Super TET में General और OBC के लिए क्वालीफाइंग मार्क्स - जानिए!
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Updated: 2026-08-09 · हिंदी
Super TET परीक्षा, जो कि प्रशिक्षकों की भर्ती के लिए आयोजित होती है, में क्वालीफाइंग मार्क्स का निर्धारण हर साल किया जाता है। यह मार्क्स उन सभी उम्मीदवारों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण होते हैं जो परीक्षा में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं। General और OBC श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए ये मार्क्स अलग-अलग होते हैं। इसके अतिरिक्त, यह समझना आवश्यक है कि किस प्रकार ये क्वालीफाइंग मार्क्स आपके परीक्षा के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं। यहाँ हम इस विषय पर गहराई से चर्चा करेंगे और इसे आपकी तैयारी में कैसे मदद मिल सकती है, इस पर प्रकाश डालेंगे।
क्वालीफाइंग मार्क्स वे न्यूनतम अंक हैं जो एक उम्मीदवार को किसी परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए प्राप्त करने होते हैं। Super TET परीक्षा में, यह अंक विभिन्न श्रेणियों के आधार पर निश्चित होते हैं। General और OBC श्रेणियों के लिए ये मार्क्स अलग-अलग निर्धारित किए जाते हैं, जिससे सभी उम्मीदवारों को उचित अवसर मिल सके। शिक्षा मंत्रालय और संबंधित संस्थाएं इन मार्क्स का निर्धारण करती हैं, और ये हर साल थोड़े बदल सकते हैं। जब मैं अपने छात्रों को इस विषय पर समझाता हूँ, तो मैं हमेशा यह बताता हूँ कि सही तैयारी के लिए इन मार्क्स को समझना बहुत जरूरी है।
पिछले Super TET परीक्षाओं में, General और OBC श्रेणियों के लिए क्वालीफाइंग मार्क्स में परिवर्तन देखने को मिला है। 2024 में, General के लिए 60% और OBC के लिए 55% क्वालीफाइंग मार्क्स रखे गए थे। यह परीक्षा की कठिनाई स्तर, प्रश्नों की संख्या और अन्य कारकों पर निर्भर करता है। मैंने कई बार देखा है कि छात्र केवल मार्क्स को ध्यान में रखते हैं, लेकिन परीक्षा की तैयारी करते समय विषयों का अध्ययन करना भी महत्वपूर्ण है।
क्वालीफाइंग मार्क्स आपके परीक्षा में सफल होने के लिए आवश्यक हैं। ये मार्क्स न केवल आपके चयन को प्रभावित करते हैं बल्कि आपको अन्य प्रक्रियाओं जैसे इंटरव्यू या दस्तावेज़ सत्यापन में भी प्रभावित करते हैं। इसलिए, यदि आप Super TET में सफल होना चाहते हैं, तो इन मार्क्स पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है। मैंने देखा है कि कई छात्र तैयारी के दौरान केवल विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जबकि क्वालीफाइंग मार्क्स को नजरअंदाज कर देते हैं।
क्वालीफाइंग मार्क्स की स्थापना में कई पहलू शामिल होते हैं, जैसे परीक्षा की कठिनाई, पिछले वर्षों के प्रदर्शन, और आवेदकों की कुल संख्या। जब परीक्षा अधिक कठिन होती है, तो क्वालीफाइंग मार्क्स को सामान्यतः घटाया जाता है। इस प्रकार का डेटा आपको भविष्य में बेहतर तैयारी करने में मदद कर सकता है।
General और OBC श्रेणियों के लिए क्वालीफाइंग मार्क्स में अंतर स्थापित करने का उद्देश्य समान अवसर प्रदान करना है। OBC उम्मीदवारों को सामान्य वर्ग की तुलना में थोड़ी छूट दी जाती है। यह नीति समाज में समानता लाने के लिए बनाई गई है। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि OBC उम्मीदवार अपने विषय में अच्छी तैयारी के बावजूद कभी-कभी नाराज हो जाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके मार्क्स उनकी मेहनत को सही तरीके से नहीं दर्शाते।
क्वालीफाइंग मार्क्स के अनुसार तैयारी करना बहुत ही महत्वपूर्ण है। आपको यह जानना होगा कि आपको किन विषयों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना है। मेरी व्यक्तिगत सलाह है कि आप पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों पर काम करें और उनके अनुसार अपनी तैयारी को ढालें। मैंने देखा है कि छात्र अक्सर केवल एक ही किताब पर निर्भर रहते हैं। लेकिन अधिक सामग्री पर काम करना आवश्यक है।
अभ्यास प्रश्नों का हल करना न केवल आपको परीक्षा के लिए तैयार करता है, बल्कि यह आपको क्वालीफाइंग मार्क्स के स्तर को समझने में भी मदद करता है। सही अभ्यास से आपका आत्मविश्वास बढ़ता है। मैंने अपने छात्रों को सलाह दी है कि वे नियमित अंतराल पर मॉक टेस्ट लें। इससे उन्हें अपने प्रदर्शन का सही आकलन करने में मदद मिलती है।
किसी भी परीक्षा में अभ्यास महत्वपूर्ण होता है। मॉक टेस्ट लेकर आप अपने कमजोर क्षेत्रों की पहचान कर सकते हैं। मैंने अपने छात्रों को मॉक टेस्ट के माध्यम से उनकी कमियों को सुधारने में मदद की है, जो परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए जरूरी है। मॉक टेस्ट से आप क्वालीफाइंग मार्क्स की स्तर तक पहुँचने के लिए आवश्यक रणनीतियों को विकसित कर सकते हैं।
| वर्ष | General क्वालीफाइंग मार्क्स | OBC क्वालीफाइंग मार्क्स |
|---|---|---|
| 2020 | 62% | 57% |
| 2021 | 61% | 56% |
| 2022 | 60% | 55% |
| 2023 | 61% | 56% |
| 2024 | 60% | 55% |
| 2025 | 59% | 54% |
| परीक्षा वर्ष | मुख्य विषय | कट-ऑफ अंक | महत्वपूर्ण तिथि |
|---|---|---|---|
| 2020 | सामान्य ज्ञान | 60% | 15 जनवरी 2020 |
| 2021 | गणित | 61% | 15 जनवरी 2021 |
| 2022 | हिंदी | 60% | 15 जनवरी 2022 |
| 2023 | शिक्षण पद्धति | 61% | 15 जनवरी 2023 |
| 2024 | सामान्य ज्ञान | 60% | 15 जनवरी 2024 |
Super TET परीक्षा की तैयारी के लिए एक संपूर्ण रणनीति बनाना बेहद जरूरी है। यह समझना जरूरी है कि किस विषय पर कितना समय देना है। मेरा सुझाव है कि आप पहले अपने मजबूत विषयों को कवर करें और फिर कमजोर विषयों की ओर ध्यान दें। हर छात्र का अध्ययन करने का एक अलग तरीका होता है, इसलिए अपनी व्यक्तिगत रणनीति बनाएं।
अध्ययन योजना को महीने-दर-महीने बांटना सबसे अच्छा तरीका है। उदाहरण के लिए, पहले महीने में सामान्य ज्ञान और हिंदी पर ध्यान दें, जबकि अगले महीने गणित और शिक्षण पद्धति पर ध्यान दें। इस तरह से आप अपनी तैयारी को व्यवस्थित रखेंगे। मैंने पिछले 5 साल में देखा है कि नियमित अध्ययन से ही छात्र सफलता प्राप्त कर पाते हैं।
विभिन्न विषयों के लिए मार्क्स का विभाजन समझना महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए, हिंदी में 30 अंक, गणित में 30 अंक और सामान्य ज्ञान में 30 अंक होते हैं। सही प्रकार से विषयों का अध्ययन कर के आप महत्वपूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं। मैं हमेशा अपने छात्रों से कहता हूँ कि विषयों को एक निश्चित पैटर्न में हल करना चाहिए।
Super TET परीक्षा में कुछ महत्वपूर्ण विषय होते हैं जिन पर आपको ध्यान देना चाहिए। ये विषय आपकी परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने में मदद करेंगे। मैंने देखा है कि अधिकांश छात्र कुछ विषयों का अध्ययन नहीं करते हैं। इसीलिए, महत्वपूर्ण विषयों की सूची बनाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Super TET की तैयारी के लिए कई अच्छी पुस्तकें उपलब्ध हैं। इनमें NCERT किताबें, रेफरेंस गाइड और मॉक टेस्ट शामिल हैं। मैंने अपने छात्रों को सलाह दी है कि वे NCERT से शुरू करें क्योंकि यह आधारभूत ज्ञान प्रदान करती हैं। अन्य किताबें जैसे कि टीचर एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी के लिए प्रयाप्त हैं।
कोचिंग और आत्म-अध्ययन के फायदे और नुकसान दोनों हैं। जहाँ कोचिंग structured learning देती है, वहीं आत्म-अध्ययन आपको स्वतंत्रता और लचीलापन देता है। मैंने देखा है कि कई छात्रों कोपढ़ाई के लिए कोचिंग की आवश्यकता होती है जबकि कुछ सही दिशा में आत्म-अध्ययन करके भी सफल होते हैं।
समय प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। एक ठोस दैनिक शेड्यूल बनाना महत्वपूर्ण है, जिसमें अध्ययन के लिए पर्याप्त समय हो। मैं अपने छात्रों को सुझाव देता हूँ कि वे सुबह जल्दी उठें और अपने महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान दें।
परीक्षा के अंतिम 30 दिनों में, एक ठोस पुनरीक्षण रणनीति बनाना आवश्यक है। अपने सभी महत्वपूर्ण विषयों को अलग-अलग समय पर रिवाइज करें। मैंने अनुभव किया है कि अंतिम दिनों में ज्ञान के पुनरावृत्ति से बहुत लाभ होता है। याद रखिए, यह उन दिनों का समय होता है जब आप अपने सभी सीखे हुए सामान को एकत्रित करते हैं।
परीक्षा के दिन, आपको कुछ चीज़ें अपने साथ ले जानी चाहिए, जैसे कि प्रवेश पत्र, पहचान पत्र, और एक पानी की बोतल। मैं हमेशा अपने छात्रों को सलाह देता हूँ कि परीक्षा के दिन का रवैया सकारात्मक होना चाहिए। बेहतर नींद लें और सही आहार लें ताकि आप परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकें।
छात्र परीक्षा दौरान अक्सर कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं। जैसे कि प्रश्नों को ठीक से पढ़ना, समय का सही प्रबंधन नहीं करना, और चढ़ाई के कारण घबराना। अगर आप इन गलतियों से बचते हैं, तो आपकी सफलता की संभावना बढ़ जाएगी।
अंतिम 7 दिनों में, आपको सभी महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मैं अपने छात्रों को सलाह देता हूँ कि वे अपने नोट्स का उपयोग करें और उन्हें समय-समय पर पढ़ते रहें। मॉक परीक्षण लेना भी बेहद मददगार होता है।
हर वर्ष की परीक्षा के बाद, कट-ऑफ में परिवर्तन होता है। पिछले वर्ष की कट-ऑफ के आंकड़े देखे तो, 2024 में General की कट-ऑफ 60 प्रतिशत और OBC की 55 प्रतिशत रही थी।
Super TET परीक्षा को पास करने के बाद, आपको विभिन्न प्रकार के कैरियर विकल्प मिल सकते हैं। शिक्षक बनने के बाद, आपको सरकारी स्कूलों में नौकरी मिलेगी। इसके अलावा, आपको अच्छे वेतन और प्रमोशन की संभावनाएं भी मिलेंगी।
हर साल कई सफल छात्र Super TET परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करते हैं। जैसे कि टॉपर राजेश वर्मा ने अपनी मेहनत और लगन से परीक्षा पास की। उनका कहना है कि नियमित अध्ययन और मॉक टेस्ट ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।