CTET पेपर 1 के लिए श्रेणीवार क्वालिफाइंग मार्क्स जानिए
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Updated: 2026-08-10 · हिंदी
CTET (Central Teacher Eligibility Test) भारतीय शिक्षण प्रणाली में एक महत्वपूर्ण परीक्षा है। यह परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए होती है जो प्राथमिक स्तर पर शिक्षकों के रूप में कार्य करना चाहते हैं। CTET पेपर 1 में विभिन्न विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं। हर साल, CTET की परीक्षा में कई छात्र भाग लेते हैं और उन्हें अपनी श्रेणी के अनुसार क्वालिफाइंग मार्क्स प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। यहां हम CTET पेपर 1 के श्रेणीवार क्वालिफाइंग मार्क्स के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।
CTET पेपर 1 उन उम्मीदवारों के लिए है जो कक्षा 1 से कक्षा 5 तक पढ़ाना चाहते हैं। यह परीक्षा बच्चों के विकास और शिक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर आधारित है। परीक्षा में 150 प्रश्न होते हैं, जो कुल 150 अंकों के लिए होते हैं। प्रत्येक सही उत्तर के लिए 1 अंक दिया जाता है। परीक्षा में नकारात्मक मार्किंग नहीं होती है। इस प्रकार, उम्मीदवारों को अपने ज्ञान और कौशल के आधार पर अधिकतम अंक प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए।
जब मैं अपने छात्रों को CTET पेपर 1 की तैयारी के लिए मार्गदर्शन करता हूँ, तो सबसे पहले मैं उन्हें इस बात पर जोर देता हूँ कि वे अपनी पाठ्यक्रम सामग्री को अच्छी तरह से समझें। पिछले सालों में हुए प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करें। इसके माध्यम से आप प्रश्नों के पैटर्न और विषयों को समझ सकते हैं।
क्वालिफाइंग मार्क्स उन अंकों को दर्शाते हैं जिन्हें उम्मीदवारों को पास करने के लिए प्राप्त करना आवश्यक होता है। CTET पेपर 1 में सफल होने के लिए प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग-अलग क्वालिफाइंग मार्क्स निर्धारित किए गए हैं। यह मार्क्स यह सुनिश्चित करते हैं कि केवल योग्य उम्मीदवार ही शिक्षक के पद के लिए चयनित हों।
मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि कई छात्र इस विषय को हल्के में लेते हैं, लेकिन क्वालिफाइंग मार्क्स जानना बेहद जरूरी है। अगर आप इस बारे में स्पष्ट हैं, तो आप अपनी तैयारी को और बेहतर बना सकते हैं।
CTET परीक्षा में विभिन्न श्रेणियों के लिए क्वालिफाइंग मार्क्स में अंतर होता है। सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए यह मार्क्स अधिक होते हैं, जबकि आरक्षित श्रेणियों के लिए यह कम होते हैं। यह व्यवस्था इन श्रेणियों के लिए अवसरों को समान बनाने के उद्देश्य से की गई है।
कई बार यह तय करना मुश्किल होता है कि किन क्षेत्रों में आपको अधिक ध्यान देना चाहिए। मैंने अनुभव किया है कि जिन उम्मीदवारों ने श्रेणीवार मार्क्स की योजना बनाई है वे अधिक आत्मविश्वास से परीक्षा में शामिल होते हैं।
क्वालिफाइंग मार्क्स की गणना उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त अंकों के आधार पर की जाती है। जैसे ही परीक्षा समाप्त होती है, परीक्षा बोर्ड द्वारा एक परिणाम घोषित किया जाता है जिसमें श्रेणी के अनुसार मार्क्स प्रदान किए जाते हैं। यह प्रक्रिया पारदर्शिता को बनाए रखने में मदद करती है।
मैंने पिछले 3 वर्षों में छात्रों को यह समझाते हुए देखा है कि गणना कितनी सरल है। यदि आप अपने उत्तर पत्रक को ठीक से भरते हैं और चेक करते हैं, तो आपको आसानी से समझ में आता है कि आपको कितने अंक प्राप्त होंगे।
पिछले वर्ष के कट-ऑफ जानने से आपको यह समझने में मदद मिलती है कि इस वर्ष के क्वालिफाइंग मार्क्स कैसे रह सकते हैं। उदाहरण के लिए, 2025 में सामान्य श्रेणी के लिए कट-ऑफ 90 अंक था।
यदि आप इस प्रकार की जानकारी को ध्यान में रखते हैं, तो आपको अपनी तैयारी के प्रति अधिक गंभीरता से काम करने का मौका मिलता है। बहुत से छात्र इस महत्वपूर्ण जानकारी को नजरअंदाज करते हैं, लेकिन यह आपके लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शिका हो सकती है।
CTET पेपर 1 की तैयारी के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स हैं जिन्हें ध्यान में रखना चाहिए। सबसे पहले, आपको समय प्रबंधन में महारत हासिल करनी चाहिए। समय का सही उपयोग करना आपकी सफलता की कुंजी है।
मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि विद्यार्थी अक्सर समय को नजरअंदाज करते हैं। परीक्षा में समय प्रबंधन करना न केवल आपको अधिक आत्मविश्वास देगा, बल्कि आपके अंकों में भी सुधार करेगा।
हर श्रेणी के छात्रों के लिए अलग-अलग तैयारी की विधियाँ होती हैं। सामान्य श्रेणी के छात्रों को अधिक अंक प्राप्त करने की आवश्यकता होती है, जबकि आरक्षित श्रेणियों के छात्रों को धैर्यपूर्वक तैयारी करनी चाहिए।
जब मैं छात्रों को तैयारी के दौरान मार्गदर्शन करता हूँ, तो मैं हमेशा उन्हें अपनी ताकत और कमजोरियों के आधार पर योजना बनाने के लिए कहता हूँ। यह आपको अपनी पढ़ाई को सही दिशा में मार्गदर्शित करने में मदद करेगा।
| श्रेणी | क्वालिफाइंग मार्क्स |
|---|---|
| सामान्य | 90 |
| ओबीसी | 85 |
| एससी | 80 |
| एसटी | 75 |
| पीडब्ल्यूडी | 70 |
| ईडब्ल्यूएस | 90 |
| अन्य | संभावित |
| कुल अंक | 150 |
| वर्ष | श्रेणी | कट-ऑफ अंक |
|---|---|---|
| 2025 | सामान्य | 90 |
| 2025 | ओबीसी | 85 |
| 2025 | एससी | 80 |
| 2025 | एसटी | 75 |
| 2025 | पीडब्ल्यूडी | 70 |
| 2025 | ईडब्ल्यूएस | 90 |
CTET पेपर 1 की तैयारी के लिए एक संपूर्ण रणनीति जरूरी होती है। सबसे पहले, आपको विषयों की गहराई में जाना चाहिए। मैं छात्रों से कहता हूँ कि वे पहले उन विषयों को समझें जिनमें उनकी रुचि है, उसके बाद कठिन विषयों पर ध्यान दें। यह आपको आत्मविश्वास देगा।
पिछले कुछ सालों में, मैंने नोटिस किया है कि जो छात्र अपनी तैयारी को एक योजना के अनुसार करते हैं, वे ज्यादा सफल होते हैं। आपको योजना बनाते समय अपनी सुविधा के अनुसार विषयों का चयन करना चाहिए।
अध्ययन योजना बनाते समय एक महिनेवार दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है। इस महीने के पहले सप्ताह में, आप बेसिक्स को कवर कर सकते हैं। दूसरे सप्ताह में, कठिन टॉपिक्स पर ध्यान दें। तीसरे सप्ताह में, रिवीजन करें और चार्ट बनाएं।
इस महीने के अध्ययन में यह सुनिश्चित करें कि आप दैनिक आधार पर थोड़ा-थोड़ा अध्ययन कर रहे हैं। मैंने सिखाया है कि नियमितता सबसे महत्वपूर्ण है। अगर आप रोजाना 2-3 घंटे पढ़ाई करते हैं, तो यह आपका आधार मजबूत करेगा।
CTET पेपर 1 में विभिन्न विषयों के लिए अलग-अलग वेटेज होते हैं। हिंदी, गणित, और पर्यावरण अध्ययन के लिए मार्क्स का बंटवारा इस प्रकार है: हिंदी में 30 अंक, गणित में 30 अंक, और पर्यावरण अध्ययन में 30 अंक होते हैं।
इस विभाजन को समझे बिना तैयारी करना मुश्किल होता है। मैंने कई छात्रों को देखा है जो मुख्य विषयों पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन अन्य विषयों को नज़रअंदाज कर देते हैं। यह एक बड़ी गलती है।
CTET की तैयारी के लिए कई अच्छी किताबें हैं जिन्हें छात्रों को पढ़ने की सलाह दी जाती है। सबसे अच्छी किताबों में से एक "CTET & STET Teachers' Eligibility Test" है, जो उम्मीदवारों को परीक्षा की तैयारी में मदद करती है।
इस किताब के लेखक की तकनीक सरल और सीधी है, जिससे छात्र आसानी से समझ सकते हैं। मैंने अनुभव किया है कि इस किताब से कई टॉपर बने हैं, इसलिए यह आपके लिए एक अच्छा स्रोत हो सकता है।
CTET परीक्षा की तैयारी के दौरान, कुछ छात्र कोचिंग लेने का विकल्प चुनते हैं, जबकि अन्य आत्म-अध्ययन करते हैं। कोचिंग लेने के अपने फायदे हैं, जैसे कि मार्गदर्शन और नियमितता।
हालांकि, मैंने देखा है कि आत्म-अध्ययन करने वाले छात्र भी सफल होते हैं यदि वे अपने व्यक्तिगत समय का सही प्रबंधन कर सकें। आपको यह तय करना चाहिए कि आपके लिए कौन सा तरीका अधिक प्रभावी है।
CTET पेपर 1 की तैयारी में एक प्रभावी समय प्रबंधन योजना महत्वपूर्ण है। आपको एक दैनिक शेड्यूल बनाना चाहिए जिसमें विषयों और समय का उचित वितरण हो।
मैं हमेशा छात्रों को सलाह देता हूँ कि वे सुबह जल्दी उठें और पहले कुछ घंटों का उपयोग अध्ययन के लिए करें। मैंने पाया है कि सुबह का समय बहुत उत्पादक होता है।
परीक्षा से ठीक एक सप्ताह पहले, आपको एक काउंटडाउन रिवीजन योजना बनानी चाहिए। पहले तीन दिन में, विषयों का संयोजन करें। अगले तीन दिन में, विशेष रूप से कठिन विषयों पर ध्यान दें।
इस अवधि में, आप मॉक टेस्ट ले सकते हैं जिससे आपकी तैयारी की स्थिति का आभास होगा। मैंने इस स्ट्रेटजी को छात्रों को सिखाते हुए देखा है कि वे परीक्षा से पहले मजबूत बनते हैं।
हर वर्ष CTET परीक्षा के कट-ऑफ में बदलाव होता है। पिछले वर्ष की तुलना करें, तो सामान्य श्रेणी के लिए कट-ऑफ 90 अंक था। यह जानकर आप अनुमान लगा सकते हैं कि इस वर्ष के लिए कट-ऑफ कैसा हो सकता है।
कई छात्र इस डेटा को नजरअंदाज करते हैं, लेकिन यह आपकी तैयारी के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू है। पहले की परीक्षाओं से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर योजना बनाना बेहद सहायक हो सकता है।
CTET परीक्षा पास करने के बाद, उम्मीदवारों के करियर के लिए बहुत सारे अवसर खुलते हैं। जो शिक्षक CTET पास करते हैं, वे सरकारी स्कूलों में स्थायी रूप से नियुक्त होते हैं।
इस पद पर रहते हुए, आप धीरे-धीरे पदोन्नति भी प्राप्त कर सकते हैं। यह क्षेत्र बहुत स्थिर है और अच्छे वेतन के साथ-साथ कई लाभ भी मिलते हैं।
राकेश यादव, जिन्होंने 2023 में CTET में टॉप किया था, ने कहा कि उनके नियमित रिवीजन और सही समय प्रबंधन ने उन्हें सफलता दिलाई। ऐसे उदाहरण हमें प्रेरित करते हैं कि कैसे कड़ी मेहनत और अनुशासन से सफलता प्राप्त की जा सकती है।
याद रखिए, हर टॉपर भी एक बार बिगिनर था। बस निरंतरता बनाए रखिए!