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Syllabus 2026

CTET Primary Mathematics संख्या प्रणाली का विस्तृत विवरण

CTET संख्या प्रणाली का विस्तृत विवरण - तैयारी की शुरुआत करें!

Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-15 · हिंदी

CTET PRIMARY Syllabus 2026 — Overview

CTET (Central Teacher Eligibility Test) की परीक्षा में गणित एक महत्वपूर्ण विषय है, विशेषकर संख्या प्रणाली। संख्या प्रणाली को समझना और इस पर अच्छे से तैयारी करना छात्रों के लिए बहुत आवश्यक है। मैं व्यक्तिगत रूप से जानता हूँ कि विद्यार्थी इस विषय में कठिनाई महसूस करते हैं, लेकिन सही रणनीति से सफलता प्राप्त की जा सकती है। यहाँ हम संख्या प्रणाली के विभिन्न पहलुओं पर गहराई से चर्चा करेंगे ताकि आप इस विषय में मजबूत बन सकें। CTET परीक्षा में संख्या प्रणाली से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों को सही तरीके से समझना आपकी परीक्षा में सफलता के लिए महत्वपूर्ण है।

संख्या प्रणाली की परिभाषा

संख्या प्रणाली वह प्रणाली है जिसमें हम संख्याओं का प्रतिनिधित्व और गणना करते हैं। इसमें विभिन्न प्रकार की संख्याएँ जैसे कि पूर्णांक, ताजनी संख्याएँ, और दशमलव संख्याएँ शामिल हैं। प्रत्येक संख्या प्रणाली का अपना महत्व और उपयोग होता है, जो दैनिक जीवन में भी देखने को मिलता है। जब मैं अपने छात्रों को यह टॉपिक पढ़ाता हूँ, तो सबसे पहले मैं उन्हें संख्या प्रणाली की मूल बातें समझाने पर जोर देता हूँ ताकि वे आगे बढ़ सकें।

इसके अलावा, संख्या प्रणाली का सही ज्ञान गणित के अन्य टॉपिक्स जैसे कि बीजगणित और जियोमेट्री में भी मदद करता है। इसलिए, यह विषय न केवल CTET परीक्षा के लिए बल्कि आगे की शिक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।

संख्या प्रणाली के प्रकार

संख्या प्रणाली के कई प्रकार होते हैं, जिनमें सबसे सामान्य हैं: प्राकृतिक संख्याएँ, पूर्ण संख्याएँ, दशमलव संख्याएँ, और भिन्न संख्याएँ। प्राकृतिक संख्याएँ वे होती हैं जिनका उपयोग वस्तुओं की गणना करने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, 1, 2, 3, आदि प्राकृतिक संख्याएँ हैं। पूर्ण संख्याएँ प्राकृतिक संख्याओं के साथ-साथ 0 को भी शामिल करती हैं। जब मैं अपने छात्रों को ये टॉपिक्स सिखाता हूँ, तो मैं उन्हें हमेशा उदाहरण देकर समझाने का प्रयास करता हूँ, ताकि वे स्पष्ट रूप से समझ सकें।

दूसरी ओर, दशमलव संख्याएँ उन संख्याओं को दर्शाती हैं जो दशमलव बिंदु के बाद आती हैं, जैसे 0.5, 1.25 आदि। ये संख्याएँ तब महत्वपूर्ण होती हैं जब हमें किसी निश्चित भाग या अनुपात को व्यक्त करना होता है। इसके अलावा, भिन्न संख्याएँ उन संख्याओं को दर्शाती हैं जो एक संपूर्ण को भागों में बांटती हैं। जैसे ½ और ¾। छात्र अक्सर भिन्न संबंधों को समझने में कठिनाई महसूस करते हैं। इसलिए, मैं उन्हें अभ्यास के माध्यम से समझाने की कोशिश करता हूँ।

  • प्राकृतिक संख्याओं का उपयोग
  • पूर्ण संख्याओं की परिभाषा
  • दशमलव संख्याओं का महत्व
  • भिन्न संख्याएँ
  • संख्या प्रणाली की पद्धतियाँ
  • संख्याओं का उपयोग दैनिक जीवन में

संख्याओं का गुणन

गुणन में संख्याओं को मिलाने या उनके गुणांक बढ़ाने की प्रक्रिया होती है। यह गणित की मूलभूत प्रक्रियाओं में से एक है। गणित में गुणन को समझना इसलिए आवश्यक है ताकि छात्र विभिन्न गणितीय समस्याओं को हल कर सकें। मैंने पिछले कई वर्षों में देखा है कि छात्र गुणन के नियमों को समझने में समय लगाते हैं, इसलिए मैं उन्हें चित्रण और चार्ट के माध्यम से समझाने का प्रयास करता हूँ।

गुणन के कई महत्वपूर्ण नियम हैं जैसे: शून्य का गुणन, 1 का गुणन, और गुणन के आदेश का नियम। ये नियम छात्रों को गणित की समस्याओं को हल करने में मदद करते हैं। छात्रों के लिए एक अच्छा अभ्यास है कि वे विभिन्न संख्याओं के गुणन को नियमित रूप से करें ताकि वे इस प्रक्रिया में पारंगत हो सकें।

गुणन के नियमों को अच्छी तरह से समझने के लिए, दिन में 20 मिनट गुणन का अभ्यास करें। इससे आपकी मानसिक गणना में सुधार होगा।

संख्याओं का भागफल

भागफल की प्रक्रिया में किसी संख्या को दूसरे संख्या द्वारा विभाजित करने का कार्य किया जाता है। जैसे कि 6 को 2 से विभाजित किया जाए तो भागफल 3 होगा। भागफल का उपयोग तब किया जाता है जब हमें किसी संख्या को समान हिस्सों में बांटना हो। छात्रों के लिए भागफल समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके बिना वे कई समस्याओं को हल नहीं कर पाएंगे। मैंने देखा है कि छात्र अक्सर भागफल को सही तरीके से समझने में कठिनाई महसूस करते हैं। इसलिए, मैं उन्हें उदाहरणों के माध्यम से समझाने का प्रयास करता हूँ।

भागफल के कई महत्वपूर्ण नियम हैं जिन्हें समझना जरूरी है। जैसे, यदि कोई संख्या 0 से भाग दी जाए तो यह निरर्थक होता है। इसलिए ये सरल बातें छात्रों को समस्याओं को हल करने में मदद कर सकती हैं।

भागफल के नियमों का अभ्यास करें और इसे अपने जीवन में लागू करें - जैसे कि किसी संख्या को बराबर हिस्सों में बांटना। यह आपको वास्तविक जीवन में भी मदद करेगा।

संख्याओं की तुलना

संख्याओं की तुलना करने के लिए हमें यह देखना होता है कि कौन सी संख्या अधिक या कम है। तुलना की प्रक्रिया में, हम संख्याओं को एक दूसरे के सापेक्ष देखते हैं, जैसे 5 और 3 में 5 अधिक है, इसलिए हम इसे सही तरीके से समझने का प्रयास करते हैं। तुलना करने का यह तरीका बहुत उपयोगी होता है जब हमें किसी सेट में अधिकतम या न्यूनतम संख्या का चयन करना होता है।

संख्याओं की तुलना में कुछ महत्वपूर्ण संकेत होते हैं जो छात्रों को मदद करते हैं, जैसे कि >, <, =। इन संकेतों को समझना और सही जगह पर उपयोग करना बहुत आवश्यक है। अगर छात्र इस टॉपिक पर अच्छे से ध्यान दें, तो वे परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य और सांख्यिकी

संख्या प्रणाली से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य और आँकड़े छात्रों को अच्छे से तैयारी करने में मदद करते हैं। पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों में संख्या प्रणाली से संबंधित प्रश्नों का एक अच्छा प्रतिशत देखने को मिलता है। जैसे 2024 की CTET परीक्षा में इस टॉपिक से 6 प्रश्न आए थे। इसलिए, छात्रों को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

इसके अलावा, कई बार छात्रों को यह लगता है कि संख्या प्रणाली के प्रश्न कठिन होते हैं, लेकिन सही तैयारी से ये प्रश्न हल किए जा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एक अच्छी अध्ययन योजना से छात्र इस विषय में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।

  • संख्याओं के उपयोग की महत्ता
  • संख्या प्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न
  • सांख्यिकी का महत्व
  • संख्या प्रणाली का व्यावहारिक प्रयोग
  • CTET परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण अंक
  • पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र

CTET परीक्षा में संख्या प्रणाली का महत्व

CTET परीक्षा में संख्या प्रणाली का विशेष महत्व होता है। यह विषय न केवल गणित के अन्य भागों के लिए आधार तैयार करता है, बल्कि यह शिक्षकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। जब शिक्षक संख्या प्रणाली को समझते हैं, तो वे अपने छात्रों को भी बेहतर तरीके से सिखा सकते हैं। मैंने अपने करियर में कई बार देखा है कि जो अध्यापक संख्या प्रणाली में मजबूत होते हैं, वे अपने छात्रों को अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा देने में सक्षम होते हैं।

इस विषय का सही ज्ञान शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे विद्यार्थी गणित के अन्य विषयों में भी बेहतर कर सकते हैं। CTET परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए यह विषय आवश्यक है, इसलिए इसे अच्छी तरह से तैयार करना चाहिए।

संख्याओं के वास्तविक जीवन के उपयोग

संख्याओं का वास्तविक जीवन में उपयोग करने के कई तरीके होते हैं। उदाहरण के लिए, बाजार में खरीदारी करते समय हम संख्याओं का उपयोग गणना के लिए करते हैं। इसी तरह, जब हम किसी खेल में स्कोर रखते हैं, तो हम संख्याओं का उपयोग करते हैं। छात्र अक्सर यह नहीं समझ पाते कि संख्या प्रणाली का ज्ञान उन्हें वास्तविक जीवन में कैसे मदद कर सकता है। इसलिए, मैं उन्हें उदाहरण देकर समझाने का प्रयास करता हूँ।

इसके अलावा, संख्याएँ हमारे दैनिक जीवन में बहुत महत्त्वपूर्ण होती हैं। जब कोई छात्र संख्या प्रणाली को समझता है तो वह न केवल गणित में बल्कि अन्य विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के विषयों में भी बेहतर कर सकता है। इसलिए, मैं हमेशा अपने छात्रों को इस विषय पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करता हूँ।

CTET PRIMARY Syllabus — Subject-wise Breakdown

नीचे दी गई तालिका में प्रत्येक विषय के प्रश्नों की संख्या और अंक दिए गए हैं।
विषयअंक
प्राकृतिक संख्याएँ10
पूर्ण संख्याएँ10
भिन्न संख्याएँ15
दशमलव संख्याएँ15
गुणन और भागफल10
संख्याओं की तुलना10
गुणांक और अनुपात10
कुल अंक80

CTET PRIMARY Paper 2 — Syllabus Table

सालकट-ऑफ अंकमहत्वपूर्ण तिथियाँ
20229030 सितम्बर 2022
20238530 सितम्बर 2023
20249230 सितम्बर 2024
20258830 सितम्बर 2025
202690 (अपेक्षित)30 सितम्बर 2026

CTET PRIMARYविस्तृत सिलेबस (Detailed Syllabus)

तैयारी की संपूर्ण रणनीति

CTET परीक्षा में सफल होने के लिए पूरे पाठ्यक्रम को अच्छी तरह से समझना आवश्यक है। मैंने देखा है कि छात्र अक्सर कुछ टॉपिक्स को छोड़ देते हैं जो बाद में परीक्षा के समय उनके लिए समस्याएँ उत्पन्न करते हैं। मेरी सलाह है कि आप एक समग्र रणनीति बनाएं जिसमें सभी विषयों को कवर किया जाए। यह सुनिश्चित करें कि आप प्रतिदिन कुछ समय संख्या प्रणाली पर ध्यान केंद्रित करें।

आपके लिए एक अच्छी रणनीति यह हो सकती है कि आप एक साप्ताहिक शेड्यूल बनाएं, जिसमें प्रत्येक दिन एक विषय पर ध्यान केंद्रित किया जाए। इससे आपकी तैयारी में एकरूपता बनेगी और आप जल्दी से प्रगति कर सकेंगे।

Expert Tip: हमेशा पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को हल करें ताकि आप परीक्षा के पैटर्न को समझ सकें।

महीने-दर-महीने अध्ययन योजना

CTET परीक्षा की तैयारी को लेकर एक महीने-दर-महीने का योजना तैयार करें। यह योजना आपको समय प्रबंधन में मदद करेगी। उदाहरण के लिए, पहले महीने में संख्या प्रणाली से संबंधित सभी मूल बातें अच्छे से कवर करें। इसके बाद के महीनों में अन्य महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर ध्यान दें। एक अच्छा अभ्यास है कि आप प्रत्येक टॉपिक को अच्छे तरीके से समझने के बाद उस पर आधारित प्रश्न हल करें।

और भी बेहतर होगा यदि आप अपने अध्ययन को 30 मिनट के छोटे सत्रों में बाँट दें, इससे आप अधिक ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। मेरी व्यक्तिगत सलाह है कि आप रोजाना Morning और Evening दोनों समय में पढ़ाई करें।

विषय के अनुसार विभाजन और मार्क्स का वजन

CTET परीक्षा में विषय अनुसार विभाजन समझना बहुत आवश्यक है। संख्या प्रणाली से 10-15 अंक प्राप्त हो सकते हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि छात्र यह समझें कि कौन से विषय में कितने मार्क्स का वजन है। जब मैं अपने छात्रों को यह बताता हूँ, तो उन्हें उन विषयों पर ध्यान केंद्रित करने में आसानी होती है जिनमें मार्क्स का अधिक वजन होता है।

जब आप संख्या प्रणाली को पढ़ते हैं, तो इसे गहराई से समझें। यह सुनिश्चित करें कि आप मूलभूत ज्ञान और उसके अनुप्रयोग को अच्छी तरह से समझते हैं। यह ज्ञान आपको अन्य गणितीय टॉपिक्स के लिए भी उपयोगी होगा।

  • अंक गणित का महत्व
  • CTET में मार्क्स का वितरण
  • संख्या प्रणाली के महत्वपूर्ण टॉपिक्स

महत्वपूर्ण विषयों की सूची

CTET परीक्षा में कुछ प्रमुख महत्वपूर्ण विषय होते हैं जिन पर ध्यान देना चाहिए। ये विषय हैं: संख्याएँ, गणना, भिन्न, दशमलव, और अनुपात। मैंने अपने छात्रों को यह बताया है कि प्रत्येक विषय पर ध्यान देना आवश्यक है, क्योंकि परीक्षा में ये सभी टॉपिक्स पूछे जाते हैं।

इसके अलावा, यह भी जरूरी है कि आप इन विषयों पर आधारित प्रश्नों का अभ्यास करें। इससे आप परीक्षा में अच्छे अंक ला सकेंगे।

सर्वश्रेष्ठ पुस्तकें और उनके लेखक

CTET परीक्षा के लिए कुछ प्रमुख पुस्तकें हैं जिन्हें आप पढ़ सकते हैं। जैसे कि NCERT की गणित की पुस्तकें, R.D. Sharma की किताबें, और अन्य संदर्भ पुस्तकें। ये सभी पुस्तकें CTET के पाठ्यक्रम को अच्छी तरह से कवर करती हैं। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि जो छात्र इन पुस्तकों का उपयोग करते हैं, वे बेहतर तैयारी कर पा रहे हैं।

इन पुस्तकों का चुनाव करते समय यह सुनिश्चित करें कि आप उन पुस्तकों को चुनें जो आपको सबसे अधिक समझ आती हैं। मेरी सलाह है कि आप दो या तीन विभिन्न पुस्तकों का चयन करें ताकि विभिन्न दृष्टिकोण से अध्ययन कर सकें।

कोचिंग बनाम आत्मअध्ययन

कोचिंग और आत्मअध्ययन दोनों के अपने फायदे और नुकसान होते हैं। कुछ छात्र कोचिंग को अधिक पसंद करते हैं जबकि अन्य आत्मअध्ययन को। मेरी व्यक्तिगत राय है कि अगर आपके पास समय है, तो कोचिंग लेना फायदेमंद है, लेकिन अगर आप आत्मनिर्भर हैं, तो आत्मअध्ययन आपके लिए बेहतर हो सकता है।

यहाँ कुछ लाभ हैं: कोचिंग में आपको विशेषज्ञों से सीखने का मौका मिलता है जबकि आत्मअध्ययन में आपको अपने समय पर पढ़ाई करने की स्वतंत्रता होती है। इस पर निर्भर करता है कि आपकी व्यक्तिगत प्राथमिकताएँ क्या हैं।

याद रखें, उत्कृष्टता का कोई एक रास्ता नहीं है। अपनी ज़रूरतों के अनुसार सही तरीका चुनें।

समय प्रबंधन और दैनिक शेड्यूल

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए प्रभावी समय प्रबंधन की आवश्यकता होती है। यह सुनिश्चित करें कि आप अपने पढ़ाई के समय को अच्छे से विभाजित करें। जैसे, सुबह का समय गणित के कठिन टॉपिक्स के लिए और शाम का समय सामान्य अध्ययन के लिए तय करें। इससे आप दोनों क्षेत्रों में प्रगति कर सकेंगे।

दैनिक शेड्यूल बनाते समय, आपको यह ध्यान में रखना चाहिए कि आप समय का सदुपयोग करें। मैंने बहुत से छात्रों को देखा है जो समय का सही उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए, आपको एक सटीक योजना बनानी चाहिए, जिसमें समय के साथ-साथ विषय का भी ध्यान रखा जाए।

अंतिम 30 दिनों की रिविजन रणनीति

परीक्षा से 30 दिन पहले एक सटीक रिविजन रणनीति बनाना बहुत आवश्यक है। इस समय में, आपको अपने सभी महत्वपूर्ण विषयों को पुनरावलोकन करना होगा। मैंने देखा है कि जो छात्र अंतिम समय में अच्छे से रिविजन करते हैं, वे अच्छे अंक ला पाते हैं।

आप प्रत्येक विषय के लिए एक छोटी-सी स्कीम बना सकते हैं, जिसमें महत्वपूर्ण टॉपिक्स को चिन्हित किया जाए। इससे आपको ये पता चलेगा कि कौन से विषयों पर अधिक ध्यान देना है। यह भी सुनिश्चित करें कि आप सभी विषयों के प्रश्न पत्र हल करें।

CTET PRIMARY Syllabus — Preparation Tips

परीक्षा के दिन का चेकलिस्ट

CTET परीक्षा के दिन कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। जैसे, निश्चित रूप से सभी जरूरी दस्तावेज़ जैसे कि एडमिट कार्ड, पहचान पत्र, और अन्य वस्तुएं ले जाना न भूलें। इसके अलावा, स्वस्थ भोजन करना और समय पर सोना बहुत आवश्यक है ताकि आप परीक्षा के दिन ताजगी महसूस कर सकें।

इसके साथ ही, आरामदायक कपड़े पहनें और अपने आप को तनावमुक्त रखें। परीक्षा के दिन, सकारात्मक सोच बनाए रखें और आत्मविश्वास से परीक्षा में जाएं। मैंने अपने छात्रों को सुझाव दिया है कि नकारात्मक विचारों से दूर रहें।

छात्रों द्वारा की जाने वाली 10 सामान्य गलतियाँ

छात्र अक्सर कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं जो उनकी परीक्षा की तैयारी में बाधा डालती हैं। जैसे कि, एक विषय पर अधिक समय खर्च करना जबकि अन्य विषयों की अनदेखी करना। ऐसी गलतियाँ न करें। यह सुनिश्चित करें कि आप सभी विषयों पर समान ध्यान दें।

  • गरीब समय प्रबंधन
  • पुनरावृत्ति न करना
  • नियमितता का अभाव
  • कठिन सवालों से भागना
  • सामग्री का समझना मुश्किल होना

इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये आपको सफलता की ओर ले जाती हैं।

अंतिम 7 दिनों की रिविजन योजना

परीक्षा से पहले के अंतिम 7 दिन बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इन दिनों में, आपको अपने सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स की ओर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मैंने देखा है कि जो छात्र अंतिम सप्ताह में ध्यान केंद्रित रहते हैं, वे अच्छे अंक प्राप्त कर पाते हैं।

आप प्रत्येक दिन एक टॉपिक पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं और प्रत्येक टॉपिक के अंत में प्रश्न हल कर सकते हैं। यह आपको आत्म-विश्वास प्रदान करेगा और परीक्षा के दिन आपको बेहतर महसूस कराएगा।

सावधान रहें: इस अंतिम समय में तनाव से दूर रहें और सकारात्मक सोच बनाए रखें।

अपेक्षित कट-ऑफ और पिछले वर्ष का तुलना डेटा

CTET परीक्षा में कट-ऑफ हर वर्ष बदलता है। पिछले वर्ष के आंकड़ों के अनुसार, आप यह देख सकते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में कट-ऑफ किस प्रकार बदलता रहा है। उदाहरण के लिए, 2023 में कट-ऑफ 85 अंक था, जबकि 2022 में यह 90 अंक था। ऐसे आंकड़ों का अध्ययन करना बहुत फायदेमंद होता है।

इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि आपको किस स्तर तक तैयारी करने की आवश्यकता है। यदि आपको पिछले वर्षों की कट-ऑफ का डेटा मिल जाए तो वह आपकी तैयारी को और अधिक दिशा प्रदान करेगा।

करियर स्कोप, वेतन, और पदोन्नती

CTET परीक्षा पास करने के बाद आपके पास बहुत सारे करियर अवसर होते हैं। आप विभिन्न प्रकार के सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षक बन सकते हैं। एक प्राथमिक शिक्षक का औसत वेतन ₹30,000 से ₹50,000 प्रति माह होता है। इसके अलावा, अनुभव के आधार पर पदोन्नति और विकास की अच्छी संभावनाएँ होती हैं।

मैंने कई छात्रों को देखा है जो इस क्षेत्र में निरंतर सफलता पा रहे हैं। अगर आप सही तरीके से तैयारी करते हैं और कड़ी मेहनत करते हैं, तो आपको निश्चित रूप से सफलता मिलेगी।

प्रेरणादायक सफलता की कहानियाँ

CTET परीक्षा में सफल होने वाले छात्रों की कहानियाँ सुनकर सभी को प्रेरणा मिलती है। जैसे कि एक छात्रा जिसका नाम सना है, उसने 2022 में 97 अंक प्राप्त किए थे। उसने अपने समय का सही प्रबंधन किया और हर विषय पर ध्यान केंद्रित किया। उसकी कहानी से हमें यह सीखने को मिलता है कि मेहनत से कुछ भी हासिल किया जा सकता है।

इसी तरह, एक अन्य छात्र राम ने 2023 में 95 अंक प्राप्त किए थे। उसने नियमित अभ्यास और सही रणनीति अपनाई थी। उसकी सफलता की कहानी हमें बताती है कि सही दिशा और समय प्रबंधन से हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।

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Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

CTET परीक्षा में आमतौर पर संख्या प्रणाली से 10-15 प्रश्न पूछे जाते हैं। यह विषय गणित के अन्य टॉपिक्स के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए, इसे समझने और अभ्यास करने पर ज्यादा ध्यान दें। पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करने से आपको यह पता चल जाएगा कि इस विषय से क्या-क्या प्रश्न आते हैं।

संख्या प्रणाली की तैयारी के लिए NCERT की गणित की पुस्तकें, R.D. Sharma की किताबें, और अन्य संदर्भ पुस्तकें सबसे अच्छी मानी जाती हैं। ये पुस्तकें विषय को अच्छे से समझाने में मदद करती हैं और परीक्षा के पैटर्न के अनुसार तैयार की गई हैं। हमेशा उन किताबों का चयन करें जो आपकी समझ में आती हों।

संख्या प्रणाली की तैयारी के लिए एक ईमानदार और नियमित अध्ययन योजना बनाना आवश्यक है। यह सलाह दी जाती है कि आप रोजाना 30-40 मिनट संख्या प्रणाली पर ध्यान केंद्रित करें और पूर्व वर्ष के प्रश्न पत्रों को हल करें। इससे आपको विषय की समझ में सुधार होगा।

CTET परीक्षा में संख्या प्रणाली के प्रश्नों का अंकन सकारात्मक होता है, मतलब सही उत्तर देने पर अंक मिलते हैं। सामान्यतः, गलत उत्तर देने पर कोई नकारात्मक अंकन नहीं होता है। इसलिए, आपके लिए यह सलाह दी जाती है कि आप अपने उत्तरों पर ध्यान दें और अपनी गणना को सही करें।

CTET परीक्षा पास करने के बाद, आप सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षिका के रूप में काम कर सकते हैं। इस पेशे में, आपको विभिन्न विकास के अवसर मिलते हैं और औसत वेतन लगभग ₹30,000 से ₹50,000 प्रति माह होता है। इसके अलावा, अनुभव के अनुसार बढ़ोतरी की भी संभावना रहती है।

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