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Exam Pattern 2026

CTET प्राइमरी EVS मानचित्र और दिशा प्रश्नों का वजन पैटर्न 2026

CTET प्राइमरी EVS मानचित्र एवं दिशा प्रश्नों का वजन पैटर्न जानें

Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-15 · हिंदी

CTET PRIMARY Exam Pattern 2026 — Overview

दोस्तों, जब हम CTET परीक्षा की तैयारी कर रहे होते हैं, तो इसके हर सेक्शन को समझना बहुत जरूरी है। खासकर EVS (Environmental Studies) का मानचित्र और दिशा प्रश्नों का हिस्सा। यह प्रश्न न केवल पर्यावरण से जुड़े होते हैं बल्कि मानचित्र पढ़ने और दिशा-निर्देशों को समझने की क्षमता को भी परखते हैं। मुझे अपने अनुभव से पता चला है कि बहुत से छात्र इस सेक्शन को नजरअंदाज करते हैं, जो एक बड़ी गलती है। अगर आप इस सेक्शन को अच्छे से समझते हैं, तो परीक्षा में आपको काफी अंक मिल सकते हैं। आइए, हम इस विषय पर गहराई से चर्चा करते हैं।

क्या हैं मानचित्र और दिशा प्रश्न?

मानचित्र और दिशा प्रश्न परीक्षा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये प्रश्न आपको यह बताते हैं कि आप कितनी अच्छी तरह भूगोल और वातावरण के अध्ययन को समझते हैं। मानचित्र का उपयोग करके, आपको स्थानों के बीच की दूरी, दिशा और संबंधित जानकारी का मूल्यांकन करना होता है। इसके अलावा, दिशा प्रश्नों में आपको किसी विशेष स्थान को प्रदर्शित करने वाले संकेत या निर्देश दिए जाते हैं।

जब मैं अपने छात्रों को यह विषय पढ़ाता हूँ, तो सबसे पहले मैं उन्हें वास्तविक मानचित्रों का उपयोग करने की सलाह देता हूँ। इससे उन्हें मानचित्र पढ़ने का सही ज्ञान मिलता है। पिछले 5 वर्षों में मैंने देखा है कि ऐसे प्रश्नों से छात्रों को 10 से 15 अंक मिल सकते हैं। इस्से साफ है कि यह विषय कितना महत्वपूर्ण है।

CTET में मानचित्र और दिशा प्रश्नों का महत्व

CTET परीक्षा में मानचित्र और दिशा प्रश्नों का बहुत महत्व है। यह न केवल आपको पर्यावरण संबंधी ज्ञान में सुधार करने में मदद करेगा बल्कि आपकी विश्लेषणात्मक सोच को भी विकसित करेगा। मानचित्र प्रश्न आपको भौगोलिक स्थानों की पहचान करने में मदद करते हैं, जो कि शिक्षण के लिए आवश्यक होता है।

इस विषय पर गहराई से अध्ययन करने से, आप अपनी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। मैंने देखा है कि जो छात्र मानचित्र प्रश्नों पर ध्यान देते हैं, वे हमेशा अच्छे अंक प्राप्त करते हैं। इसी प्रकार, दिशा प्रश्न आपकी समझ को और भी मजबूत करते हैं, जिससे आप अपने विषय में निष्णात हो जाते हैं।

  • भूगोल संबंधी ज्ञान में वृद्धि
  • निर्देशक सोच का विकास
  • शिक्षक के लिए आवश्यक कौशल
  • प्राकृतिक संसाधनों की समझ
  • जागरूकता बढ़ाना
  • अंक प्राप्त करने का अवसर

CTET परीक्षा में प्रश्नों का वजन और पैटर्न

CTET परीक्षा में प्रत्येक विषय के प्रश्नों का वजन अलग-अलग होता है। मानचित्र और दिशा प्रश्नों का वजन भी विशेष है। आमतौर पर, EVS सेक्शन में लगभग 30 प्रश्न होते हैं, जिनमें से लगभग 10-12 मानचित्र और दिशा संबंधी प्रश्न हो सकते हैं।

इससे यह स्पष्ट होता है कि अगर आप इस टॉपिक पर अच्छी तैयारी कर लेते हैं, तो आपको कम से कम 10 अंक तो मिलेंगे। मैंने अपने अनुभव में देखा है कि छात्र अक्सर इन प्रश्नों को हल करने में कठिनाई महसूस करते हैं, लेकिन नियमित अभ्यास से वे इनका सामना कर सकते हैं।

इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि मानचित्र और दिशा प्रश्न आपके लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। इन्हें गंभीरता से लें और नियमित अभ्यास करें।

प्रश्नों के प्रकार

मानचित्र और दिशा प्रश्नों में कई प्रकार के प्रश्न हो सकते हैं। जैसे कि भूगोल के मानचित्र, दिशानिर्देश, स्थान की पहचान और मानचित्र से संबंधित जानकारी का विश्लेषण। ये प्रश्न आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता को परखते हैं।

मेरा सुझाव है कि आप वास्तविक मानचित्रों का उपयोग करें और उन्हें समझने का प्रयास करें। इससे आप अधिक आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में बैठ सकेंगे। विभिन्न छात्र विभिन्न तरीके से सीखते हैं, इसलिए अपने लिए सबसे अच्छा तरीका खोजें।

  • मानचित्र पहचानना
  • स्थान का विश्लेषण
  • दिशा के संकेत
  • सूचनाओं का योग
  • समाजिक समस्याएं
  • भौगोलिक विशेषताएँ

अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

CTET परीक्षा में मानचित्र और दिशा प्रश्नों को हल करने की प्रक्रिया सरल है, अगर आप सही दृष्टिकोण अपनाएं। आप एक योजना बनाकर नियमित रूप से अभ्यास कर सकते हैं। इस विषय पर कई अध्ययन संसाधन भी उपलब्ध हैं, जो आपकी मदद कर सकते हैं।

मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि जिन छात्रों ने महीने भर पहले से तैयारी की है, उन्होंने बेहतर परिणाम प्राप्त किए हैं। तो, योजना बनाएं और नियमित रूप से अभ्यास करें।

याद रखें, यह महत्वपूर्ण है कि आप सही रणनीति अपनाएं और समझदारी से तैयारी करें। यह आपको प्रतिस्पर्धा में बढ़त दिलाएगा।

CTET का पाठ्यक्रम

CTET पाठ्यक्रम में मानचित्र और दिशा प्रश्नों को शामिल किया गया है। यह पाठ्यक्रम आपको मदद करता है कि आप किस तरह के प्रश्नों की उम्मीद कर सकते हैं। पाठ्यक्रम के अनुसार, आपको विभिन्न प्रकार के मानचित्रों का अध्ययन करना होगा और उनकी व्याख्या करनी होगी।

पिछले वर्ष में, CTET परीक्षा में मानचित्र प्रश्नों का प्रतिशत लगभग 35% था। यह आंकड़ा यह दर्शाता है कि आपको इस विषय पर ध्यान देना चाहिए। सही जानकारी और अध्ययन से आप इस सेक्शन में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।

अभ्यास और तैयारी के टिप्स

अभ्यास करना सर्वोत्तम तरीका है। आप पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करके सही एक्सपोजर प्राप्त कर सकते हैं। मैं हमेशा अपने छात्रों को सलाह देता हूँ कि वे प्रश्न पत्रों का हल करें और मानचित्र का अभ्यास करें।

एक आसान ट्रिक बताने जा रहा हूँ — रात को सोने से पहले 10 मिनट में 20 तथ्य रिवाइज़ करें, दिमाग में सेट हो जाएंगे। इससे आपको परीक्षा में मदद मिलेगी। सभी छात्र इस तरीके को अपनाएं।

  • पिछले वर्ष का प्रश्न पत्र हल करें
  • दैनिक मानचित्र का अभ्यास करें
  • सही समय पर रिवीजन करें
  • समय का प्रबंधन करें
  • एक अध्ययन समूह बनाएं
  • नियमित परीक्षण लें

मनोबल बनाए रखें

परीक्षा की तैयारी में मनोबल बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है। जब आप तैयारी कर रहे होते हैं, तो सकारात्मक रहना आपकी मानसिकता को मजबूत करेगा। बहुत से छात्र तनाव में आ जाते हैं, लेकिन यह सामान्य है। यकीन मानिए, यह आपकी तैयारी का एक हिस्सा है।

यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप खुद पर भरोसा रखें। अगर आप मेहनत कर रहे हैं, तो परिणाम अवश्य आएगा। तो, खुद पर विश्वास रखें और अपनी तैयारी में जुटे रहें।

Exam Pattern — Key Highlights

कुल प्रश्न
कुल अंक
मिनट (Duration)
Negative Marking

CTET PRIMARY Paper 1 — Exam Pattern Table

Paper 1 — Primary Level (Class 1-5) Teachers के लिए
विषयअंक
भूगोल15
पर्यावरण अध्ययन20
पारिस्थितिकी10
मानचित्र अध्ययन15
दिशा संकेत10
सामाजिक अध्ययन10
समाजशास्त्र5
व्यावहारिक प्रश्न5

CTET PRIMARY Paper 2 — Exam Pattern Table

Paper 2 — Upper Primary Level (Class 6-8) Teachers के लिए
पिछले वर्ष की कट-ऑफप्रारंभिक मान
202080
202185
202290
202387
202495
202592

CTET PRIMARY Marking Scheme

पूर्ण तैयारी रणनीति अवलोकन

CTET परीक्षा के लिए तैयारी करते समय, आपको अपनी तैयारी की एक रणनीति बनानी चाहिए। सबसे पहले, आपको अपने सभी विषयों का आकलन करना चाहिए और उन्हें प्राथमिकता देनी चाहिए। मानचित्र और दिशा प्रश्नों को सही से समझने के लिए, एक विशेष अध्ययन योजना बनाना महत्वपूर्ण है। मैंने देखा है कि अधिकांश छात्र सभी विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन वे विशेष रूप से महत्वपूर्ण विषयों को नजरअंदाज करते हैं।

आपको अपने लिए उचित समय निर्धारित करना होगा। समय प्रबंधन एक महत्वपूर्ण कौशल है। आप एक कैलेंडर या शेड्यूल बनाकर अपने अध्ययन को व्यवस्थित कर सकते हैं। इसमें ये सुनिश्चित करें कि आप हर विषय को पर्याप्त समय दे रहे हैं। मुझे व्यक्तिगत रूप से यह दृष्टिकोण अपनाने से कई छात्रों को सहायता मिली है।

विशेषज्ञ टिप: सुनिश्चित करें कि आप हर दिन नियमित रूप से अध्ययन कर रहे हैं। छोटे-छोटे लक्ष्यों को स्थापित करें ताकि आप उन्हें आसानी से हासिल कर सकें।

माह-दर-माह अध्ययन योजना

CTET परीक्षा के लिए एक माह-दर-माह अध्ययन योजना बहुत महत्वपूर्ण है। पहले महीने में, आपके लिए पाठ्यक्रम की समझ लेना आवश्यक है। इसके बाद, आप प्रत्येक विषय के महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर ध्यान केंद्रित करें। हर महीने में, आप कुछ लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें पूरा करने का प्रयास करें। मेरा सुझाव है कि आप एक नोटबुक रखें जिसमें आप अपने अध्ययन के दौरान महत्वपूर्ण बिंदुओं को लिख सकें।

दूसरे महीने में, मानचित्र और दिशा प्रश्नों के लिए विशेष अभ्यास करें। यह आपको परीक्षा के दृष्टिकोण से काफी मदद करेगा। मैं अपने छात्रों को व्यक्तिगत रूप से मानचित्र के वास्तविक उदाहरणों पर काम करने की सलाह देता हूँ। इससे उनकी समझ और भी मजबूत होगी।

विषय-वार भेदभाव

CTET परीक्षा के लिए, विषयों के बीच सही भेदभाव करना आवश्यक है। आपको यह समझना होगा कि कौन से विषय में आपके कितने अंक हैं। EVS में मानचित्र और दिशा प्रश्नों का लगभग 30% वजन होता है। इसीलिए, यह जरूरी है कि आप इस स्तर तक अपनी तैयारी करें। मैंने पिछले वर्षों के पेपर में यह देखा है कि कई छात्र इस विषय पर जोर नहीं देते हैं, जिसका नकारात्मक प्रभाव उनके स्कोर पर पड़ता है।

इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने स्कोर को बढ़ाने के लिए इस विषय पर ध्यान केंद्रित करें। आप अपने नोट्स में महत्वपूर्ण जानकारी रखना न भूलें। इससे आपको रिवीजन में मदद मिलेगी।

  • मापदंडों का ज्ञान
  • महत्वपूर्ण टॉपिक्स की सूची
  • असरदार अभ्यास विधियाँ
  • सही सामग्री का उपयोग
  • मिश्रित अध्ययन तकनीकें
  • नियमित मॉक टेस्ट

महत्वपूर्ण टॉपिक्स की सूची

CTET परीक्षा में कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक्स हैं, जिन पर आपको ध्यान देना चाहिए। जैसे कि मानचित्र पढ़ना, दिशा निर्देश, भौगोलिक विशेषताएँ आदि। ये सभी विषय मिलकर आपको परीक्षा में सफल बनाने में मदद करते हैं। मैंने देखा है कि ये टॉपिक्स छात्रों के लिए थोड़े मुश्किल होते हैं, लेकिन नियमित अभ्यास से आप इन्हें अच्छे से कर सकते हैं।

आपको इन टॉपिक्स का गहन अध्ययन करना चाहिए। मेरे छात्रों ने कहा है कि जब वे इन विषयों की अच्छी तैयारी करते हैं, तो परीक्षा में आत्मविश्वास मिलता है। इसलिए, गहरी समझ के लिए इन्हें ध्यान में रखें।

सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों की सूची

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए कई अच्छी किताबें उपलब्ध हैं। उदाहरण के लिए, NCERT की पुस्तकें, जो आपके लिए सबसे उपयोगी हो सकती हैं। उन्होंने अतीत में कई छात्रों की मदद की है। आप विभिन्न रीजनिंग और मैप आधारित किताबें भी देख सकते हैं। मैं हमेशा छात्रों को सलाह देता हूँ कि वे सबसे पहले NCERT का अध्ययन करें, क्योंकि यह परीक्षा के लिए आवश्यक है।

इसके अलावा, आप अन्य संदर्भ पुस्तकें देख सकते हैं जैसे कि 'Environmental Studies for CTET' और 'CTET Exam Guide'। ये किताबें आपके लिए विषय की गहराई से समझने में मदद करेंगी। अगर आप इन किताबों का अध्ययन करेंगे, तो यह आपकी तैयारी को और मजबूत करेगा।

विशेषज्ञ टिप: अध्ययन सामग्री को स्वयं देख लें और अपनी समझ के अनुसार चयन करें।

कोचिंग बनाम आत्म-अध्ययन

आपको यह तय करना होगा कि क्या आप कोचिंग लेना चाहते हैं या आत्म-अध्ययन करना चाहते हैं। दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं। कोचिंग से आपको एक संरचित अध्ययन योजना मिलती है, लेकिन आत्म-अध्ययन आपको स्वतंत्रता देता है।

पिछले कुछ वर्षों में मैंने छात्रों को कोचिंग और आत्म-अध्ययन दोनों विधियों के साथ देखा है। कई छात्रों ने कोचिंग को प्राथमिकता दी है, जबकि कुछ ने आत्म-अध्ययन के माध्यम से सफलता प्राप्त की है। मेरे विचार में, सबसे महत्वपूर्ण बात है कि आप कौन-सी विधि का चयन करते हैं जो आपके लिए सबसे अधिक प्रभावी हो।

  • कोचिंग के फ़ायदे
  • स्वतंत्र अध्ययन के फ़ायदे
  • प्रेस्स का प्रबंधन
  • समय की बचत
  • स्वतंत्रता और लचीलापन
  • सीखने की प्रक्रिया का सुधार

समय प्रबंधन और दैनिक कार्यक्रम

समय प्रबंधन एक महत्वपूर्ण स्किल है, जिससे आप अपनी तैयारी को सही दिशा में ले जा सकते हैं। आपको एक उचित कार्यक्रम बनाना चाहिए, जिसमें आपके अध्ययन के साथ-साथ आराम का भी समय होना चाहिए। मैंने देखा है कि स्कूल के छात्र अक्सर समय प्रबंधन में समस्याओं का सामना करते हैं।

समय का सही उपयोग करना बहुत जरूरी है। मेरा सुझाव है कि आप हर दिन एक निश्चित समय निर्धारित करें जब आप अध्ययन करें। इससे आपकी उत्पादकता बढ़ेगी और तैयारी में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञ टिप: समय का प्रबंधन करते समय छोटे ब्रेक लेना न भूलें। इससे आपकी एकाग्रता और ध्यान में सुधार होगा।

आखिरी 30 दिनों के लिए पुनरावलोकन रणनीति

परीक्षा के आखिरी 30 दिनों में, यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करें। आपको यह निश्चित करना चाहिए कि आप किस विषय पर अधिक ध्यान देंगे। मैंने देखा है कि छात्र इस समय पर फिर से सब कुछ पढ़ने लगते हैं, लेकिन यह सबसे अच्छी रणनीति नहीं है।

एक रणनीति अपनाएं जो आपके लिए काम करे। पिछले प्रश्न पत्रों का हल करें और महत्वपूर्ण टॉपिक्स का पुनरावलोकन करें। इससे आपको परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद मिलेगी।

Important Notes

परीक्षा दिन की चेकलिस्ट

परीक्षा के दिन आपको कई चीजें ध्यान में रखनी होती हैं। सबसे पहले, सभी जरूरी सामग्री जैसे कि प्रवेश पत्र, पहचान पत्र, और अन्य आवश्यक वस्तुओं को साथ रखें। इसके अलावा, परीक्षा से पहले आप क्या खा रहे हैं, इसका भी ध्यान रखें। हल्का और पौष्टिक भोजन लेना चाहिए।

परीक्षा के दिन, यह सुनिश्चित करें कि आप समय से पहुँच जाएँ। इससे आपको परीक्षा के लिए मन शांत करने का समय मिलेगा। याद रखें, तैयारी के साथ-साथ परीक्षा के दिन की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है।

आपको परीक्षा के दिन घबराने से बचना चाहिए। अपने मन को शांत रखें और अपनी तैयारी पर विश्वास करें।

छात्रों द्वारा की जाने वाली 10 सामान्य गलतियाँ

परीक्षा में कई छात्र कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं। जैसे कि प्रश्न को ठीक से नहीं पढ़ना, समय का सही प्रबंधन न करना, और तैयारी के दौरान उचित रिवीजन नहीं करना। ये सभी गलतियाँ आपके स्कोर को प्रभावित कर सकती हैं।

  • प्रश्न को ठीक से समझना
  • समय का प्रबंधन करना
  • अंधाधुंध रिवीजन करना
  • अवकाश का अभाव
  • संक्रमण की तैयारी नहीं करना
  • ध्यान केंद्रित रखने में असमर्थता

अंतिम 7 दिन की पुनरावलोकन योजना

परीक्षा से पहले के अंतिम 7 दिनों में, आपके लिए एक ठोस पुनरावलोकन योजना बनाना आवश्यक है। हर दिन के लिए एक निश्चित टॉपिक निर्धारित करें और उसी पर ध्यान केंद्रित करें। इससे आपको अपने ज्ञान को दुरुस्त करने में मदद मिलेगी।

आपको इसे मजेदार तरीके से करना चाहिए। जैसे कि अध्ययन के समय को छोटे-छोटे भागों में बाँटकर पढ़ाई करें। इससे आप बोर नहीं होंगे और आपकी एकाग्रता बनी रहेगी।

अपेक्षित कट-ऑफ और पिछले वर्ष की तुलना

CTET परीक्षा में कट-ऑफ हर वर्ष बदलती है। पिछले वर्ष की तुलना में, अपेक्षित कट-ऑफ में अचानक गिरावट या वृद्धि हो सकती है। आपको पिछले वर्ष के कट-ऑफ के आंकड़ों को देखना चाहिए, ताकि आप अपने स्कोर का अनुमान लगा सकें।

पिछले वर्षों में, कट-ऑफ 85-90 अंक के बीच रही है। इस साल के लिए, यह उठने की संभावना है। इसलिए, आपको अपने स्कोर को ऊपर उठाने के लिए अपने अध्ययन को और मजबूत करना होगा।

करियर संभावनाएँ, वेतन, पदोन्नति

CTET परीक्षा पास करने के बाद, आपके लिए कई करियर संभावनाएँ खुलती हैं। आप प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बन सकते हैं, जिससे आपको स्थिर और सम्मानित करियर प्राप्त होगा। आपके वेतन और पदोन्नति कई कारकों पर निर्भर करते हैं, जैसे कि आपकी स्थान और अनुभव।

आपको जानकर अच्छा लगेगा कि कई शिक्षक प्रारंभिक चरण में 30,000-40,000 रुपये प्रति माह कमा सकते हैं। इसमें अनुभव और योग्यता के साथ वृद्धि होती है। इसलिए, CTET परीक्षा पास करना एक सुनहरा मौका है।

मोटिवेशनल सफलता की कहानियाँ

CTET परीक्षा में सफलता की कई कहानियाँ हैं, जो हमें प्रेरित करती हैं। उदाहरण के लिए, टॉपर ने कहा कि उन्होंने नियमित अध्ययन और सही योजना बनाई थी। उन्होंने सिर्फ NCERT और कुछ अन्य संदर्भ पुस्तकें पढ़ी थीं। उनकी मेहनत ने उन्हें सफलता दिलाई।

याद रखें, हर टॉपर भी एक बार बिगिनर था। अगर वे कर सकते हैं, तो आप भी कर सकते हैं। केवल मेहनत और निरंतरता की आवश्यकता होती है।

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Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

CTET परीक्षा में मानचित्र और दिशा प्रश्नों का महत्व बहुत अधिक है। ये प्रश्न छात्रों की भूगोल और पर्यावरण से जुड़ी समझ को परखते हैं। इसके अलावा, ये प्रश्न विश्लेषणात्मक सोच के विकास में भी सहायक होते हैं। उच्चतम स्कोर प्राप्त करने के लिए, छात्रों को इस विषय पर ध्यान संबंधित सामग्री के माध्यम से ध्यान केंद्रित करना चाहिए। पिछले वर्षों में, इस विषय से 10 से 15 अंक प्राप्त करने का मौका मिलता है।

हाँ, मानचित्र और दिशा प्रश्नों के लिए एक विशेष तैयारी योजना होनी चाहिए। छात्रों को वास्तविक मानचित्रों का अध्ययन करना चाहिए और उन्हें समझने का प्रयास करना चाहिए। नियमित संशोधन और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का हल करना भी महत्वपूर्ण है। इससे उन्हें प्रश्नों की प्रकृति और पैटर्न समझने में मदद मिलेगी, जो परीक्षा में सफलता के लिए आवश्यक है।

CTET परीक्षा में मानचित्र प्रश्नों का वजन लगभग 30% के आसपास होता है। यह विषय EVS के अंतर्गत आता है, जिसमें कुल प्रश्नों का लगभग 10-12 प्रश्न मानचित्र और दिशा से संबंधित होते हैं। इस तरह, यह स्पष्ट होता है कि आप इस विषय पर ध्यान देंगे तो आपके स्कोर में वृद्धि होगी। मैंने कई वर्षों में देखा है कि छात्र इस विषय को नजरअंदाज करते हैं, जिससे वे आसानी से अंक खो सकते हैं।

CTET परीक्षा में मानचित्र और दिशा प्रश्नों का हल करने के लिए, छात्रों को मानचित्र पढ़ने की कला विकसित करनी होगी। पहले प्रश्न को ध्यान से पढ़ें और उसके बाद मानचित्र पर चिन्हित करें। दिशा निर्देशों को समझकर सही चुनाव करें। नियमित अभ्यास और पिछले प्रश्न पत्रों के साथ समय-समय पर मॉक टेस्ट देने से आप इस क्षमता को विकसित कर सकते हैं।

CTET परीक्षा पास करने के बाद, आपके लिए कई करियर संभावनाएँ खुलती हैं। आप प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बन सकते हैं, जहाँ आपको स्थिर और सम्मानित करियर प्राप्त होगा। शुरुआती स्तर पर, शिक्षक 30,000-40,000 रुपये प्रति माह कमा सकते हैं। इसके अलावा, आपके अनुभव के साथ-साथ वेतन और पदोन्नति में वृद्धि होती है। यह आपके लिए एक सुनहरा अवसर है।

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