Unictest Team
Updated: 2026-05-06 · 8 min read
रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) परीक्षा भारत में सबसे प्रतिष्ठित सरकारी नौकरियों में से एक है। विशेष रूप से, RRB चंडीगढ़ जोन से आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए 'सेफ स्कोर' और 'पिछला कटऑफ' समझना बहुत महत्वपूर्ण है। यह आपको अपनी तैयारी की रणनीति बनाने और लक्ष्य निर्धारित करने में मदद करेगा।
RRB ALP चंडीगढ़ सेफ स्कोर क्या है? (What is RRB Chandigarh ALP Safe Score?)
सेफ स्कोर वह न्यूनतम अंक होता है जिसे प्राप्त करने पर उम्मीदवार को अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट होने की अच्छी संभावना होती है। यह कोई निश्चित अंक नहीं होता, बल्कि विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है। RRB ALP परीक्षा कई चरणों में होती है, जिसमें CBT-1, CBT-2 और कंप्यूटर आधारित एप्टीट्यूड टेस्ट (CBAT) शामिल हैं। प्रत्येक चरण के लिए अलग-अलग कटऑफ जारी की जाती है। Unictest आपको पिछले वर्षों के डेटा और विशेषज्ञ विश्लेषण के आधार पर एक अनुमानित सेफ स्कोर प्रदान करता है ताकि आप अपनी तैयारी को सही दिशा दे सकें।
सेफ स्कोर को प्रभावित करने वाले कारक (Factors Affecting Safe Score)
- कुल रिक्तियों की संख्या (Total Number of Vacancies): रिक्तियों की संख्या जितनी अधिक होगी, कटऑफ उतनी ही कम होने की संभावना होती है।
- परीक्षा का कठिनाई स्तर (Difficulty Level of the Exam): यदि परीक्षा कठिन होती है, तो औसत स्कोर कम हो जाता है, जिससे कटऑफ भी कम होती है।
- परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों की संख्या (Number of Candidates Appeared): जितने अधिक उम्मीदवार परीक्षा में बैठते हैं, प्रतिस्पर्धा उतनी ही बढ़ जाती है, जिससे कटऑफ बढ़ सकती है।
- उम्मीदवारों का प्रदर्शन (Performance of Candidates): उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त किए गए औसत अंक भी कटऑफ को प्रभावित करते हैं।
- नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया (Normalization Process): RRB विभिन्न शिफ्टों में परीक्षा आयोजित करता है, इसलिए अंकों का नॉर्मलाइजेशन किया जाता है, जिससे कटऑफ में बदलाव आ सकता है।
- श्रेणी-वार कटऑफ (Category-wise Cutoff): UR, OBC, SC, ST, EWS जैसी विभिन्न श्रेणियों के लिए कटऑफ अलग-अलग होती है।
RRB ALP परीक्षा के चरण (Stages of RRB ALP Exam)
RRB ALP चयन प्रक्रिया में मुख्य रूप से तीन चरण होते हैं:
- CBT-1 (प्रथम चरण कंप्यूटर आधारित टेस्ट): यह स्क्रीनिंग टेस्ट होता है, जिसके अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते, लेकिन इसे पास करना अनिवार्य है।
- CBT-2 (द्वितीय चरण कंप्यूटर आधारित टेस्ट): इसमें दो भाग होते हैं - पार्ट A और पार्ट B। पार्ट A के अंक अंतिम मेरिट सूची के लिए गिने जाते हैं। पार्ट B केवल क्वालिफाइंग प्रकृति का होता है।
- CBAT (कंप्यूटर आधारित एप्टीट्यूड टेस्ट): यह असिस्टेंट लोको पायलट पद के लिए विशिष्ट है और क्वालिफाइंग प्रकृति का होता है, लेकिन इसमें प्राप्त अंकों का 30% अंतिम मेरिट में जोड़ा जाता है।