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Mock Tests 2026

Super TET Child Psychology Objective Questions 2026: बेहतरीन तैयारी के लिए MCQs!

Super TET बाल मनोविज्ञान के महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न | Master Child Psychology for Super TET 2026

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.Founder & Director Unictest. M.Sc (Maths) MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET KVS DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-06-14 · हिंदी

SUPER TET Mock Test Series — Overview

नमस्ते मेरे प्यारे साथियों! Super TET 2026 की तैयारी में जुटे आप सभी का Unictest पर बहुत-बहुत स्वागत है। मैं जानता हूँ कि आप सब दिन-रात मेहनत कर रहे हैं और आपका सपना है एक सरकारी शिक्षक बनने का। इसी सपने को पूरा करने में आपकी मदद करने के लिए, आज हम बात करेंगे Super TET के सबसे महत्वपूर्ण और स्कोरिंग सेक्शन में से एक - बाल मनोविज्ञान (Child Psychology) के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों (Objective Questions) के बारे में।


देखिये, Super TET में बाल मनोविज्ञान सिर्फ एक विषय नहीं है, बल्कि यह आपके शिक्षक बनने की नींव है। एक अच्छा शिक्षक वही होता है जो बच्चों को समझता है, उनकी ज़रूरतों को पहचानता है और उसी हिसाब से पढ़ाता है। बाल मनोविज्ञान आपको यही समझ देता है। और जब बात आती है सरकारी नौकरी पाने की, तो इस सेक्शन में बेहतरीन स्कोर करना बेहद ज़रूरी हो जाता है। पिछले 5 सालों में मैंने अपने कई स्टूडेंट्स को देखा है कि वे इस सेक्शन को अक्सर हल्के में ले लेते हैं, जिससे उनका ओवरऑल स्कोर कम हो जाता है। यह गलती आप मत कीजिएगा!


Super TET में बाल मनोविज्ञान का महत्व (Importance of Child Psychology in Super TET)


Super TET परीक्षा में बाल मनोविज्ञान से लगभग 10 प्रश्न पूछे जाते हैं, जो कि 10 अंकों के होते हैं। ये 10 अंक आपके सिलेक्शन में गेम चेंजर साबित हो सकते हैं। इन प्रश्नों को हल करने के लिए सिर्फ रटना नहीं, बल्कि कॉन्सेप्ट्स को समझना ज़रूरी है। यहाँ कुछ मुख्य कारण दिए गए हैं कि क्यों यह सेक्शन इतना महत्वपूर्ण है:


  • बच्चों को समझना: यह आपको बच्चों के विकास, सीखने की प्रक्रिया और उनके व्यवहार को समझने में मदद करता है।
  • शिक्षण विधियाँ: आप विभिन्न शिक्षण विधियों और सिद्धांतों को सीखकर कक्षा में प्रभावी ढंग से पढ़ा सकते हैं।
  • समस्या समाधान: छात्रों की समस्याओं को पहचानने और उनका समाधान करने की क्षमता विकसित होती है।
  • परीक्षा में उच्च स्कोर: सही रणनीति और अभ्यास से आप इस सेक्शन में पूरे अंक प्राप्त कर सकते हैं।

Expert Tip: बाल मनोविज्ञान के प्रश्नों को हल करते समय हमेशा खुद को एक शिक्षक की जगह रखकर सोचें। बच्चों के हित में सबसे अच्छा विकल्प चुनें। यह एक गोल्डन रूल है जो आपको सही उत्तर तक पहुंचाएगा।

Super TET Child Psychology: महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Important Objective Questions)


अब, जैसा कि आपने मुझसे पूछा है, चलिए कुछ महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्नों पर नज़र डालते हैं जो आपको Super TET 2026 की तैयारी में मदद करेंगे। ये प्रश्न पिछले वर्षों के पैटर्न और महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर आधारित हैं। इन्हें हल करने का प्रयास करें और अपनी तैयारी को परखें।


Q.1. 'बच्चे दुनिया के बारे में अपनी समझ का सृजन करते हैं' - यह कथन किसका है?
  • A) स्किनर
  • B) पियाजे
  • C) पावलोव
  • D) कोहलबर्ग
Answer: B) पियाजे

Q.2. विकास कभी न समाप्त होने वाली प्रक्रिया है। यह विचार किससे संबंधित है?
  • A) अंतःसंबंध का सिद्धांत
  • B) निरंतरता का सिद्धांत
  • C) एकीकरण का सिद्धांत
  • D) अंतःक्रिया का सिद्धांत
Answer: B) निरंतरता का सिद्धांत

Q.3. प्राथमिक स्तर पर एक शिक्षक में निम्न में से सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या होनी चाहिए?
  • A) पढ़ाने की उत्सुकता
  • B) धैर्य और दृढ़ता
  • C) शिक्षण पद्धतियों का ज्ञान
  • D) अतिमानक भाषा में पढ़ाने की क्षमता
Answer: B) धैर्य और दृढ़ता

Q.4. बच्चों के बौद्धिक विकास की चार विशिष्ट अवस्थाओं की पहचान किसके द्वारा की गई?
  • A) एरिक्सन
  • B) स्किनर
  • C) पियाजे
  • D) कोहलबर्ग
Answer: C) पियाजे

Q.5. वह अवस्था जब बच्चा तार्किक रूप से वस्तुओं व घटनाओं के विषय में सोचना प्रारंभ करता है, कौन सी है?
  • A) संवेदी प्रेरक अवस्था
  • B) पूर्व संक्रियात्मक अवस्था
  • C) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था
  • D) औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था
Answer: C) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था

Q.6. शिक्षा मनोविज्ञान की उत्पत्ति का वर्ष कौन सा माना जाता है?
  • A) 1900
  • B) 1920
  • C) 1940
  • D) 1950
Answer: A) 1900

Q.7. बाल विकास का अध्ययन क्षेत्र है:
  • A) बाल विकास की विभिन्न अवस्थाओं का अध्ययन
  • B) वातावरण का बाल विकास पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन
  • C) वैयक्तिक विभिन्नताओं का अध्ययन
  • D) उपरोक्त सभी
Answer: D) उपरोक्त सभी

Q.8. पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास की द्वितीय अवस्था कौन सी है?
  • A) संवेदी-पेशीय अवस्था
  • B) पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था
  • C) मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था
  • D) औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था
Answer: B) पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था

Q.9. 'प्रेरणा' शब्द का शाब्दिक अर्थ है:
  • A) आंतरिक उत्तेजना
  • B) बाह्य उत्तेजना
  • C) लक्ष्य की ओर बढ़ना
  • D) आवश्यकताओं की पूर्ति
Answer: A) आंतरिक उत्तेजना

Q.10. अधिगम का 'क्लासिकल कंडीशनिंग' सिद्धांत किसने प्रतिपादित किया?
  • A) स्किनर
  • B) पावलोव
  • C) थॉर्नडाइक
  • D) कोहलर
Answer: B) पावलोव

ये कुछ सैंपल प्रश्न थे। इन प्रश्नों के माध्यम से आप समझ सकते हैं कि किस तरह के प्रश्न परीक्षा में पूछे जाते हैं। सिर्फ प्रश्न हल करना ही नहीं, बल्कि हर प्रश्न के चारों विकल्पों पर विचार करना भी ज़रूरी है। इससे आपकी कॉन्सेप्ट क्लैरिटी बढ़ेगी। मेरा तो यही मानना है कि अगर आपने बाल मनोविज्ञान के कॉन्सेप्ट्स को अच्छे से समझ लिया, तो आप 10 में से 8-9 अंक तो आसानी से ले आएंगे।

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Test Series Features

Super TET Child Psychology की तैयारी की रणनीति (Preparation Strategy)


तो दोस्तों, अब जब आपने कुछ प्रश्नों को देख लिया है, तो बात करते हैं कि इस सेक्शन की तैयारी कैसे की जाए ताकि आप अधिकतम अंक प्राप्त कर सकें। मेरे अनुभव के अनुसार, बहुत से बच्चे सिर्फ MCQs रटते हैं, जबकि असली सफलता कॉन्सेप्ट को समझने में है। एक स्मार्ट स्टडी प्लान ही आपको भीड़ से अलग करेगा।


1. सिलेबस को समझें (Understand the Syllabus):


  • सबसे पहले, Super TET बाल मनोविज्ञान के आधिकारिक सिलेबस को अच्छी तरह से पढ़ें।
  • मुख्य टॉपिक्स जैसे बाल विकास (शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक), सीखने के सिद्धांत (पियाजे, वाइगोत्स्की, कोहलबर्ग, स्किनर, पावलोव, थॉर्नडाइक), व्यक्तिगत विभिन्नताएँ, बुद्धि, व्यक्तित्व, शिक्षण विधियाँ, समावेशी शिक्षा, और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) पर विशेष ध्यान दें।

2. विश्वसनीय अध्ययन सामग्री (Reliable Study Material):


  • NCERT की कक्षा 6 से 10 तक की मनोविज्ञान की किताबें पढ़ें। यह आधारभूत समझ के लिए बहुत ज़रूरी हैं।
  • B.Ed/BTC की पाठ्यपुस्तकें भी सहायक हो सकती हैं, खासकर उन टॉपिक्स के लिए जो NCERT में विस्तार से नहीं दिए गए हैं।
  • Unictest के स्टडी नोट्स और मॉक टेस्ट आपकी तैयारी को सही दिशा देंगे।

3. पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र (Previous Year Papers - PYQs):


  • यह मेरा सबसे महत्वपूर्ण सुझाव है! पिछले 5-7 वर्षों के Super TET, CTET, UPTET, KVS, DSSSB के बाल मनोविज्ञान सेक्शन के प्रश्न पत्रों को हल करें।
  • इससे आपको प्रश्नों के पैटर्न, कठिनाई स्तर और महत्वपूर्ण टॉपिक्स का अंदाज़ा होगा।
  • मैंने पर्सनली देखा है कि PYQs से सीधे-सीधे प्रश्न या उनके कॉन्सेप्ट्स रिपीट होते हैं।

4. नियमित अभ्यास और मॉक टेस्ट (Regular Practice & Mock Tests):


  • टॉपिक पढ़ने के बाद तुरंत उससे संबंधित MCQs हल करें।
  • Unictest पर उपलब्ध Super TET बाल मनोविज्ञान के मॉक टेस्ट दें। यह आपको समय प्रबंधन और परीक्षा के दबाव को संभालने में मदद करेगा।
  • अपनी गलतियों का विश्लेषण करें और उन कॉन्सेप्ट्स पर दोबारा काम करें जहाँ आप कमजोर हैं।

Expert Tip: एक डायरी बनाएँ जिसमें आप सभी महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिकों के नाम, उनके सिद्धांत और उनसे जुड़े प्रमुख शब्दों को नोट करें। जैसे- पियाजे: संज्ञानात्मक विकास, स्कीमा, आत्मसातीकरण, समायोजन; वाइगोत्स्की: सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत, ZPD (Zone of Proximal Development), स्कैफोल्डिंग। यह रिवीजन में बहुत काम आएगा।

Super TET Child Psychology: कुछ और महत्वपूर्ण MCQs


आइए, कुछ और प्रश्नों का अभ्यास करते हैं। याद रखें, हर प्रश्न एक अवसर है अपने ज्ञान को मजबूत करने का।


Q.11. एक बच्चा जो एक विशेष विषय में कठिनाई महसूस करता है, उसे किस प्रकार की शिक्षा की आवश्यकता होती है?
  • A) नियमित शिक्षा
  • B) समावेशी शिक्षा
  • C) विशेष शिक्षा
  • D) एकीकृत शिक्षा
Answer: C) विशेष शिक्षा

Q.12. 'बुद्धि लब्धि (IQ)' की अवधारणा किसने दी?
  • A) बिने
  • B) टर्मन
  • C) स्टर्न
  • D) गाल्टन
Answer: C) स्टर्न (हालांकि बिने ने पहला बुद्धि परीक्षण दिया, IQ शब्द स्टर्न ने दिया और टर्मन ने इसे संशोधित किया)

Q.13. 'शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act)' किस वर्ष लागू हुआ?
  • A) 2005
  • B) 2009
  • C) 2010
  • D) 2012
Answer: C) 2010 (अधिनियम 2009 में बना, लागू 2010 में हुआ)

Q.14. 'ज़ोन ऑफ प्रॉक्सिमल डेवलपमेंट (ZPD)' की अवधारणा किसने दी?
  • A) पियाजे
  • B) वाइगोत्स्की
  • C) ब्रूनर
  • D) कोहलबर्ग
Answer: B) वाइगोत्स्की

Q.15. 'क्रिया प्रसूत अनुबंधन' सिद्धांत का प्रतिपादन किसने किया?
  • A) पावलोव
  • B) स्किनर
  • C) थॉर्नडाइक
  • D) कोहलर
Answer: B) स्किनर

Q.16. 'व्यक्तित्व' शब्द किस लैटिन शब्द से बना है?
  • A) Persona
  • B) Persone
  • C) Personas
  • D) Persnum
Answer: A) Persona

Q.17. एक बच्चा अपनी माँ को पहचानता है, यह किस प्रकार का अधिगम है?
  • A) प्रत्यक्षात्मक अधिगम
  • B) अवधारणात्मक अधिगम
  • C) संवेदी अधिगम
  • D) गामक अधिगम
Answer: A) प्रत्यक्षात्मक अधिगम

Q.18. विकास की किस अवस्था में बच्चे 'आत्म-केन्द्रित' होते हैं?
  • A) शैशवावस्था
  • B) बाल्यावस्था
  • C) किशोरावस्था
  • D) प्रौढ़ावस्था
Answer: A) शैशवावस्था (विशेष रूप से पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में)

याद रखिए, सिर्फ पढ़ना ही नहीं, बल्कि पढ़े हुए को याद रखना और उसे सही समय पर रीप्रोड्यूस करना भी उतना ही ज़रूरी है। इसलिए, नियमित रिवीजन को अपनी आदत बनाइए।

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

Super TET परीक्षा में बाल मनोविज्ञान (Child Psychology) सेक्शन का बहुत महत्व है क्योंकि यह आपके शिक्षक बनने की नींव को मजबूत करता है। इससे लगभग 10 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) पूछे जाते हैं, जो कि 10 अंकों के होते हैं। ये अंक आपके अंतिम चयन में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। इस सेक्शन को अच्छे से तैयार करने से आप बच्चों के विकास, सीखने की प्रक्रिया और उनके व्यवहार को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे, जो एक प्रभावी शिक्षक बनने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

Super TET 2026 में बाल मनोविज्ञान की बेहतरीन तैयारी के लिए NCERT की कक्षा 6 से 10 तक की मनोविज्ञान की किताबें पढ़ना बहुत ज़रूरी है। ये किताबें आपके आधारभूत कॉन्सेप्ट्स को स्पष्ट करेंगी। इसके अलावा, B.Ed/BTC की पाठ्यपुस्तकें भी सहायक हो सकती हैं, खासकर उन विषयों के लिए जो NCERT में संक्षिप्त रूप से दिए गए हैं। आप Unictest के विशेषज्ञ-निर्मित स्टडी नोट्स और मॉक टेस्ट का भी उपयोग कर सकते हैं, जो परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयार किए गए हैं।

Super TET बाल मनोविज्ञान में आपको बाल विकास की विभिन्न अवस्थाओं (शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक), सीखने के प्रमुख सिद्धांतों (जैसे पियाजे का संज्ञानात्मक विकास, वाइगोत्स्की का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत, कोहलबर्ग का नैतिक विकास, थॉर्नडाइक, स्किनर, पावलोव के सिद्धांत), व्यक्तिगत विभिन्नताओं, बुद्धि, व्यक्तित्व, शिक्षण विधियों, समावेशी शिक्षा और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इन टॉपिक्स से अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं और इनकी गहरी समझ आपको अच्छे अंक दिलाएगी।

Super TET बाल मनोविज्ञान के ऑब्जेक्टिव प्रश्नों को हल करने की सबसे अच्छी रणनीति कॉन्सेप्ट क्लैरिटी और नियमित अभ्यास है। सबसे पहले, सभी कॉन्सेप्ट्स को अच्छी तरह से समझें। फिर, पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों (PYQs) और Unictest के मॉक टेस्ट से ज़्यादा से ज़्यादा MCQs का अभ्यास करें। प्रश्नों को हल करते समय, खुद को एक शिक्षक की जगह रखकर सोचें और बच्चों के हित में सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें। हर प्रश्न के चारों विकल्पों पर विचार करें, सिर्फ सही उत्तर पर ध्यान न दें।

Super TET में बाल मनोविज्ञान सेक्शन में अच्छे अंक प्राप्त करने से आपका कुल स्कोर बढ़ेगा, जिससे आपके चयन की संभावनाएँ काफी बढ़ जाएंगी। यह सेक्शन आपको एक बेहतर शिक्षक बनने में भी मदद करेगा, क्योंकि आप बच्चों की मनोदशा और सीखने की प्रक्रियाओं को अधिक गहराई से समझ पाएंगे। एक उच्च स्कोर न केवल आपको सरकारी नौकरी दिलाएगा, बल्कि यह आपके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगा और आपको एक सफल और प्रभावी शिक्षक के रूप में स्थापित करेगा। 2019 की भर्ती में भी इस सेक्शन के अंकों ने कई उम्मीदवारों को सफलता दिलाई थी।

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