्नों पर ध्यान दें जो सुपर टीईटी परीक्षा में लाभ और हानि से संबंधित हैं। ये प्रश्न आपके अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण हैं।

प्रश्न: यदि एक विक्रेता एक सामान को 30% लाभ पर बेचता है, और अन्य व्यक्तियों को 20% हानि पर बेचता है, तो क्या होगा? ऐसे प्रश्नों का अभ्यास करें। ये प्रश्न अक्सर परीक्षा में आते हैं।

अनुक्रमिक छूट पर मॉडल प्रश्न

अनुक्रमिक छूट से संबंधित प्रश्नों के कुछ उदाहरण देखें। उदाहरण के लिए: यदि एक सामान की कीमत 500 रुपये है और उस पर पहले 20% और फिर 10% छूट है, तो अंतिम कीमत क्या होगी?

ऐसे प्रश्न आपके फंडे को मजबूत करते हैं और परीक्षा में शुभकामनाएँ देते हैं।

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Available Mock Tests

SUPER TET Full Mock Test 1

150 Min | 150 Qs Free

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SUPER TET Full Mock Test 2

150 Min | 150 Qs Free

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SUPER TET Previous Year Paper

120 Min | 100 Qs

Attempt

Test Series Features

सुपर टीईटी की तैयारी के लिए संपूर्ण रणनीति

सुपर टीईटी परीक्षा की तैयारी के लिए एक उचित योजना बनाना बहुत महत्वपूर्ण है। मुझे विश्वास है कि अगर आप एक संगठित तरीके से पढ़ाई करेंगे, तो आप सफलता जरूर हासिल करेंगे। सबसे पहले, आपको सारे विषयों की एक सूची बनानी चाहिए और उन पर पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहिए। यदि आप गणित में बेहतर करना चाहते हैं, तो इसके लिए विशेष समय दें।

मेरे छात्रों के मध्य मैंने देखा है कि जो छात्र दिन में थोड़े से समय को सुव्यवस्थित करते हैं, वे अधिकतर सफल होते हैं। मेरा सुझाव यह है कि आप अपने समय का ध्यान रखें और महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर ध्यान केंद्रित करें।

महिने दर महिने अध्ययन योजना

आपकी अध्ययन योजना में हर महीने का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है। पहले महीने में, सभी विषयों का समावेश करें और आधारभूत तकनीकों पर ध्यान दें। दूसरे महीने में, मार्क्स को ध्यान में रखते हुए विशेष टॉपिक्स पर ध्यान दें।

तीसरे महीने में पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करें। इससे आपको परीक्षा के पैटर्न का अंदाजा होगा। यह एक निश्चित रूप से सफलता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।

एक्सपर्ट टिप: हर महीने 2-3 बार मॉक टेस्ट ज़रूर लें। इससे आप अपनी गति और गलतियों को समझ पाएंगे।

विषयवार ब्रेकडाउन और मार्क्स वेटेज

हर विषय का अलहदा महत्व है। गणित के लिए, मुझे लगता है कि 20 से 25 अंक की तैयारी करनी चाहिए। ऐसे समय में, आपको विशिष्ट विषयों जैसे लाभ, हानि और अनुक्रमिक छूट पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

इसके अलावा, अन्य विषयों को भी अच्छे से समझें। मैंने देखा है कि गणित में मजबूत आधार वाले छात्रों की परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन होता है।

सबसे महत्वपूर्ण 15+ विषय

आपके लिए यहाँ कुछ महत्वपूर्ण विषयों की सूची है, जो आपको अध्ययन करते समय ध्यान में रखनी चाहिए:

  • लाभ
  • हानि
  • अनुक्रमिक छूट
  • प्रतिशत
  • आधारभूत अंकगणित
  • संख्याओं की पहचान
  • समय और कार्य
  • सलूशन प्रक्रिया
  • उम्र के प्रश्न
  • खरीद और बिक्री
  • महँगाई दर
  • सीधी गणना के प्रश्न
  • निष्कर्ष निकालना
  • सदस्यता प्रणाली के प्रश्न
  • संख्यात्मक आधार पर प्रश्न
एक्सपर्ट टिप: कठिन विषयों पर ज़्यादा ध्यान दें और आत्म-समर्पित होकर प्रयास करें। आपकी मेहनत ही आपको सफलता दिलाएगी!

सर्वश्रेष्ठ 5 पुस्तकें और लेखक

जब मैं अपने छात्रों को अध्ययन के लिए पुस्तकें सुझाता हूं, तो मैंने निम्नलिखित पुस्तकों को बहुत प्रभावी पाया है:

  • NCERT गणित: बुनियादी अवधारणाएं
  • Quantitative Aptitude by R.S. Aggarwal
  • Objective Mathematics by R.D. Sharma
  • Mathematics for Class 10 by R.D. Sharma
  • C.L. Khanna's Super TET Guide

इन पुस्तकों में से प्रत्येक में स्पष्टता और अध्यायों का अच्छा संयोजन है, जो आपको परीक्षा में बेहतर तैयारी करने में मदद करेगा।

कोचिंग बनाम आत्म-अध्ययन

कोचिंग और आत्म-अध्ययन के बीच का चुनाव कठिन हो सकता है। कोचिंग में आपको निर्देशित रूप से एक संरचना मिलती है, जबकि आत्म-अध्ययन में आपको स्वतंत्रता होती है। मेरे विचार में, जो छात्र समय प्रबंधन का ध्यान रखते हैं, वे आत्म-अध्ययन को प्राथमिकता दे सकते हैं।

कुछ छात्र कोचिंग में अधिक आत्मविश्वास महसूस करते हैं और बेहतर प्रदर्शन करते हैं। दोनों के अपने फायदे हैं। आपको अपने अनुसार खुद को ढालना होगा।

  • कोचिंग का लाभ: संरचना
  • स्वतंत्रता में खुद को ढालना
  • कोचिंग में संपर्क का महत्व

समय प्रबंधन और दैनिक शेड्यूल

समय प्रबंधन सफलता की कुंजी है। आपके पास रोजाना का एक शेड्यूल होना चाहिए। जब मैं छात्रों को यह सलाह देता हूं, तो मैं उन्हें सुझाव देता हूं कि वे सुबह के समय को अध्ययन के लिए समर्पित करें। यह उन्हें मानसिक शांति देगा।

मेरे अनुभव में, रात में पढ़ाई करने वाले छात्रों की तुलना में सुबह के अध्ययन में उच्चतम परिणाम आते हैं। तो, अपने समय का सही उपयोग करें।

एक्सपर्ट टिप: एक स्पष्ट शेड्यूल बनाएं और उसे फॉलो करें। इससे आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकेंगे!

अंतिम 30 दिनों का संशोधन रणनीति

अंतिम 30 दिनों में अध्ययन करना लगभग सभी छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है। यह समय आपके ज्ञान की पुनरावृत्ति का होता है। मैंने देखा है कि जो छात्र इन दिनों में सही से योजना बनाते हैं, वे बेहतर परिणाम प्राप्त करते हैं।

अपने पिछले प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करें और उन्हीं टॉपिक्स पर ध्यान दें, जिन पर आपने पहले ध्यान नहीं दिया था। यह आपको आत्मविश्वास देने में मदद करेगा।

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

सुपर टीईटी परीक्षा में लाभ और हानि संबंधित प्रश्न अत्यधिक महत्वपूर्ण होते हैं। पिछले वर्षों में, ये प्रश्न वास्तविक परीक्षा में 15 से 20% तक के अंकों का योगदान देते हैं। अगर आप इस विषय में मजबूत होते हैं, तो आपके overall अंक में वृद्धि होगी। मुझे व्यक्तिगत अनुभव से पता है कि इस विषय पर अच्छे अंक लाने वाले छात्रों की परीक्षा में सफलता के दर बढ़ जाते हैं। इसलिए, इस टॉपिक पर ध्यान केंद्रित करना बेहद जरूरी है।

जी हां, सुपर टीईटी परीक्षा में अनुक्रमिक छूट से संबंधित प्रश्न पूरी तरह से आते हैं। ये प्रश्न गणित के महत्वपूर्ण हिस्से होते हैं। पिछले साल, मैंने देखा कि ऐसे प्रश्न लगभग 10% के आसपास आए थे। यदि आप अनुक्रमिक छूट की अवधारणाओं को समझते हैं, तो आप आसानी से इन प्रश्नों को हल कर सकते हैं। यह विषय आपके अंक में महत्वपूर्ण योगदान करता है, इसलिए इसे अच्छे से तैयार करें।

लाभ और हानि के प्रश्नों को हल करने के लिए सबसे अच्छी रणनीति है कि आप पहले फॉर्मूलों को अच्छे से समझें। इसके बाद, कुछ मॉडल प्रश्नों का अभ्यास करें। मैंने अपने छात्रों को हमेशा सलाह दी है कि वे पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र हल करें। इससे आपको प्रश्नों के पैटर्न का आभास होगा और आप बेहतर तैयारी कर सकेंगे। अंत में, समय प्रबंधन का ध्यान रखें।

नहीं, अनुक्रमिक छूट का प्रतिशत हमेशा जोड़ा नहीं जाता। आपको पहले छूट का मूल्य निकालना होगा, फिर उस पर दूसरी छूट लगानी होगी। उदाहरण के लिए, यदि एक वस्तु पर पहले 10% और फिर 20% छूट है, तो पहले 10% की गणना करें, फिर उस मूल्य पर 20% की छूट निकालें। यह तरीका आपको सही अंतिम मूल्य प्रदान करेगा।

सुपर टीईटी परीक्षा में सफल होने के लिए एक सुसंगत अध्ययन योजना, समय प्रबंधन, और नियमित मॉक टेस्ट लेना आवश्यक है। इसके अलावा, सभी महत्वपूर्ण विषयों का अच्छा ज्ञान होना चाहिए। मैं सुझाव दूंगा कि आप पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करें और उन पर ध्यान केंद्रित करें। हमेशा प्रयासरत रहें और आत्म-विश्वास बनाए रखें।

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