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Exam Pattern 2026

CTET प्राइमरी परीक्षा की मार्किंग स्कीम और दृष्टिहीन छात्रों के लिए नियम

दृष्टिहीन छात्रों के लिए CTET प्राइमरी परीक्षा की मार्किंग योजना और नियम

Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-15 · हिंदी

CTET PRIMARY Exam Pattern 2026 — Overview

CTET प्राइमरी परीक्षा, जो कि केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा है, दृष्टिहीन छात्रों के लिए विशेष नियमों और मार्किंग स्कीम के साथ आती है। यह परीक्षा उन सभी छात्रों के लिए आवश्यक है जो प्राथमिक शिक्षक बनना चाहते हैं। दृष्टिहीन छात्रों के लिए कुछ अतिरिक्त सुविधाएँ और राहतें प्रदान की जाती हैं ताकि उनकी परीक्षा में भागीदारी सुनिश्चित हो सके। आज हम इस लेख में इन विशेष सुविधाओं और मार्किंग स्कीम के सभी पहलुओं को समझेंगे। यहां हम ध्यान केंद्रित करेंगे कि कैसे दृष्टिहीन छात्रों को परीक्षा के दौरान सहायक उपाय प्रदान किए जाते हैं और मार्किंग के दौरान उन्हें क्या ध्यान में रखना चाहिए।

मार्किंग स्कीम की परिभाषा

मार्किंग स्कीम का अर्थ है कि परीक्षा में छात्रों के उत्तरों को किस प्रकार से अंक दिए जाएंगे। CTET में प्रत्येक सही उत्तर के लिए अंक प्रदान किए जाते हैं जबकि गलत उत्तर के लिए नकारात्मक अंकन भी होता है। दृष्टिहीन छात्रों के लिए, यह आवश्यक है कि उन्हें विशेष ध्यान दिया जाए ताकि वे सही तरीके से अपने उत्तर पेश कर सकें और मार्किंग में उन्हें भेदभाव का सामना न करना पड़े। मेरा सुझाव है कि आप मार्किंग स्कीम को अच्छी तरह से समझें ताकि परीक्षा के समय आपको किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

जब मैं छात्रों को CTET परीक्षा के बारे में पढ़ाता हूं, तो मैं हमेशा यह बताता हूं कि हर मार्किंग स्कीम का एक निश्चित महत्व होता है। जैसे उदाहरण के तौर पर, CTET में सही उत्तर पर 1 अंक मिलता है, जबकि गलत उत्तर पर 0.25 अंक काटे जाते हैं। इसी तरह, दृष्टिहीन छात्रों को भी इस स्कीम की जानकारी होनी चाहिए ताकि वे सही तरीके से उत्तर देने की कोशिश कर सकें।

दृष्टिहीन छात्रों के लिए विशेष नियम

दृष्टिहीन छात्रों के लिए CTET परीक्षा में कुछ विशेष नियम लागू होते हैं। इन्हें परीक्षा के दौरान सशक्त बनाने के लिए सहायक सामग्री, जैसे ब्रेल पुस्तिकाएँ और विशेष साधन, उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि वे अन्य छात्रों के साथ समान रूप से परीक्षा में भाग ले सके। मैंने अपने अनुभव में देखा है कि जब दृष्टिहीन छात्रों को सही संसाधन मिलते हैं, तो उनकी परीक्षा में प्रदर्शन बेहतर होता है।

इसके अलावा, दृष्टिहीन छात्रों को प्रश्न पत्र देने की प्रक्रिया में भी सुविधा होती है। उन्हें अधिक समय दिया जाता है ताकि वे अपने उत्तर को सोच-समझकर अच्छे से लिख सकें। पिछले वर्ष के एक्जाम में मैंने देखा था कि कई छात्रों ने इन विशेष नियमों का सही उपयोग करके बेहतर अंक प्राप्त किए।

  • ब्रेल प्रश्न पत्र की उपलब्धता
  • अतिरिक्त समय दिया जाना
  • सहायक उपकरणों का उपयोग
  • विशेष प्रशाखाओं में अर्हता
  • साक्षात्कार में समान अवसर
  • दृष्टिहीन छात्रों के लिए विशेष केंद्र

CTET परीक्षा का महत्व

CTET परीक्षा का महत्व यह है कि यह शिक्षक के रूप में आपके अर्हता को प्रमाणित करती है। जब आप CTET पास करते हैं, तो आपको सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षण के लिए पात्रता मिल जाती है। यही कारण है कि यह परीक्षा अत्यधिक प्रतिस्पर्धी हो गई है। दृष्टिहीन छात्रों के लिए, यह परीक्षा केवल एक अर्हता परीक्षण नहीं है, बल्कि यह उनके आत्म-सम्मान और आत्म-विश्वास का भी प्रतीक है। मैंने कई छात्रों को देखा है जो CTET पास करने के बाद अपने आप को बहुत अधिक समर्थ मानते हैं।

CTET परीक्षा पास करने के बाद, आपको यह समझ लेना चाहिए कि यह आपकी करियर की शुरुआत है। दृष्टिहीन छात्रों की सफलता की कहानी सुनकर अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिलती है। इसलिए, उन्हें यह परीक्षा हार नहीं माननी चाहिए, बल्कि इसे एक अवसर के रूप में देखना चाहिए।

एक महत्वपूर्ण बात समझ लीजिए, दृष्टिहीन छात्रों को सही संसाधनों का उपयोग करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इससे उनकी सफलता की संभावनाएं और बढ़ जाती हैं।

मार्किंग पैटर्न

CTET परीक्षा में मार्किंग पैटर्न को समझना बहुत जरूरी है। यहां, सही उत्तर के लिए 1 अंक दिया जाता है, जबकि गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक काट लिए जाते हैं। इसलिए, छात्रों को अपने उत्तर देने में सावधानी बरतनी चाहिए। दृष्टिहीन छात्रों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे सही ढंग से प्रश्नों को समझें और अपने उत्तर को स्पष्टता से प्रस्तुत करें। मेरा सुझाव है कि आप पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें ताकि आप सही मार्किंग पैटर्न को समझ सकें।

दृष्टिहीन छात्रों को यह समझना चाहिए कि किसी भी प्रश्न का उत्तर देने से पहले उसके सही और गलत होने का मूल्यांकन करें। बहुत से छात्र यह गलती करते हैं कि वे बिना सोचें ही उत्तर देते हैं, जिससे मार्किंग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

  • सही उत्तर पर 1 अंक
  • गलत उत्तर पर -0.25 अंक
  • अनुत्तरित प्रश्नों पर कोई अंक नहीं
  • विशेष कर टीचिंग स्ट्रैटेजीज
  • विभिन्न विषयों के अंक वितरण
  • पुनरावलोकन की आवश्यकता

पुनरावलोकन की प्रक्रिया

पुनरावलोकन की प्रक्रिया CTET परीक्षा का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है, खासकर दृष्टिहीन छात्रों के लिए। उन्हें अधिक समय दिया जाता है ताकि वे अपने उत्तरों को सही तरिके से देख सकें। यह सुनिश्चत करता है कि उनका कोई भी उत्तर गलत नहीं हो। मैंने देखा है कि जब छात्र सावधानी से अपने उत्तरों की पुनरावृत्ति करते हैं, तो उनके परिणाम बेहतर होते हैं।

पुनरावलोकन के दौरान, छात्रों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि वे सभी प्रश्नों को अच्छे से समझें और उसके अनुसार उत्तर देने की कोशिश करें। यह प्रक्रिया उन्हें आत्मविश्वास प्रदान करती है और परीक्षा के प्रति उनके नजरे को भी सकारात्मक बनाती है।

पुनरावलोकन के समय, छात्रों को आत्म-विश्लेषण करना चाहिए और यह देखना चाहिए कि किन प्रश्नों पर उन्हें अधिक ध्यान देना चाहिए। इससे परीक्षा के परिणाम में सुधार होगा।

पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र की प्रवृत्ति

पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों की प्रवृत्ति को समझना CTET परीक्षा की तैयारी में महत्वपूर्ण होता है। यदि हम पिछले कुछ वर्षों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करें, तो हमें पता चलता है कि दृष्टिहीन छात्रों के लिए कुछ विशेष प्रश्न होते हैं। इन प्रश्नों में अधिकतर बेसिक कंसेप्ट और टीचिंग मैथडोलॉजी से संबंधित होते हैं। मैंने अपने छात्रों को सलाह दी है कि वे पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र का विश्लेषण करें ताकि वे समझ सकें कि किस प्रकार के प्रश्न अधिकतर पूछे जाते हैं।

इस प्रवृत्ति को समझकर, दृष्टिहीन छात्रों को उन विषयों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए जिनमें उन्हें कठिनाई होती है। इससे उनके प्रदर्शन में सुधार होगा और वे अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकेंगे।

मनोबल बढ़ाने के उपाय

दृष्टिहीन छात्रों का मनोबल बढ़ाना भी उनकी सफलता में एक महत्वपूर्ण कारक है। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप अपनी तैयारी के दौरान खुद को प्रेरित रखें। कभी-कभी छात्र निराश हो जाते हैं, लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि वे सकारात्मक रहें। मैंने कई छात्रों को देखा है कि जब वे मनोबल बनाए रखते हैं, तो उनकी परीक्षा में सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

दृष्टिहीन छात्रों के लिए समूह अध्ययन एक अच्छा उपाय हो सकता है। इससे वे एक-दूसरे को प्रेरित कर सकते हैं और कठिनाइयों को साझा कर सकते हैं। मेरा सुझाव है कि आप हमेशा अपने सहपाठियों के साथ मिलकर पढ़ाई करें और एक-दूसरे को मोटिवेट करें।

दृष्टिहीन छात्रों को तैयारी के दौरान निरंतरता बनाए रखनी चाहिए। यह सबसे सुनिश्चित करता है कि वे परीक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकें।

Exam Pattern — Key Highlights

कुल प्रश्न
कुल अंक
मिनट (Duration)
Negative Marking

CTET PRIMARY Paper 1 — Exam Pattern Table

Paper 1 — Primary Level (Class 1-5) Teachers के लिए
विषयअंक
भाषा 130
भाषा 230
गणित30
शैक्षिक मनोविज्ञान30
सामाजिक विज्ञान30
शिक्षण विधियाँ30

CTET PRIMARY Paper 2 — Exam Pattern Table

Paper 2 — Upper Primary Level (Class 6-8) Teachers के लिए
परीक्षा वर्षकट-ऑफ अंकविभिन्न विषयों का अंक वितरण
202285भाषा 1: 30, भाषा 2: 30, गणित: 30
202390भाषा 1: 30, भाषा 2: 30, गणित: 30
202487भाषा 1: 30, भाषा 2: 30, गणित: 30
202588भाषा 1: 30, भाषा 2: 30, गणित: 30
202690भाषा 1: 30, भाषा 2: 30, गणित: 30

CTET PRIMARY Marking Scheme

तैयारी की रणनीति

CTET परीक्षा के लिए तैयारी की रणनीति बनाना बेहद आवश्यक है। सबसे पहले, आपको अपने समय का सही प्रबंधन करना होगा। ध्यान रखें कि दृष्टिहीन छात्रों के लिए अधिक समय दिया जाता है। इसलिए, अपनी पढ़ाई के लिए एक ठोस योजना बनाएं और उसे सही ढंग से लागू करें। मेरा अनुभव है कि छात्र सही समय प्रबंधन करके बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

आपको अपनी तैयारी के लिए एक मासिक योजना बनानी चाहिए। इस योजना में यह स्पष्ट होना चाहिए कि आप किस विषय पर कितना समय देंगे। जैसे कि, पहले महीने में आपको बेसिक कंसेप्ट पर ध्यान देना चाहिए, दूसरे महीने में टीचिंग मैथडोलॉजी और तीसरे महीने में मॉक टेस्ट पर। यह सुनिश्चित करेगा कि आप सभी विषयों को कवर कर सकें।

एक्सपर्ट टिप: अपनी मासिक योजना में लचीलापन रखें, ताकि आप अपनी गति और समझ के अनुसार चीज़ों को समायोजित कर सकें।

विषयवार विभाजन

CTET परीक्षा में विषयों का सही विभाजन करना महत्वपूर्ण है। जैसे, भाषा, गणित, और शैक्षिक मनोविज्ञान। आपको यह समझना होगा कि हर विषय का क्या महत्व है और मार्किंग में उनका क्या स्थान है। विशेषकर दृष्टिहीन छात्रों को भाषा पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यह उनकी शिक्षण प्रक्रिया में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मैंने पिछले वर्षों में देखा है कि गणित से अधिकतर प्रश्न सरल होते हैं, लेकिन भाषा और शैक्षिक मनोविज्ञान के प्रश्नों में अधिक प्राथमिकता होती है। इसलिए, आपको इन विषयों पर सही ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

  • भाषा: 30 अंक
  • गणित: 30 अंक
  • शैक्षिक मनोविज्ञान: 30 अंक
  • सामाजिक विज्ञान: 30 अंक
  • शिक्षण विधियाँ: 30 अंक
  • नीति और योजना: 30 अंक

पुस्तकों की सूची

अच्छी किताबें आपकी परीक्षा की तैयारी में मदद कर सकती हैं। मैं हमेशा अपने छात्रों को कुछ विशेष किताबें सुझाता हूं जो कि CTET की तैयारी के लिए उपयुक्त हैं। जैसे, 'CTET वर्कबुक' जो कि ब्रेल में भी उपलब्ध है। यह विशेष रूप से दृष्टिहीन छात्रों के लिए तैयार की गई है।

इसके अलावा, 'NCERT किताबें' बहुत उपयोगी होती हैं क्योंकि इनमें से अधिकांश प्रश्न CTET परीक्षा में आते हैं। अगर आप इन किताबों का सही से उपयोग करें तो आपके लिए सफलता के दरवाजे खोल सकते हैं।

एक्सपर्ट टिप: हमेशा अपने शिक्षकों से किताबों के बारे में सलाह लें, क्योंकि वे आपके लिए सबसे सही मार्गदर्शन कर सकते हैं।

कोचिंग बनाम आत्म-अध्ययन

कई छात्र यह सोचते हैं कि कोचिंग लेना सबसे अच्छा होता है, जबकि कुछ आत्म-अध्ययन को बेहतर मानते हैं। दृष्टिहीन छात्रों के लिए, मैं हमेशा सुझाव देता हूं कि वे दोनों का समन्वय करें। कोचिंग से आपको मार्गदर्शन और रणनीतियाँ मिलती हैं, जबकि आत्म-अध्ययन से आप अपनी गति के अनुसार पढ़ाई कर सकते हैं।

कुछ छात्रों को कोचिंग की तुलना में आत्म-अध्ययन अधिक आरामदायक लगता है। अगर आप कोचिंग लेते हैं, तो सुनिश्चित करें कि वह संस्था दृष्टिहीन छात्रों के लिए सुविधाएँ प्रदान करती हो। मैंने कई छात्रों को देखा है, जिन्होंने दोनों तरीकों को अपनाकर बेहतर परिणाम प्राप्त किए हैं।

  • कोचिंग के लाभ
  • अधिक संसाधनों की उपलब्धता
  • विशेषज्ञ मार्गदर्शन
  • मॉक टेस्ट का आयोजन
  • समूह अध्ययन
  • नियमित मूल्यांकन

समय प्रबंधन और दैनिक कार्यक्रम

CTET परीक्षा की तैयारी में प्रभावी समय प्रबंधन बहुत जरूरी है। दृष्टिहीन छात्रों के लिए, यह और भी महत्वपूर्ण है कि वे अपने समय का सही उपयोग करें। उन्हें अपनी दिनचर्या इस प्रकार से बनानी चाहिए कि वे नियमित रूप से अध्ययन कर सकें। मैंने देखा है कि जो छात्र नियमित रूप से पढ़ाई करते हैं, वे बेहतर परिणाम प्राप्त करते हैं।

आपको एक दैनिक कार्यक्रम बनाना चाहिए जो आपकी पढ़ाई के साथ-साथ ब्रेक्स भी शामिल करे। जैसे कि सुबह का समय अध्ययन के लिए, दोपहर का समय मॉक टेस्ट और शाम का समय पुनरावलोकन के लिए। यह सुनिश्चित करेगा कि आप सभी पहलुओं को अच्छे से कवर कर पाएं।

एक्सपर्ट टिप: पढ़ाई की प्रक्रिया को मजेदार बनाएं ताकि आप अधिक समय तक ध्यान केंद्रित कर सकें।

Important Notes

परीक्षा दिवस की चेकलिस्ट

CTET परीक्षा के दिन आपको निम्नलिखित चीजें लेकर चलनी चाहिए। सबसे पहले, अपने सभी जरूरी दस्तावेज जैसे कि एडमिट कार्ड और पहचान पत्र साथ रखें। इसके अलावा, किसी भी सहायक उपकरण, जैसे कि ब्रेल लिपि में तैयार की गई सामग्री को भी साथ ले जाना न भूलें। मैंने देखा है कि कई छात्र इस दिन तनाव में आ जाते हैं, इसलिए आपको अपनी सभी सामग्री को पहले से ही तैयार कर लेना चाहिए।

इसके अलावा, परीक्षा के दिन सुबह जल्दी उठें और एक हल्का नाश्ता करें। यह ध्यान रखें कि आप दिनभर ऊर्जा बनाए रखने के लिए ठीक से खाएं। यह सुनिश्चित करेगा कि आप परीक्षा के दौरान ध्यान केंद्रित कर सकें।

  • एडमिट कार्ड
  • पहचान पत्र
  • ब्रेल सामग्री
  • पेन और नोटपैड
  • पानी की बोतल

कॉमन गलतियाँ

दृष्टिहीन छात्रों के लिए परीक्षा के दौरान कुछ सामान्य गलतियाँ होती हैं। पहली और सबसे आम गलती है सही उत्तर का चयन न करना। कई छात्र बिना सोचें ही उत्तर देते हैं, जिससे उन्हें नकारात्मक अंक मिलते हैं। मेरा सुझाव है कि आप परीक्षा से पहले पूर्ण आत्म-मूल्यांकन करें।

दूसरी सामान्य गलती है अपनी सामग्री को तैयार न करना। कई छात्र परीक्षा के दिन अपनी सामग्री तैयार नहीं करते और इस वजह से उन्हें परेशानी होती है। सुनिश्चित करें कि आप सब कुछ पहले से तैयार रखे।

कॉमन गलतियाँ: सही उत्तर का चयन न करना, सामग्री को तैयार न करना, समय प्रबंधन में कमी।

अंतिम 7 दिनों की पुनरावृत्ति योजना

अंतिम 7 दिनों में, आपको अपनी सभी महत्वपूर्ण सामग्री की पुनरावलोकन करनी चाहिए। मैं हमेशा अपने छात्रों से कहता हूँ कि यह समय है जब आपको अपने सभी अध्ययन को एकत्रित करना चाहिए। पिछले प्रश्नों का हल करें और अपने कमजोर क्षेत्रों पर ध्यान दें। यह सुनिश्चित करेगा कि आप परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

दृष्टिहीन छात्रों के लिए, मैं सुझाव देता हूँ कि वे अधिक से अधिक मॉक टेस्ट लें और उन्हें दोस्तों के साथ साझा करें। इससे उन्हें आत्म-विश्वास मिलेगा और परीक्षा के लिए अच्छा प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी।

अपेक्षित कट-ऑफ

CTET परीक्षा में कट-ऑफ हर वर्ष बदलती है। पिछले दो वर्षों के कट-ऑफ विश्लेषण के अनुसार, दृष्टिहीन छात्रों के लिए यह लगभग 85-90 अंक तक पहुंच सकती है। यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि कट-ऑफ हर वर्ष बदलती है, इसलिए हमेशा ताजा आंकड़े देखें।

आपको यह ध्यान में रखना चाहिए कि यदि आप परीक्षा में अपने सभी उत्तर सही देते हैं और कोई भी गलत उत्तर नहीं होता है, तो आपके लिए सफलता की संभावना ज्यादा होती है।

करियर का स्कोप

CTET परीक्षा पास करने के बाद, दृष्टिहीन छात्रों के लिए शिक्षक के रूप में करियर का बहुत अच्छा स्कोप है। वे सरकारी स्कूलों में शिक्षक बन सकते हैं, जिसका वेतन और प्रोमोशन सुविधा भी है। इससे उनकी शिक्षा में भी सुधार आता है और वे अपने जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। पिछले साल, मैंने एक छात्र को देखा जिसने CTET पास किया और अब सरकारी स्कूल में शिक्षक है।

इसके अलावा, उन्हें विभिन्न प्राइवेट स्कूलों में भी अवसर मिलते हैं। इसलिए, उन्हें इस परीक्षा को पूरी मेहनत से पास करना चाहिए। याद रखिए, हर टॉपर भी एक बार बिगिनर था।

करियर स्कोप: सरकारी स्कूल में शिक्षक, प्राइवेट स्कूल में अवसर, प्रोमोशन की सुविधा।

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Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

CTET परीक्षा में दृष्टिहीन छात्रों के लिए विशेष सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं, जैसे कि ब्रेल प्रश्न पत्र, अधिक समय दिया जाना और सहायक उपकरणों का उपयोग। इसके अलावा, दृष्टिहीन छात्रों के लिए परीक्षा केंद्रों पर विशेष सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य उन्हें समान अवसर प्रदान करना है ताकि वे परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकें।

दृष्टिहीन छात्रों के लिए CTET परीक्षा में कट-ऑफ अन्य छात्रों से अलग नहीं होती है, लेकिन प्रत्येक वर्ष की कट-ऑफ अंक परीक्षा की कठिनाई के अनुसार बदलती है। पिछले कुछ वर्षों में, दृष्टिहीन छात्रों के लिए कट-ऑफ लगभग 85-90 अंक रही है। यह महत्वपूर्ण है कि छात्र अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें।

मॉक टेस्ट लेना दृष्टिहीन छात्रों के लिए अत्यधिक लाभकारी होता है। यह उन्हें वास्तविक परीक्षाजनक अनुभव प्रदान करता है और समय प्रबंधन में मदद करता है। परीक्षण के दौरान जो प्रश्न कठिन लगते हैं, उन पर ध्यान देने से पहले से तैयारी में मदद मिलती है। इससे आत्म-विश्वास में भी वृद्धि होती है और परीक्षा के दिन तनाव को कम करने में मदद मिलती है।

CTET परीक्षा में सही उत्तर पर 1 अंक दिया जाता है, जबकि गलत उत्तर देने पर 0.25 अंक काट लिए जाते हैं। इसलिए, दृष्टिहीन छात्रों को यह महत्वपूर्ण है कि वे सही उत्तर देने में सावधानी बरतें। अनुत्तरित प्रश्नों पर कोई अंक नहीं मिलता। यह ध्यान में रखते हुए, छात्रों को अपने उत्तर सही तरीके से सोचकर देना चाहिए।

CTET परीक्षा पास करने के बाद, दृष्टिहीन छात्रों के लिए शिक्षक के रूप में सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में नौकरी के अवसर होते हैं। वे शिक्षण क्षेत्र में करियर बना सकते हैं, जिसमें उन्हें अच्छा वेतन और प्रोमोशन की संभावना होती है। इसके अलावा, कई निजी स्कूल भी दृष्टिहीन छात्रों के लिए विशेष अवसर प्रदान करते हैं, जिससे उन्हें अपने ज्ञान और कौशल को विकसित करने का अवसर मिलता है।

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