Unlock success in JTET Math with expert guidance on coin-based probability problems. अपनी JTET गणित की तैयारी को मजबूत करें।
Practice QuestionsUnictest Team
Updated: 2026-04-23 · English
JTET परीक्षा में गणित एक महत्वपूर्ण खंड है, और इसमें 'प्रायिकता' (Probability) से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। विशेष रूप से, 'सिक्कों की प्रायिकता' (Coins Probability) एक ऐसा विषय है जिसे समझना आसान है और जो आपको अच्छे अंक दिला सकता है। Unictest पर, हम आपको JTET परीक्षा के लिए सिक्कों की प्रायिकता के सभी महत्वपूर्ण अवधारणाओं, सूत्रों और समस्या-समाधान तकनीकों को विस्तार से समझाएंगे। आइए, इस विषय में अपनी पकड़ मजबूत करें और JTET में सफलता की ओर एक कदम बढ़ाएं।
प्रायिकता गणित की वह शाखा है जो किसी घटना के घटित होने की संभावना का अध्ययन करती है। यह हमें बताती है कि कोई घटना कितनी संभावित है। इसका मान हमेशा 0 और 1 के बीच होता है, जहाँ 0 का अर्थ है असंभव घटना और 1 का अर्थ है निश्चित घटना। JTET में, आपको अक्सर दैनिक जीवन से संबंधित सरल प्रायिकता समस्याओं का सामना करना पड़ेगा, जैसे सिक्के उछालना, पासा फेंकना या ताश के पत्तों से संबंधित प्रश्न।
सिक्कों पर आधारित प्रायिकता समस्याओं को हल करने के लिए, आपको विभिन्न सिक्कों को उछालने पर बनने वाले प्रतिदर्श समष्टि को समझना होगा।
ध्यान दें कि 'n' सिक्कों को उछालने पर कुल संभावित परिणामों की संख्या 2n होती है। यह सूत्र आपको बड़े प्रश्नों को हल करने में मदद करेगा।
आइए एक उदाहरण देखें: दो सिक्के उछालने पर, ठीक एक चित्त (exactly one head) आने की प्रायिकता क्या है?
प्रतिदर्श समष्टि = {HH, HT, TH, TT} (कुल परिणाम = 4)
अनुकूल परिणाम (ठीक एक चित्त) = {HT, TH} (अनुकूल परिणामों की संख्या = 2)
प्रायिकता P(E) = 2/4 = 1/2
| विषय (Topic) | उप-विषय (Sub-Topic) | JTET में अपेक्षित प्रश्न (Expected Questions in JTET) |
|---|---|---|
| प्रायिकता का परिचय | यादृच्छिक प्रयोग, प्रतिदर्श समष्टि, घटना, अनुकूल परिणाम | मूल परिभाषाओं पर आधारित 1 प्रश्न |
| सिक्कों की प्रायिकता | एक, दो, तीन सिक्कों को उछालना, प्रतिदर्श समष्टि बनाना | प्रतिदर्श समष्टि बनाने और परिणामों की गणना पर 1-2 प्रश्न |
| प्रायिकता के प्रकार | 'ठीक', 'कम से कम', 'अधिकतम' जैसे शब्दों पर आधारित प्रश्न | विभिन्न स्थितियों में प्रायिकता ज्ञात करने पर 1-2 प्रश्न |
| प्रायिकता के नियम | पूरक घटना (Complementary Event) | प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रयोग (जैसे 'कोई चित्त नहीं' की प्रायिकता) |
| वास्तविक जीवन अनुप्रयोग | दैनिक जीवन से संबंधित सरल प्रायिकता समस्याएं | सामान्य ज्ञान और तार्किक क्षमता पर आधारित प्रश्न |
JTET परीक्षा में सिक्कों से संबंधित विभिन्न प्रकार की प्रायिकता समस्याएं पूछी जा सकती हैं। कुछ सामान्य प्रकार नीचे दिए गए हैं:
उदाहरण: तीन सिक्के एक साथ उछाले जाते हैं। प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि:
हल:
कुल संभावित परिणाम (प्रतिदर्श समष्टि) = {HHH, HHT, HTH, THH, HTT, THT, TTH, TTT} (कुल 8 परिणाम)
1. कम से कम दो चित्त (At least two Heads):
अनुकूल परिणाम = {HHH, HHT, HTH, THH} (यानी, 2 या 3 चित्त)
अनुकूल परिणामों की संख्या = 4
प्रायिकता = 4/8 = 1/2
2. अधिकतम एक पट (At most one Tail):
अनुकूल परिणाम = {HHH, HHT, HTH, THH} (यानी, 0 या 1 पट)
अनुकूल परिणामों की संख्या = 4
प्रायिकता = 4/8 = 1/2
Unictest पर, हम आपको ऐसे कई उदाहरणों और अभ्यास प्रश्नों के साथ तैयारी करने में मदद करते हैं, जो JTET के पैटर्न पर आधारित होते हैं। नियमित अभ्यास और अवधारणाओं की स्पष्टता ही सफलता की कुंजी है।
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में गणित और विज्ञान खंड में प्रायिकता से संबंधित प्रश्न शामिल होते हैं, खासकर पेपर-I (कक्षा 1-5) और पेपर-II (कक्षा 6-8) दोनों में। गणित खंड में, प्रायिकता एक ऐसा विषय है जिससे मूलभूत समझ पर आधारित 1-2 प्रश्न निश्चित रूप से पूछे जा सकते हैं। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आप इसके मूल सिद्धांतों को अच्छी तरह से समझें ताकि आप इन अंकों को सुरक्षित कर सकें। JTET में गणित के प्रश्न आमतौर पर NCERT के पाठ्यक्रम पर आधारित होते हैं, इसलिए कक्षा 9 और 10 की गणित की किताबों से प्रायिकता के अध्याय का गहन अध्ययन करना लाभदायक होगा।
सिक्कों की प्रायिकता को समझना JTET गणित खंड में आपके स्कोर को बेहतर बनाने का एक सरल और प्रभावी तरीका है। नियमित अभ्यास और सही मार्गदर्शन के साथ, आप इस विषय में महारत हासिल कर सकते हैं।