CTET 2026 हरियाणा सामान्य और OBC उम्मीदवारों के लिए!
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Updated: 2026-08-13 · हिंदी
CTET, यानी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा, एक महत्वपूर्ण परीक्षा है जो शिक्षकों की योग्यता को परखती है। हरियाणा में CTET के कट ऑफ मार्क्स उम्मीदवारों की योग्यता और परीक्षा स्तर के अनुसार तय होते हैं। सामान्य और OBC वर्ग के छात्रों के लिए, इन कट ऑफ मार्क्स का ज्ञान बेहद ज़रूरी है। पिछले वर्षों के कट ऑफ मार्क्स का विश्लेषण करके, उम्मीदवार अपनी तैयारी को और बेहतर बना सकते हैं। यहाँ हम हरियाणा के लिए CTET के कट ऑफ मार्क्स के बारे में बात करेंगे, ताकि आपको बेहतर तैयारी में मदद मिल सके।
कट ऑफ मार्क्स का मतलब है वह न्यूनतम अंक जो किसी परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए प्राप्त करने होते हैं। CTET परीक्षा में कट ऑफ मार्क्स हर साल बदलते हैं, जो परीक्षा की कठिनाई स्तर और उम्मीदवारों की संख्या पर निर्भर करते हैं। हरियाणा में, सामान्य और OBC उम्मीदवारों के लिए कट ऑफ मार्क्स का निर्धारण शिक्षा विभाग द्वारा किया जाता है।
पिछले वर्षों में, CTET के कट ऑफ मार्क्स ने दिखाया है कि उम्मीदवारों को अधिकतम अंक प्राप्त करने के लिए किस प्रकार की रणनीति अपनानी चाहिए। उदाहरण के लिए, 2021 में हरियाणा के लिए सामान्य वर्ग के लिए कट ऑफ 90 अंक था, जबकि OBC उम्मीदवारों के लिए यह 85 अंक था।
CTET के कट ऑफ मार्क्स का महत्वपूर्ण भूमिका है। यह बताता है कि कितने अंक पाने के बाद एक उम्मीदवार को शिक्षक की नौकरी के लिए योग्य माना जाएगा। सभी उम्मीदवारों के लिए, यह समझना महत्वपूर्ण है कि कट ऑफ मार्क्स को पार करना एक सफलता का प्रतीक है, जो उनकी मेहनत और तैयारी को दर्शाता है।
यदि आप सामान्य वर्ग के उम्मीदवार हैं, तो आपको पिछले वर्षों के कट ऑफ मार्क्स पर ध्यान देना चाहिए। उदाहरण के लिए, 2020 के कट ऑफ मार्क्स में सामान्य वर्ग के लिए 92 अंक और OBC के लिए 88 अंक थे। इस प्रकार की जानकारी उम्मीदवारों को अपनी तैयारी को सही दिशा में ले जाने में मदद करती है।
हरियाणा में CTET के कट ऑफ मार्क्स सामान्य और OBC उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग होते हैं। यह विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है जैसे परीक्षा का स्तर, उपस्थित उम्मीदवारों की संख्या और पिछले वर्ष के परिणाम। उदाहरण के लिए, वर्ष 2022 में, सामान्य वर्ग के लिए कट ऑफ 87 अंक था और OBC के लिए 83 अंक था।
इसके अलावा, यह भी देखा गया है कि OBC उम्मीदवारों को सामान्य वर्ग की तुलना में थोड़ी राहत मिलती है। इसलिए, OBC उम्मीदवारों के लिए कट ऑफ मार्क्स थोड़े कम निर्धारित किए जाते हैं। हरियाणा में CTET परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को यह ध्यान देना चाहिए कि उन्होंने पिछले वर्ष के कट ऑफ मार्क्स पर अधिक ध्यान दिया।
पिछले वर्षों के कट ऑफ मार्क्स का विश्लेषण करने से यह स्पष्ट होता है कि कट ऑफ में बदलाव परीक्षा की कठिनाई और उपस्थित छात्रों की संख्या पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, 2018 में, जब परीक्षा का स्तर कठिन था, सामान्य वर्ग के लिए कट ऑफ 87 अंक था, जबकि OBC के लिए 84 अंक था।
इस प्रकार, यह देखना महत्वपूर्ण है कि कट ऑफ मार्क्स का इतिहास क्या है, क्योंकि इससे यह पता चलता है कि उम्मीदवारों को किन रणनीतियों का पालन करना चाहिए। पिछले वर्ष के टॉपर्स की रिव्यू करना भी बेहद फायदेमंद है।
CTET परीक्षा की तैयारी करते समय सही सामग्री का चयन करना महत्वपूर्ण है। विभिन्न प्रकार की किताबें और अध्ययन सामग्री उपलब्ध हैं जो उम्मीदवारों की मदद कर सकती हैं। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करना भी अत्यंत फायदेमंद होता है। मैंने अपने छात्रों को सुझाव दिया है कि वे हर विषय को अच्छी तरह से समझें और महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान दें।
बहुत से छात्र अक्सर NCERT के पाठ्यक्रम को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह विषय बहुत महत्वपूर्ण है। यह जरूरी नहीं है कि हर प्रश्न कठिन हो, लेकिन नियमित अभ्यास से सही दिशा में तैयारी की जा सकती है।
CTET परीक्षा का पैटर्न समझना भी महत्वपूर्ण है। यह परीक्षा दो पेपरों में होती है - पेपर I और पेपर II। पेपर I प्राथमिक स्तर के लिए होता है, जबकि पेपर II उच्च प्राथमिक स्तर के लिए होता है। दोनों पेपरों में 150 प्रश्न होते हैं, और प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है।
यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि एक नकारात्मक मार्किंग प्रणाली नहीं होती है। इसलिए, सभी छात्रों को अपनी सभी ताकत लगाकर हर प्रश्न का उत्तर देना चाहिए। इससे उनके स्कोर में वृद्धि हो सकती है।
CTET परीक्षा का परिणाम देखने के लिए उम्मीदवारों को वेबसाइट पर जाना होगा। वहाँ पर उन्हें अपने रोल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी भरकर अपना परिणाम देख सकते हैं। परिणाम के बाद, कट ऑफ मार्क्स का विवरण भी दिया जाएगा।
यह भी जरूरी है कि उम्मीदवार कट ऑफ मार्क्स को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी जारी रखें। यदि आपको लगता है कि आपने परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए हैं, तो आपको अपने परिणाम का इंतजार करना चाहिए।
कट ऑफ मार्क्स का निर्धारण कई कारकों पर निर्भर करता है। सबसे पहले, परीक्षा का स्तर, यानी कितने छात्रों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है और छात्रों की कुल संख्या। इसके अलावा, पिछले वर्षों के कट ऑफ का अध्ययन भी किया जाता है।
अगर पिछले सालों में कट ऑफ मार्क्स उच्च रहे, तो इस साल भी अपेक्षा की जा सकती है। UPTET और CTET जैसी परीक्षाओं में, यह एक सामान्य प्रवृत्ति देखी गई है। इसलिए, इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
उम्मीदवारों को अपनी तैयारी को बेहतर बनाने के लिए नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए। अध्ययन के साथ-साथ समय प्रबंधन पर भी ध्यान देना चाहिए। मैंने देखा है कि छात्र अक्सर समय के प्रबंधन में असफल रहते हैं, जो उनके अंक कम करने का मुख्य कारण होता है।
मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि जो छात्र नियमित रूप से पढ़ाई करते हैं और पिछले वर्ष के प्रश्नपत्र हल करते हैं, वे अधिक सफल होते हैं। इसलिए, नियमित अध्ययन और समय प्रबंधन पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।
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| वर्ष | सामान्य कट ऑफ | OBC कट ऑफ |
|---|---|---|
| 2021 | 90 | 85 |
| 2020 | 92 | 88 |
| 2019 | 95 | 89 |
| 2018 | 87 | 84 |
| 2017 | 90 | 86 |
CTET परीक्षा की तैयारी के लिए एक संपूर्ण रणनीति बनाना आवश्यक है। सबसे पहले, आपको परीक्षा के सिलेबस को समझना होगा और सभी विषयों को अच्छे से कवर करना होगा। मेरा सुझाव है कि आप एक टाइम टेबल बनाएं, जो आपको सभी विषयों को समय पर कवर करने में मदद करेगा।
एक अच्छी रणनीति में विषयों की प्राथमिकता तय करना भी शामिल है। जैसे, बाल विकास और शिक्षाशास्त्र को प्राथमिकता दें, क्योंकि यह परीक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मैंने अपने छात्रों को सलाह दी है कि वे हर विषय के कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर ध्यान दें।
CTET परीक्षा में सफलता के लिए महीने-दर-महीने अध्ययन योजना बनाना जरूरी है। उदाहरण के लिए, पहले महीने में बाल विकास और शिक्षाशास्त्र को कवर करें, दूसरे महीने में गणित और विज्ञान पर ध्यान दें। हर महीने को 30 दिनों का मानते हुए, सुनिश्चित करें कि आप प्रतिदिन 4-5 घंटे पढ़ाई करें।
अपनी अध्ययन योजना में मॉक टेस्ट शामिल करना न भूलें। यह आपको अपनी तैयारी की स्थिति का पता लगाने में मदद करेगा। मैंने पिछले छात्रों से सुना है कि मॉक टेस्ट लेने से आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
CTET परीक्षा में विषयवार विभाजन और अंक भार का ध्यान रखना आवश्यक है। जैसे, बाल विकास और शिक्षाशास्त्र से 30 अंक, गणित से 30 अंक, और विज्ञान से 30 अंक, इसी तरह अन्य विषयों का भी विभाजन होता है।
आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि कुछ विषय अधिक महत्वपूर्ण होते हैं, जिनसे अधिक प्रश्न आते हैं। पिछले साल के पेपर का विश्लेषण करके, आप देख सकते हैं कि कौन से विषय महत्वपूर्ण हैं।
CTET परीक्षा में कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक्स होते हैं, जिन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। जैसे, बाल विकास की परिभाषा, शिक्षाशास्त्र के सिद्धांत, विषय विशेष की Pedagogy। इसके अलावा, गणित में संख्याओं के ऑपरेशन, विज्ञान में पारिस्थितिकी पर ध्यान दें।
ये सभी टॉपिक्स परीक्षा में अति महत्वपूर्ण होते हैं। मैंने देखा है कि जो छात्र इन टॉपिक्स पर ध्यान देते हैं, वे अधिक सफल होते हैं। इसलिए, इन्हें प्राथमिकता दें।
CTET परीक्षा के लिए कुछ बेहतरीन किताबें हैं जो मददगार साबित होती हैं। सबसे पहले, NCERT की किताबें बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, Upkar की CTET की किताबें भी अच्छे परिणाम देती हैं।
परीक्षा की तैयारी के लिए अन्य ऑनलाइन संसाधन भी उपयोगी हैं। मैंने अपने छात्रों को कहा है कि वे ई-लर्निंग प्लेटफार्मों का उपयोग करें। यह तेजी से पढ़ाई करने में मदद करता है।
CTET परीक्षा के लिए कोचिंग और स्व-अध्ययन के बीच का चुनाव हमेशा से हुआ है। कोचिंग के फायदे हैं, जैसे कि एक सिस्टमेटिक स्टडी और मार्गदर्शन। लेकिन, स्व-अध्ययन भी उतना ही प्रभावी होता है।
मैंने देखा है कि जो छात्र कोचिंग लेते हैं, वे नियमित रूप से अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं। लेकिन कई छात्र ऐसे भी हैं जो स्व-अध्ययन से बेहतर करते हैं। दोनों के अपने-अपने फायदे हैं।
समय प्रबंधन CTET परीक्षा में सफलता की कुंजी है। छात्रों को अपनी पढ़ाई का एक शेड्यूल बनाना चाहिए और उसे पालन करना चाहिए। मैंने अपने छात्रों से कहा है कि वे अपने शेड्यूल के अनुसार अलग-अलग विषयों के लिए समय निर्धारित करें।
दैनिक अनुसूची बनाते समय, यह सुनिश्चित करें कि आप नियमित रूप से ब्रेक लें। यह आपके दिमाग को ताजा रखने में मदद करेगा।
CTET परीक्षा के दिन, यह सुनिश्चित करें कि आप सभी आवश्यक चीजें लेकर जाएं। जैसे, परीक्षा प्रवेश पत्र, पहचान पत्र, और स्टेशनरी सामग्री। मैं सुझाव दूंगा कि आप पहले से इन सभी चीजों की एक लिस्ट बना लें।
आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आप परीक्षा के दिन उचित नींद लें और प्रातः समय पर उठें। सही समय पर पहुंचना भी बहुत महत्वपूर्ण है।
CTET परीक्षा में छात्र अक्सर कई सामान्य गलतियाँ करते हैं। यहाँ कुछ सामान्य गलतियाँ हैं:
यदि आप इन सामान्य गलतियों से बचते हैं, तो आप अपनी परीक्षा में बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।
परीक्षा के अंतिम सप्ताह में, आपकी तैयारी को पुख्ता करने के लिए एक रीविज़न योजना बनाना जरूरी है। पहले दिन, सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स का रिवाइज करें। दूसरे दिन मॉक परीक्षण लें। तीसरे दिन, पिछले वर्ष के प्रश्नपत्र हल करें।
इस प्रकार, धीरे-धीरे सभी टॉपिक्स को रिवाइज करें, ताकि आप परीक्षा में आत्मविश्वास के साथ जा सकें।
हरियाणा में CTET परीक्षा के लिए अपेक्षित कट ऑफ हमेशा पिछले वर्ष की तुलना में होता है। यदि पिछले वर्ष का कट ऑफ अधिक था, तो इस वर्ष भी अधिक होने की उम्मीद है।
उदाहरण के लिए, 2021 और 2022 में देखा गया कि कट ऑफ प्रत्येक वर्ष बढ़ते गए। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि उम्मीदवार अपनी तैयारी को और तेज करें।
CTET परीक्षा क्लियर करने वाले उम्मीदवारों के लिए करियर का स्कोप बहुत अच्छा है। शिक्षक बनने के बाद, आप विभिन्न सरकारी स्कूलों में कार्य कर सकते हैं। इसके अलावा, एक शिक्षक के रूप में आपका वेतन भी समय के साथ बढ़ता है।
आपकी वेतन वृद्धि और प्रमोशन आपके अनुभव और प्रदर्शन पर निर्भर करते हैं। मैंने देखा है कि अच्छे प्रदर्शन वाले टीचर्स को समय-समय पर प्रमोशन मिलते हैं।
CTET परीक्षा में सफलता की कहानियाँ हमेशा प्रेरणादायक होती हैं। जैसे, 2021 के टॉपर रोहित ने बताया कि उसने केवल NCERT की किताबों से तैयारी की और नियमित अध्ययन किया।
यही नहीं, और भी कई छात्रों ने बताया कि उन्होंने अपने समय का सही उपयोग किया और विभिन्न प्रश्नपत्रों का अभ्यास किया। इससे उन्हें परीक्षा में सफलता मिली।
याद रखिए — मेहनत का फल मीठा होता है। इसलिए, अपने लक्ष्य को पाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहिए!