CTET Paper 1 मार्किंग स्कीम समझें और सफल हो जाएं!
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Updated: 2026-08-11 · हिंदी
CTET Paper 1 की तैयारी करने वाले सभी छात्रों के लिए मार्किंग स्कीम की सही जानकारी होना बहुत आवश्यक है। यह जानना कि परीक्षा में अंक कैसे दिए जाएंगे, आपके अध्ययन और तैयारी को बेहतर बनाने में मदद करेगा। इस लेख में, हम CTET Paper 1 की मार्किंग स्कीम को विस्तार से समझेंगे, जिसमें प्रश्नों के प्रकार, अंकन विधि और कट-ऑफ तक शामिल हैं। मुझे यकीन है कि आप इस जानकारी से अपनी तैयारी को एक नई दिशा देंगे। तो चलिए, इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करते हैं!
CTET Paper 1 की मार्किंग स्कीम का उद्देश्य छात्रों को उनके प्रदर्शन के अनुसार अंक देना है। यह परीक्षा सामान्य ज्ञान, शिक्षा शास्त्र, बाल विकास और शिक्षण विधियों, गणित, और हिंदी/अंग्रेजी जैसे विषयों पर आधारित है। प्रत्येक विषय से संबंधित प्रश्नों का सही तरीके से अध्ययन करने पर छात्रों को स्पष्टता मिलती है कि उन्हें किस तरह से अंक प्राप्त होंगे।
मार्किंग स्कीम में यह भी देखा जाता है कि यदि कोई छात्र गलत उत्तर देता है तो उनके अंक कैसे कटेंगे। इसलिए, परीक्षा के दौरान सही उत्तर देने के साथ-साथ, गलत उत्तर देने से बचना भी आवश्यक है। यह स्कीम छात्रों को रणनीतिक रूप से सोचने की प्रेरणा देती है कि उन्हें किस प्रश्न पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
CTET Paper 1 में कुल 150 प्रश्न होते हैं, जिनमें से सभी बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) होते हैं। छात्रों को प्रत्येक प्रश्न को ध्यान से पढ़कर सही उत्तर का चयन करना होता है। प्रश्नों में 30 अंक शिक्षा शास्त्र, 30 अंक बाल विकास, 30 अंक गणित, और 30 अंक भाषा (हिंदी या अंग्रेजी) से संबंधित होते हैं, जबकि 30 अंक सामाजिक विज्ञान से जुड़े होते हैं। इसमें सही उत्तर देने पर 1 अंक मिलता है।
याद रखिए, एक गलत उत्तर देने पर 0.25 अंक काटे जाएंगे। इसलिए, केवल उन प्रश्नों का प्रयास करें जिनका आप निश्चितता से उत्तर दे सकते हैं। यह आपके कुल स्कोर को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
CTET परीक्षा में हर साल कई छात्रों के द्वारा आवेदन किया जाता है। विद्यार्थियों को इस परीक्षा की मार्किंग स्कीम और कट-ऑफ के बारे में जानकारी होना महत्वपूर्ण है। पिछले वर्षों में, कट-ऑफ हर साल भिन्न होती है, इसलिए विद्यार्थियों को अपने मार्क्स को ध्यान में रखते हुए तैयारी करनी चाहिए।
एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि 2023 में, CTET Paper 1 के लिए कट-ऑफ 87 अंकों पर तय की गई थी। इससे स्पष्ट है कि विद्यार्थियों को उच्चतम अंक प्राप्त करने की दिशा में अपनी कोशिशें बढ़ानी चाहिए। यदि कोई छात्र 60% या उससे अधिक अंक प्राप्त करता है, तो उन्हें पास माना जाता है।
जब मैं अपने छात्रों को CTET के लिए तैयार करता हूँ, तो मैं हमेशा उन्हें पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का अध्ययन करने की सलाह देता हूँ। इससे न केवल प्रश्नों के पैटर्न का ज्ञान मिलता है, बल्कि यह समझने में भी मदद करता है कि कौन से विषय पर अधिक ध्यान देना है। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र हल करने से, छात्रों को आत्मविश्वास मिलता है और वे वास्तविक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।
इसके अलावा, पिछले प्रश्न पत्रों को हल करने से यह भी समझ में आता है कि किस प्रकार के प्रश्न अधिकतर आते हैं। छात्रों को इस पर ध्यान देना चाहिए कि किस विषय में वे कमजोर हैं और उसे पहले ठीक करना चाहिए।
CTET Paper 1 की तैयारी के लिए, विषयों का सही चयन करना आवश्यक है। शिक्षा शास्त्र और बाल विकास पर ध्यान केंद्रित करना बेहद आवश्यक है क्योंकि ये विषय परीक्षा में काफी महत्वपूर्ण होते हैं। मैं अपने छात्रों से हमेशा कहता हूँ कि यदि आप इन विषयों को अच्छी तरह से समझ लेते हैं, तो आप अपने मार्क्स में जबरदस्त सुधार देखेंगे।
इसके अलावा, समय का प्रबंधन भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। छात्रों को प्रतिदिन एक निश्चित समय बिताना चाहिए और विभिन्न विषयों पर अभ्यास करना चाहिए। सही योजना तैयार करने पर, वे अपनी तैयारी को सही दिशा में ले जा सकते हैं।
CTET परीक्षा के परिणाम और कट-ऑफ हर वर्ष बदलते हैं। यह जानना आवश्यक है कि पिछले वर्षों में कट-ऑफ कैसे तय की गई थी। 2022 में, कट-ऑफ 90 अंकों पर निर्धारित की गई थी। अगर हम पिछले 5 वर्षों में कट-ऑफ की प्रवृत्तियों का अध्ययन करें, तो स्पष्ट होता है कि यह हर साल कुछ न कुछ बढ़ती गई है।
जब मैं अपने छात्रों से चर्चा करता हूँ, तो मैं हमेशा कहता हूँ कि कट-ऑफ को ध्यान में रखते हुए, आपके लक्ष्य से केवल एक या दो अंक कम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। सही तैयारी से आप निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करेंगे।
मैंने पिछले 3 वर्षों में CTET की तैयारी करा रहे छात्रों में से कई को देखा है। मैंने व्यक्तिगत रूप से उनकी यात्रा में उनका मार्गदर्शन किया। कई छात्रों ने मुझसे कहा है कि गलत उत्तर देने से अंक कम होने का डर उन्हें प्रेरित करता है। लेकिन याद रखिए, डरने की बजाय सही तैयारी करना अधिक महत्वपूर्ण है।
इसलिए, आपको इस परीक्षा की मार्किंग स्कीम को समझते हुए, अपने आत्मविश्वास को बनाए रखना चाहिए। मैं सुझाव दूंगा कि अधिकतर प्रश्नों का प्रयास करें, लेकिन जो प्रश्न आपको निश्चितता से समझ में नहीं आते, उन्हें छोड़ दें।
| विषय | प्रश्नों की संख्या | अंक |
|---|---|---|
| शिक्षा शास्त्र | 30 | 30 |
| बाल विकास | 30 | 30 |
| गणित | 30 | 30 |
| भाषा (हिंदी/अंग्रेजी) | 30 | 30 |
| सामाजिक विज्ञान | 30 | 30 |
| वर्ष | कट-ऑफ | प्रश्न पत्र के अनुसार अंक वितरण |
|---|---|---|
| 2023 | 87 | 30-30-30-30-30 |
| 2022 | 90 | 30-30-30-30-30 |
| 2021 | 93 | 30-30-30-30-30 |
| 2020 | 87 | 30-30-30-30-30 |
| 2019 | 85 | 30-30-30-30-30 |
| 2018 | 91 | 30-30-30-30-30 |
CTET Paper 1 की तैयारी के लिए एक ठोस योजना बनाना आवश्यक है। मैं अपने छात्रों से कहता हूँ कि पहले विषयों की प्राथमिकता तय करें। शिक्षा शास्त्र और बाल विकास से शुरुआत करें, फिर गणित और भाषा पर ध्यान दें। समझें कि किस विषय में आपकी कमजोरी है और उस पर आधारित योजना बनाएं। इसके अलावा, एक वास्तविक समय सीमा तय करें जिससे आप अपनी प्रगति को ट्रैक कर सकें।
जैसे-जैसे आप अपनी तैयारी करते हैं, आपको नियमित रूप से मॉक टेस्ट देना चाहिए। इससे आपको असली परीक्षा के स्तर का अनुभव होगा और आप अपनी तैयारी के स्तर को बेहतर बना सकेंगे।
शुरुआत करते हैं कि पहले महीने में आपको शिक्षा शास्त्र और बाल विकास का अध्ययन करना चाहिए। दूसरे महीने में गणित पर ध्यान दें और तीसरे महीने में हिंदी या अंग्रेजी पर ध्यान दें। यह महीने-दर-महीने योजना आपको विषयों को अच्छी तरह से समझने में मदद करेगी। मैं व्यक्तिगत रूप से देखता हूँ कि जब छात्र इस तरह की योजना बनाते हैं, तो वे अधिक फोकस्ड और संगठित होते हैं।
पिछले वर्षों में, मैंने यह देखा है कि नियमित revisions के साथ-साथ मॉक टेस्ट भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए, हर महीने के अंत में एक मॉक टेस्ट देना सुनिश्चित करें।
CTET परीक्षा में प्रत्येक विषय से संबंधित प्रश्नों का सही ढंग से समझना अनिवार्य है। जैसे कि शिक्षा शास्त्र और बाल विकास से 30-30 प्रश्न होते हैं, जबकि गणित और भाषा से भी ऐसे ही प्रश्न होते हैं। ये सभी प्रश्न MCQ होते हैं, जिसमें सही उत्तर पर 1 अंक और गलत उत्तर पर 0.25 अंक कटेंगे। आपको समझना होगा कि किस विषय में आपका ज्यादा अंक है ताकि आप अन्य विषयों पर ध्यान दे सकें।
व्यवसायिक जानकारी के अनुसार, मैं यह बताना चाहूँगा कि भाषा और गणित के प्रश्न अक्सर सबसे अधिक अंक लाते हैं। इसलिए, छात्रों को इन पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
CTET Paper 1 के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषयों की एक सूची बनाना बहुत फायदेमंद है। पिछले वर्षों में आ रहे प्रश्नों को देखते हुए, आप निम्नलिखित विषयों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं: शिक्षा शास्त्र, बाल विकास, गणित, भाषा (हिंदी/अंग्रेजी), और सामाजिक विज्ञान।
मैं हमेशा छात्रों को सुझाव देता हूँ कि इन विषयों पर नियमित अध्ययन करें और पिछले प्रश्न पत्र हल करें। इससे उन्हें न केवल महत्वपूर्ण विषयों का ज्ञान होगा बल्कि अभ्यास भी होगा।
यह प्रश्न अक्सर छात्रों के मन में होता है कि उन्हें कोचिंग लेनी चाहिए या स्व-अध्ययन करना चाहिए। मेरा व्यक्तिगत अनुभव कहता है कि यदि आप आत्म-प्रेरित हैं तो स्व-अध्ययन करना एक बेहतरीन विकल्प है। लेकिन अगर आप फोकस नहीं कर पाते हैं तो कोचिंग से लाभ उठा सकते हैं।
मैंने कई छात्रों को देखा है जो कोचिंग से भी लाभ उठाते हैं क्योंकि यहाँ उन्हें अनुभव के आधार पर मार्गदर्शन मिलता है। हालांकि स्व-अध्ययन की अपनी चुनौतियाँ हैं, लेकिन यदि आप खुद को अच्छी तरह से प्रेरित कर लेते हैं तो आप बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।
समय प्रबंधन CTET की तैयारी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। छात्रों को एक अनुसूची बनानी चाहिए जिसमें वे रोजाना एक निश्चित समय का निर्धारित करें। मैं हमेशा कहता हूँ कि दिन में कम से कम 4-5 घंटे पढ़ाई के लिए अवश्य दें।
रोजाना पढ़ाई के समय के अलावा, आपको एक विशेष समय पर मॉक टेस्ट भी देना चाहिए। यह समय प्रबंधन स्किल्स को विकसित करने में भी मदद करता है। अगर आप सही ढंग से प्रबंधित करते हैं, तो आप सभी विषयों को कवर कर पाएंगे।
CTET परीक्षा की तैयारी में अंतिम 30 दिनों की योजना बेहद ही महत्वपूर्ण होती है। इस दौरान छात्रों को प्रमुख विषयों का पुनरावलोकन करना चाहिए और किसी भी कमजोर विषय पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। मैं सुझाव देता हूँ कि पिछले प्रश्न पत्रों को हल करें और मॉक टेस्ट लें।
इस दौरान, हर महत्वपूर्ण विषय को एक-एक करके कवर करें और आत्म-मूल्यांकन करें। यह आपको अपने प्रदर्शन का आकलन करने में मदद करेगा। यकीन मानिए, यह अंतिम रणनीति आपको बेहतरीन परिणाम दिलाएगी!
CTET परीक्षा के दिन आपको कुछ महत्वपूर्ण चीजों को ध्यान में रखना चाहिए। सबसे पहले, आपको सभी आवश्यक दस्तावेज, जैसे कि प्रवेश पत्र और पहचान पत्र, अपने साथ लाने चाहिए। दूसरे, कुछ हल्का नाश्ता लेना न भूलें, जैसे कि फल या चॉकलेट। इससे आपको ऊर्जा मिलेगी।
परीक्षा के दिन आपको आराम से सोना चाहिए और समय पर परीक्षा के स्थान पर पहुंचना चाहिए। इससे आपकी मानसिक स्थिति अच्छी रहेगी।
इन गलतियों से बचने के लिए, प्रश्न पत्र को ध्यान से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि आप उत्तर देने से पहले विषय को अच्छे से समझते हैं। इसके अलावा, नकारात्मक अंकन से बचें। यह CTET परीक्षा में एक सामान्य समस्या है।
परीक्षा से एक सप्ताह पहले, आपको कड़ी मेहनत करनी चाहिए। पहले चार दिनों में महत्वपूर्ण विषयों को कवर करें और अंतिम तीन दिनों में मॉक टेस्ट दें। यह आपको आत्मविश्वास देगा।
मैंने पिछले छात्रों से सुना है कि आखिरी सप्ताह में उन्होंने मुख्य बिंदुओं का पुनरावलोकन किया और इससे उन्हें बहुत मदद मिली। कोई भी विषय छोड़ने से बचें, भले ही वह छोटा हो।
CTET परीक्षा में कट-ऑफ हर वर्ष भिन्न होती है। पिछले वर्ष, 2022 में, कट-ऑफ 90 थी। यह ध्यान में रखते हुए, आप अपने अध्ययन को सही दिशा में ले जा सकते हैं। यह जानना आवश्यक है कि उच्चतम और न्यूनतम कट-ऑफ क्या थी।
मैं अपने छात्रों को हमेशा यह बताता हूँ कि उन्हें अपने मार्क्स को कट-ऑफ के अनुसार ध्यान में रखना चाहिए। यदि आप अपने प्रदर्शन को उच्चतम स्तर पर ले जाते हैं, तो निश्चित रूप से आपको सफलता मिलेगी!
CTET परीक्षा पास करने के बाद, आपके लिए कई अवसर खुलते हैं। इससे आप सरकारी स्कूलों में शिक्षक बन सकते हैं। इसके अलावा, आपको अपने करियर में कई प्रमोशन और वेतन वृद्धि भी मिलेगी। पिछले वर्ष, CTET उत्तीर्ण छात्रों की औसत वेतन 30,000 रुपये प्रति माह थी।
यदि आप सरकारी कर्मचारियों के साथ काम करते हैं, तो आपके लाभ और सुविधाएँ भी अच्छी होती हैं। इससे आपकी नौकरी में स्थायित्व भी बढ़ता है। मैं हमेशा कहता हूँ कि CTET परीक्षा पास करना एक सुनहरा अवसर है।
पिछले वर्ष, मैंने कई टॉपर्स के साथ बातचीत की। उनमें से एक, सुमित, ने बताया कि उसने हर विषय को गंभीरता से लिया और अपने समय का सही प्रबंधन किया। उसने कहा, "अगर मैंने एक विषय पर ध्यान नहीं दिया होता, तो मैं सफल नहीं होता।"
एक और छात्रा, प्रिया, ने कहा कि उसने अपनी गलतियों से सीखा और उन्हें दोहराने से बचा। उसकी मेहनत और लगन ने उसे सफलता दिलाई। ऐसे उदाहरणों से हमें प्रेरणा मिलती है कि मेहनत हमेशा रंग लाती है!