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Mock Tests 2026

Super TET Educational Evaluation and Measurement 2026: Complete Guide & Mock Test Series

Super TET शैक्षिक मूल्यांकन एवं मापन: सफलता की कुंजी – Unictest के साथ करें पक्की तैयारी! Super TET Educational Evaluation & Measurement: Your Key to Success – Prepare with Unictest!

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.Founder & Director Unictest. M.Sc (Maths) MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET KVS DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-06-15 · हिंदी

SUPER TET Mock Test Series — Overview

नमस्ते मेरे प्यारे Super TET aspirants! Unictest पर आपका स्वागत है। आज हम बात करने वाले हैं Super TET के एक बहुत ही महत्वपूर्ण और स्कोरिंग सेक्शन के बारे में – शैक्षिक मूल्यांकन एवं मापन (Educational Evaluation and Measurement). यह टॉपिक Child Development and Pedagogy (CDP) का एक अभिन्न अंग है और इसमें आपकी पकड़ आपको परीक्षा में दूसरों से आगे ले जा सकती है।


देखिये, जब हम 'शिक्षक' बनने का सपना देखते हैं, तो सिर्फ पढ़ाना ही काफी नहीं होता। हमें यह भी पता होना चाहिए कि हमारे बच्चे कितना सीख रहे हैं, उनकी प्रोग्रेस क्या है, और उन्हें कहाँ मदद की ज़रूरत है। यहीं पर 'मूल्यांकन' और 'मापन' का कॉन्सेप्ट आता है। यह सिर्फ एग्ज़ाम पास करने का विषय नहीं, बल्कि एक अच्छे शिक्षक के लिए ज़रूरी स्किल भी है।


शैक्षिक मूल्यांकन और मापन क्या है? (What are Educational Evaluation and Measurement?)

चलिए, सबसे पहले इन दोनों शब्दों को समझते हैं। अक्सर स्टूडेंट्स इन्हें एक ही मान लेते हैं, लेकिन इनमें बारीक अंतर है।


  • मापन (Measurement): यह किसी भी चीज़ को संख्यात्मक मान (numerical value) देना है। जैसे, अगर बच्चे के टेस्ट में 100 में से 70 नंबर आए, तो यह 'मापन' है। यह सिर्फ 'कितना' (how much) बताता है। यह मात्रात्मक (quantitative) होता है।
  • मूल्यांकन (Evaluation): यह मापन से एक कदम आगे है। इसमें हम सिर्फ नंबर नहीं देखते, बल्कि उन नंबरों का विश्लेषण करते हैं और एक 'मूल्य निर्णय' (value judgment) देते हैं। 70 नंबर अच्छे हैं या बुरे? बच्चे ने क्यों कम स्कोर किया? क्या उसे और मेहनत की ज़रूरत है? यह 'कितना अच्छा' (how good) बताता है। यह मात्रात्मक और गुणात्मक (qualitative) दोनों हो सकता है।

Expert Tip: याद रखिए, मापन मूल्यांकन का एक हिस्सा है। बिना मापन के मूल्यांकन संभव नहीं, लेकिन मूल्यांकन सिर्फ मापन तक सीमित नहीं है। Think of it like this: Measuring a student's height (measurement) vs. deciding if they are tall enough for a specific sport (evaluation).

Super TET में इसकी प्रासंगिकता (Relevance in Super TET)

Super TET में इस सेक्शन से सीधे-सीधे सवाल पूछे जाते हैं, खासकर मूल्यांकन के प्रकार, अच्छे परीक्षण की विशेषताएं (वैधता, विश्वसनीयता, वस्तुनिष्ठता), और मूल्यांकन के उपकरणों पर। पिछले 5 सालों में मैंने अपने स्टूडेंट्स को देखा है कि जो इस सेक्शन को हल्के में लेते हैं, वे 2-3 नंबर यहीं गंवा देते हैं। और आप जानते हैं, कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स में एक-एक नंबर कितना कीमती होता है!


मूल्यांकन के प्रकार (Types of Evaluation)

यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक है जिससे अक्सर प्रश्न बनते हैं।


  • 1. रचनात्मक मूल्यांकन (Formative Evaluation): यह पढ़ाई के दौरान होता है। इसका मकसद बच्चे की लर्निंग में सुधार करना होता है। जैसे, क्लास टेस्ट, होमवर्क चेक करना, प्रश्न पूछना। 'कब' और 'कैसे' सुधार करना है, यह बताता है।
  • 2. योगात्मक मूल्यांकन (Summative Evaluation): यह कोर्स या पढ़ाई के अंत में होता है। इसका मकसद बच्चे की उपलब्धि का अंतिम आकलन करना होता है। जैसे, वार्षिक परीक्षा, सेमेस्टर एग्ज़ाम। यह बताता है कि 'कितना' सीखा।
  • 3. नैदानिक मूल्यांकन (Diagnostic Evaluation): इसका मकसद बच्चे की सीखने में आ रही कठिनाइयों (learning difficulties) का पता लगाना होता है। जैसे, अगर बच्चा किसी खास कॉन्सेप्ट को नहीं समझ पा रहा, तो उस समस्या की जड़ तक जाना।
  • 4. सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE): CBSE ने इसे लागू किया था। इसमें बच्चे का लगातार और हर पहलू (शैक्षिक और सह-शैक्षिक) का मूल्यांकन किया जाता है। यह सिर्फ पेन-पेपर टेस्ट नहीं, बल्कि ऑब्ज़र्वेशन, प्रोजेक्ट्स, पोर्टफोलियो आदि भी शामिल करता है।

Warning: CCE से प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। इसके घटक (components) और उद्देश्य (objectives) को अच्छे से समझकर जाएं।

अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)

चलिए, अब कुछ प्रश्नों के साथ इस कॉन्सेप्ट को और मज़बूत करते हैं। मेरा मानना है कि सिर्फ पढ़ने से काम नहीं चलेगा, प्रैक्टिस भी उतनी ही ज़रूरी है।


Q. 1. शैक्षिक मापन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
  • A) छात्रों की योग्यता का संख्यात्मक विवरण देना
  • B) छात्रों के व्यवहार में परिवर्तन का मूल्यांकन करना
  • C) शिक्षण विधियों की प्रभावशीलता का आकलन करना
  • D) छात्रों के समग्र विकास पर मूल्य निर्णय देना
Answer: A) छात्रों की योग्यता का संख्यात्मक विवरण देना

Q. 2. रचनात्मक मूल्यांकन (Formative Evaluation) का मुख्य कार्य क्या है?
  • A) सत्र के अंत में छात्रों को ग्रेड प्रदान करना
  • B) शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में सुधार करना
  • C) छात्रों की अंतिम उपलब्धि का आकलन करना
  • D) छात्रों की तुलना करना
Answer: B) शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में सुधार करना

Q. 3. यदि कोई परीक्षण वही मापता है जिसके लिए उसे बनाया गया है, तो वह क्या कहलाता है?
  • A) विश्वसनीय (Reliable)
  • B) वैध (Valid)
  • C) वस्तुनिष्ठ (Objective)
  • D) उपयोगी (Usable)
Answer: B) वैध (Valid)

Q. 4. सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) में 'व्यापक' शब्द का क्या अर्थ है?
  • A) छात्रों का केवल शैक्षिक पहलुओं का मूल्यांकन
  • B) छात्रों के शैक्षिक और सह-शैक्षिक दोनों पहलुओं का मूल्यांकन
  • C) वर्ष में केवल एक बार मूल्यांकन
  • D) केवल लिखित परीक्षाओं द्वारा मूल्यांकन
Answer: B) छात्रों के शैक्षिक और सह-शैक्षिक दोनों पहलुओं का मूल्यांकन

Q. 5. एक शिक्षक छात्रों की अधिगम संबंधी कठिनाइयों का पता लगाने के लिए किस प्रकार का मूल्यांकन करेगा?
  • A) योगात्मक मूल्यांकन
  • B) रचनात्मक मूल्यांकन
  • C) नैदानिक मूल्यांकन
  • D) उपलब्धि मूल्यांकन
Answer: C) नैदानिक मूल्यांकन

Q. 6. मापन का सबसे निम्न स्तर कौन सा है?
  • A) अंतराल (Interval)
  • B) अनुपात (Ratio)
  • C) क्रमिक (Ordinal)
  • D) नामिक (Nominal)
Answer: D) नामिक (Nominal)

Q. 7. एक अच्छे परीक्षण की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या है?
  • A) उपयोगिता (Usability)
  • B) विश्वसनीयता (Reliability)
  • C) वैधता (Validity)
  • D) वस्तुनिष्ठता (Objectivity)
Answer: C) वैधता (Validity)

Q. 8. पोर्टफोलियो मूल्यांकन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
  • A) छात्रों की वार्षिक परीक्षा लेना
  • B) छात्रों के काम के नमूने का संग्रह करना और उनकी प्रगति का आकलन करना
  • C) केवल ग्रेड प्रदान करना
  • D) छात्रों की तुलना करना
Answer: B) छात्रों के काम के नमूने का संग्रह करना और उनकी प्रगति का आकलन करना

Q. 9. निम्नलिखित में से कौन-सा मूल्यांकन का उपकरण नहीं है?
  • A) अवलोकन (Observation)
  • B) साक्षात्कार (Interview)
  • C) पाठ्यपुस्तक (Textbook)
  • D) प्रश्नावली (Questionnaire)
Answer: C) पाठ्यपुस्तक (Textbook)

Q. 10. एक अच्छे मूल्यांकन में क्या होना चाहिए?
  • A) केवल वैधता
  • B) केवल विश्वसनीयता
  • C) वैधता, विश्वसनीयता और वस्तुनिष्ठता तीनों
  • D) केवल वस्तुनिष्ठता
Answer: C) वैधता, विश्वसनीयता और वस्तुनिष्ठता तीनों

याद रखिए दोस्तों, यह सेक्शन आपको सिर्फ Super TET ही नहीं, बल्कि एक बेहतर शिक्षक बनने में भी मदद करेगा। अपनी तैयारी में इन बेसिक कॉन्सेप्ट्स को मज़बूत करें।

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Test Series Features

अब जब हमने शैक्षिक मूल्यांकन और मापन के मूल सिद्धांतों को समझ लिया है, तो चलिए बात करते हैं कि Super TET 2026 में इस सेक्शन को कैसे Tackle करें। यह सिर्फ रटने वाला सब्जेक्ट नहीं है; यहाँ आपको अपनी समझ और एप्लीकेशन स्किल्स का इस्तेमाल करना होगा।


Super TET Educational Evaluation and Measurement: तैयारी की रणनीति (Preparation Strategy)

मैंने अपने कई सफल स्टूडेंट्स को देखा है कि वे इस सेक्शन को एक 'पज़ल' की तरह लेते हैं – हर कॉन्सेप्ट को समझना और फिर उसे सही जगह फिट करना। मेरा पहला सुझाव यही है कि आप इसे बोझ न समझें, बल्कि एक मज़ेदार लर्निंग जर्नी मानें।


  • 1. कॉन्सेप्ट्स क्लियर करें: सबसे पहले, मापन, मूल्यांकन, आकलन (Assessment) के बीच के अंतर को समझें। रचनात्मक, योगात्मक, नैदानिक मूल्यांकन के उद्देश्यों और उदाहरणों को याद करें।
  • 2. अच्छे परीक्षण की विशेषताएं: वैधता (Validity), विश्वसनीयता (Reliability), वस्तुनिष्ठता (Objectivity), व्यावहारिकता (Usability) - इन चारों को गहराई से समझें। इनसे हर साल प्रश्न आते हैं। मैं अपने स्टूडेंट्स को हमेशा बताता हूँ, 'वैधता' मतलब 'सही चीज़ मापना', 'विश्वसनीयता' मतलब 'बार-बार वही परिणाम देना'।
  • 3. मूल्यांकन के उपकरण और तकनीकें: अवलोकन, साक्षात्कार, प्रश्नावली, रेटिंग स्केल, चेकलिस्ट, पोर्टफोलियो, एनेकडोटल रिकॉर्ड्स - इन सभी के उपयोग और सीमाओं को जानें।
  • 4. NCERT/SCERT की किताबें: कक्षा 9-12 की मनोविज्ञान और शिक्षाशास्त्र की NCERT/SCERT की किताबें पढ़ें। ये आपके बेसिक्स को मज़बूत करेंगी।
  • 5. Previous Year Papers (PYQs): Super TET, CTET, UPTET, KVS, DSSSB के पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र हल करें। आपको प्रश्नों का पैटर्न और महत्वपूर्ण टॉपिक्स का अंदाज़ा हो जाएगा। मैंने personally देखा है कि 40% सवाल या तो रिपीट होते हैं या उनके पैटर्न पर आधारित होते हैं।

Expert Tip: एक छोटा सा नोटबुक बनाएं और उसमें हर कॉन्सेप्ट की एक-दो लाइन की परिभाषा और एक उदाहरण लिखें। यह लास्ट-मिनट रिवीजन में बहुत हेल्प करेगा।

महत्वपूर्ण टॉपिक्स (Important Topics for Super TET)

इस सेक्शन से अक्सर पूछे जाने वाले कुछ टॉपिक्स की लिस्ट यहाँ दी गई है:


  • मापन और मूल्यांकन का अर्थ एवं अंतर
  • मूल्यांकन के प्रकार (रचनात्मक, योगात्मक, नैदानिक, सतत एवं व्यापक)
  • अच्छे परीक्षण की विशेषताएं (वैधता, विश्वसनीयता, वस्तुनिष्ठता, व्यावहारिकता)
  • मूल्यांकन की तकनीकें और उपकरण (अवलोकन, साक्षात्कार, रेटिंग स्केल, चेकलिस्ट, पोर्टफोलियो)
  • ग्रेडिंग प्रणाली (Grading System)
  • सांख्यिकी का बेसिक ज्ञान (केंद्रीय प्रवृत्ति के माप - माध्य, माध्यिका, बहुलक)

अध्ययन सामग्री और पुस्तकें (Study Material and Books)

Super TET के लिए, आपको बहुत सारी किताबों के पीछे भागने की ज़रूरत नहीं है। कुछ चुनिंदा और अच्छी किताबें ही काफी हैं।


  • NCERT/SCERT Psychology Books (Class 11 & 12): ये आपके conceptual clarity के लिए बेस्ट हैं।
  • Arun Kumar Singh (Educational Measurement & Evaluation): यह थोड़ी एडवांस बुक है, लेकिन अगर आप गहराई से समझना चाहते हैं तो पढ़ सकते हैं।
  • UPTET/CTET/Super TET Previous Year Solved Papers: किसी भी अच्छे पब्लिशर के PYQs ले लें।
  • Unictest Mock Tests: हमारे प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध मॉक टेस्ट से प्रैक्टिस करें। ये आपको वास्तविक परीक्षा का अनुभव देंगे और आपकी तैयारी को परखने में मदद करेंगे।

अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)

चलिए, कुछ और सवालों से अपनी तैयारी को और धार देते हैं।


Q. 11. एक परीक्षण को विश्वसनीय कब माना जाता है?
  • A) जब वह वही मापता है जिसके लिए उसे बनाया गया है।
  • B) जब वह बार-बार समान परिणाम देता है।
  • C) जब उसके परिणामों पर परीक्षक की व्यक्तिगत राय का प्रभाव न पड़े।
  • D) जब उसे आसानी से प्रशासित और स्कोर किया जा सके।
Answer: B) जब वह बार-बार समान परिणाम देता है।

Q. 12. वस्तुनिष्ठता का अर्थ है कि परीक्षण के स्कोर पर _________ का प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
  • A) विषय-वस्तु
  • B) परीक्षक की व्यक्तिगत राय
  • C) प्रश्नों की संख्या
  • D) छात्रों की उम्र
Answer: B) परीक्षक की व्यक्तिगत राय

Q. 13. एक छात्र ने परीक्षा में 80% अंक प्राप्त किए। यह किस प्रकार का उदाहरण है?
  • A) मूल्यांकन (Evaluation)
  • B) मापन (Measurement)
  • C) आकलन (Assessment)
  • D) इनमें से कोई नहीं
Answer: B) मापन (Measurement)

Q. 14. रेटिंग स्केल किस प्रकार का मूल्यांकन उपकरण है?
  • A) वस्तुनिष्ठ (Objective)
  • B) व्यक्तिपरक (Subjective)
  • C) गुणात्मक (Qualitative)
  • D) मात्रात्मक (Quantitative)
Answer: C) गुणात्मक (Qualitative)

Q. 15. नैदानिक परीक्षणों का उपयोग क्यों किया जाता है?
  • A) छात्रों की योग्यता का पता लगाने के लिए
  • B) छात्रों की सीखने की कठिनाइयों का पता लगाने के लिए
  • C) छात्रों को ग्रेड देने के लिए
  • D) शिक्षण की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने के लिए
Answer: B) छात्रों की सीखने की कठिनाइयों का पता लगाने के लिए

Q. 16. निम्नलिखित में से कौन-सा एक मानक संदर्भित परीक्षण (Norm-Referenced Test) का उदाहरण है?
  • A) एक कक्षा में साप्ताहिक क्विज़
  • B) एक शिक्षक द्वारा बनाया गया यूनिट टेस्ट
  • C) Super TET जैसी प्रतियोगी परीक्षा
  • D) एक छात्र द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट कार्य
Answer: C) Super TET जैसी प्रतियोगी परीक्षा

Q. 17. उपलब्धि परीक्षण (Achievement Test) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
  • A) छात्रों की रुचि का आकलन करना
  • B) छात्रों ने क्या सीखा है, इसका पता लगाना
  • C) छात्रों की बुद्धि का मापन करना
  • D) छात्रों की रचनात्मकता का मूल्यांकन करना
Answer: B) छात्रों ने क्या सीखा है, इसका पता लगाना

Q. 18. मूल्यांकन की कौन सी विधि छात्रों को स्वयं के सीखने की प्रक्रिया पर विचार करने का अवसर देती है?
  • A) लिखित परीक्षा
  • B) मौखिक परीक्षा
  • C) पोर्टफोलियो मूल्यांकन
  • D) रेटिंग स्केल
Answer: C) पोर्टफोलियो मूल्यांकन

Q. 19. केंद्रीय प्रवृत्ति का कौन सा माप सबसे कम स्थिर होता है जब डेटा में चरम मान (extreme values) होते हैं?
  • A) माध्य (Mean)
  • B) माध्यिका (Median)
  • C) बहुलक (Mode)
  • D) मानक विचलन (Standard Deviation)
Answer: A) माध्य (Mean)

Q. 20. कौन सा मूल्यांकन छात्रों को 'पास' या 'फेल' घोषित करने के लिए उपयोग किया जाता है?
  • A) रचनात्मक मूल्यांकन
  • B) नैदानिक मूल्यांकन
  • C) योगात्मक मूल्यांकन
  • D) सतत मूल्यांकन
Answer: C) योगात्मक मूल्यांकन

यह मत सोचिए कि ये सिर्फ सवाल हैं। ये एक तरह से आपका सेल्फ-असेसमेंट भी है। हर गलत उत्तर आपको एक नया कॉन्सेप्ट सीखने का मौका देता है। तो लगे रहिए, सफलता ज़रूर मिलेगी!

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

Super TET में शैक्षिक मूल्यांकन और मापन सेक्शन का बहुत अधिक महत्व है क्योंकि यह CDP (Child Development and Pedagogy) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इससे सीधे 5-7 प्रश्न पूछे जाते हैं। यह न केवल आपके स्कोर को बढ़ाता है, बल्कि आपको एक प्रभावी शिक्षक के रूप में छात्रों की प्रगति को समझने और उनकी सीखने की कठिनाइयों को दूर करने में भी मदद करता है। इस सेक्शन में अच्छी पकड़ आपको मेरिट लिस्ट में ऊपर ला सकती है।

शैक्षिक मूल्यांकन और मापन Super TET परीक्षा के पाठ्यक्रम का एक विषय है, न कि कोई अलग योग्यता। Super TET के लिए सामान्य योग्यता मानदंड यह है कि उम्मीदवार के पास स्नातक की डिग्री के साथ D.El.Ed (BTC) या B.Ed की डिग्री होनी चाहिए। साथ ही, CTET या UPTET पेपर 1 पास होना अनिवार्य है। आयु सीमा आमतौर पर 21 से 40 वर्ष होती है, जिसमें आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलती है। इस विषय को समझने के लिए कोई अतिरिक्त योग्यता की आवश्यकता नहीं है।

Super TET शैक्षिक मूल्यांकन और मापन की तैयारी के लिए, आप NCERT/SCERT की कक्षा 11वीं और 12वीं की मनोविज्ञान और शिक्षाशास्त्र की किताबें पढ़ सकते हैं। इसके अलावा, अरुण कुमार सिंह की 'शैक्षिक मापन एवं मूल्यांकन' जैसी विशेषज्ञ पुस्तकें भी सहायक हो सकती हैं। सबसे महत्वपूर्ण, पिछले वर्षों के Super TET, CTET और UPTET के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें। Unictest के मॉक टेस्ट भी आपकी तैयारी को परखने और मज़बूत करने के लिए एक बेहतरीन संसाधन हैं।

Super TET में शैक्षिक मूल्यांकन और मापन सेक्शन CDP (Child Development and Pedagogy) के अंतर्गत आता है। CDP सेक्शन से कुल 10 प्रश्न आते हैं, जिनमें से 5-7 प्रश्न सीधे तौर पर शैक्षिक मूल्यांकन और मापन से संबंधित होते हैं। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है। Super TET में कोई नकारात्मक अंकन (negative marking) नहीं होती है, जिसका अर्थ है कि आप सभी प्रश्नों का प्रयास कर सकते हैं। यह सेक्शन आपकी वैचारिक स्पष्टता और अनुप्रयोग क्षमता का परीक्षण करता है।

इस सेक्शन में अच्छे स्कोर के लिए, सबसे पहले सभी बुनियादी अवधारणाओं (मापन, मूल्यांकन, आकलन, उनके प्रकार) को स्पष्ट करें। अच्छे परीक्षण की विशेषताओं (वैधता, विश्वसनीयता, वस्तुनिष्ठता) को गहराई से समझें। विभिन्न मूल्यांकन उपकरणों और तकनीकों का अध्ययन करें। नियमित रूप से मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें। अपनी गलतियों का विश्लेषण करें और कमजोर क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दें। नोट्स बनाएं और अंतिम समय में केवल उन्हीं का रिवीजन करें। आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।

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