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Mock Tests 2026

Super TET Math Profit and Loss Important Formulas 2026 | लाभ-हानि के महत्वपूर्ण सूत्र

Super TET गणित में लाभ-हानि: सफलता के लिए ज़रूरी सूत्र और ट्रिक्स! Master Profit & Loss Formulas for Super TET Math!

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.Founder & Director Unictest. M.Sc (Maths) MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET KVS DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-06-17 · हिंदी

SUPER TET Mock Test Series — Overview

नमस्ते मेरे प्यारे Super TET aspirants! Unictest पर आपका स्वागत है। आज हम Super TET गणित के एक बहुत ही महत्वपूर्ण और स्कोरिंग टॉपिक, लाभ-हानि (Profit & Loss), के सबसे ज़रूरी फ़ॉर्मूलों और कॉन्सेप्ट्स पर बात करेंगे। Dekhiye dosto, Super TET गणित में लाभ-हानि (Profit and Loss) एक ऐसा टॉपिक है जिससे सवाल आते ही आते हैं। अगर आप इसके बेसिक कॉन्सेप्ट्स और फ़ॉर्मूलों को अच्छे से समझ लेते हैं, तो यह आपके लिए स्कोरिंग साबित हो सकता है। मैंने पर्सनली देखा है कि जो स्टूडेंट्स इस सेक्शन को ठीक से तैयार करते हैं, वे एग्जाम में कॉन्फिडेंट रहते हैं।


लाभ-हानि के बुनियादी कॉन्सेप्ट्स को समझें (Understanding Basic Profit & Loss Concepts)

किसी भी फ़ॉर्मूले को रटने से पहले, उसके पीछे के कॉन्सेप्ट को समझना बहुत ज़रूरी है। अगर आपकी नींव मजबूत है, तो आप किसी भी तरह के सवाल को हल कर पाएंगे।

  • क्रय मूल्य (Cost Price - CP): वह मूल्य जिस पर कोई वस्तु खरीदी जाती है। (जिस दाम पर हमने सामान खरीदा)
  • विक्रय मूल्य (Selling Price - SP): वह मूल्य जिस पर कोई वस्तु बेची जाती है। (जिस दाम पर हमने सामान बेचा)
  • लाभ (Profit): जब विक्रय मूल्य क्रय मूल्य से अधिक हो। (SP > CP)
  • हानि (Loss): जब क्रय मूल्य विक्रय मूल्य से अधिक हो। (CP > SP)
  • अंकित मूल्य (Marked Price - MP): वह मूल्य जो वस्तु पर अंकित होता है। (MRP)
  • छूट (Discount): अंकित मूल्य पर दी जाने वाली कमी।

Expert Tip: हमेशा CP को 100% मानकर चलें। इससे Profit/Loss % के सवाल बहुत जल्दी सॉल्व होते हैं और आप समय बचा सकते हैं। यह मेरी खुद की आजमाई हुई ट्रिक है जो मैंने अपने हजारों स्टूडेंट्स को सिखाई है!

लाभ-हानि के महत्वपूर्ण सूत्र (Important Profit & Loss Formulas)

अब बात करते हैं उन फ़ॉर्मूलों की जो Super TET में आपको अच्छे मार्क्स दिला सकते हैं। इन्हें अच्छे से याद कर लें और इनकी प्रैक्टिस करें।

  • लाभ (Profit) = SP - CP
  • हानि (Loss) = CP - SP
  • लाभ प्रतिशत (Profit %) = (लाभ / CP) × 100
  • हानि प्रतिशत (Loss %) = (हानि / CP) × 100
  • जब लाभ प्रतिशत दिया हो, तो SP = CP × (100 + लाभ %) / 100
  • जब हानि प्रतिशत दिया हो, तो SP = CP × (100 - हानि %) / 100
  • जब लाभ प्रतिशत दिया हो, तो CP = SP × 100 / (100 + लाभ %)
  • जब हानि प्रतिशत दिया हो, तो CP = SP × 100 / (100 - हानि %)
  • छूट (Discount) = MP - SP
  • छूट प्रतिशत (Discount %) = (छूट / MP) × 100

ध्यान दें: लाभ और हानि प्रतिशत हमेशा क्रय मूल्य (CP) पर ही कैलकुलेट किए जाते हैं, जब तक कि सवाल में कुछ और न कहा गया हो। यह एक आम गलती है जो कई छात्र करते हैं।

कुछ विशेष स्थितियाँ और उनके फ़ॉर्मूले (Special Cases & Their Formulas)

Super TET में कभी-कभी थोड़े ट्रिकी सवाल भी आ जाते हैं। इन स्थितियों के लिए भी कुछ खास फ़ॉर्मूले होते हैं:

  • जब दो वस्तुओं को समान मूल्य पर बेचा जाए, एक पर X% लाभ और दूसरी पर X% हानि हो:
    इस स्थिति में हमेशा हानि होती है। हानि % = (X/10)2 %
  • बेईमान दुकानदार (Dishonest Dealer) के प्रश्न:
    लाभ % = [(गलत वजन - सही वजन) / सही वजन] × 100 (यह तब, जब वह कम वजन का उपयोग करके लाभ कमाता है)।
    अगर वह CP पर बेचने का दावा करता है लेकिन कम वजन का उपयोग करता है, तो लाभ % = [(Error / True Value - Error) × 100]
  • लगातार छूट (Successive Discounts):
    अगर दो लगातार छूट d1% और d2% हों, तो समतुल्य छूट (Equivalent Discount) = [d1 + d2 - (d1 × d2 / 100)] %

अभ्यास प्रश्न और उनके हल (Practice Questions with Solutions)

चलिए, कुछ उदाहरणों से इन फ़ॉर्मूलों को अप्लाई करना सीखते हैं। यह आपको एग्जाम पैटर्न समझने में मदद करेगा।

Q. 1: एक वस्तु ₹400 में खरीदी गई और ₹480 में बेची गई। लाभ प्रतिशत ज्ञात कीजिए।
  • A) 15%
  • B) 20%
  • C) 25%
  • D) 30%
Answer: B) 20%
Explanation:
CP = ₹400, SP = ₹480
लाभ = SP - CP = 480 - 400 = ₹80
लाभ % = (लाभ / CP) × 100 = (80 / 400) × 100 = (1/5) × 100 = 20%
Q. 2: एक दुकानदार एक वस्तु ₹600 में खरीदता है और उसे 10% हानि पर बेचता है। वस्तु का विक्रय मूल्य ज्ञात कीजिए।
  • A) ₹540
  • B) ₹550
  • C) ₹660
  • D) ₹580
Answer: A) ₹540
Explanation:
CP = ₹600, हानि % = 10%
SP = CP × (100 - हानि %) / 100 = 600 × (100 - 10) / 100 = 600 × 90 / 100 = 6 × 90 = ₹540
Q. 3: एक वस्तु को ₹720 में बेचने पर 20% का लाभ होता है। वस्तु का क्रय मूल्य ज्ञात कीजिए।
  • A) ₹600
  • B) ₹576
  • C) ₹864
  • D) ₹700
Answer: A) ₹600
Explanation:
SP = ₹720, लाभ % = 20%
CP = SP × 100 / (100 + लाभ %) = 720 × 100 / (100 + 20) = 720 × 100 / 120 = 6 × 100 = ₹600
Q. 4: एक व्यापारी दो साइकिलों में से प्रत्येक को ₹12,000 में बेचता है। एक पर उसे 20% लाभ होता है और दूसरी पर 20% हानि। कुल सौदे में उसे कितना लाभ या हानि हुई?
  • A) 4% लाभ
  • B) 4% हानि
  • C) न लाभ न हानि
  • D) 2% हानि
Answer: B) 4% हानि
Explanation:
जब दो वस्तुओं को समान विक्रय मूल्य पर बेचा जाए और एक पर X% लाभ तथा दूसरी पर X% हानि हो, तो हमेशा हानि होती है।
हानि % = (X/10)2 % = (20/10)2 % = (2)2 % = 4%
Q. 5: एक दुकानदार एक वस्तु पर 20% और 10% की दो क्रमिक छूट देता है। समतुल्य छूट ज्ञात कीजिए।
  • A) 30%
  • B) 28%
  • C) 18%
  • D) 25%
Answer: B) 28%
Explanation:
d1 = 20%, d2 = 10%
समतुल्य छूट = [d1 + d2 - (d1 × d2 / 100)] % = [20 + 10 - (20 × 10 / 100)] % = [30 - (200 / 100)] % = [30 - 2] % = 28%

मेरे अनुभव में, ऐसे सवाल Super TET में अक्सर पूछे जाते हैं। इन कॉन्सेप्ट्स को जितनी बार आप प्रैक्टिस करेंगे, उतनी ही आपकी पकड़ मजबूत होगी। बहुत से स्टूडेंट्स सिर्फ़ फ़ॉर्मूले रट लेते हैं और जब सवाल थोड़ा घूमकर आता है, तो अटक जाते हैं। यह गलती मत कीजिएगा! हर फ़ॉर्मूले को एक-दो उदाहरण के साथ समझें।


याद रखिए – गणित में सिर्फ़ फ़ॉर्मूले याद करना काफी नहीं होता, उन्हें सही जगह और सही तरीके से अप्लाई करना भी आना चाहिए। इसलिए, इन फ़ॉर्मूलों को बार-बार लिखकर अभ्यास करें और अलग-अलग प्रकार के प्रश्नों पर इन्हें लागू करने की कोशिश करें। इससे आपकी स्पीड और एक्यूरेसी दोनों बढ़ेगी।

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Test Series Features

अब जब हमने लाभ-हानि के महत्वपूर्ण फ़ॉर्मूले और कॉन्सेप्ट्स को समझ लिया है, तो बात करते हैं कि Super TET के लिए इस टॉपिक को कैसे मास्टर करें। सिर्फ़ फ़ॉर्मूले जानने से सिलेक्शन नहीं होता, एक सही रणनीति (strategy) से ही आप सफलता पा सकते हैं।


Super TET गणित में लाभ-हानि की तैयारी की रणनीति (Preparation Strategy for Profit & Loss in Super TET Math)

Super TET में गणित का सेक्शन काफी अहम होता है और इसमें लाभ-हानि से 2-3 प्रश्न तो निश्चित रूप से आते हैं। इसलिए, इसे हल्के में न लें। अपनी तैयारी को कुछ चरणों में बांटिए:

  • चरण 1: कॉन्सेप्ट्स की स्पष्टता (Concept Clarity): सबसे पहले, क्रय मूल्य, विक्रय मूल्य, लाभ, हानि, प्रतिशत, छूट, अंकित मूल्य जैसे सभी बुनियादी कॉन्सेप्ट्स को अच्छे से समझें। Unictest के नोट्स और वीडियो लेक्चर्स इसमें आपकी मदद करेंगे।
  • चरण 2: फ़ॉर्मूले याद करें और समझें (Memorize & Understand Formulas): ऊपर दिए गए सभी फ़ॉर्मूलों को सिर्फ़ याद न करें, बल्कि यह भी समझें कि वे क्यों और कैसे काम करते हैं। एक छोटी सी पॉकेट डायरी में सभी फ़ॉर्मूले लिख लें और रोज़ाना सुबह-शाम उन्हें दोहराएं।
  • चरण 3: बेसिक प्रश्नों का अभ्यास (Practice Basic Problems): शुरुआत में आसान सवालों से करें। NCERT की कक्षा 6 से 10 तक की गणित की किताबों में लाभ-हानि के कई सरल प्रश्न मिल जाएंगे। यह आपकी नींव को मजबूत करेगा।
  • चरण 4: मध्यम और कठिन स्तर के प्रश्न (Medium & Advanced Problems): जब बेसिक पर पकड़ बन जाए, तो R.S. Aggarwal या किरण पब्लिकेशन जैसी किताबों से मध्यम और थोड़े कठिन स्तर के प्रश्नों का अभ्यास करें। बेईमान दुकानदार, क्रमिक छूट, और दो वस्तुओं के लेन-देन वाले प्रश्नों पर विशेष ध्यान दें।
  • चरण 5: पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र (Previous Year Papers - PYQs): Super TET के पिछले 5-7 सालों के प्रश्न पत्रों से लाभ-हानि के सवालों को हल करें। इससे आपको एग्जाम पैटर्न और पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार का सटीक अंदाज़ा होगा। मैंने अपने अनुभव में देखा है कि कई बार सवाल सीधे रिपीट हो जाते हैं या उनका पैटर्न समान रहता है।
  • चरण 6: मॉक टेस्ट (Mock Tests): नियमित रूप से मॉक टेस्ट दें। Unictest पर आपको Super TET के लिए ढेरों मॉक टेस्ट मिलेंगे। मॉक टेस्ट में आप टाइम मैनेजमेंट और प्रेशर हैंडल करना सीखते हैं। अपने स्कोर का विश्लेषण करें और कमजोर क्षेत्रों पर काम करें।

Expert Tip: बहुत से स्टूडेंट्स सिर्फ़ कठिन सवालों पर अटक जाते हैं और बेसिक छोड़ देते हैं। याद रखिए, Super TET में बेसिक और मीडियम लेवल के सवाल ज़्यादा आते हैं। अपनी 80% तैयारी बेसिक और मीडियम सवालों पर फोकस करके करें और 20% थोड़े एडवांस लेवल के लिए रखें।

लाभ-हानि के लिए महत्वपूर्ण टॉपिक्स (Important Topics for Profit & Loss)

लाभ-हानि में कुछ ऐसे उप-विषय हैं जिनसे प्रश्न आने की संभावना अधिक होती है:

  • लाभ/हानि प्रतिशत की गणना (Calculation of Profit/Loss Percentage)
  • CP और SP ज्ञात करना जब लाभ/हानि प्रतिशत दिया हो (Finding CP & SP when Profit/Loss Percentage is given)
  • दो वस्तुओं का क्रय-विक्रय (Buying/Selling two articles)
  • बेईमान दुकानदार के प्रश्न (Problems on Dishonest Dealer)
  • क्रमिक छूट (Successive Discounts)
  • अंकित मूल्य और छूट से संबंधित प्रश्न (Problems related to Marked Price and Discount)

सुझाई गई पुस्तकें और अध्ययन सामग्री (Recommended Books & Study Material)

सही किताबों का चुनाव आपकी तैयारी को सही दिशा देता है:

  • NCERT गणित (कक्षा 6-10): बुनियादी कॉन्सेप्ट्स के लिए यह सबसे बेहतरीन स्रोत है। इन्हें अच्छे से पढ़ें।
  • RS Aggarwal की 'क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड': अभ्यास के लिए यह किताब बहुत अच्छी है। इसमें विभिन्न स्तर के प्रश्न दिए गए हैं।
  • किरण पब्लिकेशन या घटना चक्र की PYQ बुक: पिछले वर्षों के प्रश्नों का अभ्यास करने के लिए ये किताबें बहुत उपयोगी हैं।
  • Unictest के स्टडी नोट्स और मॉक टेस्ट: हमारी प्लेटफॉर्म पर आपको टू-द-पॉइंट नोट्स, प्रैक्टिस सेट्स और फुल-लेंथ मॉक टेस्ट मिलेंगे जो Super TET के सिलेबस के अनुसार डिज़ाइन किए गए हैं।

समय प्रबंधन और अध्ययन अनुसूची (Time Management & Study Schedule)

Super TET के लिए गणित में लाभ-हानि को मास्टर करने के लिए एक व्यवस्थित अध्ययन अनुसूची बहुत ज़रूरी है:

  • प्रतिदिन 1 घंटा गणित: गणित को रोज़ाना समय दें। इसमें से 15-20 मिनट लाभ-हानि के लिए निकालें।
  • फ़ॉर्मूला रिवीजन: रोज़ाना 10 मिनट सिर्फ़ फ़ॉर्मूलों को दोहराने में लगाएं। इससे वे आपकी मेमोरी में स्थायी हो जाएंगे।
  • वीकली रिवीजन: हर हफ्ते, लाभ-हानि के सभी कॉन्सेप्ट्स और फ़ॉर्मूलों को रिवाइज करें और कम से कम 20-30 प्रश्न हल करें।
  • गलतियों का विश्लेषण: जो प्रश्न गलत होते हैं, उन्हें मार्क करें और उनके पीछे के कॉन्सेप्ट को फिर से समझें। मेरी सलाह है कि एक 'Mistake Copy' बनाएं जहाँ आप अपनी गलतियों को लिखते रहें।

याद रखिए, गणित में परफेक्शन सिर्फ़ प्रैक्टिस से आता है। हर दिन थोड़ा-थोड़ा करते रहिए, सफलता ज़रूर मिलेगी! Unictest आपके साथ है इस सफर में।

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

Super TET गणित सेक्शन में लाभ-हानि (Profit & Loss) से आमतौर पर 2 से 3 प्रश्न पूछे जाते हैं। कभी-कभी यह संख्या 4 तक भी जा सकती है, खासकर जब इसमें छूट (Discount) या क्रमिक छूट (Successive Discounts) से जुड़े प्रश्न शामिल हों। इसलिए, यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण और स्कोरिंग टॉपिक है जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। इन प्रश्नों को सही करके आप अपनी ओवरऑल रैंक में काफी सुधार कर सकते हैं।

लाभ-हानि के फ़ॉर्मूले याद रखने के लिए सबसे अच्छी ट्रिक है कॉन्सेप्ट्स को समझना और उन्हें रोज़ाना अभ्यास में लाना। सिर्फ़ रटने की बजाय, यह समझें कि प्रत्येक फ़ॉर्मूला किस स्थिति में और क्यों लागू होता है। एक छोटी सी 'फ़ॉर्मूला डायरी' बनाएं जहाँ आप सभी फ़ॉर्मूलों को लिखें और रोज़ाना सुबह-शाम 5-10 मिनट तक उन्हें दोहराएं। साथ ही, हर फ़ॉर्मूले पर कम से कम 2-3 उदाहरण प्रश्न हल करें ताकि उसका एप्लीकेशन स्पष्ट हो जाए।

Super TET के लिए लाभ-हानि की तैयारी हेतु, सबसे पहले NCERT की कक्षा 6 से 10 तक की गणित की किताबों से अपने बुनियादी कॉन्सेप्ट्स मजबूत करें। इसके बाद, अभ्यास के लिए RS Aggarwal की 'क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड' एक बेहतरीन विकल्प है, जिसमें विभिन्न स्तर के प्रश्न दिए गए हैं। पिछले वर्षों के प्रश्नों के लिए, किरण पब्लिकेशन या घटना चक्र की Super TET PYQ किताबें बहुत उपयोगी हैं। इसके अलावा, Unictest पर उपलब्ध हमारे विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए अध्ययन नोट्स और मॉक टेस्ट आपकी तैयारी को और धार देंगे।

नहीं, Super TET परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है। इसका मतलब है कि आप बेझिझक सभी प्रश्नों को हल करने का प्रयास कर सकते हैं। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि आप बिना सोचे-समझे जवाब दें। गलत उत्तर देने से आपका समय बर्बाद होता है और आप सही उत्तरों के लिए आवंटित समय को गंवा सकते हैं। इसलिए, हमेशा कोशिश करें कि आप सटीक और सही जवाब ही दें, खासकर लाभ-हानि जैसे गणित के प्रश्नों में।

लाभ-हानि के कठिन प्रश्नों को हल करने के लिए सबसे पहले प्रश्न को छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़कर समझें। अक्सर, ये प्रश्न कई कॉन्सेप्ट्स का मिश्रण होते हैं। सवालों को पढ़ते हुए ही महत्वपूर्ण जानकारी (जैसे CP, SP, Profit%, Loss%, Discount%) को नोट कर लें। अगर सीधा हल नहीं हो रहा, तो विकल्पों (options) का उपयोग करके भी सही उत्तर तक पहुंचा जा सकता है। लगातार अभ्यास, विशेष रूप से बेईमान दुकानदार या क्रमिक छूट जैसे ट्रिकी कॉन्सेप्ट्स पर, आपकी पकड़ को मजबूत करेगा और आपको कठिन सवालों को भी आसानी से हल करने में मदद करेगा।

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