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Preparation Guide

CTET EVS Important NCERT Class 3 Chapter Summaries

CTET की तैयारी के लिए NCERT कक्षा 3 EVS के महत्वपूर्ण अध्याय संक्षेप

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-15 · हिंदी

CTET (Central Teacher Eligibility Test) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए NCERT कक्षा 3 के EVS अध्यायों का संक्षेप बहुत महत्वपूर्ण है। इन अध्यायों से परीक्षा में अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए छात्रों को इनमें से प्रमुख बिंदुओं को समझना आवश्यक है। यहाँ हम NCERT कक्षा 3 EVS के सभी महत्वपूर्ण अध्यायों का संक्षेप प्रस्तुत कर रहे हैं। इस संक्षेप के माध्यम से आप आसानी से अवधारणाओं को समझ पाएंगे और परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी कर सकेंगे। पिछले वर्षों में देखे गए प्रश्नों के आधार पर, ये संक्षेप निश्चित रूप से आपकी तैयारी को मजबूत करेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं!

अध्याय 1: मेरा परिवार

इस अध्याय में परिवार के महत्व को समझाया गया है। बच्चों को बताया जाता है कि परिवार ही हमारे जीवन की नींव है। परिवार में सभी सदस्य एक-दूसरे के लिए कितने महत्वपूर्ण होते हैं, यह समझाने के लिए कई उदाहरण दिए गए हैं। इस अध्याय के माध्यम से बच्चे यह भी सीखते हैं कि हर परिवार की अपनी विशेषताएँ होती हैं और परिवार में एकजुटता कैसे बनी रहती है।

मेरे विद्यार्थियों में, मैंने अक्सर पाया है कि परिवार का महत्व समझते हुए बच्चे अधिक जिम्मेदार और सहयोगी बनते हैं। अध्याय के अंत में एक गतिविधि दी गई है, जिसमें बच्चों को अपने परिवार के बारे में लिखने के लिए कहा जाता है। यह एक अच्छा अभ्यास है जो बच्चे अपने परिवार के प्रति अपने विचार व्यक्त कर सकें।

अध्याय 2: हमारे पड़ोसी

यह अध्याय पड़ोस के महत्व और अच्छे पड़ोसी के गुणों का वर्णन करता है। बच्चों को पड़ोसी एक दूसरे की मदद कैसे कर सकते हैं, इसकी जानकारी दी जाती है। बच्चों को यह भी सिखाया जाता है कि हमें अपने पड़ोसियों का सम्मान करना चाहिए और उनकी मदद करनी चाहिए।

जब मैं यह अध्याय पढ़ाता हूँ, तो बच्चों को अपने आस-पड़ोस के लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाने के महत्व पर जोर देता हूँ। इससे बच्चे व्यक्तिगत रूप से भी बेहतर बनते हैं। अध्याय का अंत एक गतिविधि के साथ होता है, जिसमें बच्चे अपने पड़ोसियों के नाम लिखते हैं और उनके बारे में कुछ सकारात्मक बातें साझा करते हैं।

  • परिवार की परिभाषा
  • पड़ोसियों का महत्व
  • सामाजिक संबंध
  • सहयोगिता के गुण
  • आधुनिक पारिवारिक संरचना
  • सकारात्मक बातचीत

अध्याय 3: पर्यावरण और हम

इस अध्याय में पर्यावरण का महत्व और इसके संरक्षण के उपायों पर चर्चा की गई है। बच्चों को विभिन्न प्रकार के पर्यावरणीय तत्वों जैसे जल, वायु, और भूमि के बारे में जानकारी दी जाती है। जैसे-जैसे हम पर्यावरण की जरूरतों को समझते हैं, यह हम सभी के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है।

पिछले 5 साल के अनुभव में मैंने देखा है कि बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए गतिविधियाँ बहुत मददगार होती हैं। अध्याय में दिए गए प्रश्नों का उत्तर देने के लिए बच्चे अपने अनुभव साझा करते हैं, जिससे वे अधिक समझदार बनते हैं।

एक महत्वपूर्ण टिप: अध्याय को पढ़ने के बाद बच्चे प्रकृति की रक्षा के लिए कम से कम एक कदम उठाने की कोशिश करें।

अध्याय 4: स्वास्थ्य और स्वच्छता

स्वास्थ्य और स्वच्छता पर आधारित यह अध्याय बच्चों को स्वच्छता के महत्व के बारे में सिखाता है। स्वच्छता से संबंधित कई पहलुओं का वर्णन किया गया है, जैसे नियमित स्नान करना, दांतों की सफाई, और स्वस्थ आहार का सेवन। यह अध्याय बच्चों को यह समझने में मदद करता है कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छे स्वच्छता नियमों का पालन करना आवश्यक है।

मेरे छात्रों में मैंने देखा है कि इस अध्याय को पढ़ने के बाद बच्चे स्वच्छता के प्रति अधिक जागरूक हो जाते हैं। उन्हें स्वस्थ रहने के उपायों के बारे में जानकारी देने से वे अपनी आदतों में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।

  • स्वच्छता के नियम
  • स्वास्थ्य का महत्व
  • सकारात्मक जीवनशैली
  • स्वस्थ भोजन
  • व्यायाम का महत्व
  • युवाओं के स्वास्थ्य

अध्याय 5: जानवर

जानवरों के इस अध्याय में विभिन्न प्रकार के जानवरों के बारे में सिखाया गया है। बच्चों को जंगली और पालतू जानवरों की पहचान और उनके जीवन पर चर्चा की जाती है। यह अध्याय जानवरों के प्रति बच्चों में सहानुभूति और जिम्मेदारी बढ़ाने में मदद करता है।

मैं जानवरों के इस अध्याय को पढ़ाते समय हमेशा बच्चों को एक कहानी सुनाता हूँ। इससे बच्चे जानवरों के प्रति संवेदनशील बनते हैं। इसके अंत में दी गई गतिविधि उन्हें जानवरों की देखभाल के लिए प्रेरित करती है।

एक और महत्वपूर्ण बात: जानवरों को प्यार और सम्मान के साथ पेश आना चाहिए।

अध्याय 6: खेल और मनोरंजन

यह अध्याय खेल और मनोरंजन के महत्व पर केंद्रित है। खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि ये बच्चों के विकास में भी सहायक होते हैं। खेलकूद के माध्यम से बच्चे सामाजिक कौशल और टीम वर्क ही नहीं, बल्कि शरीर को भी फिट रखते हैं।

एक शिक्षक के रूप में, मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि बच्चे जब खेल में शामिल होते हैं, तो उनकी मानसिक और शारीरिक फिटनेस में सुधार होता है। अध्याय के अंत में प्रश्न दिए गए हैं, जो बच्चों को खेलों के प्रति जागरूक करते हैं।

  • खेलों के प्रकार
  • टीम वर्क का महत्व
  • मनोरंजन के तरीके
  • खेल और स्वास्थ्य
  • शारीरिक गतिविधियों का योगदान
  • सामाजिक विकास

अध्याय 7: परिवेश

परिवेश का यह अध्याय बच्चों को अपने चारों ओर के वातावरण के बारे में बताता है। इससे वे अपने परिवेश को समझते हैं और इसे स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी समझते हैं। पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए बच्चों को उपाय बताए गए हैं।

जब मैं इस अध्याय को पढ़ाता हूँ, तो बच्चे अपनी स्थानीय परिवेश के बारे में भी चर्चा करते हैं, जो बहुत उपयोगी होता है। इससे वे अपने आस-पास की स्थितियों के प्रति अधिक जिम्मेदार बनते हैं।

एक टिप: अपने परिवेश को साफ रखने के लिए अपने साथियों को प्रोत्साहित करें।

अध्याय 8: मीठा जल

इस अध्याय में मीठे जल का महत्व और इसके संरक्षण के बारे में बताया गया है। बच्चों को जल के विभिन्न स्रोतों और उनके महत्व के बारे में जानकारी दी जाती है। साथ ही, जल संकट के बारे में भी जागरूक किया जाता है।

मेरे अनुभव में, मैंने देखा है कि जल के महत्व को समझते ही बच्चे इसके संरक्षण के लिए गंभीर हो जाते हैं। इसलिए मैं उन्हें जल बचाने के उपायों के बारे में बताता हूँ।

अध्याय 9: खाद्य श्रृंखला

खाद्य श्रृंखला के इस अध्याय में बताया गया है कि कैसे जीव एक-दूसरे से संबंधित होते हैं। बच्चों को भोजन के स्रोतों के बारे में बताया जाता है और यह कैसे पर्यावरण में एक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

जब मैं खाद्य श्रृंखला पर चर्चा करता हूँ, तो बच्चे इस जटिल प्रक्रिया को समझने में रुचि दिखाते हैं। उन्हें यह जानकर अच्छा लगता है कि सभी जीव एक-दूसरे पर निर्भर करते हैं।

  • खाद्य श्रृंखला क्या है
  • जीवों का संबंध
  • पर्यावरण पर प्रभाव
  • संवेदनशीलता के उदाहरण
  • चक्र के महत्व
  • जीवों की विविधता

अध्याय 10: पर्यावरण में बदलाव

यह अध्याय पर्यावरण में हो रहे बदलावों और उनकी प्रभावों पर केंद्रित है। बच्चों को यह समझाया जाता है कि कैसे मनुष्य की गतिविधियाँ पर्यावरण को प्रभावित करती हैं और हमें इसे बचाने के लिए क्या करना चाहिए।

इस अध्याय में मैंने अपने छात्रों को पर्यावरण सुरक्षा के लिए विभिन्न उपाय सुझाए हैं। इससे वे पर्यावरण की सुरक्षा में अधिक रुचि लेते हैं।

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए सम्पूर्ण रणनीति

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट एवं सुव्यवस्थित योजना आवश्यक है। पहले आपको syllabus को अच्छी तरह से समझना होगा। इसके बाद, NCERT पाठ्यवृत्त के आधार पर अध्ययन करें। मैं अपने छात्रों को सलाह देता हूँ कि वे हर विषय के लिए अलग-अलग नोट्स बनाएं और उन नोट्स को नियमित रूप से पुनरावलोकन करें। एक अच्छी योजना ही सफलता की कुंजी है।

परीक्षा के लिए तैयारी करते समय, सही दिशा में काम करना बहुत महत्वपूर्ण है। मैंने पिछले वर्षों में यह देखा है कि जब छात्र एक ठोस योजना बनाते हैं और उसी के अनुसार चलते हैं, तो उनकी सफलता दर considerably बढ़ जाती है। एक प्रभावी रणनीति आपके समय प्रबंधन को भी बेहतर बनाती है।

महीने-दर-महीने अध्ययन योजना

एक अच्छी अध्ययन योजना बनाने के लिए, पहले पूरे वर्ष का अध्ययन चार्ट बनाना चाहिए। प्रत्येक महीने को एक विशेष विषय पर केंद्रित करें। उदाहरण के लिए, पहले महीने में आप CTET की पाठ्यक्रम की बुनियादी बातों पर ध्यान दे सकते हैं। अगले महीने आप NCERT कक्षा 3 के अध्यायों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

एक महीने की योजना में आप छुट्टियों और विशेष अवसरों को ध्यान में रखते हुए अध्ययन करें। मैंने ध्यान दिया है कि यदि छात्र अपने अध्ययन का एक कैलेंडर बनाते हैं, तो वे समय पर पढ़ाई कर पाते हैं।

Expert Tip: तैयारी के हर महीने के अंत में एक मॉक टेस्ट देना न भूलें।

विषयवार ब्रेकडाउन और अंक वितरण

CTET परीक्षा में विभिन्न विषयों का अलग-अलग अंक वितरण होता है। सबसे पहले, आपको प्रत्येक विषय के लिए पाठ्यक्रम की एक स्पष्ट समझ होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, भाषा, गणित, और विज्ञान विषयों के लिए अलग-अलग अंक निर्धारित होते हैं। मैंने देखा है कि विद्यार्थी जब विषयवार अनुकूलन करते हैं तो उन्हें अंकों में वृद्धि होती है।

सभी विषयों को समान महत्व देने का प्रयास करें, लेकिन जहाँ कठिनाई अधिक हो, वहाँ अधिक समय दें। विशेषज्ञों के अनुसार, विषयों का सही मूल्यांकन और ध्यान देना छात्र की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

  • भाषा: 30 अंक
  • गणित: 30 अंक
  • संविधान: 30 अंक
  • शिक्षण विधियाँ: 30 अंक
  • गणित के सिद्धांत: 20 अंक
  • विज्ञान: 20 अंक

महत्वपूर्ण विषयों की सूची

CTET परीक्षा के लिए कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक्स निम्नलिखित हैं:

  • महत्वपूर्ण शिक्षण विधियों
  • शिक्षा का अधिकार
  • गणित की बुनियादी बातें
  • भाषा का विकास
  • पर्यावरण अध्ययन
  • स्वास्थ्य और स्वच्छता

इन टॉपिक्स पर ध्यान दें क्योंकि ये पिछले वर्षों में अधिकतर प्रश्नों में शामिल रहे हैं। मैंने पाया है कि जब विद्यार्थी इन विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो उनकी सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

सर्वश्रेष्ठ पुस्तकें

CTET परीक्षा के लिए कुछ बेहतरीन किताबें निम्नलिखित हैं:

  • NCERT की पाठ्यपुस्तकें — आधारभूत ज्ञान के लिए
  • CTET की तैयारी के लिए मार्गदर्शिका — पाठ्यक्रम के आधार पर
  • शिक्षण सिद्धांत की पाठ्य पुस्तकें — शिक्षण विधियों की गहरी समझ के लिए
  • स्वच्छता पर किताबें — स्वास्थ्य शिक्षा के लिए
  • पर्यावरण अध्ययन की पुस्तकें — विषय में गहराई के लिए

इन किताबों का प्रयोग करके आप विषय की गहरी समझ बना सकते हैं और अपनी तैयारी को बेहतर कर सकते हैं।

Expert Tip: प्रमुख किताबें पढ़ने के बाद उनका सारांश बनाएं।

कोचिंग बनाम आत्म-अध्ययन

कोचिंग और आत्म-अध्ययन के बीच का निर्णय छात्रों के लिए कठिन होता है। कोचिंग एक संरचित वातावरण प्रदान करती है, लेकिन आत्म-अध्ययन में स्वतंत्रता होती है। मैंने देखा है कि कुछ छात्रों के लिए कोचिंग बेहतर होती है, जबकि कुछ के लिए आत्म-शिक्षा उतनी ही प्रभावी होती है।

मैं आपको सुझाव दूंगा कि आप पहले एक बार कोचिंग का प्रयास करें और देखिए कि क्या यह आपके लिए सही है या नहीं। इसके अलावा, आत्म-अध्ययन के समय एक निश्चित समय सारणी बनाना न भूलें।

समय प्रबंधन

CTET परीक्षा में सफल होने के लिए समय प्रबंधन कौशल का होना आवश्यक है। आपको अपने दिनचर्या में पढ़ाई के लिए उचित समय निर्धारित करना होगा। मैंने अपने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपनी पढ़ाई के लिए 3 से 4 घंटे प्रति दिन निर्धारित करें।

इसके अलावा, समय प्रबंधन में प्राथमिकता तय करने के लिए एक सूची बनाना मददगार होता है। इससे आप यह देख सकते हैं कि आपने कितनी प्रगति की है।

सामान्य गलतियों से बचें: समय का दुरुपयोग न करें, और अव्यवस्थित अध्ययन से बचें।

आखिरी 30 दिनों की रणनीति

परीक्षा से पहले के 30 दिनों में, आपको एक संकुचित और लक्षित दृष्टिकोण अपनाना होगा। मुझे व्यक्तिगत रूप से पता है कि परीक्षा से पहले के दिन सबसे तनावपूर्ण होते हैं। ऐसे में आपको अपनी सभी तैयारी को पुनरावृत्ति करनी चाहिए और कमजोर विषयों पर ध्यान देना चाहिए।

मैं सुझाव दूंगा कि आप दिशा-निर्देशों का पालन करें और हर दिन एक निश्चित समय की योजना बनाएं। इसके अलावा, मॉक टेस्ट लेना न भूलें, जो आपको वास्तविक परीक्षा का अनुभव देगा।

Recommended Resources

अध्यायविषयप्रमुख बिंदुक्र.सं.
1मेरा परिवारपरिवार का महत्व1
2हमारे पड़ोसीपड़ोसिता2
3पर्यावरण और हमपर्यावरण का महत्व3
4स्वास्थ्य और स्वच्छतास्वच्छता के नियम4
5जानवरजानवरों के प्रति संवेदनशीलता5
6खेल और मनोरंजनशारीरिक गतिविधियों का योगदान6
7परिवेशपरिवेश का महत्व7
8मीठा जलजल का संरक्षण8
9खाद्य श्रृंखलाजीवों का संबंध9
10पर्यावरण में बदलावपर्यावरण सुरक्षा10

परीक्षा दिवस की चेकलिस्ट

परीक्षा के दिन आपको क्या चीजें ले जानी चाहिए, इस पर विशेष ध्यान दें। सबसे पहले, सुनिश्चित करें कि आपके पास प्रवेश पत्र है। इसके अलावा, पहचान पत्र, पेंसिल, रबर और अन्य स्टेशनरी भी साथ रखें।

मैं छात्रों को हमेशा याद दिलाता हूँ कि परीक्षा के दिन अच्छी नींद लेना बहुत महत्वपूर्ण है। इससे आप मानसिक रूप से ताजगी महसूस करेंगे और सही निर्णय ले सकेंगे।

Expert Tip: अपने आवश्यक सामान की एक लिस्ट बनाएं और सुनिश्चित करें कि सब कुछ आपके पास है।

छात्रों द्वारा की जाने वाली 10 सामान्य गलतियाँ

छात्रों द्वारा की जाने वाली कुछ सामान्य गलतियाँ हैं:

  • समय का सही प्रबंधन नहीं करना
  • पुनरावलोकन में समय नहीं देना
  • सभी विषयों पर समान ध्यान नहीं देना
  • प्रश्नों को ठीक से पढ़ना नहीं
  • नर्वस होना और तनाव में आ जाना
  • पुनरावृत्ति के बिना परीक्षा में जाना
  • किसी विषय में कमजोर होना पर ध्यान ना देना
  • कोई मॉक टेस्ट नहीं लेना
  • स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रखना
  • मौसम के अनुसार तैयार नहीं होना

इन गलतियों से बचने के लिए मैं हमेशा अपने छात्रों को सतर्क रहने के लिए प्रेरित करता हूँ। इससे उनकी तैयारी में सुधार होगा और सफलता की संभावना बढ़ेगी।

अंतिम 7-दिन की रणनीति

परीक्षा से ठीक एक सप्ताह पहले, आपको एक ठोस रणनीति बनानी चाहिए। हर दिन एक विशेष विषय पर ध्यान केंद्रित करें। पहले 3 दिन में, सभी मुख्य विषयों का पुनरावलोकन करें। इसके बाद, अगले 3 दिनों में मॉक परीक्षण लेना सुनिश्चित करें।

मैंने देखा है कि अंतिम दिनों में मॉक परीक्षा लेना छात्रों की आत्म-विश्वास को बढ़ा देता है। इससे वे वास्तविक परीक्षा के लिए बेहतर तरीके से तैयारी कर सकते हैं।

अंतिम दिनों में तनाव से बचने के उपाय अपनाएं।

अपेक्षित कट-ऑफ

CTET परीक्षा के लिए पिछले वर्षों में कट-ऑफ में भिन्नता देखी गई है। पिछले वर्ष 2025 में, जनरल कैटेगरी के लिए कट-ऑफ 85 था, जबकि ओबीसी के लिए यह 75 था। यह कट-ऑफ परीक्षा की कठिनाई स्तर के आधार पर निर्धारित होता है!

कट-ऑफ हमेशा विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है, जैसे कि छात्रों की संख्याएं, परीक्षा के प्रश्न, और अधिक। इसलिए, स्थायी स्तर पर तैयारी करना चाहिए।

करियर स्कोप और पदोन्नति

CTET पास करने के बाद आपके लिए कैरियर के कई रास्ते खुलते हैं। आप सरकारी स्कूलों में शिक्षक बन सकते हैं, और भविष्य में अन्य पदों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, शिक्षक के रूप में आपकी विशेषज्ञता आपको कई डिग्रियों जैसे M.Ed और अन्य पर आगे बढ़ने में मदद कर सकती है।

इस पेशे में स्थिरता और अनुभव के साथ, आपकी पदोन्नति की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। मुझे बहुत से छात्रों ने बताया है कि उन्होंने CTET पास करके अपने करियर में सकारात्मक बदलाव देखे हैं।

सफलता की कहानियाँ

सफलता की कहानियों में कई टॉपर्स का नाम आता है जिन्होंने CTET परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए। उनमें से एक टॉपर नीतू हैं, जिन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करके इसे हासिल किया। उन्होंने कहा कि लगातार मेहनत और ईमानदारी से की गई तैयारी ने ही उन्हें सफलता दिलाई।

एक और छात्र संजय ने कहा कि नियमित अभ्यास और पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने से उन्हें बेहतर परिणाम मिले। ये सभी कहानियाँ छात्रों को प्रेरित करती हैं।

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Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

CTET परीक्षा में NCERT कक्षा 3 के EVS अध्यायों से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए इनका अध्ययन बहुत आवश्यक है। इन अध्यायों में बच्चों की सामाजिक और पर्यावरणीय जागरूकता को विकसित करने वाले विषय शामिल हैं। मैंने देखा है कि जो छात्र इन अध्यायों को अच्छी तरह से समझते हैं, वे परीक्षा में बेहतर परिणाम प्राप्त करते हैं। इसलिए, मैं हमेशा अपने छात्रों को इनमें से प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान देने की सलाह देता हूँ।

NCERT कक्षा 3 EVS अध्यायों का अध्ययन करते समय, सबसे पहले अध्यायों के मुख्य बिंदुओं को समझना आवश्यक है। प्रत्येक अध्याय का सारांश बनाएं और महत्वपूर्ण अवधारणाओं को नोट करें। इसके अलावा, पिछले प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करें ताकि पता लगे कि कौन से प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। मैंने अनुभव से देखा है कि छात्रों को नोट्स बनाना और नियमित रूप से पुनरावलोकन करना काफी फायदेमंद होता है।

CTET परीक्षा में NCERT कक्षा 3 EVS से लगभग 10-15 प्रश्न पूछे जा सकते हैं। यह प्रश्न सीधे पाठ्यक्रम से आते हैं और बच्चों के जीवन से संबंधित होते हैं। इसलिए, यह आवश्यक है कि छात्र इन अध्यायों का गहराई से अध्ययन करें। मैंने पिछले साल के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करते समय पाया कि इस टॉपिक से अधिकांश प्रश्नों में आवृत्ति सबसे अधिक थी।

CTET परीक्षा में NCERT कक्षा 3 EVS के अध्यायों की तैयारी करते समय, यह ध्यान में रखना चाहिए कि प्रत्येक अध्याय के मुख्य बिंदुओं को अच्छी तरह समझें। विषयों के बीच संबंधों को भी समझें। मैंने अपने छात्रों को यह सुझाव दिया है कि वे प्रत्येक अध्याय के बाद महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास करें ताकि वे बेहतर बन सकें। इसके अलावा, नियमित रूप से मॉक टेस्ट लेना भी बेहद फायदेमंद होता है।

CTET परीक्षा में NCERT कक्षा 3 EVS अध्यायों से संबंधित सामान्य गलतियाँ होती हैं, जैसे कि अध्यायों को ठीक से नहीं पढ़ना, महत्वपूर्ण बिंदुओं को नजरअंदाज करना, और पुनरावलोकन नहीं करना। छात्रों को हमेशा सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर अपने अध्यायों का पुनरावलोकन करें और किसी विशेष विषय पर ध्यान देने से बचें। मैंने देखा है कि जिन छात्रों ने नियमित रूप से अध्यायों का अध्ययन किया है, उन्होंने बेहतर अंक प्राप्त किए हैं।

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