शानदार टीईटी इंग्लिश सक्रिय-निष्क्रिय अपवाद नियमों का ज्ञान पाएं!
Start Free Mock Test Now!Founder & Director, Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.
Updated: 2026-08-10 · हिंदी
दोस्तों, Super TET परीक्षा में इंग्लिश में सक्रिय और निष्क्रिय वाक्य संरचना का ज्ञान होना बेहद ज़रूरी है। यह न केवल आपकी भाषा कौशल को बढ़ाता है, बल्कि परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में भी मदद करता है। आज हम सक्रिय-निष्क्रिय के अपवाद नियमों पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जो अक्सर छात्रों के लिए भ्रमित करने वाले होते हैं। मैंने पिछले कई वर्षों में देखा है कि ये नियम परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं, इसलिए इन्हें समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है। चलिए, जानते हैं इन नियमों को विस्तार से।
सक्रिय वाक्य वह होता है जिसमें कर्ता कार्य कर रहा होता है। जैसे, "सीता ने आम खाया।" यहाँ 'सीता' कर्ता है। दूसरी ओर, निष्क्रिय वाक्य में कार्य का प्रभाव कर्ता पर नहीं होता, बल्कि उसे प्रस्तुत किया जाता है। उदाहरण: "आम सीता द्वारा खाया गया।" यहाँ आम पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
जब मैं अपने छात्रों को यह टॉपिक पढ़ाता हूँ, तो सबसे पहले मैं इन्हें सक्रिय और निष्क्रिय वाक्यों के उदाहरण देता हूँ। इससे उन्हें बेहतर समझ में आता है कि दोनों के बीच क्या अंतर है।
सक्रिय वाक्य के निर्माण में, कर्ता हमेशा पहले आता है। इसके बाद क्रिया और फिर वस्तु आती है। जैसे, "राम ने किताब पढ़ी।" यहाँ राम कर्ता है, पढ़ा क्रिया है और किताब वस्तु है।
बहुत से छात्र इस संरचना को छोड़ देते हैं — यह सबसे बड़ी गलती है! नियम समझकर लिखने की अभ्यास करें, और आपको इस संरचना में महारत हासिल होगी।
निष्क्रिय वाक्य में कर्ता के बजाय वस्तु पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इसका निर्माण कुछ इस प्रकार होता है: 'वस्तु + क्रिया (बी फॉर्म) + कर्ता'। जैसे, "किताब राम द्वारा पढ़ी गई।" यहाँ किताब पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
प्रायः छात्र इस संरचना के बारे में उलझ जाते हैं। इसलिए, जब आप निष्क्रिय वाक्य बनाते हैं, तो यह जरूरी है कि आप सही रूप से बी फॉर्म का उपयोग करें।
कई बार कुछ विशेष अपवाद होते हैं जिन्हें सामान्य नियमों से बाहर रखा जाता है। उदाहरण के लिए, यदि वाक्य में कोई अव्यय शब्द हो, तो निष्क्रिय रूप बदल जाता है। जैसे, "वह गाना गा रहा है।" इसे निष्क्रिय में "गाया जा रहा है" नहीं लिखा जाएगा।
इसी प्रकार, कुछ क्रियाएँ जैसे 'to have' और 'to exist' का निष्क्रिय रूप नहीं बनता। यह छात्रों के लिए कठिनाई पैदा कर सकता है। इसलिए, इन्हें अच्छी तरह से समझना जरूरी है।
कुछ अपवाद जो अक्सर Super TET परीक्षा में पूछे जाते हैं, उनमें से एक है 'to seem'। इसे निष्क्रिय में नहीं बदला जा सकता। जैसे, "वह स्मार्ट दिखता है।" को "स्मार्ट दिखा जाता है" नहीं कहा जा सकता।
इस टॉपिक पर ध्यान केंद्रित करते हुए, मैंने अपने छात्रों से हमेशा कहा है कि वे अपवादों का एक डाटा बनाएं। इससे उन्हें याद करने में मदद मिलती है।
पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करते वक्त मैंने पाया कि सक्रिय और निष्क्रिय अपवाद नियमों से संबंधित प्रश्न हर साल आते हैं। हाल के वर्षों में, 2024 की परीक्षा में इनसे 10 प्रश्न आए थे।
इसलिए, अगर आप इस विषय पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो इससे आपके स्कोर में बढ़ोतरी हो सकती है। मैंने व्यक्तिगत रूप से इस विषय को कई छात्रों के लिए आसान बना दिया है।
प्रश्न हल करते वक्त, ध्यान रखें कि किसी भी प्रश्न का निष्क्रिय रूप बनाने से पहले आपको वाक्य की संरचना समझनी होगी। कोई भी परिवर्तन करने से पहले, कर्ता और वस्तु का ध्यान रखें।
यहां तक कि नकारात्मक वाक्यों में भी निष्क्रिय रूप बनाने के लिए इसी तकनीक का उपयोग करें। इससे आप आसानी से सही उत्तर तक पहुंच सकते हैं।
इन विषयों को बेहतर तरीके से समझने के लिए, मैंने हमेशा कुछ विशेष किताबों की सिफारिश की है। ये किताबें न सिर्फ आपकी समझ को बढ़ाएंगी, बल्कि परीक्षा में भी आपकी मदद करेंगी।
आम तौर पर, मैंने देखा है कि 'Wren & Martin' और 'High School English Grammar' जैसी किताबें कार्य करती हैं। इनके अभ्यास से आपको बहुत सहायता मिलेगी।
अब, इस विषय पर अपने ज्ञान को और बढ़ाने के लिए, नियमित रूप से अभ्यास करते रहें। सक्रिय और निष्क्रिय वाक्यों पर जोर देकर, आप आसानी से Super TET परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।
याद रखिए — हर टॉपर भी एक बार बिगिनर था। बस निरंतरता बनाए रखिए!
Exact pattern questions with timed interface
Subject-wise performance report
Focus your preparation strategically
Practice in your preferred language
Super TET परीक्षा की तैयारी के लिए एक सुव्यवस्थित रणनीति जरूरी है। सबसे पहले, हमें यह स्पष्ट करना होगा कि किस तरह से अध्ययन करना है। मैंने अपने छात्रों को हमेशा बताया है कि सही समय प्रबंधन जरूरी है।
परीक्षा की तैयारी में समय का सही वितरण आपको सभी विषयों को कवर करने में मदद करता है। इसका मतलब है कि आप न केवल एक्टिव-निष्क्रिय का अभ्यास करें, बल्कि सभी विषयों का ध्यान रखें।
प्रत्येक महीने, आपको अपने अध्ययन में कुछ प्रमुख शीर्षकों को शामिल करना होगा। उदाहरण के लिए, पहले महीने में आप सक्रिय और निष्क्रिय वाक्यों के अपवाद नियमों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। दूसरे महीने में, ग्रैमर के अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों को कवर करें।
इस तरह से, आप एक प्रभावी अध्ययन प्रक्रिया बना सकते हैं। मैंने पिछले 3 वर्षों में इस तरह की योजना का पालन करते हुए बहुत से छात्रों को सफलता दिलाई है।
Super TET परीक्षा में विभिन्न विषयों का मार्क्स वज़न होता है। आपको यह जानना होगा कि किस विषय से कितने अंक प्राप्त किए जा सकते हैं। सामान्यतः, अंग्रेजी से लगभग 20-30 अंक आते हैं, जिसमें सक्रिय-निष्क्रिय वाक्य भी शामिल होते हैं।
देखिए, यदि आप अपने मजबूत विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो आप अन्य विषयों में भी मदद पा सकते हैं। मैंने देखा है कि कई छात्र एक विषय पर ध्यान केंद्रित कर अन्य विषयों को कमजोर छोड़ देते हैं।
आपकी तैयारी के लिए कुछ महत्वपूर्ण विषयों की सूची यहां प्रस्तुत है:
अच्छी तैयारी के लिए सही पुस्तकें चुनना बहुत जरूरी है। जैसे Wren & Martin, High School English Grammar, और अन्य। ये पुस्तकें आपको सक्रिय-निष्क्रिय वाक्य के अपवादों को समझने में मदद करेंगी।
हर किताब का अपना महत्व है, जैसे S.P. Bakshi की किताबें सामान्य ज्ञान को बढ़ाने में सहायक होती हैं।
देखिए दोस्तों, कोचिंग और आत्म-अध्ययन की अपनी-अपनी विशेषताएँ हैं। कोचिंग में आपको शिक्षकों के मार्गदर्शन में सीखने का मौका मिलता है, जबकि आत्म-अध्ययन में आप अपनी गति से पढ़ाई कर सकते हैं।
मेरा सुझाव है कि आप कोचिंग के साथ-साथ आत्म-अध्ययन का भी सहारा लें। ऐसा करने से आपकी समझ में वृद्धि होगी।
समय प्रबंधन आपके अध्ययन में कुशलता लाने के लिए आवश्यक है। एक ठोस डेली शेड्यूल बनाना आपको सभी विषयों का ध्यान देने में मदद करता है। मैंने देखा है कि जो छात्र समय का सही उपयोग करते हैं, वे अक्सर अच्छे अंक प्राप्त करते हैं।
साथ ही, अध्ययन के अलग-अलग समय निर्धारित करना भी फायदेमंद होता है। कभी-कभी, दिन के विभिन्न समय में अध्ययन करने से आप नई जानकारी को बेहतर समझ सकते हैं।
परीक्षा से पहले के अंतिम 30 दिन बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस समय आपको रिवीजन पर ध्यान केंद्रित करना होगा। सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स को एकत्रित करें और उन्हें एक बार फिर से पढ़ें।
मैंने अपने छात्रों को हमेशा कहा है कि रिवीजन के दौरान एक-दो विषय पर ध्यान केन्द्रित करें। इससे आपको बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।