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Mock Tests 2026

Super TET हिंदी Kriya Akarmak Aur Sakarmak की तैयारी करें

Super TET की तैयारी करें सही तरीके से, Akarmak और Sakarmak क्रियाएँ जानें!

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director, Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-10 · हिंदी

SUPER TET Mock Test Series — Overview

दोस्तों, आज हम Super TET परीक्षा के लिए हिंदी में Kriya Akarmak और Sakarmak पर विस्तार से चर्चा करेंगे। यह टॉपिक न केवल परीक्षा में महत्वपूर्ण है बल्कि शिक्षण में भी बेहद उपयोगी है। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों के विश्लेषण से पता चलता है कि इस विषय से औसतन 10-12 प्रश्न आते हैं। इसलिए, अगर आप इस चैप्टर को अच्छे से समझ लेते हैं तो आपकी सफलता की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। चलिए, विस्तार में समझते हैं।

Kriya की परिभाषा

कर्म, या क्रिया, एक वाक्य में वह कार्य है जिसे किया जा रहा है। इसे विभिन्न रूपों में वर्गीकृत किया जा सकता है, जैसे Akarmak और Sakarmak। Akarmak क्रिया वह है जिसमें कोई कार्य करने का प्रदर्शन नहीं होता है। उदाहरण के लिए, 'सोना' एक Akarmak क्रिया है।

दूसरी ओर, Sakarmak क्रिया वह है जिसमें कार्य का प्रदर्शन किया जाता है। जैसे कि 'लड़का गेंद फेंकता है', यहाँ गेंद फेंकने की क्रिया स्पष्ट है। जब मैं अपने छात्रों को यह टॉपिक पढ़ाता हूँ, तो सबसे पहले मैं उन्हें इस भिन्नता को स्पष्ट रूप से समझाता हूँ।

Akarmak Kriya का महत्व

Akarmak क्रियाएँ वाक्य के अर्थ को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये न केवल व्याकरणिक क्रियाएँ हैं बल्कि हिंदी साहित्य में भी इनका खास स्थान है। बहुत से छात्र इस टॉपिक को छोड़ देते हैं — यह सबसे बड़ी गलती है! मुझे याद है कि पिछले वर्ष के Super TET पेपर में 5 प्रश्न इसी से थे।

इस प्रकार की क्रियाओं का प्रयोग करना छात्रों के लिए बहुत ज़रूरी है। मुझे यकीन है कि अगर आप इसे अच्छे से समझ लेते हैं तो आप इससे संबंधित प्रश्नों में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।

  • सोना
  • सोचना
  • हंसना
  • खुश होना
  • चलना
  • नींद लेना

Sakarmak Kriya का महत्व

Sakarmak क्रियाएँ वाक्य में क्रियात्मकता का संचार करती हैं। ये दर्शाती हैं कि क्रिया का प्रभाव किस पर पड़ता है। जैसे 'सीता ने किताब पढ़ी' में 'किताब' प्रभावित होती है। जब मैं इस विषय पर चर्चा करता हूँ, तो छात्रों को इसके प्रयोग के उदाहरण देता हूँ।

इन क्रियाओं के सही उपयोग से वाक्य का अर्थ बेहद स्पष्ट होता है। उदाहरण के लिए, 'राम ने चिट्ठी लिखी' में स्पष्ट है कि राम क्रिया कर रहा है। मेरा सुझाव है कि आप इस प्रकार के वाक्यों का अभ्यास करें ताकि आप प्रयोग में सुधार कर सकें।

यह ध्यान रखें कि Sakarmak क्रियाएँ आमतौर पर अधिक प्रयोग की जाती हैं और ये छात्रों के लिए अधिक लाभकारी होती हैं।

Akarmak और Sakarmak Kriya में भेद

Akarmak और Sakarmak क्रियाओं के बीच का भेद समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब मैं अपने छात्रों को यह टॉपिक पढ़ाता हूँ, तो सबसे पहले मैं उन्हें कुछ वाक्य दिखाता हूँ और उनसे पूछता हूँ कि कौन सी Akarmak है और कौन सी Sakarmak।

इस विभाजन को समझने से छात्रों को हिंदी में वाक्य रचना करने में आसानी होती है। मैंने यह देखा है कि जब छात्र इस बात को समझ लेते हैं, तो वे वाक्यों को आसानी से बना पाते हैं।

  • Akarmak: 'राम सोया'।
  • Sakarmak: 'राम ने चिट्ठी लिखी'।
  • Akarmak: 'वह हंस रहा है'।
  • Sakarmak: 'सीता ने खाना बनाया'।
  • Akarmak: 'बच्चा सोया'।
  • Sakarmak: 'लड़की ने फूल तोड़ा'।

Kriya का प्रयोग

Kriya का सही प्रयोग शिक्षण में बेहद महत्वपूर्ण है। मुझे याद है कि मैंने पिछले 5 वर्षों में इस विषय को पढ़ाते हुए देखा है कि इससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है। इसके साथ ही उनकी व्याकरण संबंधी समस्याएँ भी कम होती हैं।

जब छात्र Akarmak और Sakarmak क्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो उन्हें वाक्य निर्माण में भी मदद मिलती है। वे इसे सरलता से समझ पाते हैं और अपने लेखन कौशल में सुधार करते हैं।

Kriya का सही उपयोग शिक्षकों के लिए छात्रों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने में मदद करता है।

Kriya की परीक्षा में तैयारी

Super TET की परीक्षा के लिए Kriya की तैयारी करते समय, आपको पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अध्ययन अवश्य करना चाहिए। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि पिछले 5 वर्षों में इस विषय से संबंधित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।

आपको मॉडल पेपर और मॉक टेस्ट का अभ्यास भी करना चाहिए। इससे आपको अपने कमजोर क्षेत्रों का पता चलेगा। सरलता से कहूँ तो, यदि आप नियमित रूप से अभ्यास करते हैं, तो आपकी प्रदर्शन में सुधार होगा।

Akarmak और Sakarmak Kriya से जुड़े प्रश्न

जब आप Super TET में Akarmak और Sakarmak के प्रश्नों का सामना करते हैं, तो धैर्य रखें। प्रत्येक प्रश्न को ध्यान से पढ़ें और उसके अर्थ को समझें। मैंने पाया है कि बहुत से छात्र जल्दी में गलतियाँ कर देते हैं।

इसलिए हमेशा सुनिश्चित करें कि आप प्रश्न का सही अर्थ समझ लें। फिर उस आधार पर उत्तर देने का प्रयास करें। इससे आपके सही उत्तर की संभावनाएँ बढ़ जाएंगी।

जब आप Kriya को समझते हैं, तो यह आपकी हिंदी भाषा में स्वाभाविकता लाने में मदद करता है।

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150 Min | 150 Qs Free

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SUPER TET Previous Year Paper

120 Min | 100 Qs

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Test Series Features

Super TET की तैयारी की संपूर्ण रणनीति

Super TET की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और व्यवस्थित रणनीति बनाना आवश्यक है। सबसे पहले, आप सभी विषयों का एक अध्ययन योजना बनाएं जिसमें Kriya का भी समावेश हो। मैंने देखा है कि छात्र अक्सर केवल एक या दो विषय पर ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन यह रणनीति गलत है।

आपको प्रत्येक विषय पर ध्यान देने की आवश्यकता है और सप्ताह में कम से कम एक बार सभी विषयों का रिवीजन करना चाहिए। यह आपके ज्ञान को मजबूत करने में मदद करेगा।

मासिक अध्ययन योजना

आपकी मासिक अध्ययन योजना में समय-समय पर Kriya के प्रश्नों का अध्ययन होना चाहिए। मान लीजिए, यदि आप जुलाई में पढ़ाई कर रहे हैं, तो उस महीने का ध्यान Kriya पर केंद्रित करें। मैं हमेशा अपने छात्रों को सलाह देता हूँ कि वे हर महीने एक विशेष विषय पर ध्यान दें।

इसके अलावा, आप हर महीने एक मॉक टेस्ट भी लें जिसमें आपने अध्ययन किया विषय शामिल हो। इससे आपको अपने Fortschritte का पता चलेगा।

याद रखें, नियमित मॉक टेस्ट से आत्मविश्वास बढ़ता है।

विषय वार परीक्षा में अंक वितरण

Super TET परीक्षा में विभिन्न विषयों का अंक वितरण अलग-अलग होता है। आमतौर पर, हिंदी, गणित, और सामान्य ज्ञान में अंक वितरण अधिक होता है। Kriya की क्षति का भी आपकी कुल संख्या में महत्वपूर्ण योगदान होता है। मैंने देखा है कि Kriya से कम से कम 15 अंक पक्के किए जा सकते हैं।

इसलिए Kriya पर ध्यान केंद्रित करना न केवल आपके लिए अच्छा है, बल्कि यह आपको अन्य विषयों में भी मदद करेगा।

महत्वपूर्ण विषयों की सूची

Super TET परीक्षा में Kriya से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों का भी समावेश करें। यह विषय आपके समझदारी को बढ़ाएंगे और आपके परीक्षा में प्रदर्शन में सुधार करेंगे।

  • संज्ञा
  • विशेषण
  • क्रिया
  • वर्णनात्मक लेखन
  • व्याकरण के नियम
  • संवाद लेखन

पुस्तकों की सूची

Super TET की तैयारी के लिए कुछ प्रमुख किताबें हैं जो आपको मदद करेंगी। जैसे कि: NCERT की पुस्तकें जो एकदम सही हैं। अरिहंत प्रकाशन और पोलारिस की पुस्तकें भी आपके लिए सहायक हो सकती हैं।

इन पुस्तकों का चयन करते समय, सुनिश्चित करें कि वे संपूर्ण विषय को कवर करें ताकि आपकी तैयारी में कोई कमी न रहे।

अच्छी किताबें आपकी तैयारी को आसान और प्रभावी बना सकती हैं।

कोचिंग बनाम आत्म अध्ययन

Super TET परीक्षा की तैयारी में कोचिंग और आत्म अध्ययन दोनों के अपने लाभ हैं। मैंने देखा है कि कई छात्र कोचिंग से अधिक लाभ प्राप्त करते हैं, जबकि कुछ छात्र खुद पढ़ाई करना पसंद करते हैं।

कोचिंग में नियमित मार्गदर्शन मिलती है जबकि आत्म अध्ययन में स्वायत्तता होती है। आपको यह तय करना होगा कि आपके लिए क्या बेहतर है।

  • कोचिंग के फायदे: नियमित मार्गदर्शन, विशेषज्ञ शिक्षक
  • स्वयम अध्ययन के फायदे: लचीलापन, खुद की गति
कोचिंग के दौरान ध्यान रखें कि केवल सुनना ही काफी नहीं है — अभ्यास भी ज़रूरी है।

समय प्रबंधन और दैनिक अनुसूची

समय प्रबंधन Super TET परीक्षा की तैयारी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मैंने सुझाव दिया है कि आप अपनी दैनिक अनुसूची में समय को सही से विभाजित करें। प्रत्येक विषय को उचित समय दें और अपने कमजोर क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दें।

आपको अपनी योजना के अनुसार पढ़ाई करने की आदत डालनी चाहिए। संपन्नता के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि आप अपनी योजनाओं पर नियमित रूप से ध्यान दें। यहां तक कि छोटे-छोटे प्रश्नों पर काम करना भी आपकी तैयारी में सहायक होगा।

एक व्यवस्थित अनुसूची आपको लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता करेगी।

आखिरी 30 दिन की पुनरावृत्ति रणनीति

परीक्षा से पहले के 30 दिन बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। आपको इन दिनों का अधिकतम उपयोग करना चाहिए। मैंने देखा है कि इस समय के दौरान छात्रों को विशेष विषयों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए ताकि वे अपनी कमजोरियों को दूर कर सकें।

हर दिन एक या दो मॉक टेस्ट लें और पिछले प्रश्न पत्रों का पुनरावलोकन करें। इससे आपको परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद मिलेगी।

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

Kriya Akarmak वह क्रिया है जिसमें कोई कार्य करने का प्रदर्शन नहीं होता, जैसे 'बच्चा सोया'। Sakarmak क्रिया में कार्य का प्रदर्शन होता है, जैसे 'सीता ने चिट्ठी लिखी'। दोनों का सही उपयोग वाक्य के अर्थ को स्पष्ट करने में मदद करता है।

जी हाँ, Super TET परीक्षा में Akarmak और Sakarmak Kriya से संबंधित प्रश्नों का महत्व बहुत अधिक है। पिछले वर्षों में, इनसे संबंधित प्रश्न हमेशा पूछे जाते रहे हैं। इसलिए, छात्रों को इस विषय को अच्छे से समझना चाहिए।

Super TET की तैयारी के लिए NCERT की पुस्तकें और अरिहंत प्रकाशन की पुस्तकें सबसे अच्छी मानी जाती हैं। ये किताबें व्याकरण की समझ को बढ़ाती हैं और विशेष रूप से Kriya के विषय पर अच्छी तरह से कवर करती हैं।

Super TET परीक्षा में Kriya से संबंधित प्रश्नों का अंक वितरण आमतौर पर 30 अंक होता है। यह अन्य विषयों के साथ जोड़ा जाता है, जैसे गणित और सामान्य ज्ञान, जिससे कुल अंक प्राप्त होते हैं।

Super TET परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, शिक्षकों के लिए सरकारी स्कूलों में नौकरी के अवसर बढ़ जाते हैं। इसके अलावा, आप विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में भी जा सकते हैं, जिससे कैरियर की संभावनाएँ और बढ़ती हैं।

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