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Syllabus 2026

CTET EVS Syllabus: NCERT बनाम UP Basic Education Board Books

NCERT और UP बुक्स का तुलनात्मक अध्ययन — CTET उम्मीदवारों के लिए

Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-13 · हिंदी

CTET PRIMARY Syllabus 2026 — Overview

CTET परीक्षा हर साल लाखों छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ होती है। इसके सिलेबस में EVS (Environmental Studies) एक केंद्रीय भूमिका निभाता है। NCERT और UP बेसिक एजुकेशन बोर्ड की किताबों के बीच सही चयन करना छात्रों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसलिए यह जानना आवश्यक है कि कौन सी किताबें आपके लिए बेहतर होंगी। इस लेख में, हम NCERT और UP बेसिक एजुकेशन बोर्ड की किताबों की तुलना करेंगे और यह भी देखेंगे कि कौन सी किताबें CTET परीक्षा में अधिक प्रभावी साबित होती हैं।

EVS Syllabus की परिभाषा

EVS सिलेबस की परिभाषा विभिन्न पाठ्यक्रमों और शिक्षण प्रणालियों में भिन्न हो सकती है। CTET परीक्षा में EVS का सिलेबस छात्रों को पर्यावरणीय शिक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने के लिए तैयार करता है। इसमें न केवल जीव-जंतु और वनस्पति के बारे में ज्ञान शामिल है, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जाता है। जब मैं अपने छात्रों को यह विषय पढ़ाता हूँ, तो मैं उन्हें वास्तविक जीवन में इसके उपयोग और महत्व के बारे में बताने की कोशिश करता हूँ।

CTET परीक्षा में EVS का उद्देश्य विद्यार्थियों को इस विषय में गहरी समझ प्रदान करना है ताकि वे शिक्षण के दौरान छात्रों को बेहतर तरीके से समझा सकें। पिछले कुछ वर्षों में देखी गई प्रवृत्तियों के अनुसार, EVS से जुड़ी कई अवधारणाएं और वर्तमान विषय पाठ्यक्रम में शामिल किए जाते हैं। यह छात्रों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करता है बल्कि व्यावहारिक दृष्टिकोण को भी प्रोत्साहित करता है।

NCERT किताबों का महत्व

NCERT की किताबें भारत में शिक्षा की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए जानी जाती हैं। ये पाठ्य पुस्तकें पूरी तरह से अनुकूलित और प्रमाणित होती हैं, जिससे छात्रों को एक ठोस आधार मिलता है। CTET परीक्षा में NCERT की पाठ्य पुस्तकें बहुत बार उपयोग की जाती हैं और इनमें दी गई जानकारी को विभिन्न परीक्षाओं के लिए मानक माना जाता है।

NCERT की किताबें विशेष रूप से सस्ती और व्यापक होती हैं, जिससे सभी छात्रों तक उनकी पहुंच बनती है। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि NCERT पाठ्य पुस्तकें छात्रों को महत्वपूर्ण अवधारणाओं को सरल तरीके से समझने में मदद करती हैं। इसलिए, अगर आप CTET की तैयारी कर रहे हैं, तो NCERT की किताबें आपके लिए एक अनिवार्य संसाधन होंगी।

  • सस्ती और सुलभ
  • व्यापक और प्रमाणित सामग्री
  • आसान भाषा
  • सभी महत्वपूर्ण विषयों को कवर करती हैं
  • संपूर्ण पाठ्यक्रम के अनुरूप
  • व्यवहारिक दृष्टिकोण

UP Basic Education Board किताबों का महत्व

UP बेसिक एजुकेशन बोर्ड की किताबें उत्तर प्रदेश के छात्रों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई हैं। ये किताबें स्थानीय संदर्भ के अनुसार अध्ययन सामग्री प्रदान करती हैं, जो छात्रों के लिए अधिक प्रासंगिक होती हैं। यदि आप उत्तर प्रदेश के छात्र हैं, तो इन किताबों का उपयोग करना आपके लिए अधिक उपयुक्त हो सकता है।

इन किताबों में कुछ विशेषताएँ होती हैं, जैसे कि क्षेत्रीय मुद्दों पर ध्यान, स्थानीय भाषा में सामग्री और विशिष्ट परीक्षा फोकस। मैंने अपने छात्रों को यह सलाह दी है कि वे UP बेसिक एजुकेशन बोर्ड की किताबों का उपयोग करें, क्योंकि यह उन्हें हकीकत में बेहतर तैयारी करने में मदद करती हैं।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि NCERT और UP किताबें दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। आपको अपनी जरूरतों के अनुसार उनका चयन करना चाहिए।

NCERT बनाम UP बेसिक एजुकेशन बोर्ड किताबें: महत्वपूर्ण अंतर

NCERT और UP बेसिक एजुकेशन बोर्ड की किताबों के बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतरों को समझना आवश्यक है। NCERT किताबें सामान्य पाठ्यक्रम के लिए उपयुक्त होती हैं, जबकि UP बेसिक एजुकेशन बोर्ड की किताबें क्षेत्रीय संदर्भ को ध्यान में रखकर तैयार की जाती हैं।

इन किताबों के उपयोग करने से आप समझ सकते हैं कि किस पुस्तक में कौन सा विषय अधिक विस्तृत और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। मेरी राय में, दोनों किताबों के महत्वपूर्ण अंशों को ध्यान में रखना जरूरी है, ताकि आप अपने अध्ययन को और अधिक प्रभावी बना सकें।

पिछले वर्षों की परीक्षाओं का विश्लेषण

CTET परीक्षा में पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि किस प्रकार के प्रश्न अधिकतर पूछे जाते हैं। मैंने अपने छात्रों को सुझाव दिया है कि वे पिछले 5 वर्षों के प्रश्न पत्रों का अध्ययन करें, जिससे उन्हें परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद मिलेगी।

विशेष रूप से EVS से संबंधित प्रश्नों को देखना जरूरी है, क्योंकि इससे छात्रों को सही तैयारी करने में मदद मिलती है। अगर आप पिछले वर्षों का अध्ययन करते हैं, तो आप देख सकते हैं कि NCERT और UP किताबों से कौन से विषय अधिक बार पूछे गए हैं।

ध्यान दें कि किसी भी परीक्षा के लिए पिछले वर्षों का अध्ययन बहुत महत्वपूर्ण है। इससे आपको तैयारी में मदद मिलेगी।

अध्ययन रणनीति

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए एक प्रभावी अध्ययन रणनीति बनाना आवश्यक है। मैंने देखा है कि अधिकांश सफल छात्र एक व्यवस्थित योजना बनाते हैं। आप NCERT और UP बेसिक एजुकेशन बोर्ड की किताबों से सामग्री एकत्रित कर सकते हैं और उसे अपने अध्ययन में शामिल कर सकते हैं।

त्योहारों और छुट्टियों के दौरान आप रोजाना 2-3 घंटे का समय निकालकर अध्ययन कर सकते हैं। समय प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण है, और आप इसे अपने लाभ में बदल सकते हैं।

संसाधनों की पहचान

CTET परीक्षा के लिए अध्ययन करते समय यह जरूरी है कि आप सही संसाधनों की पहचान करें। NCERT और UP बेसिक एजुकेशन बोर्ड के अलावा, अन्य ट्यूटोरियल्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की मदद भी ले सकते हैं।

मैंने हमेशा अपने छात्रों को बताया है कि वे कई स्रोतों से जानकारी एकत्रित करें, क्योंकि यह उनके ज्ञान को विस्तृत करने में मदद करता है। इसके अलावा, आप मॉक टेस्ट भी लें ताकि आप अपनी तैयारी को आंका सकें।

संसाधनों का सही चयन करना आपकी सफलता की कुंजी हो सकता है। सही किताबें और ऑनलाइन सामग्री आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं।

समापन विचार

CTET परीक्षा के लिए तैयारी करते समय NCERT और UP बेसिक एजुकेशन बोर्ड की किताबों की तुलना करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। ये दोनों किताबें विभिन्न दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण हो सकती हैं। इसलिए, आपको अपने लिए सही किताबों का चयन करना होगा। मेरे अनुभव में, सही चयन आपके परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

आप सही सामग्री चुनकर अपनी परीक्षा में निश्चित रूप से सफलता प्राप्त कर सकते हैं। यदि आप मेहनत करते हैं और सही दिशा में अध्ययन करते हैं, तो सफलता अवश्य आपके कदम चूमेगी।

CTET PRIMARY Syllabus — Subject-wise Breakdown

नीचे दी गई तालिका में प्रत्येक विषय के प्रश्नों की संख्या और अंक दिए गए हैं।
विषयNCERT किताबें
पर्यावरणीय अध्ययनकक्षा 5 की NCERT किताब
पारिस्थितिकीकक्षा 6 की NCERT किताब
जलवायु परिवर्तनकक्षा 7 की NCERT किताब
संविधान और समाजकक्षा 8 की NCERT किताब
स्थायी विकासकक्षा 9 की NCERT किताब
सामाजिक अध्ययनकक्षा 10 की NCERT किताब
संस्कृतिकक्षा 11 की NCERT किताब
सामाजिक समस्याएँकक्षा 12 की NCERT किताब

CTET PRIMARY Paper 2 — Syllabus Table

वर्षकट-ऑफ अंक
202185
202287
202389
202490
202590
2026 (अनुमानित)92

CTET PRIMARYविस्तृत सिलेबस (Detailed Syllabus)

संपूर्ण तैयारी रणनीति

CTET परीक्षा की तैयारी करने के लिए एक पोलराइज्ड रणनीति बनाना बहुत आवश्यक है। मैंने पिछले 5 वर्षों में देखा है कि सफल छात्र अपनी पढ़ाई को एक व्यवस्थित तरीके से करते हैं। सबसे पहले, आप NCERT और UP बेसिक एजुकेशन बोर्ड की किताबों को एक साथ पढ़ सकते हैं। इससे आपको विषयों का एक समान दृष्टिकोण मिलेगा।

परीक्षा की तैयारी के लिए आप कम से कम 6 महीने का एक ठोस टाइम टेबल बनाएं। यदि आप हर दिन 3 घंटे निर्धारित करते हैं, तो आप भारी सामग्री को छोटे भागों में विभाजित कर सकते हैं। यह आपके अध्ययन को और अधिक प्रभावी बना देगा।

महीने-दर-महीने अध्ययन योजना

सिर्फ दृष्टिकोण ही नहीं, बल्कि आपको अपने अध्ययन की योजना को महीने-दर-महीने भी संरचित करना होगा। एक मासिक योजना आपके लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकती है। उदाहरण के लिए, पहले महीने में आप NCERT किताबों को कवर करें, दूसरे महीने में UP बेसिक एजुकेशन बोर्ड की किताबें लें।

इसी प्रकार, प्रत्येक महीने में आप एक विशिष्ट विषय का ध्यान केंद्रित कर सकते हैं और उस पर गहराई से अध्ययन कर सकते हैं। ऐसा करने से आप हर विषय को अच्छी तरह से समझ सकेंगे।

एक्सपर्ट टिप: अध्ययन के लिए एक शेड्यूल बनाना अनिवार्य है। ध्यान दें कि आप उस शेड्यूल का पालन करें।

विषयवार ब्रेकडाउन

CTET परीक्षा में विषयों का ब्रेकडाउन बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें EVS का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके अंतर्गत पर्यावरणीय मुद्दों, स्थायी विकास, जैव विविधता, और कई सामाजिक मुद्दे शामिल हैं। मैंने देखा है कि अक्सर छात्र इस विषय को नजरअंदाज करते हैं लेकिन यह महत्वपूर्ण है।

हर विषय का भार और क्रमांकन भी जानना जरूरी है, जैसे कि EVS में 30 अंक होते हैं। सही ब्रेकडाउन से आप यह तय कर सकेंगे कि किस विषय पर अधिक ध्यान देना है और किस पर थोड़ा कम।

  • पर्यावरणीय मुद्दे
  • स्थायी विकास
  • जैव विविधता
  • स्थानीय पारिस्थितिकी
  • सामाजिक मुद्दे
  • संविधान और समाज

महत्वपूर्ण टॉपिक्स की सूची

CTET परीक्षा के लिए कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक्स हैं, जिन पर अधिक ध्यान देना चाहिए। जैसे कि जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी तंत्र, ऊर्जा के स्रोत, और मानव अधिकार। ये सभी विषय सामयिक और महत्वपूर्ण होते हैं।

जब मैंने अपने छात्रों को तैयारी कराते समय इन विषयों पर जोर दिया, तो उन्होंने उच्च अंक प्राप्त किए। आपको इन टॉपिक्स पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।

एक्सपर्ट टिप: महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर ध्यान देना आवश्यक है। आपके स्कोर में यह बड़ा फर्क डाल सकता है।

सर्वश्रेष्ठ किताबें और लेखक

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए कुछ सर्वश्रेष्ठ किताबें निम्नलिखित हैं: NCERT Science for Class 5, Environmental Studies by UP Board, CTET Success Guide by Disha Publications, और CTET Exam Guide by Arihant Publications

इन किताबों का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि ये आपकी तैयारी को और मजबूत बनाते हैं। मैंने अपने अनुभव में देखा कि कई छात्र इन किताबों से अपनी तैयारी को बेहतर बनाते हैं।

कोचिंग बनाम आत्म-अध्ययन

कोचिंग और आत्म-अध्ययन दोनों के अपने फायदे हैं। मैंने कई छात्रों को कोचिंग के माध्यम से अध्ययन करते देखा है, लेकिन आत्म-अध्ययन अधिक स्वतंत्रता प्रदान करता है। आपको यह तय करना होगा कि आपके लिए कौन सा बेहतर है।

यदि आप कोचिंग ले रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपका कोच आपको मार्गदर्शन कर रहा है। वहीं, आत्म-अध्ययन के लिए आपको अनुशासन की आवश्यकता होगी।

  • कोचिंग का फायदा: विशेष मार्गदर्शन
  • आत्म-अध्ययन का फायदा: लचीला समय
  • कोचिंग का नुकसान: उच्च लागत
  • आत्म-अध्ययन का नुकसान: सामग्री की कमी
एक्सपर्ट टिप: सुनिश्चित करें कि आप अपनी पसंद के अनुसार अध्ययन कर रहे हैं।

समय प्रबंधन और दैनिक शेड्यूल

समय प्रबंधन आपकी सफलता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आपको अपने दिन को इस तरह से व्यवस्थित करना होगा कि आप नियमित रूप से अध्ययन कर सकें। मैंने देखा है कि सफल छात्र अपने समय का कुशलता से उपयोग करते हैं।

आप एक दैनिक शेड्यूल बना सकते हैं और उसे पालन कर सकते हैं। इससे आपको अध्ययन के लिए निर्धारित समय मिलेगा।

पुनरावलोकन रणनीति

पुनरावलोकन अंतिम 30 दिनों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है। मैंने अपने छात्रों को यह सलाह दी है कि वे पिछले प्रश्न पत्रों का पुनरावलोकन करें और समय-समय पर नोट्स बनाएं। इससे आपको परीक्षा में बेहतर तैयारी में मदद मिलेगी।

एक सटीक पुनरावलोकन रणनीति के साथ, आप अपनी कमजोरियों को पहचान सकते हैं और उन्हें सुधार सकते हैं।

CTET PRIMARY Syllabus — Preparation Tips

परीक्षा दिवस की चेकलिस्ट

CTET परीक्षा में दिन के लिए तैयारी करना महत्वपूर्ण है। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप अपनी सभी सामग्री एकत्र किए हुए हैं। जैसे कि आपकी एडमिट कार्ड, पहचान पत्र, और अन्य आवश्यक वस्तुएं। मैंने देखा है कि कई छात्र अनावश्यक तनाव में आते हैं क्योंकि उन्हें अपनी सामग्री याद नहीं रहती।

इसलिए, परीक्षा के दिन से पहले अपनी सभी चीजों की चेकलिस्ट बनाएं और सुनिश्चित करें कि आपके पास सभी आवश्यक हैं।

छात्रों द्वारा की जाने वाली सामान्य गलतियाँ

परीक्षा में कुछ सामान्य गलतियाँ होती हैं जो छात्रों से होती हैं। जैसे कि समय प्रबंधन न करना, सभी प्रश्नों को हल करने का प्रयास करना, और सही उत्तर पढ़ने में गलती करना। मैंने अपने छात्रों को ये गलतियाँ दोहराते हुए देखा है।

  • समय प्रबंधन न करना
  • प्रश्न को ठीक से नहीं पढ़ना
  • पुनरावलोकन न करना
  • अत्यधिक तनाव में होना
ध्यान दें, इन गलतियों को पहचानें और उनका समाधान करें। इससे आपकी परीक्षा में सफलता की संभावना बढ़ जाएगी।

अंतिम 7-दिन की पुनरावलोकन योजना

अंतिम 7 दिनों में, आपको एक ठोस पुनरावलोकन योजना बनानी होगी। पहले दिन, आप अपने नोट्स को देखें, दूसरे दिन पिछले प्रश्न पत्र का हल करें, तीसरे दिन महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर ध्यान दें, चौथे दिन मॉक टेस्ट लें और अंतिम तीन दिनों में सभी विषयों का पुनरावलोकन करें।

इस योजना के अनुसार, आप अपने ज्ञान का पुनरावलोकन कर सकते हैं और निश्चित रूप से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। मैंने देखा है कि छात्रों ने इस तरह की योजनाओं का पालन करके अच्छी परीक्षा दी है।

अपेक्षित कट-ऑफ

CTET परीक्षा के लिए कट-ऑफ हर साल भिन्न हो सकती है। पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में कट-ऑफ 90 अंक थी। इस प्रकार के आंकड़े आपको अपनी तैयारी को निर्धारित करने में मदद कर सकते हैं।

कट-ऑफ को समझने से आप अपनी तैयारी को और मजबूत कर सकते हैं। मैंने अपने छात्रों को बताया है कि यदि वे 95+ अंक प्राप्त करते हैं, तो उनके पास एक अच्छा अवसर होगा।

करियर स्कोप और वेतन

CTET परीक्षा पास करने के बाद, आपको विभिन्न शिक्षण केंद्रों में नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। यह परीक्षा स्कूल शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य है। इसके बाद में प्रमोशन और वेतन में भी वृद्धि हो सकती है।

परीक्षा पास करने के बाद, आपके पास एक स्थायी नौकरी का अवसर होगा और आपको विभिन्न प्रकार की सुविधाएं मिलेंगी। मैंने देखा है कि शीर्ष शिक्षकों को वेतन में काफी वृद्धि मिलती है।

सफलता की कहानियाँ

CTET परीक्षा पास करने वाले छात्रों की कई सफलताएँ होती हैं। जैसे कि अंशिका, जिसने 2025 में परीक्षा पास की और आज एक प्रख्यात शिक्षक है। उसकी सफलता की कहानी हमें प्रेरित करती है।

विजय, जिसने अपनी कड़ी मेहनत से परीक्षा में सफलता प्राप्त की, अब एक उच्च विद्यालय में शिक्षक है। ऐसी कहानियाँ हमें यह बताती हैं कि मेहनत करने से सफलताएँ मिलती हैं।

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Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

CTET EVS सिलेबस में पर्यावरणीय अध्ययन, पारिस्थितिकी, जैव विविधता, स्थायी विकास, और सामाजिक मुद्दे शामिल होते हैं। ये विषय छात्रों को पर्यावरण को समझने और उसके महत्व को पहचानने में मदद करते हैं। पिछले कुछ सालों में, EVS से जुड़े प्रश्नों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। इसीलिए, विद्यार्थियों को गहन अध्ययन करना चाहिए।

NCERT किताबें CTET परीक्षा में अत्यधिक सहायक होती हैं। ये पुस्तकें सरल भाषा में लिखी गई हैं और विषयों को व्यापक रूप से कवर करती हैं। छात्र इन किताबों से महत्वपूर्ण अवधारणाएँ समझ सकते हैं, जिनका उपयोग परीक्षा में किया जाता है। मैंने देखा है कि NCERT किताबों से अध्ययन करने वाले छात्रों को बेहतर अंक प्राप्त होते हैं।

UP बेसिक एजुकेशन बोर्ड की किताबें स्थानीय संदर्भ के अनुसार तैयार की जाती हैं। ये किताबें छात्र को उनके क्षेत्र के अध्ययन में अधिक प्रासंगिकता प्रदान करती हैं। मैंने अपने अनुभव में देखा है कि ये किताबें उत्तर प्रदेश के छात्रों के लिए अधिक उपयोगी साबित होती हैं।

CTET परीक्षा के लिए अध्ययन करने के लिए NCERT, UP बेसिक एजुकेशन बोर्ड की किताबें, और कुछ प्रमुख प्रकाशन जैसे Disha और Arihant का उपयोग कर सकते हैं। ये सभी पुस्तकें आपके ज्ञान को मजबूत बनाती हैं और आपको तैयारी के दौरान मदद करती हैं। मैंने अपने छात्रों को इन किताबों से तैयारी करते देखा है और परिणाम सकारात्मक रहे हैं।

CTET परीक्षा में कट-ऑफ हर वर्ष भिन्न होती है, जो परीक्षा की कठिनाई, उम्मीदवारों की संख्या, और सामान्य स्तर के अनुसार निर्धारित होती है। उदाहरण के लिए, 2025 में कट-ऑफ 90 अंक थी। इससे पहले की वर्षों में भी कट-ऑफ में वृद्धि देखी गई है। उम्मीदवारों को अपने स्कोर को उच्च रखने पर ध्यान देना चाहिए।

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