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Mock Tests 2026

Super TET EVS: संसद और विधायी प्रक्रिया (Parliament & Legislative Process) Mock Test 2026

Super TET EVS की तैयारी को दें नई दिशा! संसद और विधायी प्रक्रिया के महत्वपूर्ण प्रश्नों के साथ अपनी पकड़ मजबूत करें। Master Super TET EVS with crucial questions on Parliament & Legislative Process.

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-06-19 · हिंदी

SUPER TET Mock Test Series — Overview

नमस्ते प्यारे साथियों! Super TET 2026 की तैयारी में आप सभी का Unictest पर स्वागत है। आज हम EVS सेक्शन के एक बहुत ही महत्वपूर्ण और अक्सर students को थोड़ा मुश्किल लगने वाले टॉपिक पर बात करेंगे – संसद और विधायी प्रक्रिया (Parliament and Legislative Process)। यह टॉपिक न सिर्फ आपके EVS जनरल नॉलेज को बढ़ाता है, बल्कि इससे सीधे सवाल भी आते हैं। मैंने अपने सालों के अनुभव में देखा है कि जो बच्चे इस सेक्शन को अच्छे से समझ लेते हैं, वे एग्जाम में दूसरों से एक कदम आगे निकल जाते हैं।


Super TET EVS में, भारतीय संविधान और राजव्यवस्था से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। संसद और उसकी कार्यप्रणाली को समझना इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि यह हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की रीढ़ है। चलिए, इस जटिल दिखने वाले टॉपिक को आसान बनाते हैं और कुछ महत्वपूर्ण सवालों के साथ अपनी समझ को गहरा करते हैं।


भारतीय संसद की संरचना और कार्यप्रणाली (Structure & Functioning of Indian Parliament)

Dekhiye dosto, हमारी भारतीय संसद एक द्विसदनीय (Bicameral) व्यवस्था है, जिसके तीन मुख्य अंग हैं: राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा। यह तीनों मिलकर ही कानून बनाने की प्रक्रिया को पूरा करते हैं। अक्सर स्टूडेंट्स Lok Sabha और Rajya Sabha के बीच की शक्तियों और कार्यों में कंफ्यूज हो जाते हैं। लेकिन अगर एक बार बेसिक समझ लिया, तो कोई दिक्कत नहीं आएगी।


  • राष्ट्रपति (President): संसद का अभिन्न अंग, लेकिन किसी भी सदन का सदस्य नहीं होता। कानून बनने के लिए राष्ट्रपति की स्वीकृति अनिवार्य है।
  • लोकसभा (Lok Sabha - House of the People): यह निचला सदन (Lower House) है, जिसके सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं। इसकी अधिकतम सदस्य संख्या 550 है (मूलतः 552 थी, लेकिन एंग्लो-इंडियन मनोनयन समाप्त कर दिया गया)। इसका कार्यकाल 5 वर्ष होता है, लेकिन इसे समय से पहले भंग किया जा सकता है।
  • राज्यसभा (Rajya Sabha - Council of States): यह ऊपरी सदन (Upper House) है, जिसके सदस्य राज्यों की विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के आधार पर चुने जाते हैं। इसकी अधिकतम सदस्य संख्या 250 है। यह एक स्थायी सदन है, जिसे भंग नहीं किया जा सकता। इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में सेवानिवृत्त होते हैं।

Expert Tip: याद रखिए, Lok Sabha जनता का प्रतिनिधित्व करती है, जबकि Rajya Sabha राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है। यह बेसिक अंतर हमेशा ध्यान में रखें!

विधायी प्रक्रिया: कानून कैसे बनता है? (Legislative Process: How a Law is Made?)

किसी भी कानून को बनाने की प्रक्रिया एक विधेयक (Bill) के रूप में शुरू होती है और राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद अधिनियम (Act) बन जाती है। यह प्रक्रिया थोड़ी लंबी लग सकती है, लेकिन स्टेप-बाय-स्टेप समझेंगे तो आसान है।


  • विधेयक का प्रस्तुतीकरण (Introduction of a Bill): कोई भी मंत्री या गैर-सरकारी सदस्य विधेयक प्रस्तुत कर सकता है। सरकारी विधेयक मंत्रियों द्वारा, जबकि गैर-सरकारी विधेयक अन्य सदस्यों द्वारा प्रस्तुत किए जाते हैं।
  • प्रथम वाचन (First Reading): विधेयक को सदन में पेश किया जाता है और उसके शीर्षक व उद्देश्यों को पढ़ा जाता है। इस चरण में कोई बहस नहीं होती।
  • द्वितीय वाचन (Second Reading): यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है। इसमें विधेयक पर विस्तार से चर्चा होती है, उसके खंडों पर विचार किया जाता है और संशोधन (Amendments) भी पेश किए जा सकते हैं। इस चरण में विधेयक को प्रवर समिति (Select Committee) या संयुक्त समिति (Joint Committee) को भी भेजा जा सकता है।
  • तृतीय वाचन (Third Reading): इस चरण में विधेयक को या तो स्वीकार किया जाता है या अस्वीकार किया जाता है। इसमें कोई संशोधन पेश नहीं किया जा सकता, केवल विधेयक के पक्ष या विपक्ष में मतदान होता है।
  • दूसरे सदन में (In the Second House): एक सदन से पारित होने के बाद, विधेयक को दूसरे सदन में भेजा जाता है, जहां भी यही तीनों चरण दोहराए जाते हैं।
  • राष्ट्रपति की स्वीकृति (President's Assent): दोनों सदनों से पारित होने के बाद, विधेयक को राष्ट्रपति के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाता है। राष्ट्रपति या तो स्वीकृति दे सकते हैं, रोक सकते हैं (Veto Power), या पुनर्विचार के लिए वापस भेज सकते हैं (धन विधेयक के मामले में नहीं)। स्वीकृति मिलने पर, विधेयक कानून बन जाता है।

Common Mistake Alert: कई बार छात्र सोचते हैं कि राष्ट्रपति की स्वीकृति सिर्फ एक औपचारिकता है। लेकिन ऐसा नहीं है! राष्ट्रपति के पास विधेयक को रोकने या पुनर्विचार के लिए भेजने की शक्तियां होती हैं, जो विधायी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

Super TET EVS के लिए महत्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न (Practice Questions for Super TET EVS)

चलिए, अब कुछ सवालों के माध्यम से अपनी तैयारी को परखते हैं। ये प्रश्न Super TET के पिछले वर्षों के पैटर्न पर आधारित हैं और आपको टॉपिक की गहरी समझ बनाने में मदद करेंगे।


Q.1 भारतीय संसद के कितने अंग होते हैं?
  • A) दो
  • B) तीन
  • C) चार
  • D) पांच
Answer: B) तीन

Q.2 लोकसभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या कितनी हो सकती है?
  • A) 545
  • B) 550
  • C) 552
  • D) 530
Answer: B) 550

Q.3 राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है?
  • A) 4 वर्ष
  • B) 5 वर्ष
  • C) 6 वर्ष
  • D) स्थायी
Answer: C) 6 वर्ष

Q.4 कौन सा सदन स्थायी सदन है जिसे भंग नहीं किया जा सकता?
  • A) लोकसभा
  • B) राज्यसभा
  • C) विधानसभा
  • D) विधान परिषद
Answer: B) राज्यसभा

Q.5 धन विधेयक (Money Bill) सबसे पहले किस सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है?
  • A) राज्यसभा
  • B) लोकसभा
  • C) किसी भी सदन में
  • D) राष्ट्रपति की अनुमति के बाद
Answer: B) लोकसभा

Q.6 भारतीय संसद के संयुक्त अधिवेशन की अध्यक्षता कौन करता है?
  • A) राष्ट्रपति
  • B) उपराष्ट्रपति
  • C) लोकसभा अध्यक्ष
  • D) प्रधानमंत्री
Answer: C) लोकसभा अध्यक्ष

Q.7 संसद के दो सत्रों के बीच अधिकतम कितना अंतराल हो सकता है?
  • A) 3 महीने
  • B) 6 महीने
  • C) 9 महीने
  • D) 12 महीने
Answer: B) 6 महीने

Q.8 भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत संसद को संविधान संशोधन की शक्ति प्राप्त है?
  • A) अनुच्छेद 356
  • B) अनुच्छेद 368
  • C) अनुच्छेद 370
  • D) अनुच्छेद 352
Answer: B) अनुच्छेद 368

Q.9 शून्यकाल (Zero Hour) का क्या अर्थ है?
  • A) जब कोई अति महत्वपूर्ण विषय उठाया जाए
  • B) जब धन विधेयक प्रस्तुत किया जाए
  • C) जब विपक्ष किसी प्रस्ताव पर चर्चा करे
  • D) जब सत्र की शुरुआत हो
Answer: A) जब कोई अति महत्वपूर्ण विषय उठाया जाए

Q.10 लोकसभा अध्यक्ष अपना त्यागपत्र किसे संबोधित करते हैं?
  • A) राष्ट्रपति
  • B) प्रधानमंत्री
  • C) लोकसभा उपाध्यक्ष
  • D) भारत के मुख्य न्यायाधीश
Answer: C) लोकसभा उपाध्यक्ष

यह सिर्फ शुरुआत है। Super TET EVS के लिए संसद और विधायी प्रक्रिया को और गहराई से समझना होगा। मेरा व्यक्तिगत अनुभव है कि जब छात्र सिर्फ थ्योरी पढ़ते हैं, तो उन्हें चीजें याद नहीं रहतीं। लेकिन जब वे MCQs के माध्यम से concepts को apply करते हैं, तो उनकी समझ बहुत मजबूत हो जाती है। इसलिए, ज़्यादा से ज़्यादा अभ्यास करें!

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Available Mock Tests

SUPER TET Full Mock Test 1

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SUPER TET Full Mock Test 2

150 Min | 150 Qs Free

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SUPER TET Previous Year Paper

120 Min | 100 Qs

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Test Series Features

Super TET EVS में संसद और विधायी प्रक्रिया सिर्फ केंद्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि राज्य स्तर पर भी पूछी जाती है। इसलिए, हमें राज्य विधानमंडल (State Legislature) को भी समझना होगा। यकीन मानिए, अगर आपने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली समझ ली, तो राज्य सरकार की कार्यप्रणाली को समझना बहुत आसान हो जाएगा क्योंकि दोनों में काफी समानताएं हैं।


राज्य विधानमंडल: संरचना और कार्य (State Legislature: Structure & Function)

जैसे केंद्र में संसद होती है, वैसे ही राज्यों में विधानमंडल होता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 168 के अनुसार, प्रत्येक राज्य का एक विधानमंडल होगा, जिसमें राज्यपाल (Governor) और एक या दो सदन होंगे।


  • राज्यपाल (Governor): राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है और राज्य विधानमंडल का अभिन्न अंग होता है।
  • विधानसभा (Legislative Assembly - Vidhan Sabha): यह निचला सदन है, जिसके सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं। इसकी अधिकतम सदस्य संख्या 500 और न्यूनतम 60 हो सकती है (अपवाद भी हैं, जैसे सिक्किम, गोवा)। इसका कार्यकाल 5 वर्ष होता है।
  • विधान परिषद (Legislative Council - Vidhan Parishad): यह ऊपरी सदन है, जो सभी राज्यों में नहीं है। वर्तमान में केवल 6 राज्यों (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना) में विधान परिषद है। इसकी सदस्य संख्या विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के एक-तिहाई से अधिक नहीं हो सकती और 40 से कम नहीं हो सकती। यह भी राज्यसभा की तरह एक स्थायी सदन है।

Important Observation: मैंने देखा है कि कई स्टूडेंट्स विधान परिषद वाले राज्यों की संख्या को लेकर अक्सर कंफ्यूज रहते हैं। इसे याद रखने के लिए एक छोटा सा ट्रिक है: 'कुंभ जाट' (Kumbh Jaat) - K-Karnataka, U-Uttar Pradesh, M-Maharashtra, B-Bihar, J-Andhra Pradesh, T-Telangana (पहले जम्मू-कश्मीर भी था, लेकिन अब नहीं)।

Super TET EVS के लिए तैयारी की रणनीति (Preparation Strategy for Super TET EVS)

इस सेक्शन को प्रभावी ढंग से तैयार करने के लिए एक ठोस रणनीति बनाना बहुत ज़रूरी है। सिर्फ रटने से काम नहीं चलेगा, बल्कि concepts को समझना होगा।


  • NCERT पर फोकस: कक्षा 6 से 10 तक की NCERT की सामाजिक विज्ञान की किताबें इस टॉपिक के लिए सबसे अच्छी हैं। इनमें बेसिक कॉन्सेप्ट्स बहुत सरल भाषा में दिए गए हैं।
  • अनुच्छेद याद करें: संसद और विधानमंडल से संबंधित महत्वपूर्ण अनुच्छेदों की एक सूची बनाएं और उन्हें रोज़ रिवाइज करें। जैसे, अनुच्छेद 79 (संसद का गठन), 80 (राज्यसभा), 81 (लोकसभा), 108 (संयुक्त बैठक), 110 (धन विधेयक), 112 (वार्षिक वित्तीय विवरण/बजट), 168 (राज्य विधानमंडल), 169 (विधान परिषद का निर्माण/उन्मूलन)।
  • फ्लोचार्ट बनाएं: विधायी प्रक्रिया (Bill to Act) को फ्लोचार्ट के माध्यम से समझें। इससे पूरी प्रक्रिया दिमाग में स्पष्ट हो जाएगी।
  • Previous Year Papers: Super TET और अन्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं (CTET, UPTET, KVS, DSSSB) के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करें। इससे आपको प्रश्नों के पैटर्न और महत्व का अंदाज़ा लगेगा। मैंने personally देखा है कि 2024 की UPTET परीक्षा में इस सेक्शन से 4-5 सवाल सीधे पूछे गए थे।
  • नियमित रिवीजन: जो भी पढ़ें, उसका नियमित रूप से रिवीजन करें। खासकर संसदीय शब्दावली (जैसे प्रश्नकाल, शून्यकाल, स्थगन प्रस्ताव, अविश्वास प्रस्ताव) को बार-बार दोहराएं।

Expert Tip: एक दिन में बहुत सारा पढ़ने के बजाय, रोज़ थोड़ा-थोड़ा पढ़ें और उसे रिवाइज करें। रात को सोने से पहले 10 मिनट में आज जो पढ़ा है, उसे मन में दोहराएं। यह आपकी मेमोरी को बहुत बूस्ट करेगा!

अभ्यास प्रश्न: भाग 2 (Practice Questions: Part 2)

चलिए, कुछ और सवालों के साथ अपनी तैयारी को आगे बढ़ाते हैं। यह प्रश्न विशेष रूप से राज्य विधानमंडल और कुछ अन्य महत्वपूर्ण संसदीय प्रक्रियाओं पर आधारित हैं।


Q.11 भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद राज्य विधानमंडल के गठन से संबंधित है?
  • A) अनुच्छेद 163
  • B) अनुच्छेद 168
  • C) अनुच्छेद 170
  • D) अनुच्छेद 171
Answer: B) अनुच्छेद 168

Q.12 वर्तमान में भारत के कितने राज्यों में विधान परिषद है?
  • A) 5
  • B) 6
  • C) 7
  • D) 8
Answer: B) 6

Q.13 विधान परिषद के सदस्यों का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है?
  • A) 4 वर्ष
  • B) 5 वर्ष
  • C) 6 वर्ष
  • D) स्थायी
Answer: C) 6 वर्ष

Q.14 राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है?
  • A) मुख्यमंत्री
  • B) प्रधानमंत्री
  • C) राष्ट्रपति
  • D) भारत के मुख्य न्यायाधीश
Answer: C) राष्ट्रपति

Q.15 किसी राज्य की विधानसभा में अधिकतम कितने सदस्य हो सकते हैं?
  • A) 400
  • B) 450
  • C) 500
  • D) 550
Answer: C) 500

Q.16 बजट (वार्षिक वित्तीय विवरण) किस अनुच्छेद के तहत प्रस्तुत किया जाता है?
  • A) अनुच्छेद 109
  • B) अनुच्छेद 110
  • C) अनुच्छेद 112
  • D) अनुच्छेद 114
Answer: C) अनुच्छेद 112

Q.17 अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) किस सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है?
  • A) राज्यसभा
  • B) लोकसभा
  • C) किसी भी सदन में
  • D) राष्ट्रपति की अनुमति से
Answer: B) लोकसभा

Q.18 भारतीय संसद के किसी भी सदन का सदस्य हुए बिना कोई व्यक्ति कितने समय तक मंत्री पद पर रह सकता है?
  • A) 3 महीने
  • B) 6 महीने
  • C) 12 महीने
  • D) कोई समय सीमा नहीं
Answer: B) 6 महीने

Q.19 संसद में प्रश्नकाल (Question Hour) के बाद का समय क्या कहलाता है?
  • A) शून्यकाल
  • B) स्थगन काल
  • C) मध्यांतर
  • D) विधेयक काल
Answer: A) शून्यकाल

Q.20 भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति कौन करता है?
  • A) प्रधानमंत्री
  • B) लोकसभा अध्यक्ष
  • C) राष्ट्रपति
  • D) वित्त मंत्री
Answer: C) राष्ट्रपति

ये 20 प्रश्न आपकी तैयारी के लिए एक मज़बूत आधार बनाएंगे। लेकिन याद रखिए, Super TET EVS में सफलता के लिए सिर्फ इन प्रश्नों को रटना काफी नहीं है। आपको इनके पीछे के कॉन्सेप्ट्स को भी समझना होगा। मुझे उम्मीद है कि यह सेक्शन आपको तैयारी की सही दिशा देगा।

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

भारतीय संसद की मूल संरचना में तीन अंग शामिल हैं: राष्ट्रपति, लोकसभा (निचला सदन) और राज्यसभा (उच्च सदन)। लोकसभा के सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं, जबकि राज्यसभा के सदस्य राज्यों की विधानसभाओं द्वारा चुने जाते हैं। राष्ट्रपति, हालांकि किसी भी सदन का सदस्य नहीं होता, वह संसद का एक अभिन्न अंग है और उसके बिना कोई भी विधेयक कानून नहीं बन सकता। Super TET EVS में इन तीनों अंगों के कार्य और शक्तियों को समझना महत्वपूर्ण है।

लोकसभा का सदस्य (MP) बनने के लिए व्यक्ति को भारत का नागरिक होना चाहिए, उसकी आयु कम से कम 25 वर्ष होनी चाहिए, और उसका नाम किसी भी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में होना चाहिए। वहीं, राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु 30 वर्ष होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, व्यक्ति किसी लाभ के पद पर न हो और दिवालिया या मानसिक रूप से अस्वस्थ न हो। ये योग्यताएं भारतीय संविधान में निर्धारित हैं और सभी उम्मीदवारों को इनका पालन करना होता है।

Super TET EVS में संसद और विधायी प्रक्रिया को तैयार करने के लिए सबसे अच्छे स्रोत NCERT की कक्षा 6 से 10 तक की सामाजिक विज्ञान की किताबें हैं, विशेषकर नागरिक शास्त्र (Civics) खंड। इसके अलावा, Lucent's General Knowledge जैसी सामान्य ज्ञान की पुस्तकें भी बहुत सहायक होती हैं। मेरा सुझाव है कि आप किसी भी मानक भारतीय राजव्यवस्था की पुस्तक (जैसे लक्ष्मीकांत) के केवल संबंधित अध्यायों को ही पढ़ें, क्योंकि पूरी किताब Super TET के स्तर से अधिक हो सकती है। Unictest के मॉक टेस्ट और स्टडी नोट्स भी आपकी तैयारी को मजबूत करेंगे।

भारतीय संसद में एक विधेयक (Bill) कानून बनने के लिए एक विस्तृत विधायी प्रक्रिया से गुजरता है। सबसे पहले, विधेयक किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) में पेश किया जाता है (धन विधेयक केवल लोकसभा में)। इसके बाद, यह प्रथम, द्वितीय और तृतीय वाचन से गुजरता है, जिसमें चर्चा, बहस और संशोधन होते हैं। एक सदन से पारित होने के बाद, इसे दूसरे सदन में भेजा जाता है, जहां भी यही प्रक्रिया दोहराई जाती है। अंत में, दोनों सदनों से पारित होने के बाद, विधेयक को राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाता है, और उनकी मुहर लगने के बाद ही वह अधिनियम (Act) बन जाता है।

लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही भारतीय संसद के महत्वपूर्ण सदन हैं, लेकिन उनकी शक्तियों और संरचना में महत्वपूर्ण अंतर हैं। लोकसभा 'जनता का सदन' है, जिसके सदस्य सीधे जनता द्वारा 5 साल के लिए चुने जाते हैं (अधिकतम 550 सदस्य)। वहीं, राज्यसभा 'राज्यों की परिषद' है, जिसके सदस्य राज्य विधानसभाओं द्वारा चुने जाते हैं और यह एक स्थायी सदन है (अधिकतम 250 सदस्य), जिसके एक-तिहाई सदस्य हर 2 साल में सेवानिवृत्त होते हैं। धन विधेयक के मामले में लोकसभा को अधिक शक्ति प्राप्त है, जबकि राज्यसभा कुछ विशेष मामलों में (जैसे अखिल भारतीय सेवाओं का सृजन) अधिक शक्ति रखती है।

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