गणित (Maths) में स्पीड और एक्यूरेसी कैसे बढ़ाएं?

परीक्षा में समय बचाएं और पूरे अंक लाएं

Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

2026-06-11 1 min read English

गणित का डर: 'X' मानने की पुरानी आदत और समय की बर्बादी

प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams) में गणित का सेक्शन ज्ञान का नहीं, बल्कि 'अप्रोच' (Approach) का टेस्ट होता है। 90% छात्र जो गणित में संघर्ष कर रहे हैं, उनका गणित कमजोर नहीं है; उनके सवाल हल करने का 'तरीका' पुराना है। वे आज भी स्कूल वाले तरीके से हर सवाल में 'माना कि संख्या X है' लिखकर पन्ना भरते हैं।

1. कॉम्पिटिशन में 'स्टेप्स' (Steps) के नंबर नहीं मिलते

बोर्ड की परीक्षाओं में आपको स्टेप-बाय-स्टेप सवाल हल करने के नंबर मिलते थे, लेकिन RRB ALP या UPTET जैसी परीक्षाओं में एग्जामिनर को सिर्फ आपके 'सही विकल्प' (Right Option) से मतलब होता है। अगर आप एक लाइन के सवाल को 5 स्टेप्स में हल करके 2 मिनट बर्बाद कर रहे हैं, तो आप रेस से बाहर हैं। आपको 'रेश्यो मेथड' (Ratio Method) और 'परसेंटेज फ्रैक्शन' (Percentage Fraction) पर अपनी पकड़ बनानी होगी।

2. स्पीड बनाम एक्यूरेसी (Speed vs Accuracy) का मिथक

अक्सर छात्र सोचते हैं कि स्पीड बढ़ाने से गलतियां (Silly mistakes) ज्यादा होती हैं। यह एक बहुत बड़ा मिथक है। स्पीड और एक्यूरेसी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जब आपके कॉन्सेप्ट्स (Concepts) क्रिस्टल क्लियर होते हैं और कैलकुलेशन की प्रैक्टिस होती है, तो स्पीड अपने आप आ जाती है। अंधाधुंध जल्दबाजी करने से एक्यूरेसी गिरती है, लेकिन 'स्मार्ट कैलकुलेशन' से दोनों एक साथ बढ़ते हैं।

कैलकुलेशन स्पीड कैसे बढ़ाएं? (हवा में गणना करने की कला)

गणित में स्पीड किसी जादुई ट्रिक से नहीं, बल्कि 'नंबरों के साथ खेलने' की आदत से आती है। अगर आप हर छोटे गुणा-भाग के लिए पेन उठाते हैं, तो आपका समय कभी नहीं बचेगा। स्पीड बढ़ाने के लिए इन 3 नियमों का पालन करें:

1. अपनी स्टडी टेबल का 'मेमरी चार्ट' (Memory Chart)

बिना हथियारों के युद्ध नहीं जीता जाता। गणित के हथियार हैं: 1 से 30 तक के पहाड़े (Tables), 1 से 50 तक के वर्ग (Squares), 1 से 20 तक के घन (Cubes) और भिन्न से प्रतिशत (Fractions to Percentage, जैसे 1/8 = 12.5%)। इन्हें एक चार्ट पर लिखकर अपनी स्टडी टेबल के सामने चिपका लें। जब ये नंबर आपको नींद में भी याद होंगे, तो आपका कैलकुलेशन का समय आधा हो जाएगा।

2. डिजिटल सम (Digital Sum) और यूनिट डिजिट (Unit Digit) का जादू

कई बार एग्जामिनर जानबूझकर ऐसी बड़ी संख्याएं देता है जिन्हें गुणा करने में 2 मिनट लगें। यहीं पर 'यूनिट डिजिट' (इकाई अंक) और 'डिजिटल सम' (अंकों का योग) काम आता है। पूरा गुणा करने के बजाय सिर्फ आखिरी अंकों को गुणा करके देखें कि कौन सा ऑप्शन मैच कर रहा है। 10 में से 4 सवाल सिर्फ ऑप्शंस देखकर 10 सेकंड में हल किए जा सकते हैं।

एग्जाम हॉल की अचूक रणनीति और सवालों को 'स्किप' (Skip) करना

गणित में 100% स्कोर करने का सबसे बड़ा रहस्य यह जानना है कि कौन सा सवाल 'छोड़ना' है। हर पेपर में 2-3 सवाल 'स्पीड ब्रेकर' (Speed Breakers) होते हैं, जो सिर्फ आपका समय खाने के लिए डाले जाते हैं।

1. ईगो (Ego) पर न लें

मान लीजिए आपका 'Time and Work' बहुत मजबूत है। परीक्षा में उसी चैप्टर का एक सवाल आ गया, लेकिन वह बहुत लंबा और घुमावदार है। छात्र उसे अपनी ईगो पर ले लेते हैं—"यह मेरा फेवरेट टॉपिक है, इसे तो मैं हल करके ही रहूँगा!" और उसमें 3 मिनट बर्बाद कर देते हैं। एक समझदार छात्र ऐसे सवाल को तुरंत 'मार्क फॉर रिव्यू' (Mark for Review) करके आगे बढ़ जाता है। ईगो आपको परीक्षा में फेल करा सकता है।

2. रफ शीट (Rough Sheet) का सही इस्तेमाल

क्या आपके साथ ऐसा होता है कि आधा सवाल हल करने के बाद आप खुद की ही लिखी हुई हैंडराइटिंग (जैसे 7 को 1 पढ़ लेना) नहीं समझ पाते और सवाल गलत हो जाता है? रफ शीट पर साफ-सुथरा लिखने की आदत डालें। हर सवाल के कैलकुलेशन के बीच थोड़ी जगह छोड़ें ताकि रिवीजन के समय आपको तुरंत अपनी गलती मिल जाए। रोज़ाना 15 मिनट 'मेंटल मैथ' (Mental Math) की प्रैक्टिस करें (यानी बिना पेन चलाए दिमाग में गुणा-भाग करना)।

महत्वपूर्ण जानकारी (Table 1)

क्या याद करना है? (What to Memorize?)कहाँ तक याद करें? (Target Limit)इसका फायदा क्या होगा? (Benefit)
पहाड़े (Tables)1 से 30 तकSimplification और कांटा-पीटी (Cancellation) में समय बचेगा।
वर्ग (Squares)1 से 50 तकनंबर सीरीज़ (Number Series) और मेंसुरेशन (Mensuration) में स्पीड बढ़ेगी।
घन (Cubes)1 से 20 तकचक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) के सवाल सेकंडों में हल होंगे।
भिन्न और प्रतिशत (Fraction Values)1/2 से 1/20 तक (जैसे 1/6 = 16.66%)Profit & Loss और Percentage के सवालों में 'X' नहीं मानना पड़ेगा।

विस्तृत विवरण (Table 2)

टॉपिक / प्रश्न का प्रकार (Topic Type)आदर्श समय (Ideal Time)सॉल्व करने की अप्रोच (Approach)
Simplification / Approximation15 - 20 सेकंडयूनिट डिजिट, डिजिटल सम और BODMAS का तेज़ी से प्रयोग करें।
अर्थमेटिक (Arithmetic Word Problems)45 - 60 सेकंडसवाल को ध्यान से पढ़ें और 'रेश्यो मेथड' (Ratio Method) लगाएं।
डेटा इंटरप्रिटेशन (DI)2 - 3 मिनट (पूरे 5 सवालों के सेट के लिए)पूरा कैलकुलेट न करें, एप्रोक्सीमेशन (Approximation) से ऑप्शंस काटें।
एडवांस मैथ (Geometry/Trigonometry)30 - 40 सेकंडडायरेक्ट फॉर्मूला, ट्रिपलेट (Triplets) और वैल्यू पुटिंग (Value Putting) मेथड।

Frequently Asked Questions

सीधे कठिन चैप्टर्स (जैसे Time Speed Distance) पर न जाएं। सबसे पहले गणित के 3 आधारभूत (Foundation) चैप्टर्स को बहुत मजबूत करें—प्रतिशत (Percentage), अनुपात और समानुपात (Ratio & Proportion), और औसत (Average)। पूरी अर्थमेटिक (अंकगणित) इन्हीं तीन चैप्टर्स पर टिकी हुई है।

बिल्कुल नहीं! शॉर्ट ट्रिक्स सिर्फ तभी काम आती हैं जब आपका बेसिक कॉन्सेप्ट (Concept) क्लियर हो। परीक्षा में अगर सवाल थोड़ा भी घुमा दिया गया, तो रटी हुई ट्रिक्स फेल हो जाती हैं। हमेशा पहले कॉन्सेप्ट सीखें, ट्रिक उसी कॉन्सेप्ट का एक 'शॉर्टकट' (Shortcut) होती है जो प्रैक्टिस से खुद-ब-खुद आ जाती है।

इनके टॉपिक्स (Syllabus) लगभग समान होते हैं, लेकिन 'लेवल' और 'फोकस' अलग होता है। RRB ALP में साइंस आधारित कैलकुलेशन और एडवांस मैथ पर जोर होता है, TET परीक्षाओं में बेसिक अंकगणित ज्यादा पूछी जाती है, जबकि SSC में लॉजिकल और घुमावदार सवालों (कैलकुलेटिव) का वेटेज ज्यादा होता है। इसलिए अपनी परीक्षा के PYQ जरूर लगाएं।

सिली मिस्टेक्स अक्सर सवाल को 'आधा-अधूरा पढ़ने' की वजह से होती हैं (जैसे व्यास दिया हो और हम उसे त्रिज्या मानकर हल कर दें)। इसका एक ही समाधान है—सवाल पढ़ते समय माउस या पेन के कर्सर को हर शब्द पर चलाएं और रफ शीट पर साफ-सुथरा (Clean) कैलकुलेशन करें।

नहीं! गणित को हमेशा '2 राउंड' में हल करें। पहले राउंड में उन सवालों को खोजकर हल करें जो 20-30 सेकंड में बन जाते हैं (जैसे Simplification, DI के आसान सवाल)। दूसरे राउंड में लंबे और कैलकुलेटिव सवालों (Word Problems) पर आएं। इससे आपका कॉन्फिडेंस बना रहता है और समय कम नहीं पड़ता।

🎯 Ready to Test Your Knowledge?

Start with a free mock test — No credit card required

Start Free Mock Test