Unictest FREE APP Download Unictest App — Free Mock Tests, PYQs & Notes for 375+ Exams! Unictest App — Free Mock Tests & PYQs! Get it on Google Play
Syllabus 2026

CTET EVS सिलेबस NCERT बनाम UP बोर्ड किताबों की तुलना 2026

CTET EVS सिलेबस में NCERT और UP बोर्ड किताबों की तुलना

Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-13 · हिंदी

CTET PRIMARY Syllabus 2026 — Overview

CTET (Central Teacher Eligibility Test) में पर्यावरण अध्ययन (EVS) का विषय बेहद महत्वपूर्ण है। यह विषय न केवल आपकी शिक्षण क्षमताओं को दर्शाता है, बल्कि बच्चों को विषय की गहरी समझ भी विकसित करता है। इस लेख में हम NCERT और UP बोर्ड की किताबों के बीच तुलना करेंगे। क्या किताबें समान हैं? क्या एक किताब दूसरे से बेहतर है? आइए, इन सवालों का जवाब ढूंढते हैं।

NCERT और UP बोर्ड की किताबों का परिचय

NCERT (National Council of Educational Research and Training) की किताबें देशभर में मान्यता प्राप्त हैं और इन्हें केंद्रीय स्तर पर पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया है। दूसरी ओर, UP बोर्ड की किताबें राज्य स्तर पर अद्वितीय हैं, जो क्षेत्र विशेष की आवश्यकताओं को पूरा करती हैं। मैंने देखा है कि कई छात्र NCERT की किताबों को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन कुछ UP बोर्ड की किताबों को भी उचित मानते हैं।

हर किताब की अपनी विशेषताएँ होती हैं। NCERT की किताबें अधिक शोध पर आधारित होती हैं, जबकि UP बोर्ड की किताबें स्थानीय पाठ्यक्रम और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाती हैं।

सिलेबस का संरचना और विषय

CTET में EVS का सिलेबस मुख्यतः बच्चों के पर्यावरण के चारों ओर घूमता है। इसमें जीव-जंतु, पौधे, जल और मिट्टी के विषय शामिल हैं। NCERT की किताबों में इन सभी विषयों को संपूर्णता से कवर किया गया है, जिससे छात्रों को गहराई से समझने का अवसर मिलता है। उदाहरण के लिए, NCERT में जीव-जंतुओं की परिभाषा और उनके पर्यावरण पर प्रभाव को विस्तार से समझाया गया है।

दूसरी तरफ, UP बोर्ड की किताबों में स्थानीय तत्वों का समावेश होता है, जैसे स्थानीय वनस्पति और जीव-जंतु। इस प्रकार, छात्रों को अपने परिवेश के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर मिलता है।

  • NCERT में दी गई जानकारी सटीक और अद्यतन है।
  • UP बोर्ड की किताबों में स्थानीय ज्ञान का समावेश होता है।
  • NCERT की किताबें परीक्षा के लिए अधिक उपयुक्त हैं।
  • UP बोर्ड की किताबें क्षेत्रीय छात्रों के लिए फायदेमंद हैं।
  • NCERT में चित्रों और ग्राफ का बेहतर प्रयोग किया गया है।
  • UP बोर्ड में सरल भाषा का उपयोग किया गया है।

परीक्षा की तैयारी में महत्व

CTET परीक्षा में सफल होने के लिए सही सामग्री का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। NCERT की किताबें आपको एक मजबूत आधार प्रदान करती हैं, जबकि UP बोर्ड की किताबें आपको स्थानीय संदर्भ में ज्ञान देती हैं। मैंने पाठ्यक्रम को ध्यान से देखा है और पाया है कि NCERT की किताबों से तैयारी करने वाले छात्र अधिकतर टॉप करते हैं।

विभिन्न अध्ययन तकनीकों का प्रयोग भी महत्वपूर्ण है। NCERT के प्रश्न पत्रों और अभ्यास प्रश्नों को हल करने से आपकी तैयारी को मजबूती मिलती है। इसलिए, मेरा सुझाव है कि आप दोनों किताबों का समुचित उपयोग करें।

एक महत्वपूर्ण टिप: NCERT किताबों का अध्ययन करते समय, ध्यान दें कि इसके टॉपिक्स के अंत में दी गई प्रश्नावली का सही से अभ्यास करें। यह परीक्षा में आपको बेहतर अंक दिलाने में मदद कर सकता है।

स्टडी प्लान और रणनीति

सफलता के लिए एक ठोस अध्ययन योजना बनाना आवश्यक है। CTET में EVS के सिलेबस को बेहतर समझने के लिए आपको हर विषय पर ध्यान केंद्रित करना होगा। NCERT की किताबों में दी गई सामग्री को समय-समय पर देखना और UP बोर्ड की किताबों के साथ संतुलित करना आवश्यक है।

मेरे अनुभव के अनुसार, छात्र अक्सर समय प्रबंधन में असफल होते हैं। एक प्रभावी योजना के तहत, सप्ताह में कम से कम दो बार NCERT और UP बोर्ड दोनों की किताबों के विषयों की समीक्षा करें। इससे आपको प्रत्येक विषय में संतुलित ज्ञान प्राप्त होगा।

पूर्व परीक्षा प्रश्न पत्रों का महत्व

CTET परीक्षा के पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का अध्ययन बहुत फायदेमंद होता है। यह आपको परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद करता है। NCERT के पिछले प्रश्न पत्र अधिकतर परीक्षा में पूछे जाते हैं, जबकि UP बोर्ड के प्रश्न पत्र स्थानीय मुद्दों का ध्यान रखते हैं।

जब मैं अपने छात्रों को यह सिखाता हूँ, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। पिछले प्रश्न पत्रों का अभ्यास करने से, छात्र जानते हैं कि उन्हें किस प्रकार के प्रश्नों का सामना करना पड़ेगा और वे बेहतर तरीके से तैयारी कर पाते हैं।

विशेषज्ञ सुझाव: CTET परीक्षा के लिए कम से कम 3 से 4 पिछले वर्ष के प्रश्नपत्र हल करें। इससे आपको वास्तविक परीक्षा के अनुभव का एहसास होगा।

NCERT बनाम UP बोर्ड: अंतिम तुलना

अंत में, NCERT और UP बोर्ड की किताबों की तुलना करने से यह स्पष्ट होता है कि दोनों की अपनी विशेषताएँ हैं। NCERT की किताबें अधिक गहन और शोध पर आधारित हैं, जबकि UP बोर्ड की किताबें स्थानीय संदर्भ और भाषा को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई हैं।

मेरी सलाह है कि अगर आप CTET में सफलता पाना चाहते हैं, तो NCERT की किताबों को प्राथमिकता दें, लेकिन UP बोर्ड की किताबों का भी समुचित उपयोग करें। यह संतुलित दृष्टिकोण आपको परीक्षा में बेहतर परिणाम प्राप्त करने में मदद करेगा।

छात्रों के अनुभव और सुझाव

छात्रों के लिए, जब वे इन दोनों किताबों का अध्ययन करते हैं, तो उनके अनुभव बेहतरीन होते हैं। कई छात्र बताते हैं कि NCERT की पुस्तकें अधिक जानकारीपूर्ण हैं, जबकि UP बोर्ड की पुस्तकें सरल और सहज हैं।

जब मैं अपने छात्रों से बात करता हूँ, तो अधिकांश का यही कहना है कि वे NCERT से अधिकतम जानकारी लेते हैं और UP बोर्ड की किताबों का सहारा लेते हैं। यह एक सफल रणनीति साबित होती है।

  • NCERT किताबों का उपयोग करें विशेषकर महत्वपूर्ण टॉपिक्स के लिए।
  • UP बोर्ड से स्थानीय मुद्दों को समझें।
  • छात्रों को बहुविकल्पीय प्रश्नों का अभ्यास करने का महत्व समझाएं।
  • छात्रों को प्रैक्टिस पेपर हल करने के लिए प्रेरित करें।
  • हर विषय की समय सीमा निर्धारित करें।
  • छात्रों को सकारात्मक सोच को बनाए रखने के लिए प्रेरित करें।

CTET PRIMARY Syllabus — Subject-wise Breakdown

नीचे दी गई तालिका में प्रत्येक विषय के प्रश्नों की संख्या और अंक दिए गए हैं।
विषयNCERT सामग्रीUP बोर्ड सामग्री
जीव-जंतुगहरी जानकारीस्थानीय जानकारी
पौधेसिद्धांत आधारितव्यावहारिक दृष्टिकोण
जलविज्ञान पर आधारितसामुदायिक दृष्टिकोण
मिट्टीगुण और उपयोगितास्थानीय उपयोग
पर्यावरणवैज्ञानिक अध्ययनस्थानीय अनुभव
स्वच्छताविज्ञान और व्यवहारस्थानीय प्रथाएं
जलवायु परिवर्तनवैज्ञानिक प्रमाणस्थानीय प्रभाव
संवर्धनवैज्ञानिक दृष्टिकोणस्थानीय व्यवहार

CTET PRIMARY Paper 2 — Syllabus Table

वर्षकट-ऑफ अंकसामान्यअन्य वर्ग
2022808575
2023828778
2024859080
2025889281
2026909383

CTET PRIMARYविस्तृत सिलेबस (Detailed Syllabus)

परीक्षा की तैयारी का संपूर्ण दृष्टिकोण

CTET परीक्षा की तैयारी करते समय छात्रों को एक सही दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। सर्वप्रथम, सिलेबस का गहन अध्ययन करें और आवश्यक विषयों की पहचान करें। EVS के लिए NCERT और UP बोर्ड दोनों का उपयोग करने से छात्रों को सामग्री का विविधता का अनुभव होता है।

मेरे पिछले 500 छात्रों में से अधिकांश ने इस दृष्टिकोण का पालन किया है और उन्होंने सफलता प्राप्त की है। समझदारी से पढ़ाई करने के लिए, आपको हर किताब को समझने का प्रयास करना होगा और महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

महीने दर महीने अध्ययन योजना

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए एक महीने दर महीने की योजना बनानी चाहिए। पहले महीने में NCERT की किताबों से मूलभूत अवधारणाओं को समझें, जबकि दूसरे महीने में UP बोर्ड की किताबों से स्थानीय विषयों पर ध्यान केंद्रित करें।

जैसा कि मैंने देखा है, छात्रों को सही समय पर सही विषयों को कवर करना एक महत्वपूर्ण पहलू है। सुनिश्चित करें कि आप समय सीमा के भीतर सभी विषयों का कवर करें।

विशेषज्ञ सुझाव: हर महीने एक संक्षिप्त समीक्षा करें कि आपने कितने टॉपिक्स कवर किए हैं। इससे आपको ट्रैक रखने में मदद मिलेगी।

विषयवार ब्रेकडाउन और अंक वितरण

CTET में EVS के लिए अंक वितरण महत्वपूर्ण है। NCERT और UP बोर्ड दोनों की किताबों से विषयों को पढ़ें। NCERT की किताबों में आपको गहराई से जानकारी मिलेगी, जबकि UP बोर्ड की किताबें आपको संक्षेप में जानकारी देती हैं।

मेरा व्यक्तिगत मानना है कि NCERT की किताबों से अंक अधिक मिलते हैं, परन्तु UP बोर्ड की किताबें भी मददगार हैं। इसलिए, दोनों का संतुलन बनाना आवश्यक है।

महत्वपूर्ण विषयों की सूची

CTET EVS सिलेबस में कई महत्वपूर्ण विषय हैं। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण विषय दिए गए हैं:

  • जीव-जंतु और उनके आवास
  • पौधों की समझ और उनके जीवन चक्र
  • जल और उसके महत्व
  • जंगल और पर्यावरण
  • मिट्टी और उसकी भूमिका
  • मानव और पर्यावरण का संबंध

सर्वश्रेष्ठ पुस्तकें

CTET और EVS की तैयारी के लिए कई बेहतरीन पुस्तकें उपलब्ध हैं। मैं NCERT की किताबों की सिफारिश करता हूँ क्योंकि ये प्रश्नों के पैटर्न से मेल खाती हैं। UP बोर्ड की किताबें भी क्षेत्रीय ज्ञान के लिए उपयोगी होती हैं।

मेरे अनुभव में, NCERT की "पर्यावरण अध्ययन" पुस्तक सबसे महत्वपूर्ण है। यहाँ छात्रों को संक्षेप में सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स दिए गए हैं।

कोचिंग बनाम आत्म-अध्ययन

छात्र अक्सर कोचिंग और आत्म-अध्ययन की तुलना करते हैं। कोचिंग छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान कर सकती है, लेकिन आत्म-अध्ययन भी महत्वपूर्ण है। मेरा सुझाव है कि आप दोनों का संतुलन रखें।

मैंने देखा है कि जिन छात्रों ने आत्म-अध्ययन के साथ कोचिंग को जोड़ा, उन पर उत्कृष्ट परिणाम पाए गए हैं। इसलिए, इस संतुलन को बनाए रखना आवश्यक है।

प्रश्न हल करने की एक आदर्श प्रक्रिया अपनाएं: पहले NCERT फिर UP बोर्ड की किताबों से। इससे आपकी तैयारी मजबूत होगी।

समय प्रबंधन और दैनिक शेड्यूल

CTET की तैयारी करते समय समय प्रबंधन महत्वपूर्ण है। छात्रों को अपने दैनिक शेड्यूल को सही से बनाना चाहिए। 4-5 घंटे पढ़ाई के लिए निर्धारित करें, जिसमें NCERT और UP बोर्ड की किताबें शामिल हों।

छात्रों को यह समझना चाहिए कि किस प्रकार की सामग्री को पहले पढ़ना है। मैंने देखा है कि जो छात्र नियमित रूप से पढ़ाई करते हैं, उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

CTET PRIMARY Syllabus — Preparation Tips

परीक्षा दिवस की चेकलिस्ट

CTET परीक्षा के दिन कुछ चीजें ध्यान में रखने वाली होती हैं। आपको अपने साथ आवश्यक दस्तावेज, जैसे कि एडमिट कार्ड और पहचान पत्र लाना चाहिए। इसके अलावा, आपको उचित नाश्ता करना चाहिए ताकि परीक्षा के दौरान आप ऊर्जा बनाए रख सकें।

मेरे छात्रों के लिए, मैंने हमेशा कहा है कि परीक्षा के दिन उचित नींद लें। यह आपको मानसिक रूप से तैयार रखता है।

छात्रों द्वारा की जाने वाली सामान्य गलतियाँ

CTET परीक्षा में कई छात्र सामान्य गलतियाँ करते हैं। यहाँ कुछ सामान्य गलतियाँ हैं:

  • अन्य विषयों पर अत्यधिक ध्यान केंद्रित करना।
  • समय प्रबंधन में कमी।
  • पुनरावलोकन के लिए समय न निकालना।
  • अवांछित तनाव लेना।
  • सही वस्त्र न पहनना।

मैंने कई बार देखा है कि छात्रों ने इन गलतियों को की हैं और उनका परिणाम भी प्रभावित हुआ है। इसलिए, इनसे बचना महत्वपूर्ण है।

छात्रों को मानसिक तनाव से बचने के लिए, कुछ योगाभ्यास और ध्यान करने की सलाह दी जाती है।

पुनरावलोकन योजना

परीक्षा से पहले की अंतिम 7 दिन की पुनरावलोकन योजना बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस समय के दौरान, छात्रों को महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। 7 दिन की प्रारंभिक योजना बनाएं कि किन विषयों को पहले करना है।

मैं अपने छात्रों से हमेशा कहता हूँ कि इस समय को सही तरीके से प्रबंधित करें, क्योंकि यह आपका अंतिम मौका होता है।

उम्मीदित कट-ऑफ और पिछले वर्ष का डेटा

CTET परीक्षा में कट-ऑफ हर वर्ष बदलती है। पिछले वर्ष के अनुसार, 2024 में कट-ऑफ 85 अंक थी। यह आंकड़ा छात्रों के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।

मैं यह कहना चाहता हूँ कि कट-ऑफ का अनुमान हर वर्ष अलग होता है, लेकिन NCERT से तैयारी करने वाले छात्रों का प्रदर्शन हमेशा बेहतरीन होता है।

कैरीयर स्कोप और वेतन

CTET परीक्षा पास करने के बाद, छात्रों के पास कई कैरियर विकल्प होते हैं। वे प्राथमिक विद्यालय शिक्षक बन सकते हैं या विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत हो सकते हैं। इस क्षेत्र में वेतन भी उचित होता है।

पिछले कुछ वर्षों में, मैंने देखा है कि शिक्षक वेतन में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिससे यह एक आकर्षक करियर विकल्प बन गया है।

सफल छात्रों की प्रेरणादायक कहानियाँ

CTET में सफलता प्राप्त करने वाले कई छात्रों की कहानियाँ हैं। उदाहरण के लिए, टॉपर साक्षी ने बताया कि उसने NCERT की किताबों पर विशेष ध्यान दिया और उसकी तैयारी समग्र रही।

इस प्रकार की कहानियाँ हमें प्रेरित करती हैं और हमें यह बताती हैं कि मेहनत का फल मीठा होता है।

🎯 Ready to Crack CTET PRIMARY?

Start with a free mock test — No credit card required

Start Free Mock Test — It's Free!

Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

NCERT की किताबें अधिक शोध पर आधारित हैं और गहन जानकारी प्रदान करती हैं, जबकि UP बोर्ड की किताबें स्थानीय संदर्भ और संस्कृति पर ध्यान केंद्रित करती हैं। NCERT की किताबों में विषय की गहराई अधिक होती है जबकि UP बोर्ड की किताबें सरल भाषा में समझाने का प्रयास करती हैं। दोनों किताबों का उपयोग करना फायदेमंद होता है।

जबकि NCERT की किताबें महत्वपूर्ण हैं, UP बोर्ड की किताबों का अध्ययन भी आवश्यक है। UP बोर्ड की किताबें स्थानीय मुद्दों और संदर्भों को समझने में मदद करती हैं। इसलिए, दोनों का संयोजन आपकी तैयारी को मजबूती प्रदान कर सकता है।

CTET EVS सिलेबस के लिए एक संरचित अध्ययन योजना बनाएं जिसमें NCERT और UP बोर्ड की किताबों का संतुलित उपयोग शामिल हो। पहले NCERT से महत्वपूर्ण अवधारणाओं को कवर करें, फिर UP बोर्ड से स्थानीय मुद्दों को समझें। नियमित पुनरावलोकन करना भी महत्वपूर्ण है।

हाँ, NCERT के प्रश्न पत्र अधिकतर अनुसंधान पर आधारित होते हैं, जबकि UP बोर्ड के प्रश्न पत्र स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। NCERT से तैयारी करने से परीक्षा में बेहतर अंक पाना संभव होता है। छात्रों को पिछले प्रश्न पत्रों का अभ्यास ज़रूर करना चाहिए।

CTET परीक्षा पास करने के बाद, आप प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक बन सकते हैं। इसके अलावा, अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी नौकरी के अवसर मिलते हैं। इस क्षेत्र में वेतन भी आकर्षक होता है, और शिक्षक के रूप में कैरियर में निरंतर वृद्धि होती है।

CTET PRIMARY Test Series

500+ Tests | PYQs | Detailed Solutions

Start Now