एक्सपर्ट टिप्स और ट्रिक्स के साथ अपनी CTET तैयारी को बेहतर बनाएं!
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Updated: 2026-08-10 · हिंदी
CTET परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए दशमलव (Decimals) और प्रतिशत (Percentages) एक महत्वपूर्ण विषय हैं। ये दोनों ही विषय न केवल गणितीय प्रश्नों में महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि ये फाउंडेशनल स्किल्स के रूप में भी काम करते हैं। यहाँ, हम ऐसी समस्याओं का अभ्यास करेंगे जो CTET परीक्षा में बार-बार पूछी जाती हैं। हमारी कोशिश रहेगी कि हम आपको दशमलव और प्रतिशत से संबंधित सवालों के माध्यम से पूरी तरह से तैयार कर सकें। मैं व्यक्तिगत रूप से देखता हूँ कि कई छात्र इन विषयों में कठिनाई महसूस करते हैं, लेकिन सही अभ्यास के साथ आप इसे आसानी से पार कर सकते हैं।
दशमलव संख्या वह संख्या होती है जिसमें एक बिंदु (डॉट) होता है। इसे हम दशमलव बिंदु कहते हैं और यह विभिन्न संख्याओं के बीच मूल रूप से एक विभाजन का कार्य करता है। जैसे कि 5.3 में 5 पूर्णांक है और 0.3 दशमलव है। यह महत्वपूर्ण है कि आप दशमलव को समझें क्योंकि इसके विभिन्न उपयोग हैं, जैसे कि मात्रा का माप, वित्तीय गुणा इत्यादि। जब मैं अपने छात्रों को यह पढ़ाता हूँ, तो सबसे पहले हम दशमलव को सरलतम रूप में समझते हैं।
दशमलव के उपयोग भी बहुत सारे हैं। विद्यालय की परीक्षा में लगभग 5-10 प्रश्न हमेशा दशमलव से जुड़े होते हैं। यह विषय इतना महत्वपूर्ण है कि अक्सर छात्र इसे हल करते समय गलती करते हैं। ध्यान दें कि दशमलव से प्रश्न हल करते समय हमें सही स्थान पर बिंदु लगाना बहुत आवश्यक है।
प्रतिशत का अर्थ होता है 'सौ में से' और यह विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगी है, जैसे कि आंकड़ों का विश्लेषण, वित्त, और क्रय शक्ति का माप। उदाहरण के लिए, यदि आप कहें कि 25% छात्र गणित में अच्छे हैं, तो यह बताता है कि 100 में से 25 छात्र इस विषय में मजबूत हैं। मैंने पिछले अनुभव में देखा है कि छात्र अक्सर प्रतिशत को घटाने या जोड़ने में गलती करते हैं।
CTET परीक्षा में प्रतिशत से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। अगर आप इस विषय पर अच्छे से मेहनत करते हैं, तो इससे आपकी परीक्षा में सफलता की संभावना बढ़ जाती है। जैसे की, पिछले वर्ष की CTET परीक्षा में इस विषय से 6 प्रश्न पूछे गए थे, इसलिए इसे हल करना न भूलें।
दशमलव मुख्यतः तीन प्रकारों में वर्गीकृत होते हैं: सही दशमलव, निरंतर दशमलव, और मिश्रित दशमलव। सही दशमलव वे होते हैं जिनमें सीमित अंश होता है, जैसे 0.25। निरंतर दशमलव में कोई सीमा नहीं होती है, जैसे 1.333...। मिश्रित दशमलव में पूर्णांक और दशमलव का मिश्रण होता है, जैसे 2.5।
ये तीनों प्रकार समझना बहुत आवश्यक हैं, क्योंकि CTET में इनसे सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। जब मैं अपने छात्रों को यह टॉपिक पढ़ाता हूं, तो हम अक्सर सभी प्रकार के उदाहरण लेते हैं ताकि वे स्पष्टता से समझ सकें। अगर आप इन तीनों प्रकारों को ध्यान में रखते हैं, तो आपके लिए प्रश्नों का हल करना सरल हो जाएगा।
दशमलव को भिन्न में बदलना एक महत्वपूर्ण कौशल है। साधारणतः, दशमलव को भिन्न में बदलने के लिए, आप उसे 100 या 10 के गुणांक के रूप में देख सकते हैं। उदाहरण के लिए, 0.75 को आप 75/100 के रूप में लिख सकते हैं। इसी तरीके से, हमें यह जानना आवश्यक है कि हम किस प्रकार के दशमलव को किस प्रकार की भिन्न में बदलें।
जब मैं अपने छात्रों को यह सिखाता हूं, तो हम इसे विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से समझते हैं। इससे उन्हें इस प्रक्रिया को जल्दी समझने में मदद मिलती है। हमेशा ध्यान से प्रश्नों का अभ्यास करें, क्योंकि यह कौशल भविष्य में आपके काम आएगा।
प्रतिशत को दशमलव में बदलना भी एक महत्वपूर्ण कौशल है और यह कई बार CTET परीक्षा में पूछा जाता है। प्रतिशत को दशमलव में बदलने के लिए, आपको उसे 100 से विभाजित करना होगा। जैसे कि 50% का मतलब है 50/100, जो कि 0.5 के समान है। इसलिए, यदि आप प्रश्नों में प्रतिशत देखते हैं, तो तुरंत उसे दशमलव में बदलने कि कोशिश करें।
इस प्रक्रिया को समझने में छात्रों को थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन अभ्यास से वे इसे जल्दी सीख जाते हैं। मैंने देखा है कि छात्र जब इसे सही से समझ लेते हैं, तो उनके प्रश्न हल करने की गति बहुत बढ़ जाती है।
MCQ (बहुविकल्पीय प्रश्न) CTET परीक्षा का एक अभिन्न हिस्सा है। ये प्रश्न न केवल ज्ञान की परीक्षा लेते हैं, बल्कि कई बार आपके तर्कसंगत सोचने की क्षमता को भी जांचते हैं। अक्सर छात्र इस हिस्से को हल करते समय समय की कमी महसूस करते हैं, इसलिए समय प्रबंधन का अभ्यास करना बहुत जरूरी है।
जब मैं अपने छात्रों को MCQ हल करना सिखाता हूं, तो मैं हमेशा उन्हें सलाह देता हूँ कि प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें और जवाब देने से पहले हर विकल्प का विश्लेषण करें। इससे सही उत्तर चुनने में मदद मिलती है।
पिछले वर्ष के CTET प्रश्न पत्र हल करना एक बेहतरीन तरीका है अपने ज्ञान को बढ़ाने का। आपको यह जानने को मिलेगा कि किस प्रकार के प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। आप देख सकते हैं कि प्रतिशत और दशमलव से जुड़े सवाल हमेशा विशेष स्थान पर होते हैं।
जब मैं अपने छात्रों को यह बताता हूँ, तो वे हमेशा उत्सुक होते हैं कि पिछले प्रश्नों के उत्तर कैसे हल करें। मैं उनसे कहता हूँ कि इस अभ्यास से न केवल उन्हें सवालों का सामना करने का अनुभव मिलता है बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
जब आप दशमलव और प्रतिशत को तैयार कर रहे हों, तो कुछ आसान ट्रिक्स याद रखें। एक आसान ट्रिक बता रहा हूँ — रात को सोने से पहले 10 मिनट में 20 तथ्य रिवाइज़ करें, दिमाग में सेट हो जाएंगे। यह छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है।
एक और ज़रूरी बात, जब आप MCQ हल कर रहे हों, तो एक बार विचार करें कि अगर सवाल आपको लगता है कि कठिन है, तो उसे छोड़ दें। यह आपकी परीक्षा में बेहतर स्कोर करने में मदद करेगा।
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CTET परीक्षा की तैयारी के दौरान, आपको एक ठोस योजना बनानी चाहिए। जब मैं अपने छात्रों को सलाह देता हूँ, तो मैं हमेशा बताता हूँ कि उन्हें अपने समय का सही प्रबंधन करना आवश्यक है। एक ठोस योजना आपकी तैयारी में मदद कर सकती है, खासकर जब गणित के जैसी जटिल विषयों की बात आती है।
यह योजना आपके अध्ययन समय को कई हिस्सों में बांट सकती है और यह सुनिश्चित कर सकती है कि आप सभी महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान दें। मैंने पिछले 5 वर्षों में देखा है कि जिन छात्रों ने एक स्पष्ट योजना बनाई, वे अधिक शांत और आत्म-विश्वास के साथ परीक्षा में बैठते हैं।
मुझे यह बताते हुए खुशी होती है कि एक महीने की योजना बनाना वाकई में प्रभावी होता है। सबसे पहले, प्राथमिक गणित के सभी मूल तत्वों को समझें। दूसरे महीने में, विषयों का गहन अध्ययन करें। तीसरे महीने में, पिछले प्रश्न पत्रों को हल करें।
इस तरह की योजना आपके लिए अध्ययन को अधिक दृष्टिगोचर और प्रबंधनीय बनाती है। जब मैं अपने छात्रों को यह सुझाव देता हूँ, तो वे इसे बहुत उपयोगी मानते हैं।
गणित विषय यथार्थ में उपविभाजित है, जैसे कि संख्या प्रणाली, दशमलव, प्रतिशत, आदि। आपको हर क्षेत्र में विशेष ध्यान देना चाहिए। व्यक्तिगत रूप से, मैंने देखा है कि छात्र अक्सर कुछ विषयों को छोड़ देते हैं, जो उनकी परीक्षा में समस्या पैदा कर सकते हैं।
उदाहरण के लिए, दशमलव और प्रतिशत पर ध्यान देते हुए, आपको यह देखने की आवश्यकता है कि कितने अंक इन विषयों से आ सकते हैं। पिछले CTET पेपर में, इन दोनों से 10 प्रश्न आ चुके हैं। इसलिए, हर विषय को समान महत्व दें।
CTET परीक्षा में कुछ विषय महत्वपूर्ण होते हैं और इन पर ध्यान केंद्रित करना सबसे अच्छा होता है। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण विषय हैं: दशमलव की परिभाषा, प्रतिशत की परिभाषा, दशमलव को भिन्न में बदलना, प्रतिशत का अनुपात।
CTET के लिए मैं कुछ बेहतरीन किताबों का सुझाव देना चाहूंगा जो आपकी तैयारी में सहायता कर सकती हैं। एक ऐसी पुस्तक है 'CTET और राज्य पात्रता परीक्षा के लिए गणित' जिसे महेश दीक्षित ने लिखा है। यह पुस्तक गणितीय अवधारणाओं को सरल बनाती है।
दूसरी पुस्तक 'CTET मॉक टेस्ट' है जो पुराने प्रश्न पत्रों पर आधारित है। मैंने देखा है कि ये किताबें छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होती हैं।
कोचिंग और आत्म-अध्ययन के बीच संतुलन बनाना बहुत महत्वपूर्ण है। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि जो छात्र कोचिंग का लाभ लेते हैं, उन्हें अक्सर मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। लेकिन आत्म-अध्ययन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
आपको यह तय करने की आवश्यकता है कि क्या आपको किसी कोचिंग की आवश्यकता है या आप अपनी गति से अध्ययन करना चाहते हैं। आमतौर पर, कोचिंग से आपको रणनीतिक दृष्टिकोण मिलता है। हालांकि, आत्म-अध्ययन में आपको अपने हिसाब से अध्ययन करने की सुविधा होती है।
समय प्रबंधन एक महत्वपूर्ण कुशलता है, विशेषकर परीक्षा की तैयारी करते समय। मैंने देखा है कि कई छात्र समय का सही प्रबंधन नहीं कर पाते। इसलिए, मैं उन्हें सलाह देता हूँ कि अपनी दैनिक अनुसूची बनाएं।
आपको सुनिश्चित करना चाहिए कि आप हर विषय के लिए पर्याप्त समय निर्धारित करें। साथ ही, नियमित अंतराल पर ब्रेक लेना भी जरूरी है। इससे आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभ होगा और आप नई ऊर्जा के साथ तैयारी कर सकेंगे।
जैसे-जैसे परीक्षा का दिन निकट आता है, आपको अपनी तैयारी को फिर से संकलित करना होगा। 30 दिन पहले, आपको ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जिनमें आपको कठिनाई होती है। पिछले प्रश्नपत्रों को हल करें और समय सीमा का पालन करें।
सभी विषयों का पुनरावलोकन करें और उन प्रश्नों पर ध्यान दें जो आप गलत कर रहे हैं। यह अंतिम समय में तनाव को कम करने में मदद करेगा। जब मैं अपने छात्रों से यह चर्चा करता हूं, तो वे हमेशा इसके लिए तैयार रहते हैं।