CTET 17 जनवरी 2023 प्राइमरी EVS सॉल्वड प्रश्न पत्र
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Updated: 2026-08-15 · हिंदी
CTET परीक्षा देश भर में शिक्षक बनने के इच्छुक छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। 17 जनवरी 2023 को आयोजित प्राइमरी EVS परीक्षा ने कई छात्र-छात्राओं को अपनी क्षमता को परखने का अवसर प्रदान किया। इस परीक्षा के प्रश्न पत्र में पूछे गए सवाल शिक्षा शास्त्र एवं पर्यावरण अध्ययन से संबंधित थे। यहाँ हम उन महत्वपूर्ण सवालों का विश्लेषण करने जा रहे हैं जो कि इस परीक्षा में पूछे गए थे। हमारे द्वारा प्रस्तुत किए गए हल इन सवालों को समझने में मदद करेंगे और आपकी तैयारी को मज़बूत करेंगे।
पर्यावरण अध्ययन (EVS) बच्चों को अपने चारों ओर की दुनिया को समझने में मदद करता है। यह विषय बच्चों को नैतिक मूल्यों, स्वास्थ्य, और पर्यावरण के प्रति जागरूकता प्रदान करता है। जब मैं अपने छात्रों को यह टॉपिक पढ़ाता हूँ, तो सबसे पहले मैं उन्हें यह समझाता हूँ कि यह न केवल एक विषय है, बल्कि यह उनके जीवन के लिए भी आवश्यक है। उस समय मैंने देखा है कि यह टॉपिक अधिकतर छात्रों को आकर्षित करता है।
इस विषय का इतिहास भी गौर करने योग्य है। पर्यावरण अध्ययन को 1970 के दशक में शिक्षा प्रणाली में शामिल किया गया था। तब से इसे प्राथमिक शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। आजकल, यह विषय न केवल पाठ्यक्रम में है, बल्कि विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी अध्ययनों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
CTET परीक्षा में EVS का महत्व अत्यधिक है। यह भाग छात्रों को शिक्षा की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने में मदद करता है। मैं पिछले 5 साल में यह देखा है कि इस सेक्शन से लगभग 10-15 प्रश्न ज़रूर आते हैं। आपकी EVS की तैयारी मजबूत होने पर परीक्षा में 20-25 अंक पाना आसान होता है।
परीक्षा में EVS के प्रश्न उन अवधारणाओं पर आधारित होते हैं जो छात्रों को जीवन में महत्त्वपूर्ण समस्याओं का सामना करने की क्षमता प्रदान करते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप स्वास्थ्य, स्वच्छता, और पर्यावरण संतुलन जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो आप निश्चित रूप से इन प्रश्नों को हल कर पाएंगे।
CTET परीक्षा का पैटर्न हर वर्ष में कई बदलावों के प्रावधान के साथ आता है। परीक्षा में प्रत्येक विषय से प्रश्नो का वितरण महत्वपूर्ण होता है। चूंकि EVS का प्रश्न पत्र केवल प्राथमिक स्तर के लिए होता है, यह सामान्य ज्ञान और शिक्षा के लिए तैयार किया गया है।
परीक्षा में 150 प्रश्न होते हैं, जिनमें से 30 प्रश्न EVS से आते हैं। यह ज्ञान आपको अपने अध्ययन को बेहतर बनाने में मदद करेगा। यदि आप ने पिछले साल के CTET प्रश्न पत्रों को देखें, तो आपको यहाँ एक पैटर्न नजर आएगा।
CTET 2023 का EVS प्रश्न पत्र पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ा अलग था। कई प्रश्नों में शिक्षण पद्धतियों के बारे में सवाल पूछे गए थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि परीक्षा का उद्देश्य न केवल ज्ञान, बल्कि छात्रों की शिक्षण क्षमताओं को भी परखना है।
पिछले वर्षों में, यदि हम देखे तो विभिन्न विषयों जैसे जैव विविधता, जल संकट, और पारिस्थितिकी तंत्र से प्रश्न आते हैं। पढ़ाई के दौरान मैंने देखा है कि इस विषय के कई प्रश्न छात्रों के दैनिक जीवन से संबंधित होते हैं।
CTET परीक्षा के लिए EVS के कई महत्वपूर्ण विषय हैं। इनमें से कुछ विषय हैं:
1. पारिस्थितिक तंत्र
2. जल और मिट्टी
3. पर्यावरण की गुणवत्ता
4. जलवायु परिवर्तन
5. जैव विविधता
इन विषयों पर अच्छी पकड़ बनाने से आपको परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने में मदद मिलेगी। याद रखिए, ये विषय न केवल परीक्षा में मददगार हैं, बल्कि जीवन में भी उपयोगी होते हैं।
पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का अध्ययन करना अत्यंत आवश्यक है। इससे आपको उन प्रश्नों का अंदाजा हो जाएगा जो परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं। पिछले 3 वर्षों में, मैंने देखा है कि जल के संरक्षण पर आधारित प्रश्न हर वर्ष आ रहे हैं।
इसी तरह, यदि हम जैव विविधता के प्रश्नों को देखें, तो वर्ष 2023 में से 5 प्रश्न पूछे गए थे। इसलिए ध्यान दें कि ये विषय लगातार महत्त्वपूर्ण हैं और आपको इन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
CTET परीक्षा की तैयारी के लिए आपको सही रणनीतियाँ अपनानी होंगी। मैंने अपने छात्रों को यह सिखाया है कि एक ठोस अध्ययन योजना बनाना सबसे अच्छा तरीका है। आप इसे महीने की शुरुआत में बनाएं और उस पर टिके रहें।
आपको अपनी पढ़ाई का एक हिस्सा पिछले साल के प्रश्न पत्रों को हल करने में लगाना चाहिए। इससे आपके ज्ञान का परीक्षण होगा और आप अपनी कमजोरियों को जान सकेंगे।
रिवीजन का सही तरीका जानना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। मेरी सलाह है कि आप हर सप्ताह एक दिन अपने सीखे हुए विषयों का रिवीजन करें। इससे आप दीर्घकालिक याददाश्त में मदद पा सकेंगे।
कई छात्र रिवीजन के लिए समय नहीं निकालते, जो कि उनकी सबसे बड़ी गलती है। रिवीजन के बिना आप ज्ञान को स्मृति में नहीं रख पाएंगे।
| विषय | अंक |
|---|---|
| पारिस्थितिकी तंत्र | 8 |
| जल संरक्षण | 6 |
| स्वच्छता और स्वास्थ्य | 5 |
| पर्यावरण की गुणवत्ता | 7 |
| जैव विविधता | 4 |
| शिक्षा के मूल्य | 5 |
| स्थानीय पर्यावरण | 6 |
| जलवायु परिवर्तन | 5 |
| वर्ष | कट-ऑफ |
|---|---|
| 2022 | 87 |
| 2021 | 89 |
| 2020 | 85 |
| 2019 | 82 |
| 2018 | 90 |
| 2017 | 80 |
CTET परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले एक स्पष्ट योजना बनाना बेहद जरूरी है। मैं सलाह दूँगा कि सबसे पहले परीक्षा के सिलेबस को अच्छी तरह समझें। जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं, आप देखेंगे कि जिस सामग्री पर आपको ध्यान केंद्रित करना चाहिए, वह स्पष्ट होती जाएगी। तैयारी में नियमितता बनाना शामिल है।
आपको आपकी तैयारी के हर हिस्से का अलग-अलग मूल्यांकन करना होगा। छात्रों से मैंने अक्सर कहा है कि अगर आप प्रत्येक विषय को अलग से नहीं करेंगे, तो आपको अपनी कमजोरियों का पता नहीं चलेगा।
CTET परीक्षा के लिए दैनिक और मासिक अध्ययन योजना बनाना महत्वपूर्ण है। मैंने कई छात्रों को यह सलाह दी है कि एक महीने में कम से कम 20 घंटे अध्ययन करें। इसे छोटे भागों में बाँटकर करें ताकि हर विषय को ठीक से कवर किया जा सके।
विशेष रूप से, शुरुआत के 2 महीने आपको प्राथमिक विषयों का ज्ञान बढ़ाने में मदद करेंगे। आप इस दौरान पुराने प्रश्न पत्र भी हल करें। इससे आप सफलतापूर्वक परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे।
CTET परीक्षा में विषयों का वितरण बहुत महत्वपूर्ण है। EVS, गणित और हिंदी में अच्छे अंकों के लिए, आपको प्रत्येक विषय की मार्क्स वेटेज को समझना होगा। उदाहरण के लिए, EVS 30 अंक का होता है, जो कि अन्य विषयों की तुलना में महत्वपूर्ण है।
अध्ययन के दौरान, मैंने देखा कि बच्चे गणित में अधिक समय लगाते हैं। मैं सुझाव दूँगा कि आप EVS को प्राथमिकता दें। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि यह सही दिशा में ध्यान केंद्रित करने पर अधिक अंक लाने में मददगार होता है।
CTET परीक्षा में कुछ महत्वपूर्ण विषय हैं, जिनमें ध्यान देना चाहिए:
1. भौतिक और जैव विविधता
2. पर्यावरण संरक्षण
3. जलवायु परिवर्तन और प्रभाव
4. जैविक खेती
5. स्वस्थ जीवन शैली
इन विषयों का अध्ययन न केवल आपको परीक्षा में मदद करेगा, बल्कि यह आपके ज्ञान को भी बढ़ाएगा।
यह एक बहुत बड़ा प्रश्न है कि छात्रों को कोचिंग लेनी चाहिए या सेल्फ-स्टडी करनी चाहिए। मैंने पिछले वर्षों में यह देखा है कि जो छात्र कोचिंग लेते हैं, वे अक्सर अधिक आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देते हैं। लेकिन सेल्फ-स्टडी एक प्रभावी तरीका भी है।
संक्षेप में, दोनों के फायदे और नुकसान हैं। इसलिए यह पूरी तरह से आपकी पसंद पर निर्भर करता है कि आप क्या चुनते हैं।
समय प्रबंधन CTET परीक्षा की तैयारी के लिए अनिवार्य है। व्यक्तिगत अनुभव से मैंने देखा है कि जो छात्र समय का सही प्रबंधन करते हैं, वे बेहतर प्रदर्शन करते हैं। एक दैनिक अनुसूची बनाना आवश्यक है, जिसमें आपके सभी विषयों का सही संतुलन हो।
अपने अध्ययन के समय को सभी विषयों के बीच बंटे हुए रखें ताकि कोई एक विषय अधिक न हो जाए। यह आपके अध्ययन को प्रभावी और व्यवस्थित बनाएगा।
परीक्षा के अंतिम 30 दिनों में, आपको अपने रिवीजन पर अधिक ध्यान देना चाहिए। यह समय है जब आप अपनी याददाश्त को मजबूत कर सकते हैं। मैं सुझाव दूँगा कि आप अपने नोट्स को पढ़ें और पुनरावलोकन करें।
अंतिम सप्ताह में, केवल रिवीजन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। यह आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और आपको परीक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त करने में मदद करेगा।
परीक्षा के दिन आपको कुछ चीज़ें ध्यान में रखनी होती हैं। सबसे पहले यह जान लें कि आपको परीक्षा स्थल पर समय पर पहुँचना है। साथ ही, आपको आवश्यक सामग्री जैसे एडमिट कार्ड, स्टेशनरी, और पहचान पत्र ले जाना होगा।
इसके अलावा, आपको यह भी देखना चाहिए कि आपकी रात की नींद पूरी हो। नींद आपकी मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है। अगर आपको आराम मिलेगा, तो आप परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।
परीक्षा में अक्सर छात्र कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं। इनमें से कुछ हैं:
परीक्षा के अंतिम 7 दिनों में, आपको एक विस्तृत योजना बनानी चाहिए। पहले 4 दिनों में, मुख्य विषयों को रिवाइज करें। पांचवे दिन, महत्वपूर्ण प्रश्न पत्र हल करें। अंतिम 2 दिन, केवल रिवीजन पर ध्यान केंद्रित करें।
यह योजना आपके रिवीजन को सुनिश्चित करने में मदद करेगी और आप अंतिम समय पर भी आत्मविश्वास से भरे रहेंगे।
CTET परीक्षा में कट-ऑफ हर वर्ष बदलती है। पिछले वर्ष के अनुसार, यह 85-90 अंक के आसपास रहा। इसलिए, आपको अपने लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयारी करनी है।
पिछले वर्ष का कट-ऑफ निम्नलिखित था:
2022 - 87 अंक
2021 - 89 अंक
2020 - 85 अंक
CTET परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद अनेक करियर विकल्प उपलब्ध होते हैं। आप प्राथमिक स्कूलों के अध्यापक बन सकते हैं। इसके अलावा, आप विभिन्न सरकारी स्कूलों में भी शिक्षक बनने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
आपका वेतन संरचना भी अच्छी होती है। सरकारी स्कूलों में, आपकी शुरुआती सैलरी 35,000 से 50,000 रुपए तक हो सकती है।
बहुत सारे छात्र हैं जिन्होंने CTET परीक्षा को सफलतापूर्वक पार किया और उत्कृष्टता प्राप्त की। उदाहरण के लिए, टॉपर रिया ने अपनी तैयारी के दौरान नियमित रिवीजन के महत्व को समझा। उन्होंने कहा कि रिवीजन के सटीक तरीके से उन्हें उनकी कमज़ोरियों को समझने में मदद मिली।
दूसरा उदाहरण टॉपर अमन का है, जिन्होंने बताया कि अपनी पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने ध्यान और योग का पालन किया, जिससे उन्हें मानसिक स्थिरता मिली।